POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: अनकहे किस्से

Blogger: Amit Mishra
ये लोग होते कौन हैं मुझे जज करने वाले...ये आख़िर जानते ही क्या हैं मेरे बारे में... क्या में सच में ऐसी लगती हूँ... तुम तो जानते हो मुझे...और तुम तो बहुत बड़े समझदार बनते हो.. सच सच बताना क्या तुम्हें भी ऐसा ही लगता है? (लगभग झल्लाती हुई राधा कृष से बोली)कृष- सबसे पहले तो तुम्हे बता दू... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   2:38pm 10 Jun 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिया गया दान और किया गया स्नेह कभी वापस नही माँगा जाता।समुद्र का पानी और माँ का प्यार कभी नापा नही जा सकता।अध्यापक का ज्ञान और आपका आत्मसम्मान कोई चुरा नही सकता।टूटता हुआ तारा और भागता हुआ समय किसी के लिए नही रुकता।बीता हुआ मौसम और दिया गया दुःख लौटकर जरूर आते हैं।हवा... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिया गया दान और किया गया स्नेह कभी वापस नही माँगा जाता।समुद्र का पानी और माँ का प्यार कभी नापा नही जा सकता।अध्यापक का ज्ञान और आपका आत्मसम्मान कोई चुरा नही सकता।टूटता हुआ तारा और भागता हुआ समय किसी के लिए नही रुकता।बीता हुआ मौसम और दिया गया दुःख लौटकर जरूर आते हैं।हवा... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिया गया दान और किया गया स्नेह कभी वापस नही माँगा जाता।समुद्र का पानी और माँ का प्यार कभी नापा नही जा सकता।अध्यापक का ज्ञान और आपका आत्मसम्मान कोई चुरा नही सकता।टूटता हुआ तारा और भागता हुआ समय किसी के लिए नही रुकता।बीता हुआ मौसम और दिया गया दुःख लौटकर जरूर आते हैं।हवा... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
चार बातें असल में सिर्फ़ चार बातें नही होती। चार बातों में बहुत सी बातें छिपी होती हैं। चार बातों की तह में जाने पर कई परतें खुलती हैं और फ़िर इन्ही चार बातों से लोग कितनी बातें बनाते हैं।किसी से चार बातें कर लेने से मन हल्का हो जाता है।किसी की चार बातें सुनकर कोई छोटा नही ... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   7:16am 19 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
है इश्क़ अगर तो जताना ही होगादिलबर को पहले बताना ही होगापसंद नापसंद की है परवाह कैसीतोहफ़े को पहले छुपाना ही होगाधड़कन हृदय की सुनाने की ख़ातिरउसको गले तो लगाना ही होगाआँखों ही आँखों में जब हों इशारेओ पगली लटों को हटाना ही होगाछूकर तुम्हें अब है महसूस करनाहोठों को माथे ल... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:13am 15 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
है इश्क़ अगर तो जताना ही होगादिलबर को पहले बताना ही होगापसंद नापसंद की है परवाह कैसीतोहफ़े को पहले छुपाना ही होगाधड़कन हृदय की सुनाने की ख़ातिरउसको गले तो लगाना ही होगाआँखों ही आँखों में जब हों इशारेओ पगली लटों को हटाना ही होगाछूकर तुम्हें अब है महसूस करनाहोठों को माथे ल... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   4:13am 15 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की वृहद यात्रा के दौरान मनुष्य विविध प्रकार की परिस्थितियों से गुजरता है। कई प्रकार के सुख-दुःख, उतार-चढ़ाव मनुष्य को ढेर सारे खट्टे-मीठे अनुभव प्रदान करते हैं। अबोध बालक से अनुभवी वृद्ध तक का सफ़र तय करते हुए हम परिपक्वता की ओर बढ़ते चले जाते हैं। समय के बदलते चक्र क... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   7:11am 2 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की वृहद यात्रा के दौरान मनुष्य विविध प्रकार की परिस्थितियों से गुजरता है। कई प्रकार के सुख-दुःख, उतार-चढ़ाव मनुष्य को ढेर सारे खट्टे-मीठे अनुभव प्रदान करते हैं। अबोध बालक से अनुभवी वृद्ध तक का सफ़र तय करते हुए हम परिपक्वता की ओर बढ़ते चले जाते हैं। समय के बदलते चक्र क... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   7:11am 2 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की वृहद यात्रा के दौरान मनुष्य विविध प्रकार की परिस्थितियों से गुजरता है। कई प्रकार के सुख-दुःख, उतार-चढ़ाव मनुष्य को ढेर सारे खट्टे-मीठे अनुभव प्रदान करते हैं। अबोध बालक से अनुभवी वृद्ध तक का सफ़र तय करते हुए हम परिपक्वता की ओर बढ़ते चले जाते हैं। समय के बदलते चक्र क... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   7:11am 2 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
पृथ्वी को चोट पहुँचाने वाली हर त्रासदी की वजह एक आह बनी। आह जिस किसी भी जीव के भीतर से निकली, उसका असर उतना ही भयावह रहा जितना एक बदले की भावना का होता है।नावों के तलों से घायल हुई मछलियों के आँसू बाढ़ बनकर कितने ही किनारों को निगल गए।आसमान में शोर करते जहाजों से डरकर जितन... Read more
clicks 60 View   Vote 0 Like   6:23am 23 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
पृथ्वी को चोट पहुँचाने वाली हर त्रासदी की वजह एक आह बनी। आह जिस किसी भी जीव के भीतर से निकली, उसका असर उतना ही भयावह रहा जितना एक बदले की भावना का होता है।नावों के तलों से घायल हुई मछलियों के आँसू बाढ़ बनकर कितने ही किनारों को निगल गए।आसमान में शोर करते जहाजों से डरकर जितन... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   6:23am 23 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
पृथ्वी को चोट पहुँचाने वाली हर त्रासदी की वजह एक आह बनी। आह जिस किसी भी जीव के भीतर से निकली, उसका असर उतना ही भयावह रहा जितना एक बदले की भावना का होता है।नावों के तलों से घायल हुई मछलियों के आँसू बाढ़ बनकर कितने ही किनारों को निगल गए।आसमान में शोर करते जहाजों से डरकर जितन... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   6:23am 23 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
तुम्हारी देह एक दीवार और काँधे खूँटी थेपहली बार आलिंगनबद्ध होते ही मैं वहीं टंगा रह गयातुमने जुल्फों तले मुझे छुपाया तो लगा उम्र भर की छांव मिल गयीतुम्हारी हँसी मेरा हौसला बढ़ाती रहीतुम्हारे हृदय की धड़कन को मैं जीवन संगीत समझता रहातुम्हारी पीठ पर उंगलियां फिरा... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   3:40am 1 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दुःख की सीमा खोजते हुए जब अनंत दुःखों के ब्रह्मांड में पहुँचा तो सवालों के सागर मुझे ख़ुद में डुबा लेने को लालायित दिखे।ब्रह्मांड जहाँ देखे मैंने कई प्रकार के दुःख...सर्पों को दुःख है शरीर में हर वक़्त विष दौड़ते रहने का....गिद्धों को दुःख है नोच नोच के माँस खाने की विशेषता ... Read more
clicks 261 View   Vote 0 Like   11:36am 28 Mar 2020 #
Blogger: Amit Mishra
सपने वो हैं जो बंद आँखों से देखे गए हों, खुली आँखें सिर्फ़ भ्रम पैदा करती हैं। हमारा वही है जो हमनें हासिल किया है जो ख़ुद मिल गया वो किसी और का है।रुका वहीं जा सकता है जहाँ हम चल के गए हों, अगर कोई हम तक चल कर आया है वो आगे भी जा सकता है।कुछ लालच बुद्धि को हर लेते हैं फ़िर पछता... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   4:12am 13 Mar 2020 #
Blogger: Amit Mishra
हर रोज परिवर्तित होती इस दुनिया से सामजंस्य बिठाने में असफल रहते हुए मैं हमेशा मंदबुद्धि की श्रेणी में रहा।जब दुनिया के सभी ज्ञानी ख़ुद को श्रेष्ठ बनाने की प्रक्रिया में व्यस्त थे तब मैंने पिछले दरवाजे से निकल कर ख़ुद को बचा लिया।जब सभी ख़रगोशचीता बनकर दौड़ लगाने आ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   4:12am 15 Feb 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की भागा-दौड़ी में, प्यार भी करना होता हैपहले प्यार में गलती ना हो, थोड़ा डरना होता है।।हर लड़की का पहला सपना, सुंदर लड़का होता हैसपना तो है सपना ही, हर सपना सच ना होता है।।जब वो तुमसे नज़र मिलाए, तुमको हँसना होता हैरस्तों पर चलते चलते ही, तिरछे तकना होता है।।अगला जब शरमाए थ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   3:48pm 2 Feb 2020 #
Blogger: Amit Mishra
मन सबसे बड़ा विद्रोही है। ये अक़्सर वही करना चाहता है जो दुनिया को लगता है कि नही करना चाहिए। पर ये दुनिया तो हमसे बनती है, और हम कौन हैं? हम मन के मालिक हैं। ये मन किसका है? हमारा।बड़ी अजीब विडंबना है, मन के मालिक होते हुए भी हम अपने ही मन को मारते हैं, उस दुनिया के लिए जो हमने ह... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:16pm 22 Jan 2020 #
Blogger: Amit Mishra
हिंद नाम के सूरज को, इस तरह नही ढलने देंगेहम हृदय प्रेम से भर देंगे, अब द्वेष नही पलने देंगेये चिंगारी जो भड़की है, ना दिल में घर करने पाएसींचा है खून से धरती को, बस्ती को ना जलने देंगे सूनी गोदें ना होंगी अब, सिंदूर ना पोछा जाएगाहम जाति-धर्म की बातों पर, बेटों को ना लड़ने दे... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   7:51am 13 Jan 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिल है बंजर सूनी बस्ती,कौन यहाँ अब आएगाबादल भी जिस घर से रूठे,बारिश कौन बुलाएगाउम्मीदों का सूरज डूबा,अब ना फ़िर से निकलेगाअँधियारा फैला गलियों में,रस्ता कौन दिखाएगाबेचैनी हावी जब ऐसी,एक पल भी आराम नहीजिसके मन का आँगन सूना,चैन कहाँ अब पाएगा हँसना रोना जिसके संग हो,वो ह... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   7:50am 14 Dec 2019 #
Blogger: Amit Mishra
नींद एक दैनिक क्रिया है और स्वप्न उसका परिणाम। अगर हमने कोई स्वप्न देखा है तो इसका सीधा अर्थ ये है कि हम निद्रा लोक में अवश्य गए थे। स्वप्न हमारी सोच से जन्म लेते हैं। जो हम दिन भर में सोचते हैं स्वप्न उन्हें दृश्य के रूप में हमारे सामने प्रस्तुत कर देते हैं। हम अक्सर कई ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   7:04am 2 Dec 2019 #
Blogger: Amit Mishra
प्रेम में सफ़ल ना हो सके अनगिनत प्रेमियों से परे मैं तुम्हें ना पाकर भी कभी हताश नही हुआ।हज़ारों दार्शनिकों द्वारा कही गयी एक बात सदैव मेरे मस्तिष्क में आसन लगा कर विराजमान रही, जिसमें कहा गया कि 'हर घटना के दो पहलू होते हैं पहला सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक'। अब ये आपके ... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   10:44am 19 Nov 2019 #
Blogger: Amit Mishra
तुम्हारी गहरी आँखों से टकराना अभी भी मेरी शर्मीली आँखें झेल नही पाती और प्रत्युत्तर में मेरी पलकें झुक कर तुम्हारे विजयी होने का संदेशा देती हैं।तुम्हारी आवाज़ आज भी मेरे कानों में गुदगुदी करते हुए मेरे मस्तिष्क में प्रवेश करती है और मेरी सोच को तुम्हारे अधीन कर देती... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   6:49am 12 Nov 2019 #
Blogger: Amit Mishra
हम सभी जानते हैं कि महाभारत के युद्ध में पांडवों के साथ सम्मिलित होते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने वचन दिया था कि वो युद्ध में शस्त्र नही उठाएंगे परंतु युद्ध के मध्य एक ऐसा क्षण भी आया था जब कृष्ण को अपना वचन भूलकर शस्त्र उठाने के लिए विवश होना पड़ा था।कृष्ण के बहुत समझाने पर ... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   5:50am 5 Nov 2019 #

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4017) कुल पोस्ट (192767)