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Blog: kabhee - kabhee ~~~~ कभी - कभी

Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
उन्हें होंठों का तिल लगता बहुत प्यारा, बहुत न्याराकिसी का साँवला रंग हो तो उन्हें लगता नहीं प्यारानयन ही हैं जो आकर्षण के जालों  को स्वयं बुनते, स्वयं ही 'जय'उलझते और स्वयं बन  जाते बेचाराhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   8:40am 22 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
तीन छणिकाएँ ( 1 )उखड़ी हुयी हैं साँसे, है जकड़ा हुआ शरीर बदले हालात में 'जय'है अकड़ा हुआ ज़मीर ( 2 )कुछ ख्वाब उड़ चले हैं, साँसों के आसमां परमंज़िल कहाँ, किधर 'जय'तय है दुआ हवा पर( 3 )छेड़छाड़ और बलात्कार के मसले आँखों और ज़ेहन में ही होते हैं वरना वही कपडे और वही अंग खुद की बेटी-बहन ... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   5:50pm 21 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
पाँच प्रश्न और कक्षोन्नतिहमारे पडोसी गाँव से पंडित राम भरोसे दीक्षित बचपन में हमें प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आते थे. शाम को पाँच बजे वे आते और बाहर छप्पर के नीचे पड़े तख़्त पर बैठ कर एक हाँक लगाते : चलौ रे . और हम जहाँ भी होते अपना अपना बस्ता पाटी लेकर भागते हुए उनके पास ... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   11:48am 19 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
रुधिर जब  मुक्त होता है तो धमनी रोक  ना पाती सहज ही बह निकलते अश्रु, विरहणी रोक ना पाती भले  ही  फेंक  दो  इसको, तले  पत्थर  शिलाओं के अंकुरित  हो  गया 'जय'तो, ये धरणी रोक  ना पाती http://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   11:27am 19 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
वो  देखो  उसकी  मुट्ठी में, एक दाना भुना सा हैलंगोटी उसके तन पर  है, माथा कुछ तना सा हैभले ही काया श्यामल हो, हृदय में गंग - धारा हैन जाने क्यों फिर से 'जय', अनजाना बना सा हैhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   11:15am 19 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
जिन्होंने मुझसे सीखा था ककहरा अपने जीवन का जिन्हे हमने दिखाया था, दर्पण उनके निज-मन का समय  बीता,  दृष्टि रूठी,  हृदय  की  धड़कने बदलीं वो देखो आज आये हैं,  लिए हाथों  में  सिर 'जय'का http://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   10:06am 19 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
एक नन्हा सा पंछी बैठा था एक टहनी पर चुपचाप प्रकृति की गोद में बुन रहा था सपनों का आकाशऊपर ऊँचाई पर उड़ती चीलों को देख स्वयं से बोलाएक दिन मुझे भी स्पर्श करना है यह अनन्त आकाशअन्य रंगीले पक्षियों के साथ मैं भी कलरव करूँगासागर के असीम जल में नहाउँगा, गोते लगाऊँगाविश्व क... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   6:33am 19 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
=== मलंग ===पुष्प से सुगंध कोमन से अंतरंग कोमधुप से पराग कोमुझसे मेरी आग कोकैसे  मैं उधार दूँ ?या इन्हे ही मार दूँ !ठिठक गए हैं कदमपूर्ण सजग किन्तु मनबदल रहे हैं  रंग ढंगशशक से बना कुरंग ||1||सिंधु हो, अनंग होशुभ्र हो, बहुरंग होविकटता की छाप होया बदरंग अलाप होचाहे... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   6:13pm 18 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
हमारे   नयन   देखें   जब  तुम्हारी पलक में पानी मानता मैं स्वयं को तब, जगत का तुच्छतम प्राणीकहो तो  आग  में  कूदूँ, रहूँ  इसमें अहर्निश 'जय'हमें तो आग से बढ़कर, जला देता  है  यह  पानीअहर्निश = दिन रातhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   1:52pm 18 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
कटहल की घनी छाँव और मंजरी रसाल की मखमल सी  हरी  कोंपले पीपल विशाल की गुच्छों में लदी फलियाँ 'जय'दूर से पुकारतीं आयी है याद आज उस  इमली  की डाल की http://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   5:09pm 16 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
मदिर, मधुर, मन्द महक महुआ के फूलों कीतप्त ज्येष्ठ में  प्रकट  उन  धूल के बगूलों कीबहुत याद आते 'जय', गाँव में जब  जाता हूँममता की छाँव तले उन बचपन के झूलों कीhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   10:28am 14 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
कितने अनोखे रंग समेटे है, यह बिन मौसम की राजनीति भी ।दोषियों को दण्ड देना चाहते हैं सब, बचानी है अपनी जाति भी ।। 'जय'होhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   2:04pm 13 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
एक नदी में कुछ ऋषि पुत्रियां नग्न-अर्धनग्न अवस्था में स्नान कर रही थीं । कुछ पानी के अंदर थी और कुछ किनारे बैठी शरीर साफ कर रही थीं । तभी उन्हें पदचाप सुनाई दी । देखा तो वृद्ध पारासर ऋषि इधर ही आ रहे थे । उनके निकट आते ही बाहर बैठीं ऋषिकन्याएँ  जल के अंदर चली गईं और उनके आ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   7:01am 13 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
तिमिर मेघ बन गया है, चन्द्र सा बना है दीपधैर्य मेघजल बना है, हृदय-कम्प बरखा-गीतमन प्रचण्ड वायु सा, आस सुप्त  अग्नि  सी,'जय'अभी समक्ष है, ना कि वो बना प्रतीकhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   6:34am 11 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
बचपन का एक वाकया याद आ गया है आज ।शायद मैं कक्षा 5 में पढ़ रहा था । पिताजी की एक परचून की दुकान होती थी उन दिनों । अच्छी खासी बड़ी दुकान थी और वे दिन भर व्यस्त रहते थे ।एक दिन वे दोपहर में घर आये और स्नान - भोजन के बाद कपड़े पहने और दुकान जाने लगे । सहसा उन्हें लगा कि उनकी जेब से ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   4:31pm 9 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
जैसे कल की बात हो ...हर रात वो अम्मा के साथ लेटने की खुशी  वो भइया की पुरानी कमीज न पहन पाने की बेबसी  फटे पुराने कपड़े पहनकर वो स्कूल जाना  पिताजी के लिए खेतों में नाश्ता ले जाना  वहीं पर मिलते अद्भुत संस्कार.. जैसे कल की बात हो ...आजकल के बच्चे! जिन्हे अपना कमरा अपना बिस... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   7:00pm 4 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
अब कहाँ रह गयीं वे छतें ...अब कहाँ रह गयीं वे छतें जिनमे गर्मियों की शाम हर हाल पानी छिड़क हम पहले उसकी गर्मी हटाते और बिछाते लंबा तिरपाल उस तिरपाल पर बिछ जाते अनेकों गद्दे कुछ साफ़ सुथरे और कुछ गन्दे व भद्दे पर भरपूर नींद सभी को आती थी किसी को गर्मी कभी न सताती थी  अब कहाँ र... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   5:37pm 3 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
निर्मल जल सा मन है आपका, तन है आपका रेत सुनहरानील गगन सी असीम इच्छाएं, साथ है आपका हरित धराचलो,पवन संग चलें गगन तक, रेत कणों पर जल बरसायेंपुनः पल्लवित कुसुमित हो 'जय', धरती के होकर रह जाएँhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:23am 1 Apr 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
शब्द शब्द में अंतर होता, शब्द के हाथ न पाँवएक शब्द औषधि बन जाये, दूजा  करता घावशब्द बोलिये सोचकर, हर शब्द खीँचता ध्यानएक शब्द से मन दुःख जाए, दूजा  करता मानशब्द जो मुँह से निकले, वे फिर वापस न आएँप्रेम पगे शब्दों को बोलें,  ये सबके हृदय समाएँhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   5:57pm 30 Mar 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
कहते हो हमारे हो, दिखते  भी हमारे होमौके पे पता चलता, कि कितने हमारे होमंज़िल को चले थे हम, एक ही कश्ती से'जय'बीच मे डूबा पर, तुम तो किनारे होhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   8:21am 28 Mar 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
लोगों की अनेकों क्यों, होती हैं जुबां अब तोसाया भी न नकली हो, होता है गुमां अब तोविश्वास दिलाते थे 'जय', पलकों के इशारे सेचिल्ला के भी बोलो तो, मानेगें कहाँ अब तोhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   8:17am 28 Mar 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
कम शब्दों में "संस्कार"शब्द को परिभाषित करना बहुत ही कठिन कार्य है। "संस्कार"मूलतः संस्कृत भाषा का शब्द है। किसी अन्य भाषा में "संस्कार"शब्द के समकक्ष दूसरा शब्द है ही नहीं । इस शब्द का अनुवाद करना कठिन है ।विश्व की बहुत सी प्रमुख भाषाओं के शब्दकोषों और शब्दावलियों में&... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   3:04pm 25 Mar 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
काँटों सी जुबां, तूफां सी सदा, चेहरे पे कई  चेहरे भी हैंजो ज़ख्म यहाँ हमने खाये, 'जय'वे तो बड़े  गहरे भी हैंविषवचन साज़िशें दण्ड सभी मैं सहज ही सह लूँगा परसाहिब! ना भूलें वक्त के डण्डे, ये गूँगे हैं, बहरे भी हैं।।http://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   4:57am 21 Mar 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
धन्य ये व्यवस्थाएं, धन्य  जग  की  रीति काहम समझ रहे हैं जिन्हें, फूलों भरी  वीथिकाकाँटों भरी राह है, चलना सम्भल  सम्भल केपानी सी दीखती 'जय', ये हैं मृग - मरीचिकाhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   4:41pm 19 Mar 2018 #
Blogger: जय भारद्वाज jai bhardwaj
सिंधु ज्वार  उठ चला गगन तक, देखो किसे  बुलाने कोबाँह  पसारे निकट आ रहा, सागर  में  शशि समाने  कोतारों की गुपचुप बातें सुन, 'जय'लहरें शरम से  मुस्काईंपवन  बह चली मदिर-मदिर, पूनम  की रात  सजाने कोhttp://kadaachit.blogspot.in/ ... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   4:48am 17 Mar 2018 #

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