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Tag: Story

Blogger: BHARAT THAKUR at आपकी जिंदगी...
प्यार शब्द के अनुभुती से ही जीवन में उमंग की लहर दौड़ जाती है l प्यार का पहला अक्षर ही अधुरा है परंतु अधुरा प्यार ज़िन्दगी मे कभी नहीं भुलाया जा सकता है l जीवन के अनेक पड़ाव पर पहले प्यार की याद आती रहती है l आज मैंने दो बच्चों को जब कहते सुना "मुझे तुमसे प्यार है" तो मुझे अपने स्कूल के दिनों की याद आगयी l बात उन दिनों की है जब मै छठी कक्षा मे पढ़ता था l मई का महिना था और मै सुबह उठ कर बैठा था जैसे एक अवाक मुरत हो l यह प्रतीदिन के दिनचर्या से भिन्न था l मैं अपने रात्रि के सपने के बारे मे सोच रहा था कि वो स्वपन सुन्दरी कौन थी ? जिसे मैने सपने मे देखा था l उसके काले लम्बे ब... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   5:01pm 2 Jun 2020 #Story
Blogger: S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
मुग़ल काल में ख्वाजा दोस्त ने बनवाया था जौनपुर का रहस्यमयी बर्गुजर पुल |... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   2:46pm 5 May 2020 #Story
Blogger: PANKAJ DUDHORIA at Upashak Pankaj Dudhoria 09339514474...
एक साधु देश में यात्रा के लिए पैदल निकला हुआ था। एक बार रात हो जाने पर वह एक गाँव में आनंद नाम के व्यक्ति के दरवाजे पर रुका।आनंद ने साधू  की खूब सेवा की। दूसरे दिन आनंद ने बहुत सारे उपहार देकर साधू को विदा किया।साधू ने आनंद के लिए प्रार्थना की  - "भगवान करे तू दिनों दिन ब... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   2:16pm 16 Sep 2019 #Story
Blogger: motisuthar at सामान्य ज्ञा...
जब जूलियो 10 साल का था तो उसका बस एक ही सपना था , अपने फेवरेट क्लब रियल मेड्रिड की ओर से फुटबाल खेलना ! वह दिन भर खेलता, प्रैक्टिस करता और धीरे-धीरे वह एक बहुत अच्छा गोलकीपर बन गया. 20 का होते-होते उसके बचपन का सपना हकीकत बनने के करीब पहुँच गया; उसे रियल मेड्रिड की तरफ स... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   8:09am 11 Jun 2015 #Story
Blogger: vidhan chandra at चल अकेला....!! Walk A...
(सच्ची घटना पर आधारित मेरी पहली कहानी)छह साल की मुनिया ने चहकते हुए घर में कदम रखा और अपनी मम्मी से बोली ,"ममा मैंने पता कर लिया है कि, सोमू भईया को उनके जन्मदिन पर क्या देना है !'' मुनिया की मम्मी ने भी बच्ची को छेड़ते हुए पूछ ही लिया , "पर भईया तुझे अपने जन्मदिन के दिन बुलाएग... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   5:44pm 16 Feb 2015 #Story
Blogger: Rajeev Kumar Jha at khamosh dil ki dhadkane ...
Story telling is an art-whether it’s the sort of tale you tell your wife when you come creeping in the morning, or the kind that puts junior to sleep at night. If you can spin a yarn that hold the attention of your audience , regardless of age and bent of mind, you may count yourself among the chosen few.Those parents who are endowed with the art of telling enthralling tales to their children, find it an invaluable sugarcoating with pleasant tasks, such as putting junior to bed or washing his hair. And telling the story provides an even stronger link between parents and child than just reading a story can forge.The habit of story-telling, in particular has grown into a nightly bed-time cus... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   5:50am 16 Apr 2014 #story
Blogger: pankaj kumar at Behtarlife.com बेहतर ल...
हमजैसा चश्मा पहनेंगे,दुनिया वैसीदिखेगी. अक्सरहम चीजों को उस तरह से नहींदेखते जैसा वह है बल्कि उसेहम अपने नजरिये से देखते हैं.इससे जुड़ी एकपुरानी कहानी है.एकबुद्धिमान व्यक्ति अपने गांवके बाहर बैठा हुआ था. एकयात्री आया और उससे पूछा," इस गांवमें किस तरह के लोग रहते हैं... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   1:00am 19 Jun 2013 #Story
Blogger: Giribala at The Grist Mill...
For some time now, Dinesh had considered himself the most eligible bachelor in the town. It was a realization that had dawned on him lately, as all of his friends had become householders. Not that he had intended to remain unmarried. It was just that he couldn't find a bride to his liking. He had wanted a wife as beautiful as Madhuri Dixit, who would also get along well, working with his mother in their joint household and not spout abuses all day long like his two sisters-in-law. The most eligible bachelor didn't have any competition in the town. All the youngsters were little boys, having grown up before his eyes. They had to yet find jobs and make money. It would take them ye... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   3:59am 9 Apr 2013 #Story
Blogger: pankaj kumar at Behtarlife.com बेहतर ल...
Bhagat Singh युवावस्था मानव-जीवन का वसंत काल है। उसे पाकर मनुष्य मतवाला हो जाता है। हज़ारों बोतल कानशा छा जाता है। विधाता की दी हुई सारी शक्तियां सहस्र-धारा होकर फूट पड़ती हैं। मदांध मातंग कीतरह निरंकुश, वर्षाकालीन शोणभद्र की तरह दुर्द्धर्ष, प्रलयकालीन प्रबल प्रभंजन की तरह... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   7:51am 20 Mar 2013 #Story
Blogger: विनायक पन्डित at ABHILEKH "अभिलेख&q...
डिसेंबर १६, २०१२... "कन्या" नावाचा दीर्घांक दिग्दर्शित करून सादर करण्याचा- या निमित्ताने निर्मितीचाही- प्रयत्न करून पाहिला.डिसेंबर १६, २०१२ ही तारीख तरीही वेगळ्या आणि अतिमहत्वाच्या दु:खद घटनेसाठी लक्षात ठेवावी लागते आहे.आयरनी- अंतर्विरोध लक्षात यायला लागले की सर्व... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   3:10pm 10 Mar 2013 #Story
Blogger: विनायक पन्डित at ABHILEKH "अभिलेख&q...
डिसेंबर १६, २०१२... "कन्या" नावाचा दीर्घांक दिग्दर्शित करून सादर करण्याचा- या निमित्ताने निर्मितीचाही- प्रयत्न करून पाहिला.डिसेंबर १६, २०१२ ही तारीख तरीही वेगळ्या आणि अतिमहत्वाच्या दु:खद घटनेसाठी लक्षात ठेवावी लागते आहे.आयरनी- अंतर्विरोध लक्षात यायला लागले की सर्व... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   3:10pm 10 Mar 2013 #Story
Blogger: pankaj kumar at Behtarlife.com बेहतर ल...
Victoryएकबार किसी ने सिकंदर महान सेपूछा -"आपनेलगभग पूरे विश्व के देशों -पूरबसे लेकर पश्चिम तक कैसे जीतलिया?इतिहासमें कई ऐसे भी राजा और बादशाहहुए जिनके पास आपसे ज्यादासेना,धन-बलथा,लेकिनवे सभी ऐसी जीत कभी न पा सके -जैसेआपको मिली?आखिरआपकी इस जीत का क्या रहस्यहै?"सिकंदरमह... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   12:30am 8 Mar 2013 #Story
Blogger: कविता रावत at KAVITA RAWAT...
आखिर देबू  ने घर से भागने की ठान ली। वह आधी रात को भारी मन से चुपके से उठा और एक थैले में मैले-कुचैले कपड़े-लत्ते ठूंस-ठांसकर घर से चल पड़ा। सूनसान रात, गांव की गलियों में पसरा गहन अंधकार। अंधकार जैसे निगलने आ रहा हो। आसमान में गरजते बादल और भयानक चमकती बिजली की कड़कड़ाह... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   5:25am 23 Jan 2013 #Story
Blogger: Ghanshyam Maurya at मेरी बात...
एक बार एक अंग्रेज और एक पठान रेलगाड़ी के एक ही डिब्‍बे में साथ साथ यात्रा कर रहे थे। अंगेज को पठान के साथ यात्रा करने में घृणा का अनुभव हो रहा था, किन्‍तु वह विवश था। जब पठान लघुशंका निवारण के लिया गया, तो अंग्रेज ने उसका बिस्‍तर चलती गाड़ी से फेंक दिया। जब पठान वापस आया त... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   6:16am 13 Oct 2012 #Story
Blogger: Dr.Divya Srivastava at ZEAL...
गाँव में पढ़ी-लिखी बोधिया शिक्षा क्षेत्र में बहुत आगे जा चुकी थी ! उसकी ज़हीनियत का लोहा सभी मानते थे ! लेकिन अफ़सोस की वो एक लड़की थी , बहुत आगे तक जाना उसके हाथ में नहीं था , धन और सुरक्षा दोनों के लिए दूसरों पर निर्भर थी ! जो उसकी मदद करना चाहता वह पहले बोधिया से बहुत कुछ पा ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   4:13am 1 Sep 2012 #Story
Blogger: naresh thakur at NARESH THAKUR...
Long ago in a small, far away village, there was place known as the House of 1000 Mirrors.A small, happy little dog learned of this place and decided to visit. When he arrived, he looked through the doorway and his tail wagging as fast as it could. To his great surprise, he found himself staring at 1000 other happy little dogs with their tails wagging just as fast as his. He smiled a great smile, and was answered with 1000 great smiles just as warm and friendly. he thought to himself, "This is a wonderful place. I will come back and visit it often."In this same village, another little dog, who was not quite as happy as the first one, decided to visit the house. He slowly climbed the stairs a... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   12:08pm 8 Apr 2012 #story
Blogger: विनायक पन्डित at ABHILEKH "अभिलेख&q...
ही गोष्टं अशी जराशी बदलली, तरकसं होईल?नाही, नाही! रेकॉर्डसमधे ढवळाढवळकरायची नाही.संदर्भ बदलायचे नाहीतच.मुख्य म्हणजे इश्यू अजिबात करायचानाहिये!तरी पण सहज.ठीक आहे! गंमत म्हणून म्हणा-तर सर्वप्रथमतो पोटात असताना चक्रव्यूह भेदायचं,तो फोडून आत घुसायचं तत्वज्ञान त्यानं... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   1:48pm 30 Mar 2012 #Story
Blogger: विनायक पन्डित at ABHILEKH "अभिलेख&q...
तो रोज दुधाचा हंडा घेऊन बाहेरपडायचा आणि संध्याकाळी त्याचा मोबदला घेऊन परतायचा. फारशी झिकझिक नव्हती. सुखात झोपलागायची.बरय़ाच वेळा या दिनक्रमाचा त्यालाउबग येई. कधी कधी वेगळं काही करावसंही वाटे. काही रात्री झोप चाळवली जायची. -पुढे काहीकरायचं ते यातूनच मार्ग काढून- तेव... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   1:39pm 30 Mar 2012 #Story
Blogger: विनायक पन्डित at ABHILEKH "अभिलेख&q...
आण्णा आण्णाचं लक्ष नानाकडे होतं तसं तेश्रीगुरू दत्तात्रयाच्या विशाल मूर्तीकडे होतंच. एकावेळी अनेक गोष्टीकरणं, निभावणं, आणित्यात यशस्वी होणं आण्णाच्या व्यक्तिमत्वातच होतं. खरंतर आण्णाचं लक्षश्रीगुरू दत्तात्रयाच्या मूर्तीतल्या त्या मूर्तीच्या अजस्त्र पंजाकड... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   3:19pm 26 Mar 2012 #Story
Blogger: Giribala at The Grist Mill...
The president of the Parrots’ Association appeared in the court of King Sher Singh to request an investigation into the death of a member, who was murdered along with his wife and two grown-up children. Many animals secretly believed that the King’s younger brother Prince Jagir Singh was behind this heinous crime, as the deceased parrot had been lately parroting his misdeeds. The oh-so-mighty and ever-so-just King summoned the chief police officer Mr. Fox to investigate the deaths. Mr. Fox solved the case in just three hours. He brought five witnesses who said that the parrot’s family members were at loggerheads with each other, hence they bludgeoned each other to death with logs. But ... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   10:55pm 4 Mar 2012 #Story
Blogger: naresh thakur at NARESH THAKUR...
An old man lived alone.He wanted to spade his potato garden, but it was very hard work.His only son, who would have helped him, was in prison. The old man wrote a letter to his son and mentioned his situation. Dear Son, I am feeling pretty bad because it looks like I won't be able to plant my potato garden this year.I hate to miss doing the garden, because your mother always loved planting time. I'm just getting too old to be digging up a garden plot. If you were here, all my troubles would be over. I know you would dig the plot for me, if you weren't in prison.Love, Dad Shortly, the old man received this telegram:"For Heaven's sake, Dad, don’t dig up the garden!! That's where I buried the... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   2:09pm 26 Feb 2012 #story
Blogger: विनायक पन्डित at ABHILEKH "अभिलेख&q...
भाग ३ इथे वाचामहेश तरातरा आत गेलेल्या आईकडे पहातोय, "गौरूऽऽ आई चिडते! चिडतेय आई! आल्यापासूनमी एक बघतोय गौरूऽऽ-" आता गौरी वैतागलीये, "काय रे महेश?" महेश नेहेमीसारखा कात्रीत सापडलेला, "आता तुला काय झालं चिडायला?" "महेश अरेऽ तुला कितीवेळा सांगितलंय मला पाहिजे तर हाक मारू नको... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   1:59pm 18 Feb 2012 #Story
Blogger: Giribala at The Grist Mill...
In Somewhereland, everyone, from the king to the pauper on the road, secretly desires to keep a singing bird as a pet. The land is bestowed with incredible natural beauty. There is a river that never stops talking, flowers that dance with the breeze, trees that change colors every season, and above all, a variety of beasts and birds that fearlessly wallop, gallop, or hop around. In spite of the fact that people have to work hard for a living, they are still deeply connected with the nature, intrinsically inclined to keep the beasts and the birds as pets. If you talked to anyone, after exchanging initial pleasantries, they would inevitably inundate you with the accounts of antics and quirks... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   6:24pm 8 Feb 2012 #Story
Blogger: naresh thakur at NARESH THAKUR...
Once a boy went to a shop with his mother. The shop keeper looked at the small cute child and showed him a bottle withsweets & said “dear child u can take the sweets from the bottle”.But the child didn’t take. The shop keeper surprised. Again he said take the sweets.Now the mother also heard that and said:-take the sweets dear. Yet he didn’t take... The shopkeeper seeing the child not taking the sweets... he himself took the sweets and gave to the child. The child was happy to get two hands full of sweets. While returning home the Mother asked the child... Why didn’t you take the sweets, when the shop keeper told you to take? Can you guess the response: Child replies: ... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   1:31am 2 Feb 2012 #story
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