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पंकज के कुछ 'पंकिल शब्द'

छोड़ो गाना शब्द प्रलापी, व्यर्थ न ऐसे शीश नवाओ। हिम्मत बाँधो, वीर प्रतापी, पत्थर काटो, राह बनाओ। फुलझड़ियों  को आग लगाने से क्या होगा आज? बताओ ! साहस हो तो बम सुलगाओ, बहरों के पर्दे फाड़ गिराओ। – प्रकाश ‘पंकज’* संगर्भ: शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव...
पंकज के कुछ 'पंकिल शब्द'...
Tag :prakash pankaj
  February 6, 2012, 12:20 am
पाँव-फफोले देख-देख तू क्यों सकुचाए अधीर, आगे बढ़ कर देख मिलेगा - इस मरुथल का तीर।    – प्रकाश ‘पंकज’...
पंकज के कुछ 'पंकिल शब्द'...
Tag :मरुथल का तीर
  February 6, 2012, 12:04 am
लोकपाल की लाश का मजमा किया था हमने,चलो लोकतंत्र की मौत पर जलसा किया जाये .. ...
पंकज के कुछ 'पंकिल शब्द'...
Tag :pan
  January 27, 2012, 1:01 am
खाने की तड़प से ही तुमने कमाना सीखा ...  ..... और कमाने की तड़प में खाना भूल गए   – प्रकाश ‘पंकज’...
पंकज के कुछ 'पंकिल शब्द'...
Tag :भूख
  January 25, 2012, 2:40 am
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