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Blog: kuch mann ki

Blogger: Radhika
तू मेरे रूबरू हो न हो तेरी याद में बिताया वक़्त अपना सा गुजरता है तुझे महसूस करके आज भी होती हैं ऑंखें नम तेरा साया भी मुझसे लिपट के गुजरता है जो खामोशियाँ मेरे दिल की जुबाँ बन गई आज भी मन उन गूँजों के दरमियाँ गुजरता है कभी तन्हाई में सोच सको तो सोच ल... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   5:13am 2 Jul 2014 #
Blogger: Radhika
प्यार का एक अजूबा अहसासजिसकी मौजूदगी       बढ़ा देती है प्यासएक दू सरे के लिए होता है       मंज़र बारिश काबूँदें जो रूह को        छू जाती हैंमन भीग सा जाता हैछटपटाती आँहें जी लेती हैं                     जी भर करमिलने की ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   8:23am 1 Jul 2014 #
Blogger: Radhika
इक रोज़इक रोज़ हमने ये सोचा      आज किसी को हँसाएथोड़ी सी खुशियां लाकर          किसी की मुस्कान बनाएँनिकले जो  देखा था सामने ,                 एक बच्चा था खड़ा हमने पूछा उससे           क्यों राह पे है पड़ा ?वो बोला दीदी हम तो ,            इस फूटपा... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   6:22pm 19 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
मेरा अपनाइक टूटे किनारे की तरह -                 जिसके पास है सब कुछ                   हरियाली , ज़मीन और पानी का बहाव                   पर सब बेजान , नितांत निर्जनमैं बैठी उदास।न हंसने की तमन्ना , न रोने की चाहतन खोने का ग़म , न पाने की ख़ुशीकहीं दूर अकेली... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   9:15am 17 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
किसी रोज़लफ्ज़ की देके शकलन बदल दोस्त उन जज़्बातों कोवो तो सीने से निकल कर          सीने में उतर जाते हैंपढ़ के तो देख तू मेरे अल्फ़ाज़ों कोये तो वो शेर हैं जो दिल में उतर जाते हैंबात होती अगर उन आंसूओं की ही तोहम छिपा लेते उन्हें दिल के किसी कोने मेंबात तो ग़म की है जो स... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   8:47am 17 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
चाहत उन भीगे अक्षरों से            उन सूखे आंसूओं सेउस मन की व्याकुलता को             उतारने की चाहतह्रदय की उस व्यथा को                 है बांटने की चाहतकहूँ क्या , कि शब्द अपरिपक्वमगर मेरा प्रेम संपूर्ण,         समर्पित                &nb... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   8:40am 17 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
तुम जिंदगी का हर पल वीरान हैबस एक तेरा साथ हैजो हंसाता हैबस एक तेरा मौन हैजो रुलाता हैमेरी भावनाओं के ये दो छोरबस तेरे ही दम से हैंवर्ना तो ज़िन्दगी का हर पलनश्तर चुभाता हैतू बोले तो सरगम सी बजती हैतू चुप हो तो आंधी सी चलती हैतू क्या है जो मुझमे समाया है ……ऐ मेरे हमसफ़र , ... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   8:20am 13 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
याद वो स्थिरता जो पाई थी मैंनेएक अर्से के बाद उसी धैर्य को खंडित कर अपनी स्मृति को जगा गया वो तेरी याद का झोंका मेरे मन को हिला गया वो बात जो एक याद बन चुकी थी वो प्यास जो एक आस बन चुकी थी उस ह्रदय की बुझी अग्नि को छूकर चला गया वो तेरी याद का झोंका मेरे ... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   8:13am 13 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
आस शब्दों के टूटे हुए टुकड़े समेट  कर, हम चले थे स्वरों के आकाश नीचे, भावनाओं का जहां बसाने अकेले थे अपनी राह पर ,थोड़ा ठहरने की चाह पर मगर न कोई साथ था, ना कोई अासरा पर हम बढ़ चले थे दुनिया बनाने  … तमन्नाएँ बहुत थी, चाहत असीम , अनंत पर तुम न थे साथ हमारे ह... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   8:08am 13 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
विश्वास तुझे ढूँढा दूर तक हमनेकभी रिश्तों में, कभी नातों मेंकभी प्यार में, कभी दर्द में,कभी वादों में , कभी इरादों में,कभी बूँद में, कभी बारिश में,कभी मुस्कुराहटों की साज़िश मेंतुझे ढूँढा दूर तक हमने  .......कभी प्यास में , कभी आस में,कभी दूर कहीं, कभी पास में ,कभी मन मचलत... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   8:00am 13 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
राजदुलाराछोटा सा नन्हा सा, मेरी आँखों का ताराखुशियों से भर देता मन ,मेरा राजदुलाराआज उसकी बातों से आया आँखों में पानीउल्लास  के अश्रुओं ने मेरी एक न मानीहँसते हँसते रो पडी मैं …रोते रोते हंस दीमेरी तो जीवन की कहानी उस ने पूरी कर दीसिमट गई  इक पल में जैसे जीवन की पू... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   6:02pm 12 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
अपने अपनों की इस भीड़ में अपने ही  बेगाने हैंकिस से दिल की बात कहें , सब दिल के ही अफ़साने हैंदिखते नहीं आँखों को नज़ारे जो सपनो में आयेइस हकीकत भरी दुनिया में तो , सब रिश्ते अनजाने  हैंसपने बुन कर हमने  देखा , तिनके उड़ उड़ जाते हैंउड़ते उड़ते हमने जाना हम भी तो परवा... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   5:50pm 12 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
प्रदूषण -  कारण और निवारणबढ़ती आबादी की सबसे विकट व ज्वलंत समस्या है प्रदूषण।  लोग आबाद हो रहे हैं और पर्यावरण बर्बाद।  दिन ब दिन बढ़ती जनसंख्या अपने साथ विस्तार कर रही है जल, वायु, ध्वनि व् भूमि प्रदूषण का। यहां तक की विज्ञान व सामाजिक विषयों में भी हर कक्षा , हर विद्य... Read more
clicks 386 View   Vote 0 Like   6:02pm 11 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
तुम्हारे संग कितनी दूर तक चलने की चाहत है…… तुम्हारे संगआसमाँ को छूने की चाहत है…… तुम्हारे संगबादलों के उड़नखटोले में जहां को देखने की चाहत है ……तुम्हारे संगगिरती हुई बूदों की टिपटिप कानो में भरने की चाहत है…… तुम्हारे संगइंद्रधनुष के रंगों से जीवन को सजाने की च... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   2:37pm 8 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
तुम्हारे संग कितनी दूर तक चलने की चाहत है…… तुम्हारे संगआसमाँ को छूने की चाहत है…… तुम्हारे संगबादलों के उड़नखटोले में जहां को देखने की चाहत है ……तुम्हारे संगगिरती हुई बूदों की टिपटिप कानो में भरने की चाहत है…… तुम्हारे संगइंद्रधनुष के रंगों से जीवन को सजाने की च... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   2:37pm 8 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
ऐसे ही ( Local Trains में भागते मनुष्य रुपी मशीनो के लिए )ना धूप रहती है ना साया रहता हैजिंदगी हर पल बढ़ती जाती हैमन कसमसाया रहता हैकाफिला हौसलों का               कभी बुलंद                     तो कभी पानीसफ़र की दौड़ में ज़र्रा ज़र्रा सकपकाया  रहता हैरौशनी खुद ... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   2:27pm 8 Apr 2014 #
Blogger: Radhika
सड़क दुर्घटनाएं-कारण और निवारण राह चलती जाती है, राहें मिलती जाती हैं          मंज़िल का पता नहीं , राही का पता नहीं........सब भागमभाग में व्यस्त हैं , व्यस्तता दिनचर्या का अहम् भाग बन गई है , स्त्री , पुरुष, बच्चे किसी के पास ठहरने के दो छण भी नहीं हैं और किसी हद तक इन्ही क... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   5:34pm 29 Mar 2014 #
Blogger: Radhika
तृष्णा इच्छाएं अनंत होती हैं , उनकी कोई सीमा नहीं होती।  ऐसी ही कुछ सोच से प्रेरित होकर जीवन की दौड़ में भाग रहा है मनुष्य।  एक स्थान से दुसरे स्थान पर सदैव गतिमान - शारीरिक व मानसिक रूप से , कहीं भी रुकने को तैयार नहीं है । भाविष्य के सुख की कल्पना में वर्त्तमा... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   9:49am 26 Mar 2014 #
Blogger: Radhika
धूप कभी तपिश की तरह तपतीकभी सर्द हवाओं में जरुरत बनती                                           ये धूपकभी थके राहगीर  की बंदिशतो कभी ठिठुरते बच्चे की ख्वाहिश                                           ये धूपकभी चमचमाती सोने के मा... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   5:07pm 17 Mar 2014 #
Blogger: Radhika
गौरैयाएक छोटी सी गौरैया आकर मुझको रोज़ हँसाती हैचेहरे की पहली  मुस्कान सी बनकरजब वो मेरे आँगन में आती हैदाना चुग कर चूँ चूँ करके वो थोडा इठलाती हैफुर्र करके फिर ,,,फिर वो उड़ती दाना लेकर जाती हैरोज़ सवेरे मुझसे उसका क्या रिश्ता हो जाता हैदाना ना रखा हो तो  क्यों, उस... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   4:52pm 17 Mar 2014 #
Blogger: Radhika
कैसे खेलूँ कान्हा संग होरीरंग कौन लगाये मोहेहौले हौले  चोरी चोरीनैनों से  बतियाँ कर ले जोअधरों में मुस्कान  हो थोरीलाल हरे नीले रंगों सेसारी कौन भिगोये मोरी        कैसे खेलूँ कान्हा संग होरीमीठी मीठी बातें बोलेऔर एकदम से बांह मरोरेभर के अपने आलिंगन मेंर... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:30pm 17 Mar 2014 #
Blogger: Radhika
ख्वाबमै अधूरा सा इक ख्वाब हूँजिसे जिन्दगी की तलाश हैजिसे रूप है मिला मगरकिन्ही खुश्बुओं की तलाश है ……कभी आँख में बंधकर रहाकभी मन से यूँ ही उतर गयाकभी इस घड़ी कभी उस घड़ीमेरा कारवाँ सूना गुजर गया ……कभी आएगा जो वक़्त मेरामै इक हकीकत बन जाऊँगागूँजता रहे जो जेहन में सबकेम... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   6:40am 10 Mar 2014 #
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