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Tag: Vyangya

Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
पान की दुकान पर मुफ्त अखबार के अध्ययन से ज्ञान प्राप्त करने को अगर विश्व विद्यालय किसी संकाय की मान्यता देता तो तिवारी जी को निश्चित ही डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा जाता। डॉक्टरेट बिना मिले भी वह पान की दुकान पर प्रोफेसर की भूमिका का निर्वहन तो कर ही रहे थे। जो कुछ भी अखबार से ज्ञान प्राप्त करते, पान की दुकान पर उन्हीं की तरह फुरसत बैठे लोगों को अपना छात्र मानते हुए उनके बीच ज्ञान सरिता बहाते रहते। सब कुछ व्यवस्थित है, एक मान्यता को छोड़ कर। मान्यता नहीं है, इसलिए न तो प्रोफेसर तिवारी को इस हेतु कोई तनख्वाह मिलती है और न ही छात्रों से कोई शुल्क लिया जाता ह... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   12:00am 18 Oct 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
सबके अपने अपने शौक होते हैं। उसे सम्मान समारोह देखने का शौक था। मौका लगा तो व्यक्तिगत तौर पर हाजिर हो कर अन्यथा टीवी पर। यहाँ तक कि अखबार में भी सम्मान समारोहों की रिपोर्ट देख कर वो गदगद हो जाता। फिर वो चाहे उसके मोहल्ले का कोई आशु कवि सम्मानित किया जा रहा हो या किसी को भारत रत्न से नवाजा जा रहा हो।... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   11:48pm 10 Oct 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
 वे उन दिनों कम ही निकल रहे थे घर से। जब कभी दिखते भी तो हाथ में एक डायरी और कलम जरूर लिए रहते। मैंने दो तीन बार उनसे जानना चाहा कि आजकल कहाँ रहते हैं और यह डायरी और कलम साथ में लेकर चलने का क्या राज है? हर बार वह अजीब सामुँह बनाकर कहते कि ‘बस ऐसे ही, तुम नहीं समझोगे।‘ मैं इस ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   11:33pm 26 Sep 2020 #vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
 तिवारी जी को कबूतर उड़ाने के शौक था। एक शाम कबूतर उड़ाते हुए उनके मन ने भी उड़ान भर ली और तिवारी जी राजनीति में उतर आए। इंसान में सीखने की ललक हो तो कहीं से भी ज्ञान ग्रहण कर लेता है। तिवारी जी ने भी कबूतरों से पैतरेबाजी के गुर सीख लिये थे। उन्हीं को अंजाम देते हुए वे शीघ्र ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   12:00am 13 Sep 2020 #vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
यहाँ कनाडा में हम साल में दो बार समय के साथ छेड़छाड़ करते हैं जिसे डे लाईट सेविंग के नाम से जाना जाता है. एक तो मार्च के दूसरे रविवार को समय घड़ी में एक घंटा आगे बढ़ा देते हैं और नवम्बर के पहले रविवार को उसे एक घंटे पीछे कर देते हैं. ऐसा सूरज की रोशनी के अधिकतम उपयोग हेतु किया जाता है.... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   10:49pm 6 Sep 2020 #Vyangya
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तिवारी जी शौकीन मिजाज के आदमी हैं। उन्हें गुस्सा होने का शौक है। वो कभी भी कहीं भी अपना यह शौक पूरा कर लेते हैं। उनके गुरु जी ने उन्हें बचपन में सिखाया था की हर इंसान को कोई न कोई एक शौक जरूर रखना चाहिये। जो शौक नहीं पालते, उनकी जिन्दगी शोक में गुजरती है। अतः गुरु की सीख को शिरोधार्य करते हुए कालांतर में उन्होंने गुस्से को अपना शौक बनाया। तिवारी जी उस जमाने के आदमी हैं जब गुरु का दर्जा मां बाप से भी ऊपर ईश्वर तुल्य होता था। अब तो न गुरु का कोई दर्जा है और न मां बाप का। आजकल तो बिना किसी दर्जे के विश्वगुरु बनने की होड़ में सभी जुटे हैं और गाली खा रहे हैं। खा त... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   1:00am 3 Aug 2020 #Vyangya
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आज एक चिट्ठी आई. उसे देखकर बहुत पहले सुना हुआ एक चुटकुला याद आया. एक सेठ जी मर गये. उनके तीनों बेटे उनकी अन्तिम यात्रा पर विचार करने लगे. एक ने कहा ट्रक बुलवा लेते हैं. दूसरे ने कहा मंहगा पडेगा. ठेला बुलवा लें. तीसरा बोला वो भी क्यूँ खर्च करना. कंधे पर पूरा रास्ता करा देते हैं. थोड़ा समय ही तो ज्यादा लगेगा. इतना सुनकर सेठ जी ने आँख खोली और कहा कि मेरी चप्प्ल ला दो, मैं खुद ही चला जाता हूँ. चिट्ठी ही कुछ ऐसी थी. एक बीमा कम्पनी की. लिखा था कि अपने अंतिम संस्कार का बीमा करा लें. पहले बताया गया कि यहाँ अंतिम संस्कार में कम से कम ५००० से ६००० डालर का खर्च आता है और अक्सर त... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   11:47pm 25 Jul 2020 #Vyangya
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आज एक चिट्ठी आई. उसे देखकर बहुत पहले सुना हुआ एक चुटकुला याद आया. एक सेठ जी मर गये. उनके तीनों बेटे उनकी अन्तिम यात्रा पर विचार करने लगे. एक ने कहा ट्रक बुलवा लेते हैं. दूसरे ने कहा मंहगा पडेगा. ठेला बुलवा लें. तीसरा बोला वो भी क्यूँ खर्च करना. कंधे पर पूरा रास्ता करा देते हैं. थोड़ा समय ही तो ज्यादा लगेगा. इतना सुनकर सेठ जी ने आँख खोली और कहा कि मेरी चप्प्ल ला दो, मैं खुद ही चला जाता हूँ. चिट्ठी ही कुछ ऐसी थी. एक बीमा कम्पनी की. लिखा था कि अपने अंतिम संस्कार का बीमा करा लें. पहले बताया गया कि यहाँ अंतिम संस्कार में कम से कम ५००० से ६००० डालर का खर्च आता है और अक्सर त... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   11:47pm 25 Jul 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
आज एक चिट्ठी आई. उसे देखकर बहुत पहले सुना हुआ एक चुटकुला याद आया. एक सेठ जी मर गये. उनके तीनों बेटे उनकी अन्तिम यात्रा पर विचार करने लगे. एक ने कहा ट्रक बुलवा लेते हैं. दूसरे ने कहा मंहगा पडेगा. ठेला बुलवा लें. तीसरा बोला वो भी क्यूँ खर्च करना. कंधे पर पूरा रास्ता करा देते हैं. थोड़ा समय ही तो ज्यादा लगेगा. इतना सुनकर सेठ जी ने आँख खोली और कहा कि मेरी चप्प्ल ला दो, मैं खुद ही चला जाता हूँ. चिट्ठी ही कुछ ऐसी थी. एक बीमा कम्पनी की. लिखा था कि अपने अंतिम संस्कार का बीमा करा लें. पहले बताया गया कि यहाँ अंतिम संस्कार में कम से कम ५००० से ६००० डालर का खर्च आता है और अक्सर त... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   11:47pm 25 Jul 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
हाल ही में लवली सिंग को यह ज्ञान प्राप्त हुआ कि हम असफल होने के लिए योजना नहीं बनाते बल्कि असफल होते ही इसलिए हैं कि हमने कोई योजना ही नहीं बनाई। आधी से ज्यादा जिन्दगी इसी ज्ञान के आभाव में असफलताओं से गलबहियाँ करते बीत चुकी हैँ। खैर कोई बात नहीं देर आए मगर दुरुस्त आए। उसके आसपास न जाने कितनी जिन्दगियाँ ऐसे ही रीत गई। ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   11:41pm 27 Jun 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
इधर १५० किमी दूर एक मित्र के घर जाने के लिए ड्राईव कर रहा था. पत्नी किसी वजह से साथ न थी तो जीपीएस चालू कर लिया था. वरना तो अगर पत्नी साथ होती तो वो ही फोन पर जीपीएस देखकर बताती चलती है और जीपीएस म्यूट पर रहता है. कारण यह है कि जीपीएस में यह सुविधा नहीं होती है न कि वो कहे -अरे, वो सामने वाले को हार्न मारो. अब ब्रेक लगाओ. अब विन्ड शील्ड पर पानी डाल दो. अरे थोड़ा तेज चला लोगे तो कोई तूफान नहीं आ जायेगा, सारी रोड खाली पड़ी है. उसे देखो, कितने स्मार्टली आगे निकल गया तुमसे और तुम हो कि गाड़ी चला रहे हो कि बेलगाड़ी, समझ ही नहीं आता? गाँव छोड़ आये, कनाडा में बस गये मगर कैसी भी गाड़ी ... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   12:50am 14 Jun 2020 #Vyangya
Blogger: GhantaNews.com at GhantaNews.com...
कोरोना से लड़ाई कई स्तर पर लड़ी जा रही है, एक तरफ हमारा मेडिकल स्टाफ, सेनिटाइज़र स्टाफ, आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों के विक्रेता इस लड़ाई को लड़ रहे हैं तो वहीँ दुसरी तरफ हिचकोले खाती अर्थव्यवस्था को संभालने का ठेका नशे में झूमती देश की टल्ली सेना ने उठा लिया है। हमारे देश पर जब कोरोना ने हमला किया तो लड़ने के लिए हॉस्पिटल में तैयारी नहीं थी, हमारे पास टेस्टिंग किट और पीपीई किट जैसे हथियार नहीं थे। पर कोरोना से लड़ने वाले वारियर्स का हौसला नहीं टूटे, इसके लिए हमारी सरकार ने कभी ताली-थाली, तो कभी दिए जलवा कर और कभी फूल की बारिश करके एक तीर से दो निशाने साधे। एक तरफ ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   8:19am 6 May 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
अक्सर सुनते थे कि फलाना आदतन अपराधी है. बार बार जेल जाता है. छूटता है फिर अपराध करता है, फिर जेल चला जाता है. कोई आदतन शराबी होता है. कितना ही उधार में डूब जाये, स्वास्थय गिर जाये, बीबी छूट जाये मगर आदत ऐसी कि शराब नहीं छूटती. अभी लॉकडाउन में तो ५ गुना रकम देकर भी ये खरीदे जा रहे हैं, अदत जो है. ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   12:14am 3 May 2020 #Vyangya
Blogger: Anshu Mali Rastogi at चिकोटी...
इन दिनों मैंने लिखना-पढ़ना, घूमना-फिरना एकदम बंद कर दिया है। दिनभर घर पर ही रहता हूं। दफ्तर से आदेश मिला है, घर से काम करें। इसीलिए ज्यादातर समय या तो हाथ धोता हूं या फिर मुंह पर मास्क चढ़ाए एकांत में बैठता हूं। जीवन में शायद ही पहले कभी इतनी दफा हाथ धोए हों, जितना अब धो रहा हूं। रात में सपने भी हाथ धोने के आने लगे हैं। बीवी के छोड़िए, इधर कई दिनों से तो मैंने अपने हाथ भी न ढंग से देखे हैं न छुए हैं। हाथों को, किसी के भी, देखकर मन आशंका और भय से भर जाता है। यही ख्याल आता है कि पता नहीं हाथ धुले हुए भी हैं कि नहीं। कोई गलती से भी हाथ मिलाने को हाथ बढ़ा ले तो तुरंत अपना ह... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   4:31am 28 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
आपदा लाख कहर बरपाये लेकिन साथ में अथाह ज्ञान का सागर भी लाती है. चाहे पढ़े लिखे हों या अनपढ़, सब आपदा की मार से ज्ञानी हो जाते हैं. शायद हमारे समय स्कूल में इसीलिए पीटा जाता होगा कि बिना मार खाये ज्ञानी न हो पाओगे.... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   2:37pm 26 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: Kajal Kumar at Kajal Kumar's Cartoons काजल...
काजल कुमार के कार्टून ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   1:30pm 25 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: Kajal Kumar at Kajal Kumar's Cartoons काजल...
काजल कुमार के कार्टून ... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   7:18am 23 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: Kajal Kumar at Kajal Kumar's Cartoons काजल...
कार्टून :- गो करोना गो ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   6:19am 20 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
कोरोना ने सबको चपेट में लिया है. जनता से सरकार तक सभी अपने अपने हिसाब से जुटे हैं इसका सामना करने में. सरकार सुनिश्चित करने में लगी है कि लोगों को बहुत परेशानी न हो और जहाँ तक हो सके, जनता को नुकसान न हो. ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   12:32am 19 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
कल एक जरुरी काम से नेता जी के घर जाना हुआ. वहीं से उनकी डायरी का पन्ना हाथ लग गया, साहित्यकार बनने की फिराक में लगा शिष्टाचारी लेखक हूँ सो इस मैदान के सामान्य शिष्टाचारवश चुरा लाया. बहुत ही सज्जन पुरुष हैं. ...... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   1:03pm 18 Apr 2020 #Vyangya
Blogger: Shah Nawaz at प्रेमरस...
भय्या पत्नी की भी अजीब ही महिमा है। पता है कि आप कार्यालय में हैं, अब रोज़ ही जाते हैं तो वहीं होंगे। लेकिन श्रीमती जी का फोन पर एक ही सवाल होता है ‘कहां हो?’। अब बन्दा परेशान! हम भी चुटकी लेने के लिए बोल देते हैं कि ‘झुमरी तलैय्या में’! तो भड़क जाती हैं, ‘सीधे-सीधे नहीं कह सकते कि ऑफिस में हो’। अब श्रीमती जी जब पता ही था तो मालूम क्यों कर रही थी? लेकिन इतनी हिम्मत किसकी है कि यह मालूम कर ले? श्रीमती जी की सबसे पंसदीदा चीज़ होती है शापिंग। अब शापिंग तो शापिंग है, ज़रूरत हो या ना हो लेकिन करनी है तो करनी है। उस पर तुर्रा यह कि इतनी महंगी वस्तु इतनी सस्ती ले आई। दुकान... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   5:36am 4 Oct 2019 #Vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
सन १९७६ के आसपास की है यह बात...अखबार में उनकी एक कहानी छपी जो अंततः उनकी एकमात्र कहानी बन कर रह गई. उनका कहना है कि बहुत चर्चित रही..अतः आपने पढ़ी ही होगी ऐसा मैं मान लेता हूँ..वो राज हंस वाली,जिसमें एक राज हंस होता है और वो तीन बंदर जिनको वो राज हंस चुनावी मंच पर ले आया था और लो... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   12:30am 10 Sep 2017 #vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
रंगों की पहचान के मामले में भारतीय पुरुष से ज्यादा निर्धन, दयनीय और निरीह प्राणी कोई नहीं होता. हम भारतीय पुरुषों को बस गिने चुने रंग मालूम होते है जैसे नीला, पीला, लाल ,गुलाबी, भूरा, हरा, सफेद और काला आदि. ज्यादा स्मार्ट हुए तो नीला और बैंगनी में फर्क कर लेंगे या काला और सि... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   1:23am 12 May 2017 #vyangya
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
प्रश्न वही हो तब भी जबाब देने वाले के हिसाब से जबाब अलग अलग मिल सकते हैं..सबसे ज्यादा क्या तोड़ा जाता है..आशीक मिज़ाज होगा तो कहेगा दिल और पति होगा तो कहेगा पत्नी के द्वारा गुस्से में कांच का गिलास..आम जन होगा तो कहेगा नेताओं का वादा.फिर आप पूछेंगे कि सबसे ज्यादा मरोड़ा क्या ज... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   12:46am 25 Apr 2017 #vyangya
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