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चित्र - आनन्द सिंह कविया जी फेसबुक वॉल से भगवान् कृष्ण का जीवन जितना रोचक है उतना ही मानवीय और मर्यादित । इसीलिए आम इंसान को बहुत कुछ सिखाता समझाता है  नंदगांव के कन्हैया से लेकर अर्जुन के पार्थ तक उनका चरित्र  जीवन जीने के अर्थपूर्ण संदेश संजोये हुए है | जो हर त...
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  August 25, 2016, 12:38 pm
अपने स्तरीय लेखन और शोधात्मक आलेखों के लिए मुक्कम्मल पहचान रखने वाले श्रीकृष्ण 'जुगनू'जी का मेरी किताब पढ़ना ही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है | हाल ही मेंउनकी लिखी समीक्षात्मक टिप्पणी अंतराष्ट्रीय ई पत्रिका 'हिंदी की गूज'में प्रकाशित हुई है । किताब पढ़कर अपने विचारों को उन्ह...
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  August 3, 2016, 9:44 am
बिहार में हुए रोडरेज मामले को लेकर  समाचार चेनलों पर आदित्य सचदेव की माँ का  रोना और न्याय  के  लिए गुहार लगाना, हमें अपना ही  मुंह छुपाने को मजबूर करने वाला दृश्य है | लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यही हमारे परिवेश का सच है | सच, जिसमें धन और  बल के आगे इंसान के जीवन का क...
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  May 14, 2016, 6:17 am
कोई कविता संग्रह  पढ़ने को उठायें और रचनाओं तक पहुँचने से पहले ही एक पंक्ति मन को बांध  ले तो...... ऐसा ही हुआ  चित्रा  देसाई जी का कविता संग्रह 'सरसों से अमलतास'पढ़ते हुए । संग्रह में समर्पण के भाव कहते हैं ।                                       "अपनी 'बि...
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  May 6, 2016, 7:15 pm
क्यों इन बच्चों की मुस्कुराहटों को नज़र लगी ? क्यों बिना ख़ता के इन बड़ों के हिस्से ये दर्द आया ? ये बड़े सवाल हैं और अनुत्तरित भी । मुंबई की एक विशेष अदालत ने पाँच साल पहले इस शहर के अंधेरी इलाके में हुए दो दोस्तों की हत्या के मामले के चारों अभियुक्तों को दोषी करार दे उम्र क...
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  May 5, 2016, 9:27 pm
"काग़ज़ पर सूरज"..... ओम पुरोहित 'कागद'का यह कविता संग्रह ऐसी रचनाएँ लिए हैं जिसमें हमारे परिवेश और प्रकृति से जुड़े कई विषयों पर बात होती है । सधी सरल भाषा में सहजता से की गई बातें कुछ ऐसे विषयों पर विचारने का दृष्टिकोण देती हैं जो हैं तो हमारे आस-पास ही पर अनदेखी रह जाती हैं ...
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  May 4, 2016, 9:31 am
 आमतौर पर अपने ब्लॉग में समसामयिक विषयों पर सार्थक और सटीक टिप्पणी करने वाले  रायटोक्रेट कुमारेन्द्रजी ने  मेरे काव्य संग्रह को पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया भेजी है । गृहिणी के मन-जीवन से जुड़ी रचनाओं से लेकर बेटियों की जद्दोज़हद तक, सभी रचनाओं को लेकर मिली उनकी इस सम...
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  March 1, 2016, 10:08 am
ज़िन्दगी संभलती नहीं है | ये पकड़ो तो वो छूट जाता है और वो संभालो तो ये बिखर जाता है |हर लेखक अपनी रचना के बाद मर जाता है | नई रचना के लिए वह फिर से जन्म लेता है | साहित्य की समझ हो तो पत्रकारिता में भी निखार आता है | लेखन, समय और एकांत चाहता है | ये बातें "पाखी"के संपादक प्रे...
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  February 24, 2016, 10:06 pm
स्त्री हूँ मैंसशक्तीकरण के नाम परपरम्पराओं को खारिज  करने की दरकारनहीं है मुझे,हाँ, ज्ञात है अंतर साहस और दुस्साहस कारीत-रिवाज के नाम पर होते शोषण के विरुद्दमेरे भीतर बसती स्त्रीत्व की चेतनापरम्पराओं से  जद्दोज़हदकरने के खेल मेंछद्म आधुनिकता के जाल से ब...
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  January 31, 2016, 12:49 pm
देश के लिए शहीद होना सेना के जवानों का सबसे बड़ा बलिदान है। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में देश ने अपने 7 वीर जवानों को खो दिया । इस आतंकवादी हमले के बाद  सोशल मीडिया से लेकर आमजन के घर-परिवारों तक  जवानों के बलिदान और वीरगाथा की बात हो रही हैं । हों भी क्...
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  January 7, 2016, 7:54 pm
पेशे से पत्रकार और संवेदनशील विचारों वाले  अतुल श्रीवास्तव जी समाज में मौजूद विषमताओं को लेकर अपने   लेखन में अक्सर  सवाल  उठाते  रहते हैं  सत्यमेव जयते ब्लॉग के अतुल  जी ने देहरी के अक्षांश पर को पढ़ते हुए लिखा है.........  डॉ. मोनिका शर्मा  की किताब मुझे ल...
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  January 2, 2016, 8:57 pm
पेशे से पत्रकार और संवेदनशील विचारों वाले  अतुल श्रीवास्तव जी समाज में मौजूद विषमताओं को लेकर अपने  अपने लेखन में अक्सर  सवाल  उठते रहते हैं  सत्यमेव जयते ब्लॉग के अतुल  जी ने देहरी के अक्षांश पर को पढ़ते लिखा है.........  डॉ. मोनिका शर्मा  की किताब मुझे लगता ह...
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  January 2, 2016, 8:57 pm
प्रवीन मलिक जी खुद घर और बाहर दोनों जगह अपनी ज़िम्मेदारियाँ संभल रही हैं । मेरे काव्य संग्रह को पढ़ने के बाद उन्होंने एक सरल और सार्थक टिप्पणी की है जो गृहणियों के जीवन की भावभूमि से जुड़े रंग साझा करती है । आभार प्रवीन जी  मोनिका जी आप द्वारा रचित "देहरी के अक्षांश पर"पढ़...
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  December 28, 2015, 1:02 pm
सुधिनामा ब्लॉग कीसाधना वैद जीने जब देहरी के अक्षांश पर को पढ़कर अपने विचार दिए तो बहुत ख़ुशी हुयी ।उनके ब्लॉग पर लम्बे समय से उनकी रचाएं पढ़ती आ रही हूँ । मर्म छूने वाली उनकी काव्यात्मक अभिव्यक्ति तो कमाल है ही कई  सम -सामयिक विषयों पर उनके विचार भी पढ़ने-गुनने योग्य होते ...
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  December 26, 2015, 10:00 am
कुछ अपने से लगने वालों भावों में संजोकर संतोष जी ने मेरे कविता संग्रह को पढ़ते हुए अपनी टिप्पणी दी है ।जितनी सहजता से उन्होंने इन कविताओं के मर्म को समझा उतनी ही सरलता से उन्हें स्त्री जीवन की परस्थितियों से जोड़कर  भी  देखा  है । आभार संतोष जी  । व्यस्तताओं...
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  December 19, 2015, 10:31 am
कभी कभी किसी किताब को पढ़ना उसे जीने जैसा भी होता है । उस कहानी में शब्द जिन परिस्थितियों को उकेरते हैं उन्हीं के मुताबिक  मनोभाव प्रभावित हैं । इसीलिए पन्नों से गुज़रते हुए कभी कुछ सवाल जन्म लेते हैं तो कई बार गुस्सा भी आता है । सवाल, हमारे सामाजिक-पारिवारिक ह...
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  December 18, 2015, 6:24 pm
तीन साल पहले आज ही के दिन स्त्री अस्मिता को  ही नहीं  मनुष्यता को भी तार- तार कर देने वाला वो भयावह वाकया हम शायद ही कभी भुला पाएं या फिर भुला भी दें, हम तो माहिर हैं ही सब कुछ भूल जाने में । वरना हर दिन  यूँ ज़ख्म नहीं मिलते हमें ।  खैर, आमजन भले ही भूल जाएँ नि...
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  December 16, 2015, 10:48 am
 वेबदुनिया में मेरे कविता संग्रह की समीक्षात्मक चर्चा की गयी । Click here to read ...http://hindi.webdunia.com/hindi-books-review/book-review-115111900042_1.html...
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  December 12, 2015, 6:45 pm
 मेरे पहले काव्य संग्रह को लेकर हौसला देतीं समीक्षात्मक टिप्पणियाँ आपसे साझा कर  रही  हूँ । जो रश्मि प्रभा जी,  डॉ.  अरविन्द मिश्रा जी और सारिका चौधरी  ने दी हैं। … आप सभी  का आभार । रश्मि प्रभा जी देहरी के अक्षांश पर ...कलम में परिवर्तन की आग भरकर, ह...
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Tag :Dr. Monika Sharma
  November 3, 2015, 4:11 pm
गृहस्थी की धुरी पर भागते दौड़ते, जिम्मेदारियों से जूझते हुए आखिर आ ही गया मेरा पहला कविता संग्रह 'देहरी के अक्षांश पर ' .... माँ, बहन, बेटी और पत्नी के जीवन से जुड़े भावों को मुखरित करता यह संकलन देहरी के भीतर और बाहर नारी जीवन से जुड़े उन रंगों से रूबरू करवाता है जो हर स्त्री जी...
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Tag :Dr
  October 20, 2015, 11:28 am
 चैतन्य का कोना कर्म के समर्थक कृष्ण सही अर्थों में जीवन गुरु है। क्योंकि हमारे कर्म ही जीवन की देश और दिशा तय करते हैं ।  कर्म की प्रधानता उनके संदेशों में सबसे ऊपर है । मुझे उनका यह सन्देश जीवन सहजता से जिए जाने वाला भाव लगता है । जो ना केवल हमारी बल्कि हमसे जुड़े अ...
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  September 5, 2015, 12:40 pm
हाल ही में   सरकार ने 857 पोर्न साइट्स को  प्रतिबंधित किया लेकिन बाद में अपना फैसला वापस ले लिया । सरकार द्वारा  अश्लील  सामग्री को बच्चों की पहुंच से दूर करने के लिए ऐसा  निर्णय लिया गया था  । अब यह प्रतिबंत केवल चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी साइट्स...
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  August 6, 2015, 12:12 pm
घर की ड्योढ़ी परभोर की पहली किरण की अंगड़ाई से पहलेमाँ के आँचल में छुपी  दिव्य उजास  कर देती है  आँगन को आलोकित । ...
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  July 10, 2015, 6:48 pm
 चैतन्य  को सँभालते पापापिता बुहारते हैं  पथ कि कोई काँटा ना  चुभे  बच्चों  के पाँव में  |पिता जोड़ते हैं   टुकड़ा टुकड़ा आसमान बनाते हैं छत कि तपिश की कोई किरण न दे दस्तक,  देहरी  के भीतर जहाँ  बच्चे   खेलते हैं खिलौनों से |पिता &nbs...
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  June 21, 2015, 8:44 am
आपदायें  तोड़ने ही नहींजोड़ने भी आती हैमानवीयता के अर्थऔर पीड़ा के अभिप्रायसमझाने  के प्रयोजन सेप्रकृति भी खेलती हैकई असह्य खेल ।...
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  June 6, 2015, 7:03 pm
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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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