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Aatm-Manthan ~ आत्म मंथन

केसरिया, लाल, पीला,  नीला, हरा, गुलाबीयह टाईटल ही तरही का मिसरा था जो इस बार पंकज सुबीर जी ने होली की मुनासिबत से दिया था . इन्होने मेरी रचना को क़बूल किया और "सुबीर संवाद सेवा'' [ http://subeerin.blogspot.in/ ] पर तरही मुशायरे में जगह दी .'होली' पर कभी कुछ कहने का अवसर ही नही मिला. अनुभवह...
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Tag :HOLI
  March 28, 2013, 1:02 pm
          ग़ज़ल http://subeerin.blogspot.com/[सुबीर संवाद सेवा पर  : "ये क़ैदे बामशक़्क़त जो तूने की अता है"   तरही मिसरे  पर प्रकाशित ग़ज़ल ...........पुनर्प्रस्तुति ]हरदम कचोटती जो वो  अंतरात्मा हैकाजल की कोठरी में जलता हुआ दिया है"ये क़ैदे बामशक़्क़त जो तूने की अता है"      कर भी दे माफ अब त...
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Tag :Gazal
  March 19, 2013, 11:53 am
 उलट फेर 'तारक' ने 'उल्टा चश्मा' पहने ही जब पढ़ा है,अबकि 'बजट' ने फिर से चकमा बड़ा दिया है. नाख़ुश मुखालिफीं है, ख़ुश है 'बिहार' वाले,'मन रोग* कुछ बढ़ा तो घाटा ज़रा घटा है.       *[मनरेगा]अब राजनीति भारी अर्थो के शास्त्र पर है,बटती है रेवड़ी वाँ ,जिस जिस से हित जुड़ा ह...
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Tag :Budget
  March 7, 2013, 5:49 pm
Well, Next Time; someday! गया था साथ लिए ' वेलेन्टाईन डे' पे उसे,'अगर-मगर' ही में दिन 'प्यार' का गुज़ार दिया,'परन्तु-किन्तु' का मौक़ा भी न मिला मुझको,बुखार इश्क़ का 'पोलिस' ने आ, उतार दिया।मैं, अबकि उससे मिलूंगा 'शबे-बरात' ही को,समाज वालों ने थोड़ा जो वक़्त उधार दिया !http://aatm-manthan.com   cAsE sENsitIve...
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Tag :14 th February
  February 14, 2013, 4:29 pm
आज के दैनिक भास्कर की तस्वीर से प्रेरित :पहुँचे 'कमल' के साथ और 'पंजा' बता दिया ,'दिग्गी' तो ये कहेंगे की 'छक्का लगा दिया,आवाज़  होगी 'पी' की  'कमल' पर या 'हाथ' पर,हमने तो दोनों और ही 'सट्टा' लगा दिया !Mansoor ali HashmicAsE sENsitIve...
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Tag :Rubai
  December 13, 2012, 8:58 am
ग़ैरतमंद  !मेने कहा करते हो क्या ?उसने कहा ''हलक़तगिरी''करदो शुरू गांधीगिरी,"मिलता नहीं ''सर्किट कोई !"करते हो 'मत' का 'दान' भी ?उसने कहा "फुर्सत नहीं"करदो शुरू तुम भी 'खनन'"उसमे भी अब बरकत नहीं"बेशर्म हो!, कूदो, मरो!!"ऊंचा कोई पर्वत  नही!"क्रिकेट में है फायदा !"चारो तरफ CCTV !"मंगल पे ...
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Tag :ग़ैरतमंद
  October 4, 2012, 9:31 am
क्या ये होता जा रहा है आजकल !'साहबे मीरास'* था पहले कभी,            *[ अच्छी परम्पराओं का  वारिस ] 'भांड' होता जा रहा है आजकल.'गाय' सा भोला था जो पुत्तर कभी,'सांड' होता जा रहा है आजकल.नीम था वो भी करेले का चढ़ा,'खांड' होता जा रहा है आजकल !हेअर स्टाईल कभी फ़िल्मी रही,'चाँद' होता जा रहा ह...
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Tag :Changing Values
  August 1, 2012, 8:33 am
ऐसा बोलेंगा  तो !'कांसो'* पे भी संतोष जो करले; हमी तो है,           *[कांस्य पदक]'सोने' से अपने 'ख़्वाब'  को भरले; हमी तो है.'मनरेगा'  से भी पेट जो भर ले हमी तो है,    [म. गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना] भेंसो के चारे को भी जो चर ले हमी तो है.रिश्वत से काम लेने की ...
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Tag :Mirror
  July 31, 2012, 6:36 pm
वानप्रस्थ आश्रम !'एन. डी.' मोहतरम (!),दुष्करम(!) - सुफलम(?)शुक्रवारी शुभम,पुत्र-रत्न, प्राप्तम.'डी.एन.ए.' बेरहम ,तौड़ डाले भरम.है विजित 'शेखरम',बाप है बेशरम.रास्ता इक बचा,वानप्रस्थ आश्रम!Note: {Pictures have been used for educational and non profit activies.If any copyright is violated, kindly inform and we will promptly remove the picture.-Mansoor ali HashmicAsE sENsitIve...
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Tag :DNA Test
  July 27, 2012, 5:36 pm
मानसर = मान सरोवर  [ मनसूर ][लिक्खे है ये 'वडनेरकर', शब्दों का कर लीजे सफ़र......‘मानसर’ की खोज में..'तिब्बत' में है , 'जम्मू' में भी प्रसिद्द झीले 'मानसर',साझी विरासत देखिये, आधी इधर-आधी उधर.गिरता हुआ स्तर नज़र, आया है शिष्टाचार में,'विद्यार्थी' शिक्षक से अब कहता है, मेरी 'मान Sir'.'साग...
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Tag :Maan Sarovar Lake
  July 14, 2012, 11:58 am
"मेरे दफ्तर में इक लड़की है , नाम है राधिका" ...पर........."पेरोडी"---------------------------------------------------------------------तब और अब मेरे घर में एक पत्नी है, नाम है 'मलिका'छः 'भय्यो' की 'बहना' है, वाह भई, वाह भई, वाह !गोरी है, चिट्टी है, वाह भई, वाह भई, वाह.सबसे पहले मिली जहां, 'हाजी-माँ' का घर था,इंटरव्यू के लिए गया, लेकिन ...
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Tag :a Parody
  July 10, 2012, 11:18 am
con (कण) CERN कितने टनों को तौड़ कर इक 'कण' को पा लिया है,हर्षित है दुनिया वाले, 'जीवन' को पा लिया है !कण-कण में था वो पहले, अब 'कण' वो बन गया है,भगवन ने भी अब अपने 'भगवन' को पा लिया है !!Note: {Pictures have been used for educational and non profit activies.If any copyright is violated, kindly inform and we will promptly remove the picture.}-- mansoor ali hashmi cAsE sENsitIve...
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Tag :CERN
  July 5, 2012, 9:27 am
पैसे वसूल अब जो भी है, जैसे भी है करलो क़बूल,खेल; अभी जारी, मगर पैसे  वसूल ! जो नहीं हासिल लुभाता  है बहुत,मिल गया जो वह तो बस मानिन्दे धूल.हो रही बातें , परिवर्तन की फिर ,अबकि तो बस, हो फ़क़त आमूल-चूल.सख्त हो कानून सबके वास्ते,ख़ुद पे बस लागू न हो कोई भी 'रूल'.है निरंतर, नेको-...
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Tag :hypocrisy
  June 27, 2012, 10:12 pm
चर्चा के वास्ते अभी 'पर्यावरण' तो है ![अजित वडनेरकरजी की आज की पोस्ट "कुलीनों का पर्यावरण" से प्रभावित]इज्ज़त बची हुई कि कोई 'आवरण' तो है,'प्रदूषित' वर्ना अपने सभी आचरण तो है."चर्चा"कुलीन अब नहीं करते ग़रीब की,स्तर बुलंद जिसका वो ''पर्यावरण'' तो है.सुनते है आजकल ये बहुत ही ख़रा...
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Tag :राधे माँ
  June 5, 2012, 10:58 am
"कमाल तकियाकलाम का"- वडनेरकर जी के 'तकिये' पर मेरा 'कलाम' मुलाहिजा फरमाए:-क्या कह रहे है आप ![तकिया कलाम मुझको बहुत नापसंद है,सुनलो ! कि अपनी बात मै दोहराता नहीं हूँ.] फिक्सिंग का बोल-बाला है, "क्या कह रहे है आप !"'छक्के' पे नाचे 'बाला' है, "क्या कह रहे है आप !"'सच्चे का मुंह काला है, "क्य...
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Tag :current affairs
  May 29, 2012, 11:58 am
रूपये की व्यथा गिर कर भी मैं हारा नहींउठता रहा, चलता रहा,घटता हुआ रुपया हूँ मैं,डॉलर से बस दबता रहा.अपनों ने ही कालाकिया,मैं था खरा, खोटा किया,उसने किया है बेवतन,जिनको सदा पाला किया.वापस मुझे ले आईये,इज्ज़त मुझे दिलवाईये,"अर्थ" इक नया मिल जायेगा,फिर से मुझे अपनाईये.Note: {Pictures ha...
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Tag :Agony of Rupee
  May 27, 2012, 9:36 am
ये नुस्ख़ा ज़रा आज़मा लीजिये !दिया कम, ज़्यादा लिया कीजिये,बचे तो 'स्विस' में जमा कीजिए.['सुविधा जनक' थी 'स्विस' लेकिन अब-तो 'मारिशिय्स' में जमा कीजिए.]'नतीजे' से मतलब नहीं कुछ रहा,अजी, आप 'फिक्सिंग' किया कीजिए.नहीं कोई 'अध्यक्ष' मिलता अगर,'नियम' ही नया फिर बना लीजिये.बढ़े दाम तेलों...
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Tag :soar oil prices
  May 25, 2012, 10:23 am
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...हुस्न सुंदरता के पर्याय के रूप में प्रयुक्त होता है। सुंदरता यदि शारीरिक हो सकती है तो मानसिक और व्यवहारिक भी हो सकती है। यह लेखकों की ही कमी है कि वे मानसिक और व्यवहारिक सुंदरता के लिए इस शब्द का प्रयोग बिरले ही करते हैं।'खुमार बाराबंकवी' ...
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Tag :By Chance
  May 13, 2012, 9:36 am
रग-रग की खबर !  यानी 'शब्दों का सफ़र' ,  जी हां!  'शब्दों' का ओपरेशन यही होता है.  प्रस्तुत है आज की पोस्ट पर  प्रतिक्रिया:-'माँ' की हमारी आँखे भी द्रवित है इन दिनों.'कोलेस्ट्रल' जमा है 'रगों' में , इसी लिए,रफ़्तार अपने देश की मद्धम सी हो रही,'आचार' है 'भ्रष्ट' फिर 'संवेदनहीनता',...
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Tag :CORRUPTION
  May 10, 2012, 10:19 pm
आमने सामने"दस मिनट की मुलाकात के लिये हजार मील की यात्रा करो - एक  शानदार रिश्ता ई-मेल से नहीं बनता।" रॉबिन शर्मा के ब्लॉग से।[ 'ज्ञानोक्ति' के आज  के विचार से प्रभावित्]  'फेसबुक' पर जो सूरत दिखी,mail  की लग गयी थी झड़ी,दिल बेताबियाँ जब बढ़ी,फिर तो 'मिलने' ही की ठान ली.'...
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Tag :नेट के रिश्ते
  May 9, 2012, 10:13 pm
 आज का भजन [भजन का 'अर्थ' समझने के लिए ...‘कुछ’ तो हो सकता है निर्मल नरुला काएकोऽहम्  की 'कुंजी' अवश्य खरीदे ! ]अब और तू 'निर्मल' को 'न'-'रुला',तुझ पर भी होवेगी 'कृपा', जो बीत गया सो बीत गया,मत शोर मचा, मत शोर मचा.बीता कल तो था 'हज़ारी' का, 'बाबा' है ये तो 'करोड़ी' का,एक बेग 'ब्लेक' ज़र...
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Tag :निर्मल बाबा
  April 22, 2012, 9:12 am
खींचो किसी की टांग तो बनती है कविता !अजित वडनेरकर जी, कवियों से पंगा लेने 'ब्लेक होल' में जाने की हिम्मत नहीं, 'कविता' ही की कुछ ख़बर इस तरह ली है.....आपकी  'अकविता' [Face Book पर ]से प्रेरणा पाकर...शब्दों से छेड़-छाड़ से 'बनती' है कविता,अर्थो से भी खाली हो तो 'बिकती' है कविता.बे-द...
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Tag :कविता
  April 16, 2012, 6:18 pm
कुछ कर तो रहे है !["बलाए-ताक नहीं, बालाए-ताक सही " "शब्दों का सफ़र" की बालाए - कैसे बनी बलाए !]'बालाए ताक़' रखके*  'बला' टाल रहे है,             *कोर्ट के निर्णय को 'अफज़ल' हो कि 'कस्साब' हो हम पाल रहे है.'बिंदु' जो कभी थे वो हिमालय से लगे अब,'रेखाओं' के नीचे जो है, पामाल र...
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Tag :Between the Lines
  April 12, 2012, 6:33 pm
बदलती परिभाषाएं !पारदर्शिता' का सन्देश हुआ यूं व्यापक,नग्न होने को ज़रूरत नहीं हम्माम की अब.'साफगोई' का चलन जब से बढ़ा, ये देखा,गालियों से भी क़दर बढ़ती है, इंसान की अब.हुस्न के, जिस्म के, बदले है मआनी कैसे, लो उठा शोर,कि शर्ट फटती है, 'सलमान' की अब.--------xxx----------बदलता ज़माना !'चारा...
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Tag :Hammam
  April 4, 2012, 5:09 pm
परीक्षा .....चरवाहे की !आज [२३-०३-२०१२] के समाचार पत्रों से प्रेरित.....# अपनी 'भेड़ो' को हांक लाये है,'पर्वतो' से ये भाग आये है.# भेड़े वैसे तो शोर करती नहीं,फिर भी 'गुपचुप' हंकाल लाये है.# 'ऊन' है, 'दूध-ओ-गोश्त' है  इनमे,इस लिए तो ये दिल लुभाए है. # 'भेड़े' बनकर न 'घोड़े' बिक जाए,खौफ़ इन...
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Tag :Horse Trading
  March 23, 2012, 10:29 am
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