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Tag: एहसास

Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
एहसास ... जी हाँ ... क्यों करें किसी दूसरे के एहसास की बातें,जब की खुद का होना भी बे-मानी हो जाता है कभी कभी ... अकसर ज़िन्दगी गुज़र जाती है खुद को चूंटी काटते काटते ... जिन्दा हूँ तो उसका एहसास क्यों नहीं ...  उँगलियों में चुभे कांटे इसलिए भी गढ़े रहने देता हूँ  कि हो सके एहसास खुद क... Read more
clicks 243 View   Vote 0 Like   2:33am 6 Aug 2018 #एहसास
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
जिनके जीवन में हमेशा प्रेम है, उल्लास हैदर्द जितना भी मिले टिकता नहीं फिर पास है   दूसरों के घाव सिलने से नहीं फुर्सत जिन्हेंअपने उधड़े ज़ख्म का उनको कहाँ आभास हैहोठ चुप हैं पर नज़र को देख कर लगता है यूँदिल धड़कता है मेरा शायद उन्हें एहसास है दिन गुज़रते ही जला लेते हैं अप... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   4:35am 9 Apr 2018 #एहसास
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
तुम ये न समझना की ये कोई उलाहना है ... खुद से की हुई बातें दोहरानी पढ़ती हैं कई बार ... खुद के होने का  एहसास भी तो जरूरी है जीने के लिए ... हवा भर लेना ही तो नहीं ज़िंदगी ... किसी का एहसास न घुला हो तो साँसें, साँसें कहाँ ...कितनी बार सपनों को हवा दे कर यूं ही छोड़ दिया तुमने वक्त की तन्ह... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   5:38am 5 Jul 2017 #एहसास
Blogger: M VERMA at जज़्बात...
जिंदगी की तलाश मेंवह बैठा रहता है शहंशाही अंदाज़ लिए कूड़े के ढेर पर, नाक पर रूमाल रखे आते-जाते लोगो को निर्विकार भाव से देखते हुए गुनगुनाता है ‘कुण्डी मत खड़काना राजा’ सिर्फ आज की नहीं यह तो है रोज की कहानी कालोनी से आने वाला कूड़े से लदा ट्रक जब खाली होकर चला जाएगा वह सड़त... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   4:43am 6 Nov 2016 #एहसास
Blogger: M VERMA at जज़्बात...
बलखाती थीवह हर सुबह धूप से बतियाती थीफिर कुमुदिनी-सी खिल जाती थीगुनगुनाती थी वह षोडसीअपनी उम्र से बेखबर थीवह तो अनुनादित स्वर थी सहेलियों संग प्रगाढ़ मेल था लुका-छिपी उसका प्रिय खेल थाखेल-खेल में एक दिनछुपी थी इसी खंडहर मेंवह घंटों तक वापस नहीं आई थीहर ओर ... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   1:48am 22 Oct 2016 #एहसास
Blogger: M VERMA at जज़्बात...
मैंने देखा हैअपने जवान पश्नों कोउन बज्र सरीखे दीवारों से टकराकरसर फोड़ते हुएजिसके पीछे अवयस्क बालाएँअट्टहासों की चहलकदमी के बीच यंत्रवत वयस्क बना दी जाती हैऔरबेशरम छतें भरभराकर ढहती भी नहीं हैंमैनें देखा हैआक्सीजन की आपूर्ति बन्द कर देने के कारणअपने नवजात, नाज... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   10:03am 19 Oct 2016 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
ये पकड़ता है इंसान ये पालता है आत्मा ये लांघता है सीमा ये सताता है कर्म बर्फ़ सा ठंडा, अग्नि सा गर्म, श्याम-श्वेत एहसास, अनोखा, अनदेखा, आज़ाद, अनियंत्रितये बहाता है आग ये जनता है आकांक्षाये पालता है मरुस्थलये थामता है तूफांघने सपनो के कोहरे में, चित्कार कर पुकारताहर पल भेदत... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   9:02am 18 Mar 2015 #एहसास
Blogger: Sumit at मेरी दुनिया.. ...
यहां सफर कैसा भी हो,सभी को रास्ता एक, आसान चाहिए।यहां मंज़िल कैसी भी हो,लोगो को तो बस एक, पहचान चाहिए।सोने वाले सपनों से थक कर सो गए,अब हर किसी को महल एक, आलिशान चाहिए।कोशिश तो करते हैं सब अपने लिए जीने की,पर यहां जीने के लिए भी, एक मुट्ठी आसमान चाहिए।... Read more
clicks 528 View   Vote 0 Like   8:29am 13 Feb 2015 #एहसास
Blogger: शिल्पा भारतीय at अभिव्यक्ति-अ...
सबसे दूर खुद के कितने पास हूँ कि आज शायद फिर मै उदास हूँ है कैद कहीं दर्द का इक दरिया मुझमे कि खुद में सिमटा हुआ इक एहसास हूँ ढूंढ रहीं है अधजगी सी आँखें ये तेरी जिसको नींद के सफर में बिछड़ा शायद तेरा वो ख्वाब हूँ रख गयी ज़िन्दगी सवाल फिर कुछ ऐसे इस मन की चौखट पर जिन सवालों मे... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   11:57am 8 Feb 2015 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
तुमने रात भर तन्हाई में सरगोशियाँ की थीं तेरी नर्म-गुफ्तारी ने रूह को खुशियाँ दी थींबातों ने संगीतमय संसार बक्शा था रातों को यादों ने नया उनवान दिया था मेरे ख्वाबों को तुमने 'निर्जन'इस दिल का सारा दर्द बांटा था तेरी रूमानियत ने रात को फिर चाँद थामा था मेरे आशारों में इश... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   1:23pm 3 Nov 2014 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
मचली हुई हैं गुज़री रात की सरगोशियाँ अब भी तेरे इश्क़ की ख़ुशबू साँसे महका रही हैं अब भी तड़पता दिल बड़ी शिद्दत से बहक रहा है अब भी तेरी बातों की चसक चराग़ जला रही हैं अब भी ख्वाहिश चाँद छूने की पूरी नहीं हुई है अब भी तेरी अब्र-ए-नज़र दिल में झाँक रही हैं अब भी बयां करना नामुमकिन ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   4:32am 2 Nov 2014 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
आहिस्ता गुज़र ए ज़िन्दगी, कुछ यादें पुरानी बाक़ी हैं कुछ ख़ुशी लुटानी बाक़ी हैं,कुछ फ़र्ज़ निभाने बाक़ी हैं, कुछ क़र्ज़ चुकाने बाक़ी हैं,कुछ ग़म छिपाने बाक़ी हैं,कुछ ज़ख्म मिटने बाक़ी हैं, कुछ नगमे सुनाने बाक़ी हैं, कुछ किस्से बताने बाक़ी हैं,कुछ मुझमें थोडा बाक़ी है,कुछ उनमें थोडा बाक़ी ह... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   3:37am 18 Sep 2014 #एहसास
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
एक कटोरी यादडाल दी है मैंने पकने की खातिर एक कड़ाही भर एहसास के दानों को रख दिया है पका कर सब गिले शिकवों को मांज कर परोस दिया है प्यार विश्वास की मेज़ पर कब आओगे तुम कहीं बासी न हों जाए इस इंतज़ार का ज़ायका ..!!सु..मन ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   12:43pm 13 Jun 2014 #एहसास
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
आज, बीता हुआ कल और आने वाला कल, कितना कुछ बह जाता है समय के इस अंतराल में और कितना कुछ जुड़ जाता है मन के किसी एकाकी कोने में. उम्र कि पगडंडी पर कुछ लम्हे जुगनू से चमकते हैं ... यादों के झिलमिलाते झुरमुट रोकते हैं रास्ता अतीत से वर्तमान का ... ज़िंदगी में तुम हो, प्रेम हो, कुछ यादे... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   10:23am 29 Apr 2014 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
"ओ हो माँ ! रुको तो सही, मैं आ रही हूँ ना | ऐसी भी क्या जल्दी है ?""बेटी जल्दी नहीं है तेरे पापा के खाने का समय हो रहा है इसलिए खाना तैयार करना है | रात को उनकी दवा का समय हो जायेगा | अच्छा बता तू क्या खाएगी ?""नहीं माँ, आज से आप नहीं मैं खाना बनाउंगी आप आराम करो | वरना उस दिन की तरह फिर ... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   6:19pm 3 Apr 2014 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
ओ रे मितवा, तू है मेरा रहबराबन रहा है, तुझसे मेरा राबतादिल से मेरे है अब, तेरा वास्तातू ही दिखा दे अब, आगे रास्तातू रहगुज़र-ए-दिल-ए-खुशखीरांलग रहा है तू ही, मेरा कहकशांखुदा हो रहा 'निर्जन'पर मेहरबांमिलते हैं उसकी रहमत से कद्रदां... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   2:26pm 30 Dec 2013 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
तेरे आने की जब खबर चहकेतेरी महक से सारा घर महकेतेरे रौशन चेहरे से दिन लहकेतेरी आहों से मेरा दिल बहकेतेरे होठों से मेरे अरमां दहकेतेरी बोली से ये जीवन कहकेकहता है 'निर्जन'रह रह केतेरा ही रहेगा कुछ भी सहके....... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   12:05pm 18 Dec 2013 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
कुछ महके हुए ख्व़ाबकुछ बिछड़े हुए अंदाज़कुछ लफ़्ज़ों के एहसासकुछ लिपटे हुए जज़्बातज़िन्दगी इनसे बर्बाद है कुछ बातों में शरारतकुछ नखरों में अदावतकुछ इश्क़ में बनावटकुछ जीवन में दिखावटज़िन्दगी इनसे बर्बाद हैकुछ लम्बी तनहा राहेंकुछ सुलगी चुप आहेंकुछ कमज़ोर वफाएंकुछ उलझी ज... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   11:13am 16 Dec 2013 #एहसास
Blogger: तुषार राज रस्तोगी at तमाशा-ए-जिंदग...
शाम तनहा हैरात भी तनहाचाँद मिलता हैअब यहाँ तनहाशाम तनहा है...टूटी हर आसथम गया लम्हाकसमसाता रहाये दिल तनहाशाम तनहा है...इश्क भी क्याइसी को कहते हैंलब तनहा हैजिस्म भी तनहाशाम तनहा है...साक़ी ग़र कोईमिले भी तो क्याजाम छलकेंगेदोनों तनहाशाम तनहा है...जगमगातीचांदनी से परेसूना ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   5:26pm 14 Dec 2013 #एहसास
Blogger: Sumit at मेरी दुनिया.. ...
कुछ उग चुके कांटे, जब मुझे बहुत तड़पाते हैं,पलकों के ठिकाने पे, अपने दर्द को पहुंचाते हैं।मैं तब यह राज़ जान कर, ठगा सा रह जाता हूँ,ज़ख्म यादों के परों से दिल में उतर जाते हैं ।कभी यादें मंझधार, कभी खुद किनारा होती हैं,राह में गिराती हैं, कभी सबका सहारा होती हैं ।मैं आई... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   4:50am 14 Oct 2013 #एहसास
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे...
मैं देखता था सपने कुछ बनने के भाई भी देखता था कुछ ऐसे ही सपने बहन देखती थी कुछ सपने जो मैं नहीं जान सका पर माँ जरूर जानती थी उन्हें, बिना जाने ही   सपने तो पिताजी भी देखते थे हमारे भविष्य के एक छोटे से मकान के, सुखी परिवार के    समाज में, रिश्तेदारी में एक मुका... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   7:00am 4 Aug 2013 #एहसास
Blogger: Manav Mehta at मानव 'मन'...
अभी अभीपीपल की झड़ी पत्तियों कोएक तरफ रख करजला कर बैठा ही था किउसके धुएं में भीतुम्हारा ही चेहरा नज़र आयाकल भी कुछ ऐसा ही हुआ थाजब रोशनदान सेसूरज की रोशनीमेरे कमरे में पहुँची थी तो लगा थाकि तुम आए होतुम हर जगह दिखती हो मुझकोतुम नहीं होपर...हर वक़्त तुम्हारा एहसासमेरे स... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   6:51am 24 May 2013 #एहसास
Blogger: अनुपमा त्रिपाठी at anupama's sukrity...
पसरा मौन ...बिखरे हैं सुमन ....आया है कौन ...?रूह  छू जाए ....वसुंधरा मुस्काए  ...आस जगाए ...धुंध मिटती .....वेदना है छंटती .....पुष्प बिखरे ...रौशन  लम्हें  ...जो रुक जाएँ यहीं ...बीतें न पल ...खिली  लालिमा .......देती अब   सन्देश .....मिटी  कालिमा ...उगता सूरज ....करता है निहाल ...छाया प्रकाश ...छूकर तुम्हें ...... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   2:05pm 16 Apr 2013 #एहसास
Blogger: Sumit at मेरी दुनिया.. ...
हर किसी का अपना अपना जीने का अंदाज़ है,पर ये अंदाज़ मेरा मुझसे ही क्यूँ राज़ है…..!कोशिशें ख़ुद को समझने की तो मैं हर-एक करुं ,क्यूंकि समझाना ख़ुद को यारों ये न आसां काज है….!हर किसी का अपना-अपना जीने का अंदाज़ है ….!कोशिशें करता रहता, भ्रम में पड़ जाता हूँ मैं,क्यूंकि कोशिशो... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   9:33am 11 Apr 2013 #एहसास
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at अर्पित ‘सुमन...
तेरे एहसास को मैं भर लूँ बाहों में सनम फिज़ा में फैली है आज खुशबू तेरे प्यार की ..!! सु-मन ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   11:18am 2 Mar 2013 #एहसास
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