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नमस्ते namaste

अनायास ही,हाथ से छूट गई !छन्न से टूट गई,मेरी प्रिय चूड़ी !हा कर ताकती रह गई ..कुछ ना कर सकी !क्या फिर से जुड़ सकेगी चूड़ी जो टूट गई ?क्या दिल भी टूटते हैं यूँ ही ?क्या स्वप्न भी   चूर-चूर होते हैं ऐसे ही ?टूट कर जुड़ते भी हैं कभी ?पता नहीं.बाबा रहीम तो कहते हैं यही ..टूटे से फिर ना...
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  April 17, 2019, 12:51 pm
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नमस्ते namaste ...
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  April 14, 2019, 7:37 am
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  April 14, 2019, 7:37 am
"जीवन से लम्बे हैं बंधु , इस जीवन के रस्ते  .. "सुरम्या ने अपना चहेता गीत इतने दिनों बाद सुना तो वॉल्यूम बढ़ा दिया। मन्ना दा का गाया यह गीत जब से सुना था, तब से ही ना जाने क्यों बहुत अपना लगता था। अपना शहद-नीबू पानी का गिलास लेकर सुरम्या खिड़की के पास बैठ गई। खिड़की के पास लगे का...
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  April 9, 2019, 1:10 pm
बारिश रुक गयी थी । पर बादल थे । और ठंडी बयार बह रही थी । चाची ने बेसन की गरम-गरम पकौड़ियाँ बनायीं थीं । सारे के सारे चचेरे भाई-बहन गुट बना कर  बाहर बरामदे में बैठे हुए थे । अनुभा जो इन सब में  बड़ी थी, अभी-अभी अदरक वाली चाय बना कर ले आई थी । चाय ही नहीं, बातों और गप्पों की भी...
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  April 3, 2019, 3:35 pm
Workers cleaning the guttersWithout the safety gearsDied of poisonous gases.Cried the bold headlines.We the moral custodiansWe the conscientiousWe the sympathetic righteousShed thought-provoking tears.Blamed the insensitive partiesAnd debated the dubious ethics.While we hurled accusationsAnd became moral champions.Three young students set to workTo figure out practical solutions.They have finally devised an option.To replace human scavengersWith affordable robotic scavengers.We just found fault with the system.They simply solved the problem.Now it's our turn again to seek justice.Insist on getting the idea implemented.If opportunities come disguised as problems..Then here is a mighty challen...
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  April 2, 2019, 10:49 am
Workers cleaning the guttersWithout the safety gearsDied of poisonous gases.Cried the bold headlines.We the moral custodiansWe the conscientiousWe the sympathetic righteousShed thought-provoking tears.Blamed the insensitive partiesAnd debated the dubious ethics.While we hurled accusationsAnd became moral champions.Three young students set to workTo figure out practical solutions.They have finally devised an option.To replace human scavengersWith affordable robotic scavengers.We just found fault with the system.They simply solved the problem.Now it's our turn again to seek justice.Insist on getting the idea implemented.If opportunities come disguised as problems..Then here is a mighty challen...
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  April 2, 2019, 10:49 am
तुम सरल जल की बूंद,ओस की बिंदी,अश्रु का मोती,निश्छल पारदर्शी ।क्षणभंगुर ..पर अमिट पावन स्मृतिक्षीर सम ।सूर्य रश्मि का परस पाकर बन जाती पारसमणि ।तुम कहींजाती नहीं ।विलय होती ।बन जाती अंतर्चेतना।सहसासमा जातीसहृदयपुष्प कीपंखुरियों में ।तुम निरीइक बूंद !बूंद में हीख...
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  March 27, 2019, 3:02 pm
कड़वे अनुभवों की खर-पतवार कोसोच की उपजाऊ ज़मीन परजड़ें मत फैलाने देना ।इनकी कड़वाहट  जंगली बेल की तरहतेज़ी से चारों तरफ़फैल कर जकड़ लेती हैं ।अच्छे ख़यालात कोपनपने नहीं देती ।इसलिए हो सके तोनियम से इन्हेंउखाड़ फेंको ।अगर कुछ करना है ।अगर कुछ पाना है ।तो बहुत देर तककटुता को...
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  March 24, 2019, 6:22 pm
#विश्वकवितादिवस #WorldPoetryDay...
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  March 21, 2019, 11:11 am
#विश्वकवितादिवस #WorldPoetryDay...
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  March 21, 2019, 11:11 am
नन्ही गौरैया आओ तुम ।अपना घर बसाओ तुम ।मेरे छोटे-से घर की छत का कोना, खिड़की,बालकनी, दुछत्ती, अहाता,सब बाट जोहते हैं तुम्हारी ।यहाँ घोंसला बनाओ ।दिन भर दाना चुगो ।प्यास लगे तो पानी पियो ।ये सब यहाँ मिलेगा ।और प्यार मिलेगा ।ज़्यादा कुछ नहीं,देने कोहमारे पास भी ।तुम्हें भी ...
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  March 20, 2019, 11:47 pm
नन्ही गौरैया आओ तुम ।अपना घर बसाओ तुम ।मेरे छोटे-से घर की छत का कोना, खिड़की,बालकनी, दुछत्ती, अहाता,सब बाट जोहते हैं तुम्हारी ।यहाँ घोंसला बनाओ ।दिन भर दाना चुगो ।प्यास लगे तो पानी पियो ।ये सब यहाँ मिलेगा ।और प्यार मिलेगा ।ज़्यादा कुछ नहीं,देने कोहमारे पास भी ।तुम्हें भी ...
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  March 20, 2019, 11:47 pm
सही में यार !बहुत मुश्किल है !सही क्या ?ग़लत क्या ?इस सब की विवेचना ।कोई कितना करे ?और कब तक करे ?किंतु परंतु का कोईअंतिम छोर है क्या ?निष्कर्ष कैसे निकलेगा ?रेगिस्तान में जल दिखनातो छलना है ।मृगतृष्णा है ।क्षितिज जब तकदूर है,सबको मंज़ूर है ।नज़र का नूर है ।मगर पास गए अगरतो कु...
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  March 17, 2019, 8:18 pm
कोई दुख होता है ऐसाजो कभी भीकहते नहीं बनता। कविता में नहीं,कथा में नहीं,बंदिश में नहीं,रंगों में नहीं,बस चुपचाप बहता रहता हैभीतर कहीं,चौड़े पाट कीनदी की तरह ।तट कभी भी मिलते नहीं ।पर उम्मीद भीकभी टूटी नहीं ।अब भी लहरों में ढूंढती नाव केवट की,जो पार उतारतीप्रभु राम को...
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  March 12, 2019, 3:54 pm
अभिमन्यु की वीरगति कभी भी व्यर्थ नहीं जाती। बलिदान की परिणति न्याय की स्थापना ही होती। यही इस देश की नीति .. समस्त विश्व से प्रीति पर युद्ध में चाणक्य नीति। विजय सदैव मानवता की क्यूंकि लक्ष्य केवल शांति ही। जवानों ने खूब निभाई ज़िम्मेदारी अब आई हर भार...
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  March 8, 2019, 10:33 pm
सीमा पर फ़ौजी तोहमेशा ही तैनात रहा।क्या हमें भी अपनेकर्तव्य का भान रहा ?युद्धहर जगह चल रहा है। युद्धहर कोई लड़ रहा है। कोई सीमा का प्रहरी है। कोई घर में युद्ध बंदी है। युद्ध की कोईसीमा है क्या ?युद्ध की कोईगरिमा है क्या ?भीतर हम सबके एक लक्ष्मण रेखा है। अपने सिव...
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  March 7, 2019, 3:30 pm
आज बड़े दिनों बाद दिलों में जोश आया है। अर्जुन ने आज फिर गांडीव उठाया है। आज हवाओं ने झूम कर फ़ख्र का परचम लहराया है। आज नभ में शौर्य का प्रखर सूर्य जगमगाया है। बारह रणवीरों ने आज अभय का कर शंखनाद आतंक को ललकारा है !शठता को पछाड़ा है। जननी जन्मभूमि का, ...
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  March 3, 2019, 7:26 pm
जब तक होश है। रग-रग में जोश है। जिगर में जोश के बुलबुले नहीं ,जोश के जुगनू भी नहीं जो पलक झपकने तक ही मौजूद रहें। ये जो कौंधता है मेरे वजूद में ,बिजली की तरह  . . ये बरसों की तपस्या है। ठोकर खा-खा कर जो संभला है,आग में तप कर जो निखरा है,वो फ़ौलादी हौसला है। य...
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  February 27, 2019, 11:54 pm
वक़्त पर मत चूकना इतना तैयार रहना ।करना निरंतर अभ्यासदिन-रात लक्ष्य साधना ।समय पर देती है साथकेवल अपनी साधना ।कर्म पर करना विश्वाससत्कर्म से स्वधर्म साधना ।वक़्त पर मत चूकना ।इतना तैयार रहना ।...
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  February 18, 2019, 11:28 pm
आई वसंत ऋतु की बहारपहन पीली सरसों के फूललय में बह रही शीतल बयारधीरे धीरे बहे नदिया की धारकोयलिया करे मीठी मनुहारक्यारी में झूमे फूलों की कतारउल्लास ही सबसे सुंदर श्रृंगारमौसम में मानो घुल गया प्यार...
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  February 11, 2019, 3:11 pm
सरस्वती माँ ।वरद हस्त शीश पर रख दो माँ ।सहस्त्र सजल नमन स्वीकार करो माँ ।वीणा के तार झंकृत किएजिस वेला आपने ।वसंत फूला जगत मेंऔर अंतर्मन में । ऐसा वर दो माँ विद्या को वरूँकिंतु अपने तक ना रखूंजितना मिले उतना बांटूं ।ऐसा वर दो माँ कला की साधना करूंपर प्रदर्शन की परिधि म...
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  February 10, 2019, 11:06 pm
पथिक, चलते रहना तुम्हारी नियति है.पर यदा-कदा विश्राम करना.चना-चबैना जो अपनों ने साथ बांधा था,उस पाथेय से भीन्याय करना. छाँव घनी हो जिस वृक्ष की उसकी छाया में कुछ देर बैठना.अपने पाँव के छाले देखना और सहलाना.शीतल बयार की थपकी पाकर चैन की नींद सो जान...
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  February 7, 2019, 4:37 pm
चलो फिर से शुरु करते हैं जीना ।इस बार शायद आ जाएठीक से जीना ।शत-प्रतिशतमुनाफ़े का सौदानहीं है जीना ।बहुत जानोअगर सीख पाओथोड़े में बसर करना ।बहुत समझोअगर आ जाएहार कर जीतना ।बूंद-बूंदजीवन की सरसताका आनंद लेना ।पल-पलभाग्य रेखाओं मेंमेहंदी की तरह रचना ।चलो फिर से शुरु कर...
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  February 5, 2019, 11:20 pm
जाने कहाँ सेएक रंग-बिरंगी चिड़िया छोटी-सीखिड़की पर आ बैठी ।जान ना पहचानबिन बुलाई मेहमान !पर जान पड़ीअपनी-सी ।स्वागत को हाथ बढ़ाया ही था ..कि उड़ गईफुर्र !जता गई ..आनंद की अनुभूतिहोती है क्षणिक ।हृदय के तारझंकृत कर जाती है,तरंग जो एक मधुररागिनी बन जाती है ।जिसे वही चिड़ियाकि...
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  February 2, 2019, 3:34 pm
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