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परिसंवाद : View Blog Posts
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परिसंवाद

महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने  के लिए जितनी योजनायें हैं उतना ही स्त्री विमर्श भी होता है |  लेकिन सच यह है कि हमारे यहाँ  औरतों  के स्वास्थ्य से जुड़े खतरे कम नहीं हैं | विशेषकर उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर तो ना खुद महिलायें सजग हैं और ना ही समाज और परिवार में  ...
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  November 7, 2017, 12:07 pm
महिलाओं के लिए बराबरी,सम्मान और सुरक्षा चाहने की लड़ाई कभी ना ख़त्म होने वाली जंग है | ऐसा होना लाजिमी भी है क्योंकि इनके बिना वे सशक्त नहीं हो सकतीं | उनके अस्तित्व को वो पहचान नहीं मिल सकती जिसकी वे हक़दार हैं | उनकी काबिलियत को वो मान नहीं मिल सकता जिसकी वे योग्यता रखती है...
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  September 1, 2017, 11:02 am
साइबर दुनिया के किसी गेम के कारण जान दे देने की बात हो या बच्चों की अपराध की दुनिया में दस्तक | नेगेटिव बिहेवियर का मामला हो या लाख समझाने पर भी कुछ ना समझने की ज़िद |  परवरिश के हालात मानो बेकाबू होते दिख रहे हैं | जितना मैं समझ पाई हूँ हम समय के साथ बच्चों के दोस्त तो बने प...
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  August 5, 2017, 9:32 am
हाल ही में मुंबई की टेक कंपनी सेल्सफोर्स ने अपने  पुरुष कर्मचारियों को पिता बनने पर  तीन महीने की पैटरनिटी लीव यानि कि पितृत्व अवकाश देने का फैसला किया है। भारत में सबसे लम्बा पितृत्व अवकाश देने पहली कंपनी बनी सेल्सफोर्स टेक ने अपने कर्मचारियों को बेहतर  ज़िन्दग...
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  August 1, 2017, 4:18 pm
बरसते सावन में पीछे छूटे मायके लो याद करते हुए ये विचार भी आया -  गाँव -घर तो पुरुषों  के भीछूटते हैंकि वे भी निकल पड़ते हैंज़रूरतें जुटाने अनजान दिशा में -अनभिलाषित दशा मेंअनचाही दूरियों को जीने और अकेलेपन का  गरल पीने |बदलती रुत और बरसती बूंदों मेंवे भी तो याद करते ह...
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  July 22, 2017, 9:08 am
सुसाइड के किसी मामले के बारे में सुनती हूँ सबसे पहले यही सवाल मन में आता है कि क्यों ? आखिर क्यों यह कदम उठाया  होगा ? आमतौर पर  ऐसी ख़बरें अखबारों में पढ़ती हूँ तो कारण भी जानने को मिलता   है | कई बार कारण भीतर तक हिला देने वाले होते हैं तो कई बार बहुत मामूली सी वजह होती है ...
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  July 7, 2017, 12:27 pm
 "निर्भया जब तक अस्पताल में थी सो नहीं पाती थी | कहती थी जैसे ही आँखे बंद करती हूँ लगता है कुछ लोग मेरे  पैरों के पास और बगल में खड़े हैं" यह कहना है देश की उस माँ का जिसकी बेटी के साथ हुई दरिंदगी निर्भया और उसके परिवार के लिए ही नहीं देश के लिए भी सदमे की सुनामी थी | सर्व...
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  May 6, 2017, 11:55 am
 ईसर गणगौर गणगौर मेरे लिए त्योहार की तरह नहीं आतीं । मैं कहीं भी रहूँ  यह त्योहार मुझे मेरे गाँव ले जाता है । हर साल मन को  पीहर  के आँगन में ले जाकर खड़ा कर देती गणगौर। गाँव  के  उस एक अकेले रोहिड़े के पेड़ के नीचे खड़ा कर देती है , जिसके तले चुन्नी का पल्ला फै...
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  March 17, 2017, 5:41 pm
हाल ही में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आये  सनसनीखेज और खौफ़नाक मामले में एक युवक ने लिव -इन -रिलेशन में साथ रह रही अपनी 28 वर्षीय प्रेमिका की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या करने और घर के चबूतरे में उसकी लाश को दफन कर दिया ।  लिव इन पार्टनर लड़की  सोशल मीडिया के जर...
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  February 13, 2017, 5:05 pm
चित्र - आनन्द सिंह कविया जी फेसबुक वॉल से भगवान् कृष्ण का जीवन जितना रोचक है उतना ही मानवीय और मर्यादित । इसीलिए आम इंसान को बहुत कुछ सिखाता समझाता है  नंदगांव के कन्हैया से लेकर अर्जुन के पार्थ तक उनका चरित्र  जीवन जीने के अर्थपूर्ण संदेश संजोये हुए है | जो हर त...
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  August 25, 2016, 12:38 pm
अपने स्तरीय लेखन और शोधात्मक आलेखों के लिए मुक्कम्मल पहचान रखने वाले श्रीकृष्ण 'जुगनू'जी का मेरी किताब पढ़ना ही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है | हाल ही मेंउनकी लिखी समीक्षात्मक टिप्पणी अंतराष्ट्रीय ई पत्रिका 'हिंदी की गूज'में प्रकाशित हुई है । किताब पढ़कर अपने विचारों को उन्ह...
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  August 3, 2016, 9:44 am
बिहार में हुए रोडरेज मामले को लेकर  समाचार चेनलों पर आदित्य सचदेव की माँ का  रोना और न्याय  के  लिए गुहार लगाना, हमें अपना ही  मुंह छुपाने को मजबूर करने वाला दृश्य है | लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यही हमारे परिवेश का सच है | सच, जिसमें धन और  बल के आगे इंसान के जीवन का क...
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  May 14, 2016, 6:17 am
कोई कविता संग्रह  पढ़ने को उठायें और रचनाओं तक पहुँचने से पहले ही एक पंक्ति मन को बांध  ले तो...... ऐसा ही हुआ  चित्रा  देसाई जी का कविता संग्रह 'सरसों से अमलतास'पढ़ते हुए । संग्रह में समर्पण के भाव कहते हैं ।                                       "अपनी 'बि...
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  May 6, 2016, 7:15 pm
क्यों इन बच्चों की मुस्कुराहटों को नज़र लगी ? क्यों बिना ख़ता के इन बड़ों के हिस्से ये दर्द आया ? ये बड़े सवाल हैं और अनुत्तरित भी । मुंबई की एक विशेष अदालत ने पाँच साल पहले इस शहर के अंधेरी इलाके में हुए दो दोस्तों की हत्या के मामले के चारों अभियुक्तों को दोषी करार दे उम्र क...
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  May 5, 2016, 9:27 pm
"काग़ज़ पर सूरज"..... ओम पुरोहित 'कागद'का यह कविता संग्रह ऐसी रचनाएँ लिए हैं जिसमें हमारे परिवेश और प्रकृति से जुड़े कई विषयों पर बात होती है । सधी सरल भाषा में सहजता से की गई बातें कुछ ऐसे विषयों पर विचारने का दृष्टिकोण देती हैं जो हैं तो हमारे आस-पास ही पर अनदेखी रह जाती हैं ...
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  May 4, 2016, 9:31 am
 आमतौर पर अपने ब्लॉग में समसामयिक विषयों पर सार्थक और सटीक टिप्पणी करने वाले  रायटोक्रेट कुमारेन्द्रजी ने  मेरे काव्य संग्रह को पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया भेजी है । गृहिणी के मन-जीवन से जुड़ी रचनाओं से लेकर बेटियों की जद्दोज़हद तक, सभी रचनाओं को लेकर मिली उनकी इस सम...
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  March 1, 2016, 10:08 am
ज़िन्दगी संभलती नहीं है | ये पकड़ो तो वो छूट जाता है और वो संभालो तो ये बिखर जाता है |हर लेखक अपनी रचना के बाद मर जाता है | नई रचना के लिए वह फिर से जन्म लेता है | साहित्य की समझ हो तो पत्रकारिता में भी निखार आता है | लेखन, समय और एकांत चाहता है | ये बातें "पाखी"के संपादक प्रे...
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  February 24, 2016, 10:06 pm
स्त्री हूँ मैंसशक्तीकरण के नाम परपरम्पराओं को खारिज  करने की दरकारनहीं है मुझे,हाँ, ज्ञात है अंतर साहस और दुस्साहस कारीत-रिवाज के नाम पर होते शोषण के विरुद्दमेरे भीतर बसती स्त्रीत्व की चेतनापरम्पराओं से  जद्दोज़हदकरने के खेल मेंछद्म आधुनिकता के जाल से ब...
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  January 31, 2016, 12:49 pm
देश के लिए शहीद होना सेना के जवानों का सबसे बड़ा बलिदान है। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में देश ने अपने 7 वीर जवानों को खो दिया । इस आतंकवादी हमले के बाद  सोशल मीडिया से लेकर आमजन के घर-परिवारों तक  जवानों के बलिदान और वीरगाथा की बात हो रही हैं । हों भी क्...
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  January 7, 2016, 7:54 pm
पेशे से पत्रकार और संवेदनशील विचारों वाले  अतुल श्रीवास्तव जी समाज में मौजूद विषमताओं को लेकर अपने   लेखन में अक्सर  सवाल  उठाते  रहते हैं  सत्यमेव जयते ब्लॉग के अतुल  जी ने देहरी के अक्षांश पर को पढ़ते हुए लिखा है.........  डॉ. मोनिका शर्मा  की किताब मुझे ल...
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  January 2, 2016, 8:57 pm
पेशे से पत्रकार और संवेदनशील विचारों वाले  अतुल श्रीवास्तव जी समाज में मौजूद विषमताओं को लेकर अपने  अपने लेखन में अक्सर  सवाल  उठते रहते हैं  सत्यमेव जयते ब्लॉग के अतुल  जी ने देहरी के अक्षांश पर को पढ़ते लिखा है.........  डॉ. मोनिका शर्मा  की किताब मुझे लगता ह...
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  January 2, 2016, 8:57 pm
प्रवीन मलिक जी खुद घर और बाहर दोनों जगह अपनी ज़िम्मेदारियाँ संभल रही हैं । मेरे काव्य संग्रह को पढ़ने के बाद उन्होंने एक सरल और सार्थक टिप्पणी की है जो गृहणियों के जीवन की भावभूमि से जुड़े रंग साझा करती है । आभार प्रवीन जी  मोनिका जी आप द्वारा रचित "देहरी के अक्षांश पर"पढ़...
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  December 28, 2015, 1:02 pm
सुधिनामा ब्लॉग कीसाधना वैद जीने जब देहरी के अक्षांश पर को पढ़कर अपने विचार दिए तो बहुत ख़ुशी हुयी ।उनके ब्लॉग पर लम्बे समय से उनकी रचाएं पढ़ती आ रही हूँ । मर्म छूने वाली उनकी काव्यात्मक अभिव्यक्ति तो कमाल है ही कई  सम -सामयिक विषयों पर उनके विचार भी पढ़ने-गुनने योग्य होते ...
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  December 26, 2015, 10:00 am
कुछ अपने से लगने वालों भावों में संजोकर संतोष जी ने मेरे कविता संग्रह को पढ़ते हुए अपनी टिप्पणी दी है ।जितनी सहजता से उन्होंने इन कविताओं के मर्म को समझा उतनी ही सरलता से उन्हें स्त्री जीवन की परस्थितियों से जोड़कर  भी  देखा  है । आभार संतोष जी  । व्यस्तताओं...
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  December 19, 2015, 10:31 am
कभी कभी किसी किताब को पढ़ना उसे जीने जैसा भी होता है । उस कहानी में शब्द जिन परिस्थितियों को उकेरते हैं उन्हीं के मुताबिक  मनोभाव प्रभावित हैं । इसीलिए पन्नों से गुज़रते हुए कभी कुछ सवाल जन्म लेते हैं तो कई बार गुस्सा भी आता है । सवाल, हमारे सामाजिक-पारिवारिक ह...
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  December 18, 2015, 6:24 pm
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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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