Deprecated: mysql_connect(): The mysql extension is deprecated and will be removed in the future: use mysqli or PDO instead in /home/hamariva/public_html/config/conn.php on line 13
palash "पलाश" : View Blog Posts
Hamarivani.com

palash "पलाश"

लैपटाप पर काम करते करतेएकदिन अचानकयाद आया मुझे लिखना कागज पर बैठ गया लेकरअपना फेवरेटलेटर पैड और पेन जिसके पीले पन्ने दे रहे थे गवाहीमेरे और उसके रिश्ते की उम्र कीलिखना शुरु भी न कियाविचारों का तूफानहिलाने लगा मस्तिष्क को नाना प्रकार के ख्यालघेरने लगे मन को तभी कानो...
palash "पलाश"...
Tag :old memories
  December 14, 2017, 10:20 pm
देखा है वक्त को सावन सा बरसतेकभी बूँद बूँद आ रिसते हुयेदेखा हैवक्त को बच्चे सा भागतेकभी हांफते कदमों से रेंगते हुयेदेखा है वक्त कोनॄतकी सा थिरकतेकभी गुमसुम सुबकते हुयेदेखा है वक्त कोप्रेमी सा रूठते कभी प्रियतम सा उपहार देते हुयेदेखा है वक्त कोसाथ साथ चलतेअपन...
palash "पलाश"...
Tag :
  December 7, 2017, 9:29 pm
सुना थाबहुत बडे आदमी थे तुमफिर क्यों फर्क पढ गया तुम्हेगर मुझ जैसे छोटे से व्यक्ति नेनही किया सलाम तुम्हे झुक करक्यों रात भेज अपने चार आदमीबुलवा कर अपनी कोठीझुका कर अपने पैरोंतुम्हे बताना पडातुम वाकई में हो बहुत बडे आदमी*********************शहर में शोर हैधूमधाम हैकि जन्मदिन ह...
palash "पलाश"...
Tag :people
  December 5, 2017, 10:57 pm
नींद हल्की हल्की सी खुली थी, घडी का पहला अलार्म बजा था, अलार्म बन्द करके सो गयी सोचा आज तो इतवार है, और इतवार का तो मतलब ही है देर से उठना। अभी दुबारा ठीक से सो भी नही पायी थी कि फोन की घंटी बजी- ध्यान आया कि शायद निम्मी की ट्रेन आ गयी होगी। निम्मी मेरी बुआ जी की बडी बेटी। उसका...
palash "पलाश"...
Tag :Morning
  December 2, 2017, 12:33 pm
लकड़ी से सहारेपगडंडी के किनारे किनारे धीरे धीरे चलतेवृद्ध सेटकराता है सत्रह अठारह साल कामोबाइल पर वयस्त मार्ड्न युवकबिखर जाती है लाठी और दूसरे हाथ में मजबूती से पकडीकुछ दवाइयांलडखडा जाते है पैरयुवक हल्का सा रुकता है उतारता है रेबन के सन ग्लास कट करता है कॉलकानों से ...
palash "पलाश"...
Tag :life
  November 27, 2017, 6:54 pm
भरोसाउठनेसालगाजमानेमेंलोगोंसेजिससेभीदोबातकीवोबेअदबहोनेलगानरखसकालिहाजउम्रकायाओहदेकामददकीआडमेंवोबेशरम होनेलगानकाब ओडा तो बहुतसलीकों, तहजीबों काकरगुजारियों से अपनीबेनकाब होने लगाबहुत संभल के पेश कीउसने शख्सियत अपनीचंद पलों में उसका रंगबदरंग होने लगान...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 23, 2017, 10:58 am
वसुधा जब से स्कूल से आयी, बस रोये जा रही थी। तुलसी ने उसको चुप कराने की सारी कोशिश करके देख ली, मगर वसुधा का रोना ही नही बन्द हो रहा था। तभी तुलसी को याद आया कि वसुधा पिछले एक हफ्ते से चाकलेट की जिद कर रही थी, मगर उसकी गरीब माँ जानती थी कि एक चाकलेट के पैसों से एक वह पूरे एक हफ...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 22, 2017, 12:55 pm
कुछपन्नेजिन्दगीके, आज पलटनेहैंमुझेबीतेतन्हाकलमेंभी , तुम्हेलिखनाहैमुझेरुकूंगी उन मोडों पर, जहाँ दर्द से तडपे थेहर जख्म का मरहम, तुम्हे लिखना है मुझेकुछपन्नेजिन्दगीके, आज पलटनेहैंमुझेजवां पलों को सैर, बचपन की मै कराऊंगीसाथी अल्हडपन का, तुम्हे लिखना है मुझेकुछप...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 20, 2017, 10:53 pm
जिन्दगी, जिन्दगी तब नही बनतीजब आई आई टी या आई आई एम मेंसेलेक्शन हो जाता है जिन्दगी जिन्दगीतब भी नही बनती जब कोई आई ई एस अफसर बन जाता हैजिन्दगीजिन्दगी तो तब भी नही बनतीजब कोई देश विदेश घूम आता हैजिन्दगीफिर भी जिन्दगी नही बनतीजब कोईबेसुमार धन दौलत पाता हैजिन्दगीजिन्दग...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 17, 2017, 12:14 am
सबसे पहला सवालजो पूछते बैठते हैंकई बार घर के सदस्यया कोई रिश्तेदारअबोध से बच्चे सेकौन है तुम्हे सबसे ज्यादा प्यारातुम मम्मी को ज्यादा प्यार करते होया पापा है तुमको सबसे प्यारेकितना सरल लगता है ये प्रश्न कहने सुनने में मगर उत्तर की जटिलता काआंकलन करना ही दुष्कर हैआ...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 13, 2017, 10:54 pm
तुम्हाराएकशब्दपर्याप्तहैजगानेकोखोया आत्मविश्वासतुम्हाराएकशब्दकाफीहैखोदेनेकोसाराविश्वासतुम्हारा एक शब्दखुशियों काअन्नत भंडार तुम्हारा एक शब्द कष्ट काअन्तहीन संसार तुम्हारा एक शब्दसुरीली सरगम कासुमधुर रागतुम्हारा एक शब्दपांव में चुभीनुकीली फांस तु...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 11, 2017, 9:22 am
जीतने के लियेहारना जरूरी है जरूरी है अभिमान हारना राज्य ह्दयों पर करने कोजरूरी है हलाहल को पीनामानव से शिव होने कोराम सा बन पाने कोत्यागना जरूरी हैजीतने के लियेहारना जरूरी है चंचल मन भटकाने कोकदम कदम पर साधन हैंलक्ष्य से विमुख करने कोहर मोड पर कई बाधक हैंअटल नखत बनन...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 8, 2017, 10:12 am
जीतने के लियेहारना जरूरी है जरूरी है अभिमान हारना राज्य दिलों पर करने कोजरूरी है विषपान करनामानव से शिव होने कोराम सा हो पाने कोत्याग भावना जरूरी हैजीतने के लियेहारना जरूरी है चंचल मन भटकाने कोकदम कदम पर साधन हैंलक्ष्य से विमुख करने कोहर मोड पर कई बाधक हैंअटल नखत बन...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 8, 2017, 10:12 am

किताबेंकहने को कुछ नही कहतीमगर सिखा जाती है जिन्दगीकिताबेंजो जाती थीकभी बस्ते मेंमेरे साथ मेरे स्कूलकिताबेंजिन्हे सजाते थे कभी बासी कागज सेकभी रंगीन मरकरी ब्रेड के कवर सेऔर कभी टाइम्स इंडिया के ग्लेस्ड पेपर सेकिताबेंजिनपर लगा करकोई सुन्दर सी नेमस्लिपऔर फिर ...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 6, 2017, 11:40 pm
किताबेंकहने को कुछ नही कहतीमगर सिखा जाती है जिन्दगीकिताबेंजो जाती थीकभी बस्ते मेंमेरे साथ मेरे स्कूलकिताबेंजिन्हे सजाते थे कभी बासी कागज सेकभी रंगीन मरकरी ब्रेड के कवर सेऔर कभी टाइम्स इंडिया के ग्लेस्ड पेपर सेकिताबेंजिनपर लगा करकोई सुन्दर सी नेमस्लिपऔर फिर ...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 6, 2017, 11:40 pm
साफ सफाई कें साथ उभरती धुंधली यादें अक्सर दिवाली मेंकभी किसी कोने से आ जातीमीठी बातें अक्सर दिवाली मेंघर कें स्टोर रूम में क्या क्या कब रखा था मै भूल गयी थीपुराने बक्सों के सामानों में गुडिया की टिपरिया दबी धरी थीजी उठी जाने कितनी कहानियां जिनके पात्र थे हम लरकानी मे...
palash "पलाश"...
Tag :
  November 2, 2017, 9:29 pm
लगभग १५ साल बाद अचानक फोन पर एक चिरपरिचित आवाज सुनाई दी। आवाज जिसे किसे परिचय की जरूरत हो ही नही सकती थी। सुगन्धा, मेरी क्लास मेट, शायद मेरे लिये उसका ये पूर्ण परिचय नही, किन्तु १५ साल पहले बाकी सारे परिचय न चाहते हुये भी मिटा दिये थे। क्या सच में कुछ मिटाया जा सकता है या ह...
palash "पलाश"...
Tag :
  October 12, 2017, 7:14 pm
बेटी हूँ मैं,है मुझे अहसासपिता के मान काघर की आबरू हूँ मैंजानती हूँ फर्क बेटे और बेटी मेंसमझती हूँ चिन्ताएक पिता की मैऔर परिचित भी हूँसमाज के चरित्र सेनही दोष नही देतीकिसी को न परिवार को न प्रथाओं को मगर करती हूँ अब इन्कारउन बन्धनों सेजो नही समझतेमेरी कोमल भावनायेंज...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 26, 2017, 9:00 pm
हमसाया भाग १हमसाया भाग २गतांक से आगेसारी रात तरह तरह के खयालों सपनों में खोते मेरी रात बीती। कब मुझे नींद आयी ये मुझे भी नही पता, मगर नींद थी इतनी गहरी कि मै ये भी भूल गया कि मै घर पर नही ट्रेन में हूँ, ट्रेन पुने स्टेशन आ चुकी थी और राधिका मुझे आवाज दे रही थी।हडबडा कर मैं उ...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 13, 2017, 1:56 pm
स्पर्श जिसमें निहित है  निर्मांण की कल्पनाया विनाश का षणयंत्रबराबर मात्रा मेंस्पर्शएक ऐसा इन्टरफेसजिसमें इनपुट तो एक ही होता है मगर बदलते रहते हैं आउट्पुटकभी बन जाता है भक्ति तो कभी द्या कभी भर जाता है मनस्नेह के भाव सेकभी जग जाती है सुषुप्त प्रेम की तॄष्णाऔर ...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 11, 2017, 7:12 pm
मोहताज हों क्यूं भला किसी की पसंदगी केजीने के लिये मुझे मेरा मुरीद होना चाहियेसंवरना निखरना नहीं मेरा किसी के लियेआइने में मुझे सूरत मेरी बोलती चाहियेजीना औरो के दम मुंकिन नही मेरे लियेहौसला गिरके उठने का खुदमें मुझे चाहियेखुशियों के किले बनाये क्यों क...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 10, 2017, 12:17 pm
गतांक १ से आगे..........सच कहूं तो अभी तक ठीक से राधिका को देखा भी नही था, इस बात का पता तब चला जब ट्रेन गाँव से बीस तीस किलोमीटर दूर निकल आने पर मैने कहा- चाहो तो ये घूंघट कम या हटा सकती हो, गाँव से हम लोग बहुत दूर निकल आये हैं, दरअसल मुझे राधिका का ख्याल आने लगा हो ऐसा नही था, बल्कि ...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 9, 2017, 9:45 am
अम्मा, बाबू जी से कह दो न, मै शादी नही करना चाहता, मुझे अभी बहुत कुछ करना है, आपके लिये बहू लाने को दीपक और अनुराग हैं न, एक मेरे शादी न करने से क्या फरक पड जायेगा।मुझे नही पता था कि कब बाबू जी दफ्तर से लौट कर आ गये थे और मेरी बात सुन रहे थे, ऐनक उतार कर बोले- देखो बरखुरदार, ये शाद...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 7, 2017, 11:37 am
...
palash "पलाश"...
Tag :
  September 3, 2017, 12:05 am
जानती हूँ मै साधन सम्पन्न नहीन आपसी आवाज मेरी बात मेंकिन्तु सोचती शायद पहुंचेआप तक मेरी बात येसम्भव नही और न जरूरतकहूँ सभी से मन की बातपर जरूरी है कह ही दूँउठती हदय में जो बातहूँ बहुत छोटीउम्र में भी अनुभवों में भीकिन्तु सौ करोड मेंहूँ इक इकाई मै भीदेश को संचार तक...
palash "पलाश"...
Tag :
  August 31, 2017, 11:49 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3710) कुल पोस्ट (171503)