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Blog: मंथन

Blogger: Meena Bhardwaj
(1)गहरे में उतरो तो ही मिलते हैं मोती ।उथले में तो काई-गारा ही हाथ लगता है ।उत्कृष्टता वक्त और हुनर मांगती है ।।(2)खिड़कियों का अस्तित्व ताजगी से जुड़ा है ।व्यर्थ आगमन बहिर्गमन के लिए नही ।अनावश्यक हस्तक्षेप से मर्यादाएं टूटती हैं ।।                 &... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   1:54am 12 Oct 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
अलविदा कहने का वक्त आ ही गया आखिर.. मेरे साथ रह तुम भी खामोशी के आदी हो गए थे । अक्सर हवा की सरसराहट तो कभी गाड़ियों के हॉर्नकम से कम मेरे को अहसास करवा देते कि दिन की गतिविधियां चल रहीं हैं कहीं । 'वीक-एण्ड'पर मैं अपने मौन का आवरण उतार फेंकती तो तुम भी मेरी ही तरह व्यस्त और मु... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   4:58am 6 Oct 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
अक्सर पढ़ती हूँ तीज-त्यौहारों के संबन्धित विषयों के बारे में..अच्छा लगता है भिन्न- भिन्न प्रान्तों के रीति-रिवाजों के बारे में जानना । इन्द्रधनुषी सांस्कृतिक विरासत है हमारी ..संस्कृति की यही तो खूबी है किवह पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है । निरन्तरता में नव-पुरातन घुल-मिल जाता है... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   5:07am 3 Oct 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
(1)मानो या ना मानो दिल की धडकनों जैसाबेशुमार लगाव है तुम सेजेनेटिक प्रॉब्लम की सुनते हीउसके लिए भी तो यूं ही बेहिसाब प्यार छलका थाजैसे तुम्हारे लिए छलकता हैप्रतिदिन… प्रतिपल...(2)अजीब सी हलचल होती है दूध के उबाल सी….जब कहीं विनम्रता को            &nb... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:40am 1 Oct 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
"मुक्तक"( 1 )मानव की यह आदत पुरानी है नई नहीं है ।।सीखा नहीं कल से कुछ क्या ये सही है ।।दिवास्वप्नों में खोया यह भी नही जानता ।आने वाले कल की नींव आज पर धरी है ।।(2)तीखे तंज सहन करना सीख लोगे ।समझो आधी दुनियां जीत लोगे ।।वक्त सीखा देता है जीने का ढंग ।मार्ग के कंटक भी स्वयं बीन... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   5:40am 27 Sep 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
अपना वजूद भी इस दुनिया का एक हिस्सा है उस पल को महसूस करने की खुशी , आसमान को आंचल से बाँध लेनेका  हौंसला , आँखों में झिलमिल - झिलमिलाते  सपने और आकंठ हर्ष आपूरित आवाज़ -                                         “ मुझे नौक... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   7:43am 22 Sep 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
 तिनका तिनका जोड़ तरु शाखाओं के बीचबड़े जतन से उन्होंनेबनाया अपना घरसांझ ढलते ही पखेरूअपना घर ढूंढ़ते हैं यान्त्रिक मशीन नेकर दी उनकी बस्ती नष्टटूटे पेड़ों को देख करविहग दुखित हो सोचते हैंउनके घर की नींव परबहुमंजिल भवन बनेंगेहर शाख घरों से पटी होगीकंक्रीट के जंगल... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   11:00am 19 Sep 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
खामोशी का मतलबबेज़ारी नही होताऔर मूर्खता तो कभी नहीकुदरत ने  हमें बख़्शी हैबोलने के लिए एक जुबानऔर सुनने को  दो कानसुनना और सुन कर गुननाअहम् अंश हैं जीवन केनीरवता में फूटता संगीतदेता सीख व्यवहार कीऔर फूंकता है प्राणसुप्तप्राय: नीरस मन मेंएकांत की शांति में द्रु... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   9:29am 13 Sep 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
जिन्दगी की पहेलीरेशमी लच्छियों सीउलझी-उलझी मगरअहसासों में मखमलीपहेली तो पहेली हैजितना प्रयास करोसमझने और सुलझाने काउलझती ही चली जाती हैउसके बाद इन्सान न तोगौतम बुद्ध बन पाता हैऔर न आम इन्सान ही रह पाता हैगौतम बुद्ध….वो तो सिद्धार्थ थेराजा शुद्धोधन के पुत्ररोज की ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   12:36pm 6 Sep 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
 मीठे अहसासऊषा किरण खिलती कलियाँवर्षा की बूंदेंउगता सा जीवनअभिनन्दन करनासीखो ना ....कभी खट्टा साकभी मीठा साकड़वेपन काअहसास लिएअनुभूत क्षणों का                            मिश्रित स्वादकभी चखने से यूं डरो ना…देखो सब केअपने प... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   2:06am 1 Sep 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
पहाड़ों की एक सांझगीले गीले से बादलमोती सी झरती बूँदेंखाली बोझिल सा मनऐसे में चाय की प्यालीमन को स्पन्दित करतीप्राणों में उर्जा भरतीचिन्तन को प्रेरित करतीपंचभूत की है प्रधानताजड़ चेतन मे सारेयूं ही भागे फिरते हैं हममोह-माया के मारे बूँद उठी सागर सेसागर में मिल जान... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   5:00am 25 Aug 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
( 1 )पहाड़ों पर कई दिनों के बाद धूप खिली है ओक भर धूप पी तुहिन कण रूपा सा रूप लिए बिखर गए यत्र-तत्र सर्वत्र गिरि गोद में मोती से चमकते आकर्षित करते( 2 )उतर आया झील की सतह में पूनो का चाँद चन्द्रिका और तारे संग संग में जल के आंगन में दूर गगनमन्त्रमु... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:35pm 17 Aug 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
बचपन से मेरे साथ मेंहर काम मेंहर बात मेंमेरी फ़िक्र मेंमेरे साथ रहनाभाई ! मुझेइतना है कहनामेरे लिए एककाम करनादिल में सहेज साथ  रखना बचपन की उनयादों का गहनाबाँधू मैं तुझकोरेशम के धागेमांगू  मैं मन्नतरब के आगेखुशियों भराहो संसार तेराआँचल के अपनेछोर सेमैने ब... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   11:49am 14 Aug 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
बहुत कोशिशों के बाद भीअपने आप सेबेजारी है किजाने का नाम ही नही लेती..कभी ये नही तोकभी वो नहीऐसा है तोऐसा क्यों हैयदि नही है तोक्यों नहीं है..ढेर सारेकिन्तु-परन्तुऔर जवाब...उलझनों का ढेरलम्बी खामोशी उसके बादकुछ भी न करपाने की लाचारीअपने आप मेंरिक्तता भरती है कभी ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   6:47am 10 Aug 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
आस किरणलिए अपनी आबसुनहली आशाएँसजी दृगों मेंबन के हसीं ख्वाबजगाती नेह रागमुस्कुराहटछलकी अनायास सूर्य आभा के साथनिर्विघ्न खुलेमन की देहरी केसांकल चढ़े द्वारमन का दीयामन की देहरी पेप्रज्वलित हो कर कितनी बारजाकर जलता हैगत के उस पार... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   9:00pm 4 Aug 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
साधारण कहलाना मंजूर नहीऔर असाधारण होना मांगता हैकठिन श्रम साध्य लक्ष्य साधनाचाहिए गर आसमान से पूरा चाँदतो दोषारोपण करना गलत होगावक्त कब थमा किसी की खातिरउसे पकड़़ने के लिए श्रम करना होगालकीरों को छोड़ नव जागरण लातू नहीं किसी से कम पहले स्वयं को समझाछोड़ व्यर्थ प्रलाप... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:26am 1 Aug 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
(This photo has been taken from Google)कई बार आवाज दी मैने ....कभी तुम्हे याद कर केकभी खुद से उकता के..दिल ने बहुत दिल से बहुत बार दस्तक भी दीतुम्हारे दरवाजे परमगर तुम्हारी खामोशी ….,कहाँ मुखर होती थीबस दस्तक की प्रतिध्वनिलौट आती थी मुझ तकमै कौन हूँ मुझको यहजताने की खातिर .....,सुना है आज कल तुम भी... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:07am 17 Jul 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
स्वर्णिम हो उठी वसुंधरा ऊषा रश्मि आने के बाददेख  नेहामृत बरसताप्रकृति मेंं जागा अनुरागकैनवास सी रत्नगर्भाबिखरे अनगिनत गुलमोहरपाथ मॉर्निंग वाक कास्मृति मंजूषा की धरोहरसांझ की उजास मेंखग वृन्द नीड़ लौटतेदेख भानु आगमननीड़ फिर से छोड़तेजीया तूने जितना भी वक्तमुझ ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   2:07am 13 Jul 2019
Blogger: Meena Bhardwaj
(This photo has been taken from Google)अनवरत भाग-दौड़ कभी खुद के पैरों पर खड़े होने की जद्दोजहद तो कभी सब की अंगुली थाम कारवाँ के साथ चलने की मशक्कत …, जीवन बीता जा रहा रहा था गाड़िया लुहारों जैसा.. आज यहाँ-कल वहाँ ।  मेरे साथमेरे हम कदम बन भागते दौड़ते तुम ….., कब Oasisकी पहचान करना खुद सीख गए और कब उनकीउ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:02am 8 Jul 2019
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