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palash "पलाश"

उम्र तो बस उम्र होती हैजितनी भी हो पूरी होती है चाहे कह लो इसे अच्छी बुरीचाहे समझो इसे छोटी बडीइसमें जिन्दगी की उमीद होती हैउम्र तो बस उम्र होती है.......................कोई काटता है कोई गुजारता है कोई जीता है कोई संवारता हैसप्तसुरों से सजी संगीत होती हैउम्र तो बस उम्र होती है....................
palash "पलाश"...
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  August 22, 2017, 11:10 pm
जिन्दगी हम कभी, थे तुम्हारे लियेआज कुछ भी नही, हम तुम्हारे लियेअब गिला क्या करे, कुछ भी कैसे कहेजब रहे कुछ नही, हम तुम्हारे लियेवो नसीबों से मिलना, हमारा तेरावो मुकददर की रातें, अब है कहाँसारे अल्फाज दिल, में रुके रह गयेसुनने कहने के हालात, अब हैं कहाँतेरी दुनिया से हम, नि...
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  August 13, 2017, 1:20 am
उस समय लोग बुद्ध को भगवान समझने लगे थे, लोग उनकी बातों को सुनते और उनके कहे अनुसार आचरण करते थे। एक गाँव में एक लकडहारा बुद्ध से ईर्ष्या रखता था, सभी से उनकी बुराई करता, और कहता सब उनकी पूजा करते हैं इसलिये वो शान्त रहते हैं मै जब चाँहू उनसे लडाई कर सकता हूँ उनको क्रोध दिला...
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  August 11, 2017, 12:03 pm
अल्बर्ट स्मिथ, अमेरिका की एक जानी मानी यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के प्रोफेसर थे। एक बार अपनी क्लास में वह सत्य, ज्ञान और धर्म पर अपना व्याख्यान दे रहे थे। अचानक उन्हे रोकते हुये उनके एक विघार्थी ने कहा- सर आप जो भी कह रहे हैं उसमें भाव नही आ रहा, ऐसा लग रहा है जैसे आप सि...
palash "पलाश"...
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  August 1, 2017, 4:23 pm
एक बहुत बडे वैज्ञानिक थे। एक बार उन्होने पागलो पर शोध करने का निश्चय किया। वो नियम से तीन चार घंटे एक पागलखाने जाते और चुपचाप पागलों के व्यवहार को गौर से देखा करते।वहाँ उन्होने गौर किया कि दो पागल, जो कभी गणित और अंग्रेजी के प्रोफेसर हुआ करते थे, घंटो आपस में बात किया कर...
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  July 31, 2017, 4:48 pm
कल सुबह उठा थाकुछ अलसाया अलसाया सा।प्रतिदिन की तरहउठ चुकी थी पत्नी शायद बनाने गयी थी चाय।तभी नजर गयीउस आइने परजो इस कमरे में एक अरसे सेसोता जागता था मेरे साथ।जिसने देखा था खामोशी सेकदम रखते मुझेजवानी की दहलीज पर,जिसने भाँपे थे सबसे पहलेमुझमें हो रहे परिवर्तन,ज...
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  July 29, 2017, 7:21 pm
वो गुलाबी कागज का टुकडाजो पड गया है पीलाजैसेपड गयी है फीकी मेरी गुलाबी चमकवक्त के साथरखा है आज भी सहेज कर कुरान की आयतों के साथजिसमें अल्फाज़ नहीलिख कर दिये थे तुमनेअहसासजिसमें लिखते रहेहम तुमहर लम्हाऔर बनती गयी ज़िन्दगी एक खूबसूरत ग़ज़लसचकितना आसान हो जाता हैकुछ ...
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  July 28, 2017, 7:19 pm
क्लास में सभी बच्चे और टीचर भी यह जानते थे कि अंजली की आर्ट बहुत खराब है। एक दिन क्लास में टीचर ने सभी बच्चों से अपने मन की कोई भी ड्रांइग बनाने को कहा। अंजली भी बहुत मन से अपनी कॉपी पर ड्रांइग बनाने लगी। अंजली बहुत मन से ड्रांइग बना रही थी, उत्सुकतावश टीचर उसकी सीट तक ये द...
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  July 27, 2017, 9:46 pm
क्लास में सभी बच्चे और टीचर भी यह जानते थे कि अंजली की आर्ट बहुत खराब है। एक दिन क्लास में टीचर ने सभी बच्चों से अपने मन की कोई भी ड्रांइग बनाने को कहा। अंजली भी बहुत मन से अपनी कॉपी पर ड्रांइग बनाने लगी। अंजली बहुत मन से ड्रांइग बना रही थी, उत्सुकतावश टीचर उसकी सीट तक ये द...
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  July 27, 2017, 9:46 pm
दिनो के अर्थ भी उम्र के हिसाब से बदलते रहते हैं। याद है मुझे कभी बचपन में भी इतवार का इन्तजार करता था, अपनी युवा अवस्था में भी किया और आज जब प्रौढावस्था की तरफ बढ रहा हूँ तब भी इतवार का इन्तजार करता हूँ मगर अवस्था के साथ साथ इतवार के होने के अर्थ भी बदलते रहे। बचपन में इतवा...
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  July 25, 2017, 9:46 pm
स्त्री को भी शायद ना पता होअपने उभार और ढलान का मापमगर गिद्ध पुरुष की दॄष्टिहमेशा नापती रहती हैअंग प्रत्यगं के बीच की दूरीउसका क्षेत्रफलऔर कभी कभी आयतनकभी चौराहों परकभी कार्यस्थल परयहाँ तक की मन्दिर भी आ जाते है चपेट मेंढके मुंदे तन में भी ढूंढता रहता है कोई खिड...
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  July 23, 2017, 10:58 pm
स्त्री को भी शायद ना पता होअपने उभार और ढलान का मापमगर गिद्ध पुरुष की दॄष्टिहमेशा नापती रहती हैअंग प्रत्यगं के बीच के दूरीउसका क्षेत्रफलऔर कभी कभी आयतनकभी चौराहों परकभी कार्यस्थल परयहाँ तक की मन्दिर भी आ जाते है चपेट मेंढके मुंदे तन में भी ढूंढता रहता है कोई खिडकीजह...
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  July 23, 2017, 10:58 pm
सुनो, मेरे पीछे लापरवाही मत करनामुझे पता है तुममेरा ख्याल रख सकते होमगर खुद काबिल्कुल भी नहीहाँ आजकल भूलने बहुत लगे होयाद से आ जाना समय परवरना तुम्हारे लिये फिर सबसे झूठ बोलना पडेगाऔर सुनने पडेगें जीजियों से तानेकाम तो बस तुम्हारे ही पति करते हैअरे हाँ एक और बातरख कर ...
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  July 22, 2017, 9:42 am
हर दौर की एक शख्सियत होती हैहर दौर का एक मकाम होता हैहर दौर की इक दास्तां होती हैहर दौर में कुछ नागवांर होता हैहर दौर कुछ लेता है बीते दौर सेहर दौर कुछ नये रास्ते बनाता हैहर दौर में मोहब्बत छुप के मिलती हैहर दौर में जमाना खिलाफ होता हैहर दौर मे शमां सिसक के जलती हैहर दौर ...
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  July 21, 2017, 10:51 am
कुछ लोग, कुछ लोग कहते हैंमुझे मुल्क से मोहब्बत नहीकि मै जुबां पर हिन्दीदिल में उर्दू रखता हूँकुछ लोग, कुछ लोग कहते हैंमुझे मजहब का इल्म नही कि मै अपने घर में गीता औ कुरान रखता हूँकुछ लोग, कुछ लोग कहते हैंमुझे जीने का सऊर नहीकि मै हिन्दू मुसलमां मेंकोई फर्क नही रखता हूँक...
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  July 20, 2017, 10:02 am
जबसे घर से आयी हूँ, किसी काम में मन नही लग रहा था, पापा ने अल्टीमेटम सा दे दिया था कि इस साल के लास्ट तक शादी कर दूंगा, शादी के बाद ससुराल वाले कहे तो नौकरी करो या ना कहे तो ना करो, ये वो जाने और तुम जानो। अब हमे हमारी जिम्मेदारी से निवॄत्त होने दो। मैने कई बार कहने की कोशिश की ...
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  July 18, 2017, 11:27 pm
कल ऑफिस पहुंची तो मिसेज कौल ने बोला- इन्द्रा तुम कल जम्मू चली जाओ, एक हफ्ते की वर्कशॉप के लिये, जाना तो मुझे था लेकिन कल ही मेरे सास ससुर घर आ गये हैं और मम्मी जी का आँख का ऑपरेशन कराना है, तो मै किसी भी हालत में नही जा सकती। मेरी जगह तुम इसे अटेंड कर आओ।बहुत मन तो नही था, मगर क...
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  July 18, 2017, 12:34 am
उदास यूं बैठ जाने से कब उदासी दूर होती हैबुरा कहकर बुराई को कब बुराई दूर होती है……………………………..जलाना बन्द भी कर तो, मोमबत्तियां चौराहों परइस तरह के जुलूसो सेकब बुराई दूर होती है……………………………..मिलेगा क्या जलाने सेये पुतले रोज चौराहों पर इस तरह ही लपटों सेकब बुराई दूर होती ...
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  July 11, 2017, 1:12 pm
पिछले कुछ दिनों अपने परिवारिक मंगल कार्यो में व्यस्त होने के कारण अखबार और टीवी से दूर ही रही। कल रात मेरे एक परम मित्र ने मुझे जुनैद पर लिखने के लिये प्रेरित किया। तुरन्त ही मेरे मन में जुनैद के प्रति भाव आया कि निश्चित तौर पर जुनैद के साथ कुछ अप्रिय या अवांछनीय ही हुआ ...
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  July 10, 2017, 1:22 pm
देश का सम्मान, उसकी प्रतिष्ठा किसी भी दल या पार्टी की कूटनीतियों या आपसी मनमुटाव से परे होना चाहिये। देश का प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं ना कि किसी पार्टी का और इसी लिये हम सभी की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि यदि वह देश हित के लिये कार्य करें और उसमें सफल भी ह...
palash "पलाश"...
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  July 9, 2017, 10:55 pm
मै तो मुसाफिर हूँ, रास्ते घर हैं घर मेरामुझे बसने के लिये, दीवार नही उठानी हैमेरे दोस्त कुछ फूल भी है, कुछ कांटे भी मेरी जिन्दगी अखबार नही, बहता पानी हैरात से दिन कब हुआ है, चांद के जाने सेयहाँ अंधेरा भी, कुछ महलो की निशानी हैबहुत हो रहे हैं चर्चे, गांव में तरक्कियों के  फ...
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  June 22, 2017, 9:40 am
उडते पक्षी को देखा तो, याद मुझे भी आ गयामेरी खातिर भी है, ये नील गगन ये हरा चमनभूल बैठा था खुद को, दुनिया के इस मेले मेंजीने की राह बता गया, इक नन्हा रोता बच्चा बुरी सबसे लगती थी किस्मत अपनी मुझे सदा, हर शिकवा मिट गया जब निर्भया को याद कियाकीमत न समझी कभी, हजार, दो हजार कीवक...
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  June 15, 2017, 11:16 pm
बडा हसीं था वो एक मजंरकि कोई नजरों में बस रहा थाहमारी खातिर ही तुम बने थेये जर्रा जर्रा भी कह रहा था…………………………..बडी अनोखी सी बात है येबडा ही मुश्किल है ये फसानाकि जिससे हमने बनायी दूरीवो मेरी धडकन में बस रहा थाहमारी खातिर ही तुम बने थेये जर्रा जर्रा भी कह रहा था……………………...
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  June 1, 2017, 12:17 am
ममी रोजी ने देखो आज फिर मेरी फेवरेट डॉल तोड दी कहते हुये रीना ने किचन में अपनी गोद में रोजी को लेते हुये आयी। रीना की बातों में शिकायत कम प्यार ज्यादा था। तभी बाहर से कुछ टूटने की आवाज आयी- रीना रोजी के साथ बाहर कमरे की तरफ आयी, जहाँ घर की नौकरानी की तीन वर्षीय लडकी कजरी ने ...
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  May 20, 2017, 11:06 pm
यू एस. ए. से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक पत्र हमहिन्दुस्तानीयूएसए मे ११ मई को प्रकाशित लेख को आप सबके साथ साझा करते हुये हार्दिक प्रसन्नता का अनुभव कर रही हूँ। मेरी इस रचना को प्रकाशित करने के लिये प्रकाशन के संपादक श्री जय सिंह का हार्दिक धन्यवाद।हम हिन्दुस्तानी य...
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  May 17, 2017, 11:50 pm
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