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Tag: दर्द

Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
कोरोना ने दी दस्तक  हर दर्द कुछ सिखाता है  सोते को जगाता है, अंतहीन मांगों पर  अंकुश भी लगाता है ! कोरोना ने दी दस्तक  घूँट कड़वे पिलाता है, अति सूक्ष्म दुश्मन यह  नजर नहीं आता है ! कोशिकाओं में जाकर  निज व्यूह रचाता है,  फेफड़ों को दुर्बल कर  रोगी को सताता है ! प्रकृति ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   5:34am 17 Mar 2020 #दर्द
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
कभी ख़ुशी कभी गम तन जाती हैं शिराएँ जब भी सिर की खो जाता है पल भर को चैन भी मन का जाने कितना गहरा दर्द है या अहंकार भारी बिसर जाती है किन्हीं परिस्थितियों में सारी की सारी होशियारी... प्रकृति सिखाये जाती है पाठ नित नये हम हैं कि पिछला पढ़ा रोज भुला देते हैं फिसड्डी छा... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   4:24am 6 Jun 2019 #दर्द
Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी : ...
आज कल वो रोज मिलने लगा है.बेवक्त ही, आकर खड़ा हो जाता हैमेरी दहलीज पर."कहता है- तुम्हारे पास ही रहूँगा.बड़ा लगाव है, बड़ा स्नेह है तुमसे."पर मुझे उससे प्यार नहीं.भला एक तरफ़ा प्यारकौन स्वीकार करेगा .मुझे भी स्वीकार नहीं.हाँ, थोड़ी बहुत जान - पहचान है उससे.पर यूँ ही... हर किसी स... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   8:03am 18 Jan 2019 #दर्द
Blogger: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा ''कमलेश' at के.सी.वर्मा ''क...
होता है आज भी दर्द ,उसी ठिकाने पर। आया था दिल जिस दिन ,तेरे निशाने पर।। टीश उठती है आह निकलती है ,होंठों से, नहीं होने देते ज़ाहिर ,दर्दे दिल ज़माने पर।। जब भी तेरी जुदाई के ज़ख़्म, रिसते हैं कभी, सकून मिलता है यादों का ,मरहम लगाने पर।। पूछते हैं सभी मेरा हाले-दिल ,अब कैसा है, हंसत... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   4:28pm 27 Mar 2018 #दर्द
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
राग अनंत हृदय ने गाया मन राही घर लौट गया है  पा संदेसा इक अनजाना, नयन टिके हैं श्वास थमी सी एक पाहुना आने वाला ! रुकी दौड़ तलाश हुई पूर्ण आनन देख लिया है किसका, निकला अपना.. पहचाना सा जाने कैसे बिछड़ गया था ! कदर न जानी जान पराया व्यर्थ दर्द के दामन थामे, एक ख़ुशी भीतर प... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   5:53am 24 Feb 2018 #दर्द
Blogger: सुनील कुमार सजल at ...Sochtaa hoon......! ...
लघुव्यंग्य-वह"देख तो बे उसे, साली जब इधर से गुजरती है मेरी नजर उसके  कूल्हे पर ही टिक जाती है।""अबे वह कूल्हे नहीं मटकाती बल्कि उसके पाँव में तकलीफ है इसलिए वह ऐसा चलती है..।""अबे तू ऐसे बता रहा है ,जैसे तेरा और उसका परिचय हो...।""परिचय की बात नहीं है ,कल मैं जिस क्लीनिक में इला... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   1:19pm 13 Jan 2018 #दर्द
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
अपना अपना अनुभव है जीवन ... कभी कठोर कभी कोमल, कभी ख़ुशी तो कभी दर्द ... हालांकि हर पहलू अपना निशान छोड़ता है जीवन में ... पर कई लम्हे गहरा घाव दे जाते हैं ... बातें करना आसान होता है बस ...लोग झूठ कहते हैं दर्द ताकत देता हैआंसू निकल आएं तो मन हल्का होता है पत्थर सा जमा कुछ टूट कर पिघल ज... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   3:14pm 14 Mar 2017 #दर्द
Blogger: लिली मित्रा at मेरी अभिव्यक...
                         (चित्र इन्टरनेट से)            बेफिक्र हो सबसे अब जीना चाहती हूँ,            अपने खोए वजूद को छूना चाहती हूँ।            बन्द पिंजरे मे पंख फड़फड़ाती रही हूँ,            खुद के आसमान मे उड़ना चाहती हूँ।            कई ... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   8:43pm 4 Jan 2017 #दर्द
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
उसको ज़मी पर रौंदतावहशीपन जब रगों में कौंधता करती रही कोशिशें सभीरोती बिलखती सिसकती तभीवस्त्र कर उसके तार तार अस्मिता पर करता रहा वो प्रहार लड़-लड़ चलाये हाथ और लात भिड़ती गई कुछ तो हो एहसास चीखता रहा वो उस पर तब भी चिचियती रही वो भयभीत सीकलाई जकड़ निचोड़ दीं उसकी मौन छटपटात... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   6:14pm 20 Apr 2016 #दर्द
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
कुछ काम सिर्फ ईश्वर ही देखे तो अच्छा है, कुछ बातें सिर्फ दिल ही सुने तो अच्छा है, आंसू पहले ही बहा दिए थे बहुत, कुछ दर्द मुस्कुराहटों में ही छिपे तो अच्छा है। -सन्नी कुमार ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   7:36am 25 Nov 2015 #दर्द
Blogger: Rachana Dixit at रचना रवीन्द्...
इत्मिनान है की वो खुश हैं चलती हूँ जब भी, उतरती चढ़ती हूँ सीढ़ियाँ, आती हैं अजब सी आवाज़े,घुटनों में हड्डियों से,   कभी कड़कड़ाती, खड़खड़ाती,कभी कंपकपाती.गुस्से में लाल पीला होते तो सुना था,यहाँ तो नीली हो जाती हैं नसें.दबोचती हैं हड्डियां उन्हें जब. कभी खींचती हैं मां... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   5:07am 5 Jul 2015 #दर्द
Blogger: प्रमोद जोशी at Gyaankosh ज्ञानकोश...
ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की तरह क्या शरीर में होने वाले दर्द (जैसे दांत दर्द, पेट दर्द, प्रसव पीड़ा, एक्सीडेंट में होने वाले अंग-भंग आदि के कारण होने वाले दर्द) को मापा जा सकता है? दर्द एक प्रकार की अनुभूति है जो दो अलग-अलग व्यक्तियों की अलग-अलग हो सकती है। आपने जो अन्य अनुभूतिय... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   4:38am 13 Apr 2015 #दर्द
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
ईलाज - ए - मर्ज़ भी होता है वक़्त रहतेज़हर बन जाती है दवा एक मुद्दत के बाद !!सु-मन ... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   7:29am 5 Jan 2015 #दर्द
Blogger: Jogendra Singh जोगेन्द्र सिंह at Meri Lekhni, Mere Vichar.. मे...
● दो बूँद का सागर● (01-01-2015)बेबसी अब हद से गुजरने लगी हैशब्द अब तुम तक पहुँच न पाते हैं,आँखें बेशक काबिल हैं समझाने में,उफ़ पर्दा आ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   4:32pm 1 Jan 2015 #दर्द
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
इक अकुलाहट प्राणों में इक दर्द की चाहत की है जो मन को बेसुध कर दे, कुछ कहने, कुछ न कहने दोनों का अंतर भर दे ! इक पीड़ा मांगी उर ने जो भीतर तक छा जाये, फिर वह सब जो आतुर है, आने को बाहर आये ! इक बेचैनी सी हर पल मन में सुगबुग करती हो, इस रीते अंतर्मन का कुछ खालीपन भरती हो ! ... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   3:26am 12 Dec 2014 #दर्द
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
एक नज़्मअटकी है अभी साँसों में कुछ लफ्ज़ बह रहे लहू में क़तरा –क़तरा ...एक दर्द   ठहरा है अभी ज़िस्म में कुछ बरक घुल रहे रूह में रफ़्ता –रफ़्ता ....!!*****(साँसों से चल कर ...रूह में ज़ज्ब हुआ कुछ ..क्या कुछ ...नहीं जाना | जाना तो बस इतना कि लफ्ज़ झरते रहे ...रूह भीगती रही ...दर्द घटता रहा ..नज़्म बढ़... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   6:33am 6 Sep 2014 #दर्द
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
बीत जाने परनहीं रहता दुख , दुख सामिटटी हो जाता हैउपजाऊपन से भराजिसमें रोपा जाता हैसुख का बीज |जानते हो !कैसे ?ज्यूँ डाली टूट जाने परनहीं रहता जब उसका वजूदपत्ते सूखकरबिखर जाते हैं राह परतब उस राह से गुजरते हुएसमेट लेता है उनको कोईजला लेता है अलावतो जानते होउन पत्तों की ट... Read more
clicks 428 View   Vote 0 Like   6:30am 24 Jun 2014 #दर्द
Blogger: Anita nihalani at मन पाए विश्रा...
मधुर अमराई में बदले थामता है हर घड़ी वह जो बरसता प्रीत बनकर, खोल देता द्वार दिल के फिर सरसता गीत बन कर ! हर नुकीले रास्ते को मृदु गोलाई में बदले, कंटकों से जो भरी थी मधुर अमराई में बदले ! मरहम रखता दर्द हरता हर कदम पर साथ देता, पोंछ देता दुःख इबारत या नये से अर्थ देत... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   8:08am 19 Jun 2014 #दर्द
Blogger: धीरेन्द्र सिंह at काव्यान्जलि...
प्यार में दर्द है, प्यार में दर्द है ,दर्द से प्यार है,न कहीं जीत है न कहीं हार है   वो सनम  जब यहाँ  बेवफा हो गया   टुकड़े-टुकड़े जिगर के मेरे कर गया,  हँस  के मैंने  उसे बस  यही था कहा     तू  मेरा  प्यार  है, वो  तेरा  प्यार है !   प्यार में दर्द है... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   3:23pm 20 Mar 2014 #दर्द
Blogger:  राजीव कुमार झा at यूं ही कभी...
दर्द तो होता है मगर सहा नहीं जाता तू सामने भी है मगर कहा नहीं जाता जब से दोस्ती पत्थरों से की मैंने शीशे के मकां में मुझसे रहा नहीं जाताजिंदगी जहर ही सही मगर पिया नहीं जाता जीते थे पहले भी तेरे बिन अब रहा नहीं जाताराहों में मिल गए तो समझा हमसफ़र तुझे चल तो दिए मग... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   3:00am 17 Feb 2014 #दर्द
Blogger: Ashutosh Mishra at My Unveil Emotions...
मौसम-ए-इश्क हसीं प्यास जगा जाता हैहुस्न वालों  का भी ईमान  हिला जाता है धड़कने दिल की बढ़ा सीने मे तूफॉ रखकर मौसम-ए-इश्क दबे पाँब चला जाता  है सर्द हो  रात  हो बरसात का मादक मंजरमौसम-ए-इश्क  सदा सब को जला जाता है  दर्द  ऐसा  भी है, अहसास सुखद है जिसका मौसम-... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   8:41am 2 Dec 2013 #दर्द
Blogger:  राजीव कुमार झा at यूं ही कभी...
बादल की कोर पर पलकों की छोर पर एक आँसू सा रुका है मेघ का मौसम झुका है धानी चुनरिया है धरती बावरिया है अधरों में प्यार का राज यह कैसा छुपा है मेघ का मौसम झुका है मेघ बरसे देह भीजे हम फुहारों पे रीझे इन्द्र के पहले धनुष का बाण पलकों पर धरा है मेघ का मौ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   3:00am 18 Nov 2013 #दर्द
Blogger: Jogendra Singh जोगेन्द्र सिंह at Meri Lekhni, Mere Vichar.. मे...
सूत का गट्ठर (04-09-2013) सूत पर सूत या तांत पर तांत, यूँ उलझन भरा ज्यों समूचा मकडजाल, हर तांत पर उकेरा हुआ एक नाता मेरा, समीप से दूर तलक जाती हर लकीर पर, उकेरा गया आज एक धोखा कोई, आँसुओं से धो-धो बंद पलकों तले, लिखी जा रही एक कहानी नयी, भस्म-ऐ-चिता मेरे भरोसे की, ले माथे अपने रगड़े जा र... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   7:34pm 4 Sep 2013 #दर्द
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
व्यक्ति विशेष यहाँ ऐसे भी हैंजिनमें शेष अब प्राण नहींविचारों से निष्प्राण हैं जोउन्हें सही गलत का ज्ञान नहींकुछ लोग यहाँ ऐसे भी हैजो दोस्त बनकर डसते हैंमुंह देखे मीठी बातें करपीठ पीछे से हँसते हैंबातें करते हैं बड़ी बड़ीकलम कागज़ पर घिसते हैंपर शब्दों में वज़न नही... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   10:13am 18 Jul 2013 #दर्द
Blogger: Manav Mehta at मानव 'मन'...
ना राह ना मंजिल, कुछ ना पाया जिन्दगी मेंना जाने कैसा मोड़ ये आया जिन्दगी मेंतकलीफ,दर्द,चुभन,पीड़ा सब कुछ मिले इससेफ़कत एक खुशी को ही ना पाया जिन्दगी मेंवक़्त के मरहम ने सभी घाव तो भरे मेरेमगर जख़्मों से बने दाग को पाया जिन्दगी मेंऔरों की खुशी के लिए अपनी खुशी भूल गएमुस्... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   5:06pm 16 May 2013 #दर्द
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