POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: Deepakentertain

Blogger: Deepak Kumar Mishra
मेरी आसूं की कीमत को अगर पहचान  जाती  तुमकभी मुझको रुलाने की फिर तुम जुर्रत नहीं करतीजिन  मासूम  सी  आँखों  में  हरदम प्यार  रहता हैतो  उसमे  आसुओं को लाने की हरकत नहीं  करतीमेरी   खामोशियों  को तुम  अगर पहचान जाती तोतो  दिल  में घाव करने में कभी मरहम नहीं बनतीमैंने  छोड़... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   11:48am 10 Apr 2012 #
Blogger: Deepak Kumar Mishra
मै ये कविता  अपने  किसी खास के जन्मदिन पर उसे समर्पित करता हूँ              तुम्हे  मेरी  मोहब्बत  का अगर  एहसास हो जाता              खुदा  को  शुक्रिया  कहता तुम्हे भी प्यार हो जाता              तेरे  नाजुक  लबों  पर  हस  के मेरा नाम आ जाये              तुम्हे भी है मोहब्बत मुझसे तब एहसास हो ज... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   8:25am 9 Apr 2012 #
Blogger: Deepak Kumar Mishra
दौर संकट का जब  आया  समझ में बात ये आयी जवानी  के  नशे  में  हम बहुत से  दिन गँवा बैठे वतन खतरे में है अब  जाग जाओ हिन्दोस्तां वालोंतबाही  रोक  न  पाओगे  अब  खामोश  जो बैठेसुरक्षित  खुद  नहीं  है  जो हमारी क्या करेंगे वो पेट  जिनका  सदा  खाली  हमारा  क्या भरेंगे वो खुद्दारी ज... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   1:10pm 7 Apr 2012 #
Blogger: Deepak Kumar Mishra
तेरी ममता के मंदिर का पुजारी  मै बना हूँ माँदृष्टि  ममतामयी  अपनी  बनाये सर्वदा रखनाकभी जो भूल हो मुझसे कोई जाने अनजाने मेंतो ऐसे बिषम क्षण में जुबाँ पर  वास माँ करनासोते को जगा दे जो छंद  में  ऐसी  शक्ति दोदुखों से भागते हैं जो उन्हें लादने की शक्ति दो साया अज्ञान को जो ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   5:38pm 27 Mar 2012 #
Blogger: Deepak Kumar Mishra
मै ये गीत अपने रचना धर्मिता के आदर्श डॉ पवन कुमार मिश्र के चरणों में समर्पित करता हूँ                                                      अपने में रमा ले मौला मुझे                                                     अपने    में   रमा   ले  मौला                                                     दुनिया   ने ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:00pm 13 Mar 2012 #
Blogger: Deepak Kumar Mishra
पहले हम अपने दिल से जब बात किया करते थेबनना है मुझे इंजिनियर हर बार कहा करते थेथा नहीं किनारा कोई बस चाह लिए फिरता थाकैसे  बन पाउँगा मै ये सोच सोच डरता थाजब ऐसा भय आता मन में तब अडिग रहा करते थेबनना है मुझे इंजिनियर हर बार कहा करते थेमम्मी पापा से इस पर जब बात किया करता था... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   12:55pm 15 Feb 2012 #
Blogger: Deepak Kumar Mishra
क्या कहे उनकी वफा को आज हमजिनकी नजरो मे रहा हम करते थेआज क्यू उसने बना ली दूरियाकल जो मेरे संग चला चल करते थेक्यू वो भूले है बिताये पल कल केयाद उनको क्यू नही मेरी वफाइस कदर अब जुल्म क्यू वो धा रहेकल जो खुशिया संग समेटे चलते थेमै मुहब्बत के सम्न्दर मे फसाभूलना उसको कभी ना ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   2:44pm 9 Feb 2012 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Publish Post