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सप्तरंगी प्रेम : View Blog Posts
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सप्तरंगी प्रेम

रंग रंग राधा हुई, कान्हा हुए गुलालवृंदावन होली हुआ सखियाँ रचें धमालहोली राधा श्याम की और न होली कोयजो मन रांचे श्याम रंग, रंग चढ़े ना कोयनंदग्राम की भीड़ में गुमे नंद के लालसारी माया एक है क्या मोहन क्या ग्वालआसमान टेसू हुआ धरती सब पुखराजमन सारा केसर हुआ तन सारा ऋतुरा...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :
  March 23, 2016, 5:16 pm
तुम मिले तो जिंदगी में रंग भर गए। तुम मिले तो जिंदगी के संग हो लिए। प्यार का भी भला कोई दिन होता है। इसे समझने में तो जिंदगियां गुजर गईं और प्यार आज भी बे-हिसाब है। कबीर ने यूँ ही नहीं कहा कि 'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय' . प्यार का न कोई धर्म होता है, न जाति, न उम्र, न द...
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Tag :कृष्ण कुमार यादव
  February 14, 2016, 1:33 pm
ओ प्रेम !जन्मा ही कहाँ हैअभी तू मेरे कोख से कि कैसे कहूँतुझे जन्मदिन मुबारकदुबका पड़ा हैअब भी मेरी कोख मेंसहमा-सहमा सा कि कैसे चूमूँमाथा तेराचूस रहा हैअब भी आँवल सेकतरा कतरालहू मेराकि कैसे पोषूँधवल सेनहीं जन्मना हैतुझे इसकलयुगी दुनिया मेंले चले मुझे कोई ब्रह्माण्ड ...
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Tag :संगीता सेठी
  December 24, 2015, 8:10 pm
ये दुनिया हमारी सुहानी न होती,कहानी ये अपनी कहानी न होती ।ज़मीं चाँद -तारे सुहाने न होते,जो प्रिय तुम न होते,अगर तुम न होते।न ये प्यार होता,ये इकरार होता,न साजन की गलियाँ,न सुखसार होता।ये रस्में न क़समें,कहानी न होतीं,ज़माने की सारी रवानी न होती ।हमारी सफलता की सारी कहानी,...
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Tag :डा. श्याम गुप्त
  December 24, 2015, 7:54 pm
मेरे गीतों में आकर के तुम क्या बसे,गीत का स्वर मधुर माधुरी हो गया।अक्षर अक्षर सरस आम्रमंजरि हुआ,शब्द मधु की भरी गागरी हो गया।तुम जो ख्यालों में आकर समाने लगे,गीत मेरे कमल दल से खिलने लगे।मन के भावों में तुमने जो नर्तन किया,गीत ब्रज की भगति- बावरी हो गया। ...मेरे गीतों में ....
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Tag :जीवन-वृत्त
  November 19, 2015, 3:25 pm
'सप्तरंगी प्रेम'ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती सुभाष प्रसाद गुप्ता की  कविताएं. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...जब से मैं रंगा हूँ तेरे प्रेम रंग में रंग रसिया,मेरा तन मन सब  इंद्रधनुषी होने  लगा हैIजब से मिला है धरकन तेरे सुर में प्रेम पिया,मध...
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Tag :जीवन-वृत्त
  June 13, 2015, 10:53 pm
ज़बां लफ्ज़े मुहब्बत हैदिलों में पर अदावत है ।न कोई रूठना मनानायही तुम से शिकायत है ।कि बस रोज़ी कमाते सबनहीं कोई हिकायत है ।मुहब्बत ही तो जन्नत हैअदावत दिन क़यामत है ।पढ़ो तुम बन्द आँखों सेलिखी दिल पे इबारत है ।ग़रीबों से जो हमदर्दी यही सच्ची इबादत़ है ।कभी यों ग़...
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Tag :डा सुधेश
  April 20, 2014, 9:10 pm
तुम अकेले रह गए तो भोर का तारा बनूं मै।मै अकेला रह गया तो रात बनकर पास आना।तुम कलम की नोक से उतरे हो अक्षर की तरह।मै समय के मोड़ पर बिखरा हूँ प्रस्तर की तरह।तुम अकेले बैठकर बिखरी हुई प्रस्तर शिला पर,सांध्य का संगीत कोई मौन स्वर में गुनगुनाना।एक परिचय था पिघलकर घुल गया है ...
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Tag :रविनंदन सिंह
  April 16, 2014, 4:43 pm
'सप्तरंगी प्रेम'ब्लॉग पर  आज  'वेलेंटाइन डे'पर  प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती लीला तिवानी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेम मन की आशा है, करता दूर निराशा है, चन्द शब्दों में कहें तो, प्रेम जीवन की परिभाषा है. प्रेम से ही सुमन महक...
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Tag :लीला तिवानी
  February 14, 2014, 12:01 pm
फिर वसंत की आत्मा आई,मिटे प्रतीक्षा के दुर्वह क्षण,अभिवादन करता भू का मन !दीप्त दिशाओं के वातायन,प्रीति सांस-सा मलय समीरण,चंचल नील, नवल भू यौवन,फिर वसंत की आत्मा आई,आम्र मौर में गूंथ स्वर्ण कण,किंशुक को कर ज्वाल वसन तन !देख चुका मन कितने पतझर,ग्रीष्म शरद, हिम पावस सुंदर,ऋत...
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Tag :सुमित्रानंदन पंत
  February 4, 2014, 7:32 am
डायरी के पुराने पन्नों को पलटिये तो बहुत कुछ सामने आकर घूमने लगता है. ऐसे ही इलाहाबाद विश्विद्यालय में अध्ययन के दौरान प्यार को लेकर एक कविता लिखी थी. आज आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूँ- दो अजनबी निगाहों का मिलना मन ही मन में गुलों का खिलना हाँ, यही प्यार है............ !! आँखों ने आप...
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Tag :कृष्ण कुमार यादव
  November 3, 2013, 1:15 pm
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती  अरविंद भटनागर ' शेखर'  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सपने, तान्याएक दम छोटे से बच्चे जैसे होते हैं/अपने मे खोए से / जाने क्या सोचते रहते हैं/फिर हौल...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :अरविंद भटनागर ' शेखर'
  October 1, 2013, 8:33 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती कृष्ण शलभ जी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... शीतल पवन, गंधित भुवनआनन्द का वातावरणसब कुछ यहाँ बस तुम नहींहै चाहता बस मन तुम्हेंशतदल खिले भौंरे जगेमकरन्द फूलों से भरेहर फूल पर तितली झ...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :कृष्ण शलभ
  September 25, 2013, 8:00 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती लीला तिवानी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेम मन की आशा है, करता दूर निराशा है, चन्द शब्दों में कहें तो, प्रेम जीवन की परिभाषा है. प्रेम से ही सुमन महकते हैं, प्रेम से ही पक...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :कवितायेँ
  September 15, 2013, 8:00 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती  उदयभानु ‘हंस’ जी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... तू चाहे चंचलता कह ले,तू चाहे दुर्बलता कह ले,दिल ने ज्यों ही मजबूर किया, मैं तुझसे प्रीत लगा बैठा।यह प्यार दिए का तेल नहीं,दो चा...
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Tag :कवितायेँ
  September 14, 2013, 8:00 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती फाल्गुनी की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... इन फूलों का नाम मैं नहीं जानती, जानती हूं उस वसंत को जो इन फूलों के साथ मेरे कमरे में आया है .... चाहती हूं तुमसे रूठ जाऊं कई दिनों तक नजर न...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :फाल्गुनी
  September 13, 2013, 8:00 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर 'धरोहर' के अंतर्गत आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ जी का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... कितनी बार तुम्हें देखा पर आँखें नहीं भरीं। सीमित उर में चिर-असीम सौंदर्य समा न सका बीन-मुग्ध बेसुध-कुरंग म...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :धरोहर
  September 12, 2013, 1:00 pm
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती  अरविंद भटनागर ' शेखर'  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... चाँद झाँकाबादलों की ओट से ,चाँदनी चुपके से आखिड़की के रस्ते,बिछ गई बिस्तर पे मेरेऔर हवा  का ए...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :अरविंद भटनागर ' शेखर'
  September 11, 2013, 10:30 pm
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर 'धरोहर' के अंतर्गत आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता सोम ठाकुर जी का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...लौट आओ, माँग के सिंदूर की सौगंध तुमको नयन का सावननिमंत्रण दे रहा है, लौट आओ, आज पहिले प्यार की सौगन्ध तुमको प्रीत का बचपननिमंत्रण ...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :धरोहर
  March 4, 2013, 8:31 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता  जय कृष्ण राय 'तुषार' का एक प्रेम-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... यह भी क्षण कितना सुन्दर है मैं तुझमें तू कहीं खो गयी |इन्द्रधनुष की आभा से ही प्यासी धरती हरी हो गयी |जीवन बहती नदी नाव तुम ,हम लह...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :गीत
  February 26, 2013, 4:27 pm
 हल्दू हल्दू बसंत का मौसमशीतल हवा कभी गर्म है मौसमरक्तिम रक्तिम फूले प्लाससखी तू क्यों है उदास?सज़ल नेत्र क्यों खड़ी हुई है ?दुखियारी सी बनी हुई हैक्यों छोड़ रही गहरी श्वाससखी तू क्यों भई उदास?केश तुम्हारे खुले हुए हैंबादल जैसे मचल रहे हैंबसंत मे सावन कि आससखी तू क्य...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :डॉ अ कीर्तिवर्धन
  February 10, 2013, 8:59 am
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता राकेश श्रीवास्तवका एक प्रेम-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...  काश हम अजनबी तेरे लिए होते इजहारे मोहब्बत , सरेआम किये होते काश तुम ......जब से ये जाना मोहब्बत का नाम मोहब्बत को दे दिया तेरा ही ...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :गीत
  October 31, 2012, 4:00 pm
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती अवनीश कुमार की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...  तुम- गुलाबी होजैसे नवजात की नज़र तुम- हरी हो जैसे नवेली वसंत की ऊष्मा तुम- नीली होजैसे बड़े परदे की बड़ी सी फिल्म तुम- उजली होजैसे हर रोज़ धुल...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :कवितायेँ
  October 28, 2012, 4:30 pm
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता प्रदीप सिंह चम्याल 'चातक' का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेमिका:.तुझसे लागी प्रीत साजना,तुझसे लागे मेरे नैन.बैर हो गयी दुनिया सारी,बैर हो गये ये दिन-रैन..मैन मन हारी,मैन तन हारी,तुझ पर ओ रे मे...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :गीत
  October 25, 2012, 3:54 pm
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर 'धरोहर' के तहत आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता स्वर्गीय गोपालसिंह नेपाली जी का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...  दिल चुरा कर न हमको बुलाया करो गुनगुना कर न गम को सुलाया करो, दो दिलों के मिलन का यहाँ है चलन खुद न आया करो तो बुलाया क...
सप्तरंगी प्रेम...
Tag :धरोहर
  October 22, 2012, 10:28 am
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