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Blog: मंडली

Blogger: पुंज प्रकाश
पिछले दिनों बिहार संगीत नाटक अकादमी में व्याप्त भ्रष्टाचार, अराजकता और अकलात्मक नज़रिए के प्रतिरोध स्वरुप पटना के संस्कृतिकर्मियों ने आंदोलन किया । धरना, मशाल जुलुस, नुक्कड़ नाटक, जनगीत तथा आम जनता के बीच पर्चा वितरण का कार्यक्रम चलता रहा और कला-संस्कृति से जुड़ा सरकार... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   2:54pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
देखता हूँ कि एक चौराहे पर एक कलाकार माइक पर स्थानीय भाषा में किसी लोकगीत की पैरोडी गा रहा है, उसके बगल में दो स्त्रियां कठपुतलियों को नचाने की कोशिश में लगी है, एक नाल वादक ज़मीन पर उकडू सा बैठा गीत के साथ ताल मिला रहा है और पीछे पार्टी का बड़ा सा बैनर लगा है जिसमें एक खास पा... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   2:53pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
नेमीचन्द्र जैन की पुस्तक भारतीय नाट्य परम्परा के आधार पर बनाया गया संछिप्त नोट    आदिम या पौराणिक युगों से ही किसी न किसी तरह का रंगमूलक कार्यकलाप भारतीय जीवन का एक अनिवार्य अंग रहा है । कई शताब्दियों तक वह सामान्य लोक जीवन में केवल अनुष्ठानमूलक, गीत-नृत्य, ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:51pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
गुरुशरण सिंहजन्म - सन 1929, निधन - 28 सितम्बर 2011हमारे समाज की यह कठोर, दुखद और त्रासदपूर्ण सच्चाई है कि जिन्हें हमारा आदर्श होना था उनकी स्थिति अधिकांशतः या तो दयनीय है, या हास्यास्पद या फिर उपेक्षित ! सदियों से वर्गों-वर्णों में विभाजित, रोटी-कपड़ा-मकान की जद्दोजह... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   2:50pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
भारत अपने चंद शहरों में नहीं बल्कि सात लाख गांवों में बसता है, लेकिन हम शहरवासियों का ख्याल है कि भारत शहरों में ही है और गांव का निर्माण शहरों की ज़रूरत पूरा करने के लिए हुआ है । –  गांधी.प्राकृतिक सुंदरता से लबरेज़ छत्तीसगढ़ का क़स्बा डोंगरगढ़, आज मूलतः बमलेश्वरी मंदिर ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   2:48pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
विगत दिनों मुकेश बिजौल (आवरण), रोहित रूसिय, पंकज दीक्षित के रेखाचित्रों से सुसज्जित रंगमंच पर केंद्रित पत्रिका ‘इप्टानामा’ (भारतीय जन नाट्य संघ की वेब-पत्रिका का प्रथम वार्षिकांक) का प्रकाशन हुआ. पत्रिका का सम्पादन अविनाश गुप्ता व अपर्णा के सहयोग से दिनेश चौधरी न... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:47pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
सोमवार,(7 अक्टूबर 2013), की रात करीब बारह बजे बेगुसराय (बिहार) के युवा रंगकर्मी प्रवीन कुमार गुंजन काम खत्म करने के पश्चात अपने सहकर्मी के साथ बेगुसराय रेलवे स्टेशन पर चाय पी रहे कि पुलिस की जीप आकर रुकी और पूछताछ करने लगी. हम कलाकार हैं, काम खत्म करके स्टेशन चाय पीने आए ह... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   2:44pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
“हमें हिम्मत नहीं हारनी है. काम करते रहना है और बढ़ते रहना है, लेकिन खराब नाटक नहीं करना है, खराब गाने नहीं गाना है. लगातार नई चीज़ों को, नए लोगों को रंगमंच से जोड़ना है.” – ए के हंगल.चारों ओर से छोटी-छोटी पहाड़ियों और हर पहाड़ी पर विराजमान देवी-देवताओं और गुरुओं के आश्रमों... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   2:42pm 30 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
अमितेश कुमारमध्य मई और मध्य जून के बीच राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (आगे रानावि) रंगमंडल का ग्रीष्मोत्सव होता है। रानावि के बदले निजाम के तहत यह पहला ग्रीष्मोत्सव था और लंबी छुट्टी के बाद रंगमंडल प्रमुख भी इस बार  काम पर लौटे थे। इस बार महोत्... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   2:14pm 6 Aug 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
अपूर्वानंद का यह लेख समकालीन परिस्थितियों में राजनीति और संस्कृति के रिश्ते की पड़ताल करता है. और इस बात पर चिंता भी व्यक्त करता है कि जनता के बीच में राजनीति की ठीक ठीक समझ नहीं विकसित कर पाने में राजनीतिक पार्टियों की विफ़लता का कारण संस्कृतिकर्म से उनका अलगाव और इसके... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   3:36pm 25 Jul 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
मित्रो,एकाधिक विश्वस्त सूत्रों के अनुसार संस्कृति विभाग, भारत सरकार ने रंगमंच के क्षेत्र में दिए जाने वाले सभी प्रकार के अनुदानों (प्रोडक्शन ग्रांट, इंडीविजुअल ग्रांट, सैलरी ग्रांट और बिल्डिंग ग्रांट आदि) का मामला राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय को सौंपने का निर्णय किया ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   3:20pm 25 Jul 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
नाटकों की श्रृंखला में मंडली के पाठकों के लिए पेश है रामजी यादव लिखित नाटक “फिर से चुनाव आया ।” इसे उपलब्ध कराया है रायगढ़ इप्टा की अपर्णा ने । यदि आप किसी रूप में नाटक का उपयोग करते हैं तो लेखक को ज़रूर सूचित करें । रामजी यादव से संपर्क करने के लिए यहाँ क्लिक करें । - मॉडरे... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   10:07am 20 Jul 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
दिल्ली में अच्छी पुस्तक एवं पत्र-पत्रिकाओं के लिए विक्रय-केन्द्र न के बराबर हैं। कुछ साल पहले तक मंडी हाउस स्थित श्रीराम सेंटर में वाणी प्रकाशन का एक पुस्तक केंद्र हुआ करता था, जहाँ हिंदी के श्रेष्ठ प्रकाशनों की पुस्तकों के अलावा पत्र-पत्रिकाएं और नाटकों की स्क्रिप्... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   1:49pm 5 Apr 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
हाथी का एक दृश्य दस्तावेज़ीकरण के प्रति हिंदी रंगमंच दृष्टिकोण बड़ा ही उदासीनता भरा रहता है । यह एक आम मान्यता है कि अभिनेता-निर्देशक लिखतें नहीं हैं । मंडली की कोशिश है कि इस खाई को यथासंभव कम किया जाय । पटना के युवा रंगकर्मी मो. जहांगीर ने अभी हाल ही में अपना पहला मंच ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   4:09pm 4 Apr 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
विनोद कुमार का मौलिक नाटक.विभिन प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में लगातार लेखन कर रहे विनोद कुमार मूलतः साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े हैं. समर शेष है, मिशन झारखण्ड (उपन्यास), आदिवासी संघर्ष गाथा (शोधपरक आलेख) आदि सहित कई कहानियां प्रकाशित. प्रस्तुत नाटक, नाट्यलेखन में उनका... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   4:41am 3 Apr 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
पुंज प्रकाश एक रंगमंचीय, एक साहित्यिक, एक कलात्मक अभिव्यक्ति जो अपने समय के लिए नहीं बोलती, उसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है।- दरियो फ़ो, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी।असहमति सृजन की जननी है और लोकतंत्र के मूल विचारों में से एक भी। रंगमंच, साहित्य,कला और संस्कृति क... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   2:19am 28 Mar 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
आप सबको विश्व रंगमंच दिवस की एक दिन बाद भी बधाई.... लेकिन एक बात बताइये, ये ख़ालिस बधाई-बधावे ले-देकर क्या कर लेंगे हम लोग... अब बधाइयों का ( और फेसबुक पर लाइक्स का ) अचार भी तो नहीं डाला जा सकता है न । मेरा मज़ाक़ करने का फिलहाल इरादा नहीं है । मैं जो बात कहना चाहता हूँ वो ये कि आज रं... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   2:05am 28 Mar 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
जहाँ कहीं भी मानव समाज है कला प्रदर्शन का अदम्य उत्साह स्पष्ट दिखायी देता है ।छोटे-छोटे गावों में पेड़ों की छाँव में, वैश्विक महानगरों के उच्च तकनीक से लैस मंचों पर, स्कूलों के प्रेक्षागृहों, खेतों  और मंदिरों में ; मलिन बस्तियों में, नगर चौक पर, सामुदायिक केंद्र और शहर... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   2:54pm 22 Mar 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
दिन में स्कूल जाना और पढ़ाई करना, स्कूल से लौटकर घर के ज़रुरी काम निपटाना । जैसे ही शाम हुई एक जगह इकठ्ठे होना । जिनमें से कोई घर से भाग कर बिना बताए पहुंचता, तो कोई “नाटक नौटंकी करने जा रहे हो” ये ताना सुनता । किसी से ये सवाल-जवाब किया जाता कि कुछ मिलता भी है वहां (मतलब पैसे स... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   8:20am 2 Mar 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
कला की बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम भारतेन्दु नाट्य अकादमी की हालत किसी से छुपी नहीं है. वर्तमान स्थिति यह है कि वहाँ के छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. उन्होंने सोशल साईट फेसबुक पर साड्डा हक़ नामक पेज बनाया है. इसके अनुसार : First and second year students of Bhartendu Natya Akademi ... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   5:14pm 12 Feb 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
‘राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय’ द्वारा आयोजित ‘भारत रंग महोत्सव’ (भारंगम) के ‘सोलहवें’ संस्करण की शुरुआत जहां महत्त्वपूर्ण बदलावों, ठोस योजनाओं और कुछ नया करने की इच्छा शक्ति के साथ हुई तो इससे कम से कम इतना तो स्पष्ट हो गया कि इस नाट्य प्रशिक्षण संस्थान की कार्... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   12:39pm 6 Feb 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
भारंगम के चौदहवें दिन भी स्त्री केंद्रित प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहा. इस क्रम में दो प्रस्तुति कोलकाता से ही थी. एक बांग्ला में पार्थप्रतिम देब निर्देशित नांदिकार की प्रस्तुति ‘नाचनी’ तो दूसरी रमनजीत कौर निर्देशित ‘बावरे मन के सपने’. नाचनी इस भारंगम की महाकाव... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   6:44am 3 Feb 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
अमितेश कुमार का यह आलेख रंगविमर्श ब्लॉग से साभार. अमितेश से amitesh0@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है. हमारे समय में आदिवासी जीवन या उनके परिवेश पर आया संकट नया नहीं है इसके स्रोत एतिहासिक हैं. आधुनिक समय के इस संकट का करीबी रिश्ता अंग्रेजी शासन से जुड़ता है जब उसने जंगल की सा... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   3:26am 19 Jan 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
अमितेश कुमार का यह आलेख रंगविमर्श ब्लॉग से साभार. अमितेश से amitesh0@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.जन संहार के अस्त्रों की वैश्विक होड़, वर्चस्व की आकांक्षा, जंगलों की सफाई, जंगल बनते शहर, जान, ये सब ऐसे प्रश्न है जो  दिन प्रति दिन सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रहे हैं. अधिकांश जीवन ... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   8:51am 18 Jan 2014 #
Blogger: पुंज प्रकाश
अमितेश कुमार का यह आलेख रंगविमर्श ब्लॉग से साभार. अमितेश से amitesh0@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.सोलहवें भारंगम का उल्लेख अगर किया जायेगा तो पारम्परिक शैलियों की प्रस्तुतियों के लिये. आधुनिक प्रस्तुतियां एक के बाद एक मंच पर दम तोड़ दे रही है. साधारण प्रस्तुतियां दर्शकों... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   8:45am 18 Jan 2014 #


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