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वर्धमान

मानव तन असंख्य कोशिकाओं से बना है। हर कोशिका अपने आप में एक जीवित इकाई है। यह शरीर  अनगिणत सूक्ष्म शरीर (कोशिकाओं) का मानो एक सुव्यवस्थित समाज है। हर कोशिका अपना काम निरंतर करती रहती है, बगैर इस शरीर के बोध के।यह शरीर चेतन है, यह चेतना हमें "अहं"का बोध देती है। मगर इस "अहं...
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rakesh ravi
Tag :ईश्वर
  February 14, 2017, 4:01 am
हमारे परिवार की छोटी सी लंबी कहानी है।हमारी सबसे पुरानी स्मृति वेद की ऋचाएँ हैं, फिर रामायण- महाभारत के मिथकों की गलियों से गुजरते हम एक लंबी नींद में सो जाते हैं। अब जो याद है वह ४-५ पीढी़ से ज्यादा पुरानी नहीं है। भारत के पूर्वी प्रदेश बिहार में गंगा नदी के उत्तरी तट पर...
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rakesh ravi
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  November 5, 2016, 3:18 pm
भारत के इतिहास का अध्यन मेरे मन को दुखी कर देता है. इसमें, कदम कदम  पर पराजय और मौकों को गवाने की कहानी है. बार .बार वे लोग हार जाते हैं जो इस जमीन और यहाँ की संस्कृति का प्रतिनिधित्व  कर रहे होते हैं. सिन्धु घाटी की सभ्यता का लोप शायद बाहर से आये आक्रामक आर्यों के आक्रम...
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rakesh ravi
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  February 13, 2016, 11:25 pm
नव वर्ष की शुभकामनाएँ!साल २०१५ बीत चुका है और हम सभी नए वर्ष की ओर एक नई आशा के साथ बढ़ चले हैं। मैं लंबे समय के बाद वर्धमान के माध्यम से आपसे मुखातिब हूँ। आशा करता हूँ कि नये साल में यह सिलसिला पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर और नियमित होगा।ब्लॉग के माध्यम से बहुत से ऐसे शख...
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rakesh ravi
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  January 2, 2016, 1:53 pm
ऑक्सफ़ोर्ड और कैंब्रिज ब्रिटेन ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शिक्षा के प्रमुख केन्द्रों में से एक हैं.   मुझे याद नहीं है कि  कैसे मैंने पहली बार जाना था की ऑक्सफ़ोर्ड स्थित OCHS  के बारे मे।  यह है- ऑक्सफ़ोर्ड सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज।यह ऑक्सफ़ोर्ड से जुड़े कई श...
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rakesh ravi
Tag :hindu
  July 13, 2014, 12:02 pm
साल से ऊपर हो गया जब हम पूर्वी लन्दन के ईस्ट हैम से घर बदल कर बार्किंग आ गए थे।  अगर मैं कहूँ कि साल भर  से जयादा हो गया है और मैं  किसी नाई की दुकान पर नहीं गया तो आप हैरान होंगे  और यह भी सोच सकते हैं कि मैं सिख/ सरदार जी   तो न हो गया। बार्किंग में नया ठिकाना बा...
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rakesh ravi
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  January 28, 2014, 4:28 am
आधुनिकता को परिभाषित कर पाना सरल नहीं है।  आम तौर पर पाश्चात्य संस्कृति का अनुकरण आधुनिकता का पर्याय माना   जाता है। अगर मैं अपने मन में  गहरे  उतर कर इस सवाल का जवाब ढूँढने की कोशिश् करूँ  तो एक बात जो उभर कर सामने आती है वो है कि  मनुष्य जो पूर्वाग्रहों से मुक्त है वही ...
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rakesh ravi
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  June 3, 2013, 2:44 am
 इस सप्ताह  एक खास खबर है की वातावरण में  co 2 की मात्रा 4 0 0  p p m  को पार कर चुका  है. ऐसा पहले ३०  लाख वर्ष पूर्व हुआ था जब आदमी का अस्तित्व भी नहीं था। काफी समय से वैज्ञानिक हमें सावधान करते आयें हैं कि  वातावरण में कार्बन  डाइऑक्साइड  की मात्र बढती जा रही है मगर विडंबना यह है ...
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rakesh ravi
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  May 12, 2013, 2:22 pm
हमारी सरकार  ने लोक सेवा आयोग की परीक्षा से हिंदी या किसी अन्य भारतीय भाषा की अनिवार्यता को ख़त्म कर अंग्रेजी को न सिर्फ अनिवार्य करने का फैसला किया है बल्कि अंग्रेजी का ज्ञान चयन में निर्णायक होगा।आयें हम इस पर विचारें और अगर सही लगे तो जहाँ संभव हो विरोध दर्ज करें .लि...
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rakesh ravi
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  March 14, 2013, 12:46 pm
  ईसाईयों का एक सम्प्रदाय है "येहोवा विटनेस". भारत में रहते हुए मैं इससे परिचित न था। मैंने गोवा में करीब 9 वर्ष बिताये थे और  वहां की संस्कृति व् ईसाइयत को करीब से जाना था मगर  इसका पता न था। मोबोलाजी जिन्हें लोग आसानी  के लिए "बीजे" बुलाते हैं, इस सम्प्रदाय क...
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rakesh ravi
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  January 8, 2013, 4:05 am
एक लम्बे समय से मैं ने ब्लॉग पर कुछ लिखा नहीं है। पिछले एक साल में काफी कुछ बदला भी है। मेरे लिए यही  बड़ी बात  होगी  कि  मैं इस लम्बे रुके हुए क्रम को तोड़ सकूँ।और यह ब्लॉग बस इसी का प्रयास है।ख़बरों में दिल्ली में हुई दुखद दर्दनाक घटना की गूँज हर कहीं है। अलग अलग लोग अलग अल...
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rakesh ravi
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  January 1, 2013, 3:05 pm
मानव मन की कमजोरियां जिसके बारे में अक्सर हम सुनते आये हैं वो है "काम क्रोध मद मोह लोभ" आदि. कहीं संस्कृत के पाठ में पढ़ा था कि एक दोष है जिससे बचना   चाहिए   और वो है-  छिद्रान्वेषण अर्थात दोष ढूँढने की प्रवृत्ति .फिर न जाने कब मन में कब यह बात बैठ गई कि दुनिया को या अपने ...
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rakesh ravi
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  March 23, 2012, 3:58 am
हर कोई अपनी जंग लड़ रहा है. इसमें साथी की भी खोज होती है, और दुश्मन भी पहचाने जाते हैं. भय और शक से धुंध हुई दृष्टि दोस्त और दुश्मन को पहचानने में भूल करती है. फिर पश्चाताप होता है हम अपनी पहचान खोज रहे होते हैं और अक्सर इस खोज में - कुछ अपना बनाने के क्रम में काफी कुछ गवां दे...
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rakesh ravi
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  March 7, 2012, 1:55 am
आज कोई अंग विशेष से सम्बंधित न हो कर ऐसे शब्दों से शुरू कर रहा हूँ जो शरीर की मौलिक संरचना को समझने के लिए आवश्यक हैं:कोशिका (सेल- cell): जैसे दीवार ईंटो  से बनी  होती  है शरीर कोशिकाओं से. कोशिका सबसे सूक्ष्म इकाई है जो जीवित होती है- जैसे अणु किसी भी पदार्थ का सूक्ष्मतम कण होत...
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rakesh ravi
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  March 3, 2012, 12:05 pm
अभिवादन!अपनी जुबान में आप सबों से "वर्धमान" के जरिये रूबरू तो होता रहा हूँ मगर हिंदी ब्लॉग जगत में शामिल होने का एक जो उद्देश्य था कि अपनी भाषा में शरीर और स्वस्थ्य के उपर कुछ लिखूं.थोड़ा प्रयास किया भी मगर अधूरा और असंतुष्ट ही रहा.अब इस नए ब्लॉग "हमारा शरीर : हमारी भाषा" क...
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rakesh ravi
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  March 3, 2012, 3:56 am
कई खुले ख्याल दिमाग में आते और जाते हैं. जैसे- उग आये कई छोटे पौधे - इनकी देख भाल चिंतन की सिंचाई से मैं नहीं करता हूँ और कोई पकी फसल तैयार नहीं हो पाती है.ये अध् पके ख्याल मस्तिष्क के नभ पर शरद के मेघ की तरह मंडराते तो  है मगर घनीभूत हो बरस नहीं पाते.इन अध् पके ख्यालों से भी ए...
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rakesh ravi
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  February 14, 2012, 10:41 pm
तुलसी दास कृत रामचरितमानस कई मायनों  में एक मापदंड कृति है.साहित्य की दृष्टि से  हिंदी की सिरमौर कृति है, धार्मिक ग्रन्थ के रूप में तकरीबन  हर हिन्दीभाषी के घर में इसकी उपस्थिति है और सच्चे मायने में एक लोक ग्रन्थ है जिसका उद्धरण गाँव के अनपढ़ भी अनायास देते मिल जायेंग...
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rakesh ravi
Tag :ramcharitmanas
  February 7, 2012, 4:58 am
मुझे संगीत का ज्ञान नहीं है . कोरा हूँ, निरक्षर.बचपन में रेडियो पर सुनकर लगता था की "क्या ये भी संगीत है?" फिर जैसे जैसे बड़े हुए तो थोड़ी रूचि हने लगी. जो प्रसिद्द नाम थे उनके संगीत सुनने की इच्छा होने लगी. दूरदर्शन पर आये 'मिले सुर मेरा  तुम्हारा' ने इन कलाकारों के दर...
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rakesh ravi
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  January 17, 2012, 4:51 am
रात खूब ठण्ड थी। बाहर एक टब में रखा पानी जम गया है अपनी सतह पर। रात करवटों में बीती, शायद कुछ ही घंटे सो पाया । दर्द में करवटें बदलता रहा। सुबह जल्दी ही फिर जाग गया सबसे पहले। दैनिक क्रिया से निवृत्त हो नहा कर छोटी सी पूजा की - आज मकर संक्रांति है। मंदिर जाना चाहता था पर विव...
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rakesh ravi
Tag :मकर संक्रांति लन्दन
  January 15, 2012, 9:07 pm
तकरीबन ३-४ वर्ष पहले देश की आजादी की ६० वीं वर्षगाँठ पर याहू.कॉम ने एक वेब साईट के बारे में बताया था-.goodnewsindia.comमैं इस पेज पर अक्सर जाता रहा। सोचा आपमें से जो भी इसके बारे में न जानते हों उन्हें इसके बारे में बता दूं। यह चेन्नई के एक सज्जन श्रीमान श्रीधरन जी के द्वारा शुरू किय...
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rakesh ravi
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  December 28, 2011, 10:16 pm
भारतीय व्यवस्था के सन्दर्भ में आरक्षण का महत्त्व अब ज्यादा सांकेतिक ही है, और वह इस लिए कि रोजगार कि ज्यादातर संभावनाएं अब निजी क्षेत्र में है, जहाँ इन नीतियों का प्रभाव नहीं है।शायद उएही वजह है कि सरकार क़ी अल्पसंख्यक सम्बन्धी आरक्षण क़ी नई घोषणा के बाद ब्लॉग jagat में koi...
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rakesh ravi
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  December 27, 2011, 1:20 am
जो है जैसा है उसे वैसा ही रहने दें। क्यों हल्ला उल्ला मचाना। क्यों परेशां होना। सब कुछ स्नैह स्नैहस्वतः घटित होगा।जन्मे हैं, बढे हैं अब उतार है और फिर मर जायेंगे। क्या सुधारना है क्या सुधरना है। अगर कुछ अच्छा लगे तो कर लो न तो बस चलने दो। मत झगरो। कोई कुछ छीन लेना चाहता ह...
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rakesh ravi
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  December 24, 2011, 11:55 pm
२० दिसम्बरफुर्सत में हूँ तो दिल कुछ कहना चाहता है। हल्का फुल्का। फुर्सत यूं कि मैं बीमार हो गया हूँ और काम पर नहीं जा सकता। कमर और पैर में दर्द है - sciatica, कोई बुखार नहीं।christams का माहौल है। परंपरा है सेक्रेटरी और trainee doctors को तोहफा देने की। खुद तो बाज़ार जाने की हालत में नहीं हूँ म...
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rakesh ravi
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  December 20, 2011, 8:55 pm
हमारे शरीर में अलग अलग तंत्र हैं जो एक दुसरे पर निर्भर हैं और कुछ हद तक स्वायत्त भी। आज हम त्वचा के विषय में बात करते हैं.शरीर त्वचा से ढका है। त्वचा शरीर का एक सबसे बड़ा अंग है। आधुनिक आयुर्विज्ञान में इसके दो परत बताये गए हैं - epidedmis (ऊपरी परत) और dermis ( नीचली परत) और इसी से त्वच...
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rakesh ravi
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  October 1, 2011, 1:42 pm
आज मैंने उपवास रखा है। मुश्किल तो नहीं पर कई बार कुछ खाने कि तीव्र इच्छा हुई। सुबह भतीजी रिया से बातें हुई और उसने बताया कैसे हर कहीं अन्ना कि बातें हो रही है और उसे भी गुस्सा था कि मनीष तिवारी ने अन्ना के बारे में बुरा बोला। मैं थोडा हैरान था कि उसे हिंदुस्तान में घटित स...
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rakesh ravi
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  August 25, 2011, 1:15 am
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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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