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Blog: मेरा सरोकार

Blogger: रेखा श्रीवास्तव
         आज मुझे अपने ब्लॉग को शुरु किये हुए आठ वर्ष हो गये । बहुत कुछ सीखा और अपने पाँच ब्लॉग बनाये हैं , अलग अलग उद्देश्य से । ईमानदारी से कहूँगी कि कुछ वर्षों तक तो उनके साथ न्याय कर पायी फिर कुछ  अन्य कार्यों में व्यस्तता और सामाजिक सरोकार में वृद्धि से समय कम दे ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   9:14am 21 Sep 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
   जीवन के तमाम पर्वों में एक जन्माष्टमी सबसे ज्यादा उत्साह से मनाते थे । इसका कारण यह था कि इसकी झाँकी सजाने का सारा दारोमदार बच्चों पर ही होता था । हर घर में तब झाँकी सजाई जाती थी . थोड़ी तैयारी करके सहेली के घर जाकर देख आते और नये आइडिया लेकर आ जाते ।       रक्षा बं... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   5:41pm 25 Aug 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
आश्रम या गृह- समाज सेवा का प्रतीक माने जाते हैं  जैसे -- सरकारी नारी कल्याण केंद्र , वृद्धाश्रम , बाल सुधार केंद्र या बालिका सुधार गृह , अनाथालय , संवासिनी गृह और बाल संरक्षण गृह का नाम सुनकर ये ही लगता है।  लेकिन इनको चलाने वाले एनजीओ में होने वाली गतिविधियों से यही सम... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   11:23am 25 Aug 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                        आज डॉक्टर्स डे है और वाकई डॉक्टर्स जो भगवान का रूप है इसी दुनियां में हैं।  उनका एक ही धर्म होता है और वह है मानव सेवा।  कभी कभी तो वह अपने पास से पैसे भी देकर सेवा कर जाते हैं।  आज का दिन वाकई ऐसे ही लोगों के लिए नमन ... Read more
clicks 437 View   Vote 0 Like   7:40am 1 Jul 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
      इधर विभिन्न स्रोतों से देख रही हूँ  कि कई बार बच्चियों की  तस्वीरें फेसबुक ,  व्हाट्स ऐप और अन्य सोशल मीडिया पर दिखलाई दे रही हैं और आज कल कुछ ज्यादा नजर आने लगी हैं। कभी तो ये विचार आकर सोचने पर मजबूर कर देता है कि वास्तव में ऐसा हो रहा है तो क्यों हो रहा ह... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   11:01am 5 Jun 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                      शिक्षा मानव जीवन की ऐसी नींव डालता है , जो उसके मनो-मष्तिष्क में गहरे पैठ जाती है और इसके कारण ही बच्चों के जीवन में संस्कार या फिर अपने समाज , देश और परिवार के प्रति एक अवधारणा बन जाती है।  चाहे घर हो , स्कूल हो या फिर उसका अ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   11:17am 2 Jun 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                        2 अप्रैल को विश्वऑटिज्मदिवस के नाम से जाना जा रहा है।  कभी हमने सोचा है कि हमें   विश्व ऑटिज्म दिवस की आवश्यकता क्यों पड़ी ? आज जिस गति से जीवन निरन्तर आगे बढ़ता चला जा रहा है ,वैसे ही हम रोगों की दिशा में भी प्रगति कर र... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   9:37am 2 Apr 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                     जीवन की बढ़ती  आपाधापी और दूर दूर फैले कार्यक्षेत्र में लगने वाले समय ने और खाने पीने की नयी नयी सुविधाओं ने जीवन  सहज बना दिया है लेकिन शरीर को जल्दी ही दवाओं पर निर्भर भी बनाता जा रहा है।              &nb... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   11:47am 10 Mar 2016
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
               कई बार अख़बार की खबरें सामने से गुजर जाती हैं और उन्हें कभी पूरा पूरा पढ़ने का मन भी नहीं करता है लेकिन कोई खबर आग का गोल बनकर अंदर तक खाक कर जाती है। व्यवस्था , क़ानून और न्याय सब एक मजाक लगता है। इंसान ने दिमागी असंतुलन की और जाते हुए वीभत्... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   10:02am 22 Nov 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                             लिखना तो वर्षों से चलता चला आ रहा है लेकिन ब्लॉग से मेरा परिचय जब हुआ तो वो सितम्बर २००८ से।  इसमें काम कैसे किया जाय ? ये तो मैंने अपने ऑरकुट मित्रों से सीखा क्योंकि तब फेसबुक थी नहीं और हम लंच टाइम में अप... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   2:05pm 21 Sep 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                       मेरी पाँचों बेटियां             बड़ी बेटी के नौकरी में जाते ही उससे छोटी वाली बेटी का भी एम सी ए पूरा हो गया और साथ ही उसको कैंपस से ही चुनाव भी हो गया।  उसकी नौकरी इनफ़ोसिस कंपनी में लगी।  रिश्तेदारों की नजरें चम... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   5:21pm 19 Aug 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                  लिखते लिखते कितनी यादें छूट जाती हैं लेकिन उनका तारतम्य तो कहीं न कहीं बिठाना पड़ता है।  जब मेरी छोटी बेटी हुई तो लगा लोगों पर पहाड़ टूट पड़ा।  मेरे घर में तो नहीं हुआ ऐसा। वह ६ महीने की ही थी कि मुझे आई आई टी में जॉब मिल गयी। उस समय जॉब... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   10:12am 13 Aug 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                  लोगों के इस व्यवहार से लगा मानो हमने कोई गुनाह किया है। अरे हमारी तो पहली संतान थी और लोग क्यों मातम मना रहे थे? कुछ दिनों बाद सब शान्ति रही।  अब जिठानी जी को नसीहतें मिलनी शुरू हो गयीं।--अरे तीन बेटियां हो गयीं घर में ,अब एक बेटा घर में होना ही चाह... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   7:47am 6 Aug 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                            बेटियों होना माँ बाप के लिए कम और लोगों के लिए बोझ दिखना सिर्फ आज से नहीं बल्कि सदियों से चला आ रहा है और उन सदियों की स्थिति को हम इतिहास में पढ़ते आ रहे हैं।  दशकों से तो हम खुद ही इसको महसूस करते आ रहे हैं ल... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   11:16am 21 Jul 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                          वर्षों पहले जब हमारी माँ ने अपने बच्चों को जन्म दिया था , तब की काल , परिस्थितियाँ और शिक्षा का परिदृश्य कुछ और था। लेकिन रोज रोज सामने आने वाली स्थितियाँ और घटनाएँ हमें फिर सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि क्या हम वाक... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   8:17am 4 Jul 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                              वैसे माँ पापा क्या किसी एक दिन ही याद किये जाते हैं लेकिन हाँ इस बहाने अपने जनक से सबको रूबरू करा सकते हैं। हमारा अस्तित्व रहने तक तो हम उन्हें यादों में किताबों में और अपनी कलम से कुछ लिख कर उन्हें उस रू... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   6:20am 21 Jun 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                      मैगी का हंगामा एक तूफान की तरह उठा और इतने वेग से कि उसमें उसके ब्रांड एम्बेसडर भी हिल गए। जबकि जहाँ तक मेरा ज्ञान है की किसी भी  उत्पाद की गुणवत्ता कंपनी ही बताती है और आम आदमी उस प्रतिनिधि के प्रभावशाली प्रस्तुति और व्यक्तित्व से सबसे अ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   12:02pm 16 Jun 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                                           पंचायती राज का सपना जिस रूप में दशकों पूर्व देखा गया था , मुझे नहीं लगता कि वह साकार हो सका है। जिस रूप में उसको परिभाषित किया गया था वह अपने अस्तित्व को खो चुका  है क्योंकि ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   8:34am 2 Jun 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
मैं और मेरी माँ ( पिछला मदर्स डे )                      माँ  पहला शब्द होता है जो बच्चा बोलता है और जिसका पहला अहसास बच्चा करता है  वो माँ ही होती है। वह सिर्फ एक होती है और वह सब कुछ देती है जो इस दुनियाँ में कोई नहीं दे सकता है। वह होता है, जीव को उ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   10:41am 11 May 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                                             कुछ दिन पहले हमने पढ़ा था कि एक लडके ने अपनी आत्महत्या का लाइव वीडियो अपनी गर्ल फ्रेंड को भेजा और खुद फाँसी पर लटक गया। ये अपनी निजी जिंदगी का ही नहीं बल्कि औरों की नजर म... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   10:27am 8 May 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                आज का दिन  कितने नाम से पुकारा जाता है ? मई दिवस , मजदूर दिवस और महाराष्ट्र दिवस।  अगर विश्व के दृष्टिकोण  देखें तो मजदूर दिवस ही कहा जाएगा।  हम कितने उदार हैं ? हमारा दिल भी इतना बड़ा है कि हमने पूरा का पूरा दिन उन लोगों के नाम कर... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   10:24am 1 May 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
          अक्षय तृतीया हम बचपन में तभी जानते थे जब माँ लोग कहती थीं ये बिना पूछी शादी की साइत होती है और कुछ दान पुण्य के काम किये जाते थे। सबसे बड़ा काम हम गुड़ियों का ब्याह रचाते थे।                                   ... Read more
clicks 343 View   Vote 0 Like   11:41am 21 Apr 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                                हम जीवन में बहुत सारे काम ऐसे करते हैं जो सिर्फ हमारे मन की संतुष्टि के लिए होते हैं लेकिन कुछ काम अपने कामों की नुमाइश के लिए भी लोग करते हैं।  चारों तरफ चर्चा हो , लोग तारीफों के पुल बांधें लेकिन इ... Read more
clicks 200 View   Vote 0 Like   2:37pm 8 Jan 2015
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                                 मैं इस बात को स्वीकार करती हूँ कि मुझे टीवी पर सावधान इण्डिया , क्राइम पेट्रोल और पुलिस फाइल से आने वाले सच्ची घटनाओं पर आधारित सीरियल देखने में रूचि है और इसके लिए मैं अपने  से जुड़े लोगों  की तमा... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   3:06pm 29 Nov 2014
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
         क्या यकीन करेंगे हमारी  सरकार द्वारा आवंटित राशन की दुकानें।  इसकी वास्तविकता सब जानते हैं उन्हें जितना भी सामान मिलता है उसमें सिर्फ BPL  राशन कार्ड रखने वाले ही सामान लेते हैं।  आप पूछेंगे कि मैं इतने विश्वास से कैसे कह सकती हूँ ? एक राशन की ... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   10:20am 27 Nov 2014


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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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