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ख्वाबो के दामन से ...

भीगा सा दिन,  भीगी सी आँखें, भीगा सा मन ,और भीगी सी रात है !कुछ पुराने ख़त ,एक तेरा चेहरा, और कुछ तेरी बात है !ऐसे ही कई टुकड़ा टुकड़ा दिन और कई  टुकड़ा टुकड़ा राते हमने ज़िन्दगी की साँसों तले काटी थी ! न दिन रहे और न राते,न ज़िन्दगी रही और न तेरी बाते !कोई खुदा से जाकर कह तो दे,मुझे उस...
ख्वाबो के दामन से ......
Tag :
  December 3, 2013, 8:50 am
मेरी जानां ,सोचा तो यही था कि कभी वेनिस जायेंगे . और वहां की पैलेस नदी की ठंडी लहरों पर किसी गोंडोला में बैठकर , जिसका नाविक कोई प्यारी सी रोमांटिक धुन गुनगुना रहा हो; एक दुसरे के आलिंगन में वेनिस को देखेंगे . और जब सांझ का सूरज अपनी सिंदूरी लालिमा के साथ इस नदी में डूबे, त...
ख्वाबो के दामन से ......
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  October 27, 2013, 10:46 am
आज एक नज़्म लिखी तुम्हारे लिये ...इतनी सारी यादो के साथ जीना !!!!"और फिर तुम्हारी याद !"एक छोटा सा धुप  का  टुकड़ाअचानक ही फटा हुआ आकाशबेहिसाब बरसतीबारिश की कुछ बूंदेतुम्हारे जिस्म की सोंघी गंधऔर फिर तुम्हारी याद !उजलेचाँद की बैचेनीअनजानतारो की जगमगाहटबहतीनदी का रुकनाऔर र...
ख्वाबो के दामन से ......
Tag :याद
  July 11, 2012, 10:58 am
.......तुम्हारा मेल दोस्ती की हद को छु गया दोस्ती मोहब्बत की हद तक गई !मोहब्बत इश्क की हद तक !और इश्क जूनून की हद तक !...
ख्वाबो के दामन से ......
Tag :
  June 11, 2012, 11:23 am
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ख्वाबो के दामन से ......
Tag :
  June 11, 2012, 8:39 am
तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं,शिकवा नहींशिकवा नहीं, शिकवा नहींतेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिन, ज़िंदगी, तो नहीं,ज़िंदगी नहींज़िंदगी नहीं, ज़िंदगी नहीं(काश ऐसा हो तेरे कदमों से, चुन के मंज़िल चलेऔर कहीं दूर कहीं ) - २तुम गर साथ हो, मंज़िलों की कमी तो नहींतेरे बिना ज़िंदगी से को...
ख्वाबो के दामन से ......
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  May 4, 2012, 8:03 pm

जब भी तुम मेहंदी लगाओंगी .. मेरा नाम लिखने के लिये जगह खोजोंगी जानां .क्योंकि न तुमने मुझे अपने दिल में रखा और न ही अपनी हथेली पर ....
ख्वाबो के दामन से ......
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  April 22, 2012, 5:03 pm
जब भी तुम मेहंदी लगाओंगी .. मेरा नाम लिखने के लिये जगह खोजोंगी जानां .क्योंकि न तुमने मुझे अपने दिल में रखा और न ही अपनी हथेली पर ....
ख्वाबो के दामन से ......
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  April 22, 2012, 5:03 pm
आज फिर पूरे चाँद की रात है ;और साथ में बहुत से अनजाने तारे भी है...और कुछ बैचेन से बादल भी है ..इन्हे देख रहा हूँ और तुम्हे याद करता हूँ..खुदा जाने ;तुम इस वक्त क्या कर रही होंगी…..खुदा जाने ;तुम्हे अब मेरा नाम भी याद है या नही..आज फिर पूरे चाँद की रात है !!!...
ख्वाबो के दामन से ......
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  April 17, 2012, 3:00 pm
इतनी खूबसूरत जिंदगी थी .तुमने ऐसा नहीं करना था. तुमने बीच राह मुझे छोडना नहीं था . जब मुझे तुम्हारी सबसे ज्यादा जरुरत थी , तुमने उस वक़्त छोड़ा मुझे ..!! आज कितना अकेला हूँ मैं ...!...
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  April 3, 2012, 12:34 pm
आज तुमने मेरे लिए ये गीत गाया था : " बेवजह हंस पडूँ तेरी याद की सौगात ये ,तेरी आरजू ,तेरी जुस्तजू हैं तेरे ही ख़यालात ये ,है मुक्तसर सी बात ये है तू तो है हयात ये " आज भी अक्सर अकेले में मैं ये गीत सुनता हूँ , बहुत कुछ याद है जानां, बहुत कुछ .. एक ज़िन्दगी जैसे धुंध में लिपटी हुई हो...
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  April 2, 2012, 11:04 am
सच ही तो है .. तुमसे मिलने बाद तो यही लगा था मुझे . और तुम्हारे साथ गुजारे हुए इतने सारे पल है की क्या कहूँ .. एक एक पल में जैसे एक एक जीवन है . तुम न मिलती तो ये जीवन अधुरा ही रहता . मैंने जान ही नहीं पाता कि प्रेम किसे कहते है . ...
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  April 2, 2012, 11:02 am
तुम्हे याद है , उस दिन भी रामनवमी थी , जब हम उस अजनबी शहर में बस यूँ ही घूम रहे थे , इस मंदिर के दर्शन करने के बाद वापस आ रहे थे. उस दिन शहर में झांकियां निकल रही थी . कितना धार्मिक माहौल था .. और हम ईश्वर के आशीर्वाद को जो कि हमें प्रेम के प्रसाद के रूप में मिल रहा था ; बस जी रहे थे .. ...
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  April 1, 2012, 8:29 pm
जब हम पहली बार मिले थे , तब भी और फिर कभी भी तुम मुझे अजनबी नहीं नज़र आई ..तुम्हे याद है जानां , जब हम पहली बार मिले तो तुमने मुझे अपने आलिंगन में ले लिए था और मैं तुम्हे देखता ही रह गया था .. पता नहीं क्या जादू था तुम्हारे चेहरे पर मुझे तुम बहुत अपनी सी लगी थी , लगा ही नहीं था की हम ...
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  April 1, 2012, 8:18 pm
मैं आज के दिन तुमसे ही मिलने निकल चला था जानां , एक नये शहर की ओर , जो कि तब तक के लिए मेरे लिए अजनबी था , जब तक कि मैं तुमसे उस शहर में नहीं मिला. तुमसे मिलने के बाद न तुम अजनबी रही और न ही वो शहर. ज़िन्दगी भी बड़ी अजीब है , जिनसे कभी न मिलना चाहे , उन्ही से जोड़े रखती है और जिनके संग...
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  March 31, 2012, 2:23 pm
सोचता हूँ कि तुम्हारे मेरे ज़िन्दगी में न होने से सिर्फ दुःख और खालीपन ही है ,पर ज़िन्दगी तो चल ही रही है क्योंकि खुदा के बनाए हुए इस निजाम में कभी भी कुछ भी नहीं रुकता है . ज़िन्दगी चलती ही रहती है .. यदि सोचना भी चाहे तो भी नहीं रूकती , सिवाय इसके कि उसके ख़त्म होने का समय आ...
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  March 31, 2012, 11:52 am
पिछले कई दिनोंसे एकही बात दिल में समायी हुई हैबस और कुछ सोच में नहीं आता है. वो बसेरा; जिसमे हम अक्सर रुका करते थे और नदी के बीच स्थित वो पत्थर जो हमारे की खिडकी /बरामदे से दिखाई देता था. और वो बहती नदी - जो कभी भी आँखों से ओझल नहीं हुई, चाहे वो दिन हो या रात , चाहे वो सुबह हो या ...
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  February 20, 2012, 2:20 pm
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  February 20, 2012, 2:12 pm
जानां , आज मुझे उन जंगलो की बहुत याद आई , जहाँ , हम हाथ में हाथ डाल कर घूमे थे.. याद है तुम्हे , हम जब घने जंगलो में घूम रहे थे , तो ड्राईवर ने हमें एक सफ़ेद से पेड़ को दिखाया था और कहा था की वो भुतहा पेड़ है ... आज उस पेड़ की बहुत याद आई और तुम्हारी उस बात की भी की , तुम चाहती हो की मैं ...
ख्वाबो के दामन से ......
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  February 6, 2011, 6:44 pm
जब मैंने तुम्हे पहली बार देखा था , तो , तुमने ; मुझे देखकर एक प्यारी सी मुस्कराहट को अपने चहरे पर ओढ़  लिया था.. और मैं सारे रास्ते उस मुस्कराहट को तुम्हारे चेहरे पर देखते रहा था .. [ और आज भी  जब भी मुझे तुम याद आती हो तो , तुम्हारे चेहरे से पहले तुम्हारी मुस्कराहट याद आती ह...
ख्वाबो के दामन से ......
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  February 6, 2011, 6:28 pm
जानां , दुनिया के अपने रंग है , अपनी बाते है , अपनी रफ़्तार है ....लेकिन इस सारी भाग दौड़ में अगर , कहीं सकूँ है , तो है तेरे साथ बिताये हुए पलो में . ज़िन्दगी तो वही थी ... सनम अब बस साँसे चल रही है .. कितनी आरजू है तुझ से गले लग जाने की .. तेरे संग जीने की और तेरे संग मर जाने की ... !!!तू ..तू ह...
ख्वाबो के दामन से ......
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  February 5, 2011, 3:41 pm
तुम्हे पता है जानां , जब भी तुमसे मिलने की बात तय होती थी ... मैं  बहुत खुश हो जाता था .. मन शांत हो जाता था .... बस फिर दिन गिनने का process शुरू  हो जाता था ....कभी कभी इन्तजार में भी कितना मज़ा आता था , लेकिन अब तो ये इन्तजार बहुत लम्बा है सनम ... बहुत लम्बा .....!!...
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  February 5, 2011, 3:35 pm
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