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Blog: saMVAdGhar संवादघर

Blogger: Sanjay Grover
ऐसे मौक़े पर किसी एक पक्ष के बारे में रचना लिख दो, अकसर मशहूर हो जाती है।किसीने लिख दिया कि हम पेपर नहीं दिखाएंगे।बिलकुल ठीक है, नागरिकता वगैरह के पेपर की मांग से ग़रीबों और दूसरे कई लोगों को बहुत मुश्क़िल होगी। वैसे भी, क्या गारंटी है जो यहां का निकलेगा वो अच्छा भी निकलेगा!... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   8:31am 14 Jan 2020 #injustice
Blogger: Sanjay Grover
वे जो स्कूल-कॉलेज में पढ़ाते भी हैं और स्टेशनरी भी चुराते हैं, जो बाढ़ और अकाल के नाम पर दफ़्तर में आई राशि ख़ुद खा जाते हैं, जो टैक्स नहीं देते, जो भरपूर ब्लैक-मनी होते हुए भी घर में हवा-पानी के लिए छोड़ी गई जगह में कमरे बना लेते हैं फिर शहर को कंक्रीट का जंगल भी बताकर कविताएं ल... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   8:37am 2 Oct 2019 #buffoon
Blogger: Sanjay Grover
व्यंग्यक्या आपने ट्रॉल को देखा है ?तो उनके बारे में सुना तो होगा !सुना है आजकल काफी मशहूर हो चले हैं।कई सेलेब्रिटीं कहती रहतीं हैं-‘क्या बताऊं यार, मेरे पीछें तो आजकल ट्रॉल पड़े हैं़:(कहने का मन होता है-‘फिर तो काफ़ी मशहूर हों आप!’ट्रॉल बदतमीज़ी करतेे होंगे पर कई साल से मुल्... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   8:57am 21 May 2019 #satire
Blogger: Sanjay Grover
व्यंग्यक्या आपने ट्रॉल को देखा है ?तो उनके बारे में सुना तो होगा !सुना है आजकल काफी मशहूर हो चले हैं।कई सेलेब्रिटीं कहती रहतीं हैं-‘क्या बताऊं यार, मेरे पीछें तो आजकल ट्रॉल पड़े हैं़:(कहने का मन होता है-‘फिर तो काफ़ी मशहूर हों आप!’ट्रॉल बदतमीज़ी करतेे होंगे पर कई साल से मुल्... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   8:57am 21 May 2019 #satire
Blogger: Sanjay Grover
व्यंग्यक्या आपने ट्रॉल को देखा है ?तो उनके बारे में सुना तो होगा !सुना है आजकल काफी मशहूर हो चले हैं।कई सेलेब्रिटीं कहती रहतीं हैं-‘क्या बताऊं यार, मेरे पीछें तो आजकल ट्रॉल पड़े हैं:(कहने का मन होता है-‘फिर तो काफ़ी मशहूर हों आप!’ट्रॉल बदतमीज़ी करते होंगे पर कई साल से मुल्क़ ... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   8:57am 21 May 2019 #satire
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लमैं भी प्यार ‘जताऊं’ क्याझूठों में मिल जाऊं क्या15-03-2019जिस दिनकोई नहीं होताउस दिन घर पर आऊं क्याजीवन बड़ा कठिन है रेफिर जीकर दिखलाऊं क्याइकला हूं मैं बचपन से कहो भीड़ बन जाऊं क्याजब खाता तब खाता हूंतुमको कुछ मंगवाऊं क्याजो-जो मैंने काम किएतुमको भी दिखलाऊं क्यामै... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   5:09pm 14 Apr 2019 #poetry
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लमैं अपने देश में रहामैं पशोपेश में रहासदा तक़लीफ़ में रहाज़रा आवेश में रहावही होगा मेरा रक़ीबजो कई वेश में रहामैं क्यों ईमानदार हूंबहुत वो तैश में रहान मैं अमीर में रहान ही दरवेश में रहा-संजय ग्रोवर15-03-2019... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   10:03am 15 Mar 2019 #ghazal
Blogger: Sanjay Grover
जब पढ़ते थे तो तरह-तरह के लोगों को पढ़ते थे। साहित्य अच्छा तो लगता ही था मगर यह दिखाना भी अच्छा लगता था कि ‘देखो, हम दूसरों से अलग हैं, हम वह साहित्य भी पढ़ते हैं जो हर किसी की समझ में नहीं आता।’ अब सोचते हैं कि हमारी भी समझ में कितना आता था! गुलशन नंदा, रानू, कर्नल रंजीत के उपन्य... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   6:37pm 12 Mar 2019 #literature
Blogger: Sanjay Grover
जब पढ़ते थे तो तरह-तरह के लोगों को पढ़ते थे। साहित्य अच्छा तो लगता ही था मगर यह दिखाना भी अच्छा लगता था कि ‘देखो, हम दूसरों से अलग हैं, हम वह साहित्य भी पढ़ते हैं जो हर किसी की समझ में नहीं आता।’ अब सोचते हैं कि हमारी भी समझ में कितना आता था! गुलशन नंदा, रानू, कर्नल रंजीत के उपन्य... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   6:37pm 12 Mar 2019 #literature
Blogger: Sanjay Grover
व्यंग्यभक्त बताते हैं कि गांधीजी धर्मनिरपेक्ष आदमी थे। आपको मालूम ही है आजकल भक्तों से तो भक्त भी पंगा नहीं लेते। लेकिन इससे एक बात पता लगती है कि धर्मनिरपेक्ष लोगों के भी भक्त होते हैं।मैंने सुना है कि ख़ुद गांधीजी भी राम के भक्त थे। हालांकि गांधीजी अहिंसक थे और राम ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   11:29am 9 Jan 2019 #gandhiji
Blogger: Sanjay Grover
मैं तब के वक़्त को याद करना चाहता हूं जब मेरी मां के मैं और मेरी छोटी बहन बस दो ही बच्चे थे। छोटी बहिन आठ या नौ महीने की और मैं शायद साढ़े तीन या चार साल का था। एक दोपहरबाद मेरी मां रसोई में बैठी जूठे बर्तनों का ढेरा मांज रही थी, मैं उसके पीछे कमरें में बैठा याद नहीं क्या कर र... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   10:00am 29 Dec 2018 #child
Blogger: Sanjay Grover
गज़लहाथ आई हयात कुछ भी नहींबात यूं है कि बात कुछ भी नहीं                          11-01-2013यू तो मेरी औक़ात कुछ भी नहींकाट लूं दिन तो रात कुछ भी नहीं                                 29-10-2018-संजय ग्रोवर29-10-2018... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   4:58pm 29 Oct 2018 #night
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लआओ सच बोलेंदुनिया को खोलेंझूठा हंसने सेबेहतर है रो लेंपांच बरस ये, वोइक जैसा बोलेंअपना ही चेहराक्यों ना ख़ुद धो लेंराजा की तारीफ़जो पन्ना खोलेंक्या कबीर मंटोकिस मुह से बोलें !सबको उठना है-सब राजा हो लें !वे जो थे वो थेहम भी हम हो लेंबैन करेगा क्याख़ुद क़िताब हो लें-सं... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   2:18pm 1 Oct 2018 #lie
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लजब खुल गई पहेली तो है समझना आसांसच बोलना है मुश्क़िल, लेकिन है गाना आसां पहले तो झूठ बोलो, ख़ुद रास्ता बनाओफिर दूसरों को सच का रस्ता बताना आसांवैसे तो बेईमानी .. में हम हैं पूरे डूबेमाइक हो गर मुख़ातिब, बातें बनाना आसांजो तुम तलक है पहुंचा, उन तक भी पहुंच जाएतुम बन गए... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   1:33pm 26 Aug 2018 #जागरुकता
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लभागते फिरते हैं वो सुंदर मकानों मेंठग कभी टिकते नहीं अपने बयानों मेंशादियों में नोंचते हैं फूल अलबत्ताप्यार की भी कुछ तड़प होगी सयानों में           भीड़ में इनका गुज़र है, भीड़ में आनंदजाने कैसा ख़ालीपन है ख़ानदानों मेंजाने क्या सिखलाया उन्ने व्याख्यानों मे... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   3:45pm 8 Aug 2018 #institutions
Blogger: Sanjay Grover
photo by Sanjay Groverग़ज़लभीड़, तन्हा को जब डराती हैमेरी तो हंसी छूट जाती हैसब ग़लत हैं तो हम सही क्यों होंभीड़ को ऐसी अदा भाती हैदिन में इस फ़िक़्र में हूं जागा हुआरात में नींद नहीं आती हैभीड़, तन्हा से करती है नफ़रतऔर हक़ प्यार पे जताती हैएक मुर्दा कहीं से ले आओभीड़ तो पीछे-पीछे आती हैपूरी और... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   4:10pm 27 Jun 2018 #crowd
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लcreated by Sanjay Groverहिंदू कि मुसलमां, मुझे कुछ याद नहीं हैहै शुक्र कि मेरा कोई उस्ताद नहीं हैजो जीतने से पहले बेईमान हो गएमेरी थके-हारों से तो फ़रियाद नहीं हैजो चाहते हैं मैं भी बनूं हिंदू, मुसलमांवो ख़ुद ही करलें खाज, मुझपे दाद नहीं हैइंसान हूं, इंसानियत की बात करुंगाआज़ाद है ... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   6:24pm 20 Jun 2018 #harmony
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लदूसरों के वास्ते बेहद बड़ा हो जाऊं मैंइसकी ख़ातिर अपनी नज़रों से भी क्या गिर जाऊं मैंएक इकले आदमी की, कैसी है जद्दोजहदकौन है सुनने के क़ाबिल, किसको ये दिखलाऊं मैंजब नहीं हो कुछ भी तो मैं भी करुं तमग़े जमाबस दिखूं मसरुफ़ चाहे यूंही आऊं जाऊं मैंबहर-वहर, नुक्ते-वुक्ते, सब लग... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   5:31pm 19 Jun 2018 #history
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लराज खुल जाने के डर में कभी रहा ही नहींकिसीसे, बात छुपाओ, कभी कहा ही नहींमैंने वो बात कही भीड़ जिससे डरती हैये कोई जुर्म है कि भीड़ से डरा ही नहीं !जितना ख़ुश होता हूं मैं सच्ची बात को कहकेउतना ख़ुश और किसी बात पर हुआ ही नहींकिसीने ज़ात से जोड़ा, किसीने मज़हब सेमगर मैं ख़ुदस... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   11:16am 26 Apr 2018 #ghazal
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लया तो बेईमानी-भरी दुनिया से मैं कट जाऊंया कि ईमान के चक्कर में ख़ुद निपट जाऊंतुम तो चाहते हो सभी माफ़िया में शामिल होंतुम तो चाहोगे मैं अपनी बात से पलट जाऊं न मैं सौदा हूं ना दलाल न ऊपरवालालोग क्यों चाहते हैं उनसे मैं भी पट जाऊं मेरे अकेलेपन को मौक़ा मत समझ लेनाकिसी ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   10:43pm 24 Apr 2018 #ghazal
Blogger: Sanjay Grover
वामपंथी बायीं तरफ़ जाएं।दक्षिणपंथी दायीं तरफ़ जाएं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-9126168104576814", enable_page_level_ads: true }); अक़्लमंद अपनी अक़्ल लगाएं।-संजय ग्रोवर18-04-2018... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   12:35pm 18 Apr 2018 #inner conflict
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लइकबच्चेनेजबदेखलियाइकबच्चेनेसबदेखलियायेबड़ेतोबिलकुलछोटेहैं!इकबच्चेनेकबदेखलिया ?अबकिससेछुपतेफिरतेहो?इकबच्चेनेजबदेखलियाअबक्यारक्खाहैक़िस्सोंमेंइकबच्चेनेजबदेखलियाजबकरतेथेऊंचा-नीचातुम्हेबच्चेनेतबदेखलियाअबहैरांहोतोहोतेरहोइकबच्चेनेतोदेखलियाह... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   9:33am 10 Apr 2018 #child
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़ल                                                                                                      PHOTO by Sanjay Groverदिखाने की दुनिया, सजाने की दुनियाकई बार लगता, हो खाने की दुनियादिखाने को उठना, अकेले में गिरनाइसीको बताया है पाने की ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   2:30pm 12 Feb 2018 #hidden world
Blogger: Sanjay Grover
ग़ज़लउनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगीउनको मेरी भी हालत शराबी लगीउम्र-भर उनके ताले यूं उलझे रहेवक़्त पड़ने पे बस मेरी चाबी लगीउनके हालात जो भी थे, अच्छे न थेउनकी हर बात मुझको क़िताबी लगीउनके पोस्टर पे गांधीजी चस्पां थे परउनके गुंडों की नीयत नवाबी लगीमिलना-जुलना मुझे उनका अ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   1:19pm 24 Jan 2018 #ghazal
Blogger: Sanjay Grover
गज़ल                                                                                                          सुबह देर तक सोने काआज का दिन था रोने का             09-05-2017मिला वक़्त जब सोने कावक़्त था सुबह होने कामाफ़िया कह ले पागल ... Read more
clicks 316 View   Vote 0 Like   9:24am 12 Jan 2018 #poem
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