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Blog: नमस्ते namaste

Blogger: noopuram
असत्य तो हारता ही है अंततः बेशक़ हम समझ ही ना पाएं, भेद न कर पाएं हार-जीत में।  चूक जाए विश्लेषण हमारा। भ्रमित कर दे अन्वेषण हमारा।याद करो जब घटती है दुर्घटना अथवा होता है कुछ बहुत बुरा आदमी अनभिज्ञ बन कर है पूछता मेरे ही साथ आखिर ऐसा क्यों हुआ ?मैंने... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   2:58pm 9 Oct 2019 #
Blogger: noopuram
हँसी आ गईदेख करबिजली के तार परनट की तरहसूरज दादा कोसंतुलन बनाते हुए !इंसान की क्या बिसात !बड़े-बड़ों को झंझटों में फंस करझूलते तारों मेंउलझ करडगमगाते देखा ।घटनाक्रम औरकालचक्र के पेंच नेदुर्दांत टेढ़ों कोसीधा कर दिया ।समय कीडुगडुगी बजा करचुटकी बजातेसिखा दियानट का नाच ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   8:07am 7 Oct 2019 #
Blogger: noopuram
दिल और दिमाग़ कीखिड़कियां खुली रखना ।ताज़ा हवा आने देना ।ज़रूरी नहीं हमेशाहम जो सोचते हों,वही सही हो ।सामने वाले कीनज़र से सोचना भी,कभी कभी होता है अच्छा ।रंग कोई भीहो जाता है दूना,जब उसमें घुलने दोकोई रंग दूसरा ।चित्र साभार - सुवीर शांडिल्य ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   1:41pm 3 Oct 2019 #
Blogger: noopuram
सुबह से ही गहरे बादल घिरे हुए थे. सायली झटपट काम निबटा कर जल्दी घर जाना चाहती थी. इधर कुछ दिनों से झुटपुटा होने से पहले घर पहुँचने की कोशिश रहती थी उसकी. उसकी खोली तक पहुँचने के रास्ते में एक चाय की टपरी पर.. मरे कुछ आदमी आकर बैठने लगे थे एक दो महीने से ! बेहुदे कहीं के ! फालतू ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   11:32am 27 Sep 2019 #
Blogger: noopuram
सुबह से ही गहरे बादल घिरे हुए थे. सायली झटपट काम निबटा कर जल्दी घर जाना चाहती थी. इधर कुछ दिनों से झुटपुटा होने से पहले घर पहुँचने की कोशिश रहती थी उसकी. उसकी खोली तक पहुँचने के रास्ते में एक चाय की टपरी पर.. मरे कुछ आदमी आकर बैठने लगे थे एक दो महीने से ! बेहुदे कहीं के ! फालतू ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   11:32am 27 Sep 2019 #
Blogger: noopuram
हिंदीभाषा नहींनदी है,जो अविरलबहती है,गंगा यमुनाकावेरी गोदावरीचेनाब रावीब्रह्मपुत्र की तरहदेश भर कीयात्रा करती हुई,हर तट से गले मिलती,सुख-दुख बटोरती,लोक संस्कृतिऔर बोलीसमेटती हुई,बहती ही जाती है ।यह भाषा ऐसी है ।सबको अपनाती है ।अपनी लगती है ।जैसे नदियां जोड़ती हैं,स... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   6:28pm 14 Sep 2019 #
clicks 8 View   Vote 0 Like   9:59am 13 Sep 2019 #
Blogger: noopuram
मेघों से आच्छादित आकाश में जब अनायास खिलता है इंद्रधनुषजल की बूंदों से छन कर आतीसूर्य रश्मि के प्रखर तेज को हीकहते हैं इच्छाशक्ति ।दुख से जकड़े घोर अंधकार मेंजब सब हो जाता छिन्न-भिन्नहारा मन होता टूक-टूक हो मूकआस का दीप बने जीवट को हीकहते हैं इच्छाशक्ति ।दुर्घटना की... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   5:49pm 11 Sep 2019 #
Blogger: noopuram
एक दिन अकस्मातझर गए यदि सब पात ऐसा आये प्रचंड झंझावात.. ना जाने क्या होगा तब ?सोच कर ह्रदय होता कम्पित।सुखी टहनियों पर कौन गाता गीत ?सूने ठूंठ पर कौन बनाता नीड़ ?रीते वृक्ष का कोई क्यों हो मीत ?क्या कभी हो पायेगा संभव ऐसा ?ठूंठ की जड़ में जाग्रत हो चेतना।प्राण का संचार हो ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   9:00am 4 Sep 2019 #
Blogger: noopuram
प्यारे बप्पा,आख़िर आ ही गया समय का चक्र घूम कर उस पर्व पर जब तुम आते हो,घर-घर में करते होनिवास। वास करते हो  .. या व्रत रखते हो दस दिन का ?भक्त का मंगल करने को ?जो भी हो  .. तुम आते हो। हर घर पावन कर जाते हो। अशुभ को शुभ कर जाते हो। जब तक तुम हो। विघ्न हर ले ... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   5:57pm 1 Sep 2019 #
Blogger: noopuram
पीला गेंदा, नारंगी गेंदा, मोगरा, रजनीगंधा, हरसिंगार, बेला, जूही और ये गुलाब !टिकुली फूली नहीं समा रही थी ! सात साल की इस नन्ही परी  के हाथों में फूलों से भरी टोकरी नहीं, फूलों की घाटी ही सिमट आई थी !वसंत पंचमी की मीठी बयार ने टिकुली को सुबह-सुबह टपली मार के जगा दिया था.सरस्वत... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   7:11pm 30 Aug 2019 #
Blogger: noopuram
नमक का दारोगा  ?अजी ऐसे किरदार, जो अपने ईमान पर चट्टान की तरह अडिग रहते हैं,वो असल ज़िंदगी में कहाँ होते हैं ?इतना कह कर हम छुटकारा पा लेते हैं। असल ज़िन्दगी में भी नमक के दारोगा होते ,अगर हम दूसरों से नहीं ख़ुद से उम्मीद रखते। यदि हम सचमुच चाहते,  तो दूसर... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   10:05am 31 Jul 2019 #
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बीज बोने केबहुत दिनों बाद तकसींचते-सींचतेमिट्टी को नरम रखतेआतुर नयनढूँढते हैंजीवन का कोई चिन्ह ।और तबजब एक दिन अचानकनम मिट्टी में एक अंकुर फूटते देख जो पुलक हृदय में हिलोर लेती है ..उल्लास का सरोवरबन जाती है ।उस सरोवर को कभीसूखने मत देना ।उस निर्द्वंद पुलक कोभाव सरो... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   7:20am 26 Jul 2019 #
Blogger: noopuram
नीलाम्बर सा नभ का चंदोबा,पतंगों सी झिलमिलातींपताकाएं बावरी झूमती,पीताम्बर सी फहरातीं ..कीर्तन करती हुईआनंद उत्सव मनातीं  वंदना की वंदनवार। ह्रदय को आभास करातींभक्ति की आभा का ।कोई तान हृदय से उठतीजुगल जोड़ी के चरणों मेंशीश नवाती अश्रु बहातीहो समर्पित लौ लगाती ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   5:30pm 21 Jul 2019 #
Blogger: noopuram
नानाजी ने दी थीनारायण की चवन्नी ।कहा था,संभाल कर रखनाइसे कभी मत खोना ।ये भी कहा था,जब सब खो जाता है,तब काम आती हैनारायण की चवन्नी ।बात सच्ची निकली ।जब किस्मत खोटी निकलीतब चवन्नी ही काम आई ..नारायण की चवन्नी ।क्या नहीं खरीद सकती ?चांदी-सोने की गिन्नी ?पर मन का चैन देतीनार... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   9:59am 18 Jul 2019 #
Blogger: noopuram
जीवन को उत्सव जानो ।कर्मठता में ढालो ।परम उत्साह से सींचो ।हर अनुभव से कुछ सीखो ।विद्या का सार समझो ।अवसर पर न चूको ।परिश्रम करते रहो ।हरि नाम जपते रहो ।समस्याओं का सामना करो ।विडंबनाओं से लोहा लो ।गुरुदेव ने कहा,और उतार दी नौकाभव सागर में ।इससे पहले उन्होंनेसिर पर हा... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   6:54pm 16 Jul 2019 #
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जीवन को उत्सव जानो ।कर्मठता में ढालो ।परम उत्साह से सींचो ।हर अनुभव से कुछ सीखो ।विद्या का सार समझो ।अवसर पर न चूको ।परिश्रम करते रहो ।हरि नाम जपते रहो ।समस्याओं का सामना करो ।विडंबनाओं से लोहा लो ।गुरुदेव ने कहा,और उतार दी नौकाभव सागर में ।इससे पहले उन्होंनेसिर पर हा... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   6:54pm 16 Jul 2019 #
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तीन गुलाब खिले एक साथ !छोटे से पौधे पर !पात-पात पर आई बहार !चतुर्दिक छाई रौनक़ !वर्षा हो रही थम-थम  .. बूंदों का जलतरंग कर्णप्रिय सुन कर गदगद मन मयूर फैला कर इंद्रधनुषी पंख बाँध कर बूंदों के नूपुर  नृत्य कर रहा झूम-झूम !मन मगन बना विशाल गगन तब प्रस्तुत हुआ यह ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   2:56pm 12 Jul 2019 #
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तीन गुलाब खिले एक साथ !छोटे से पौधे पर !पात-पात पर आई बहार !चतुर्दिक छाई रौनक़ !वर्षा हो रही थम-थम  .. बूंदों का जलतरंग कर्णप्रिय सुन कर गदगद मन मयूर फैला कर इंद्रधनुषी पंख बाँध कर बूंदों के नूपुर  नृत्य कर रहा झूम-झूम !मन मगन बना विशाल गगन तब प्रस्तुत हुआ यह ... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   2:56pm 12 Jul 2019 #
clicks 98 View   Vote 0 Like   5:21pm 10 Jul 2019 #
Blogger: noopuram
जो पूछना नहीं भूलतेकैसे हैं आपके पौधे ..उन्हें पता है आपकी जान बसती हैअपने पौधों में,जैसे कहानियों मेंअक्सर राजा कीजान बसती थी हरे तोते में ।उन्हें आभास हैजीवन कीक्षणभंगुरता का ।इसलिए जी उनकाउत्साह से छलकतास्वच्छ ताल गहरा..जिसमें खिलतेअनुभूति के कमल ।जल में सजलजीव... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   2:31pm 7 Jul 2019 #
Blogger: noopuram
जो पूछना नहीं भूलतेकैसे हैं आपके पौधे ..उन्हें पता है आपकी जान बसती हैअपने पौधों में,जैसे कहानियों मेंअक्सर राजा कीजान बसती थी हरे तोते में ।उन्हें आभास हैजीवन कीक्षणभंगुरता का ।इसलिए जी उनकाउत्साह से छलकतास्वच्छ ताल गहरा..जिसमें खिलतेअनुभूति के कमल ।जल में सजलजीव... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   2:31pm 7 Jul 2019 #
Blogger: noopuram
आज यह फूल खिलाउस पौधे पर,जिस पौधे कीलगभग इतिहो चुकी थी ।पर जब किसी ने कहा,चमत्कारीहोती है आशा..और सेवा,उस भरोसे नेपौधा फेंकनेनहीं दिया ।दिन-रात बसमन में मनायाजी जाए पौधा ।मिट्टी खाद धूप जलऔर देखभाल नेपौधे में रोप दी जिजीविषा ।आशा नेऔषधि काकाम कर दिखाया ।आज सुबह देखा... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   5:34pm 27 May 2019 #
clicks 218 View   Vote 0 Like   6:31pm 23 May 2019 #
clicks 39 View   Vote 0 Like   6:31pm 23 May 2019 #
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