POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: आत्म-मंथन

Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
जीवन का मदिरालय प्यारा,भांति-भांति से भरता प्याला,रंग हो चाहे जो हाले का,नशा सभी ने जम के पाला। ज्यों ही एक नशे की सरिताकरे पार, हो जाए किनारा,त्यों ही दूजी सरिता आकरमिल जाए, बह जाए किनारा।हर पग रुकता, थमता-झुकता,फिर भी आगे बढ़ता रहता,कौन नशा जीवन से बढ़कर-डगमग में भी स... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   1:19am 14 Apr 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
*******************************न सुख सोचो, न दुख,न जीवन, न मृत्यु।मानो तो इससे जटिल कुछ भी नही,और मानो तो इससे सरल भी कुछ नही,ये तो बहाव है बस, बहने दो इसे।बाँधोगे, तो जटिल होगा;और बहने दोगे बिना बाध्यता केतो उतना ही सरल होता जाएगा।*********************************इस ब्लॉग पर ये १००वां  पोस्ट है, आप सभी के साथ ये स... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   6:37pm 17 Mar 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
इक दौर मुक़म्मल होता थासच-झूठ का, जीत-हार का,इक दौर था जीने-मरने का,इक दौर था नफरत-प्यार का.अब तो जीते जो हारा है,सच से अब झूठ ही प्यारा है,कि कई नावों में पैर यहाँ,ढूंढे अब कौन किनारा है!कोई बूझ के भी अनबुझ सा है,कि फेक है क्या सचमुच सा है,होते थे कभी दिन-रात यहाँ,अब तम-प्रकाश ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   5:00am 27 Feb 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
सुख की वृष्टि, दुःख का सूखा,कभी तुष्ट, कभी प्यासा-भूखा,वन हैं, तृण है, नग है, खोह है,विस्तृत इसकी चौपाटी रे!मन माटी रे! नेह नीर से सन सन जाए,कच्चे में आकार बनाए,और फिर उसको खूब तपाए,ये कुम्हार की बाटी रे!मन माटी रे! मेड़ बना चहु ओर जो बांधे,फिर क्या कलुषित लहरें फांदे!तुष्ट ह... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   3:54am 17 Feb 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
खुद ही सारे जिस्म को ज़ंजीरों से बाँध लिया, और एक अँधेरी कोठरी मेंजिंदा दफ़न कर आई।सोचा एकांत है वहां,कोई न पहुँचेगा मुझतक,और कोई न होगा वहाँ मुझे प्रताड़ित करनेवाला,न किसी अन्याय के विरुद्धगुहार लगानी होगी मुझे,और न चाहिए होगा मुझे कोई तीमारदारी करनेवाला।झाँक के ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   4:41am 6 Jan 2013 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
नदियों का प्रेम समर्पण का,उनका तो प्रेम प्रवाह है बस।  आग़ोश में लेता जाता फिर भी,सागर की है कुछ कशमकश! अथाह प्रेम समर्पण कानदियाँ अपने संग लाती हैं,पर पत्थर राहों में घिसकर थोड़ी नमक भी घोल आती हैं।ये चुटकी भर नमक नहींनदियों का मीठापन हरता है,लेकिन यूँही बूँद-बूँद कर सा... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   3:39am 25 Nov 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
तेरी हर वो आहट जो मुझे उतरन-सी लगी,तूने मुझे उसमेऊँचाई ही बख्शी है !ये कैसा दरिया है कि जहाँ डूबा,वहीं पार भी हुआ,क्या ही ज़िन्दगी बख्शी है !कभी तो ऐसा था  कि सब्रो-करार न था,अब इन थमी साँसों में भीबन्दगी ही बख्शी है !इक अँधेरा ही तो था,ये जो उजाला है अभी,दीप जो मन का जला है,क्... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   3:46am 13 Nov 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
यह पूनम भी अमानिशा सीअँधियारा लिपटाती जाती.औ' बैरन-सी भयी बयार भीकुटिल शीत कड़काती जाती.उजियारा बस कहने को है,अंतर तम का घोर कहर है.बाहर के चकमक में उर येअंतस लौ झुठलाती जाती.तज दे झूठी राग चमक की,तज दे अब ना और बहक री,चल रे अब तू भीतर चल री,क्यूँ खुद को भरमाती जाती! O my conscience,hold me t... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   10:54pm 26 Oct 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
ओ अंधियारे के चाँद तेरी चमक फीकी पड़ती जाए... काले से पखवाड़े में क्यों काला तू पड़ता जाए ?..  कोई देखे, कोई ना देखेअब किसे कौन समझाए...इस ओर से काला होकर भी उस ओर तू चमका जाए.. तू है धरा के पास-पास,चमके, कभी तू धुंधलाए... क्यों पूनम की चमक तुझे इक दिन से ज़्यादा न भाए..देख तो सूरज चमके ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   7:42pm 3 Oct 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
क्या खाली, क्या भरा यहाँ पे,सबके हाथों में है प्याला.सबका एक नशा निश्चित है,सबकी अपनी-अपनी हाला.कुछ पी-पी कर जीते हैं और कुछ जी-जी कर पीते हैं,नशा नहीं लेकिन सम सबका,एक नही सबकी मधुशाला.असमंजस का डेरा जमता,कितने प्याले! कितनी हाला!कौन नशा उत्तम है करता,किसकी हाला, अव्वल हाल... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   1:50am 23 Sep 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
जो ऊपर की ओर जाती हैं,वही सीढियां नीचे भी आती हैं.और सीढियां चढ़ने-उतरने की कई विधाएं भी पायी जाती हैं!कुछ लोग एक-एक कदम बढ़ाते हैं,कुछ लोग बस फांदते ही जाते हैं.और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हर सीढ़ी पर दोनों कदम जमाते हैं.और वैसे ही उतरना भी कला है.धीरे-धीरे उतरना बेहतर होता ह... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   5:58pm 26 May 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
The serene calmness and quietness of a candle (diya) gets more and established only with time! तब ज़िद्दी बच्चों-सामांगता रहा तुमसेऔर ये भी पता न थाकि माँगना क्या है!अब समझ है इतनीकि चाहिए क्या मुझे,और जानता हूँ ये भीकि माँगना क्या है!फिर भी नहीं मांगता!क्यूंकि मन में तुमनेविश्वास जो भर दिया है,कि भला माँगना क्या है!शायद यही ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   12:43am 25 May 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
जब तक थोड़ी भी अज्ञानता है, तब तक सम्पूर्णता नहीं है... और जब तक सम्पूर्णता नहींहै, तब तक ये मन तो अधजल गगरी ही है ना... कैसे समझाऊँ इसे... ?  काहे छलको रे गगरी अधजल,समझो सुधि अपनी तेज चपल?जब जानते हो जीवन है जल,करना मुट्ठी में प्रयास विफल.गिरना, लेकिन मत होना विकलअंतर नित-नित तुम ... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   11:49am 28 Mar 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
कई दिनों बाद एक बहुत ही सुन्दर गीत सुनने को मिला!! संत कबीर का लिखा हुआ है...नैहरवा हमका न भावे रे!Khair, ye to advertisement ho gaya! ;) ***************************************************************************इसी राह में...कई लोग मिलते रहते हैं ना ज़िन्दगी में! बस कुछ ही होते हैं जो दूर जाने के बाद भी बारहा याद आते हैं, और मन करता है कि पूछ लें- ... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   7:47pm 25 Mar 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
  विवाद, विषाद, उन्मत्त उन्माद,अंतर था तम का अविरत प्रामाद.अब है स्थिर, शांत, गंभीर,न कोई रक्ति, न कोई वाद.अंतरमन ने पूछा मुझसे, अनुनय किससे, विमर्श कहाँ?इस विविध राग के गान में,उत्सर्ग कहाँ, उत्कर्ष कहाँ?अब छोड़-छाड़  ये सोच विचार,मन उड़ जा अब, कर जा तू पार,चल दूर कहीं हैं नी... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   7:28pm 24 Jan 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
कभी हीरे-सा चमक उठे,कभी धुंध में खोये रहे,नींदों में जागते रहे,उजालों में सोये रहे!जब कभी मूक थे, तो सुनते भी न थे,अब आवाज़ मिली, तो शोर मचाते हो!क्यूँ तमाम बातों को हमेशा ही हदों तक खींच लाते हो!... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   3:56am 19 Jan 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
एक सुनहरी धूप सरीखी,अगणित त्रस-रेणु सी बिखरी,तुम जीवन के कोहरे में भीसु-सुषमा अविराम देते हो!एक नया आयाम देते हो!इक पग आगे, इक पग पीछे,सीमित क्षणों को सींचे-खींचे,शुष्क मरुस्थल-सी मिटटी मेंमरुद्वीप का विराम देते हो!एक नया आयाम देते हो!हो घोर विषादों, प्रामादों में,सृष्ट... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   11:19pm 15 Jan 2012 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
मुश्किलें तो आती ही हैं, आती हैं, पर जाती भी हैं.और हम उनसे लड़ते भी हैं,डटके सामना करते भी हैं.कभी थककर चूर हो जाते,एकदम से मजबूर हो जाते.फिर भीआत्मबल कहाँ झुकता है?दुर्गम राहों पे कहाँ रुकता है?दृढ-निश्चय औ' स्वाभिमानकभी न खोना चाहिएराहें सब आसान तभी,बस, खुद पे भरोसा होना ... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   10:51am 28 Dec 2011 #आत्म-मंथन
Blogger: Madhuresh at Madhushaalaa: The Nectar House...
कभी न्यारी-सी प्यारी बातें,कभी विचारों से भरी बातें, उर के भीतर एक द्वंद्व मैंअनायास ही लड़ता हूँ!मैं खुद से बातें करता हूँ!खुद को ही दो टुकड़ों में करखुद ही कहता, खुद सुनता हूँ.कोलाहल में सामंजस्य कानव नित रूप मैं गढ़ता हूँ.मैं खुद से बातें करता हूँ!स्व-चिंतन ही आत्मबोध ह... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   1:47pm 18 Dec 2011 #आत्म-मंथन
[Prev Page] [Next Page]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3967) कुल पोस्ट (190517)