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Amit Mishra

एक आशिक़ को इस तरह बेचारा नही करतेबाद  जुदाई  के  प्यार  से  पुकारा नही करतेकुछ  तो  खौफ़  ख़ुदा  का  तुम  भी रखोकरके  वादे&nbs...
Amit Mishra...
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  March 19, 2019, 10:59 am
मैं तुम्हे बाँधना नही चाहता थामैं तुम्हे रोकना चाहता थातुम कल कल करती एक नदी की मानिंद बह जाना चाहती थी अन्जान दिशा में ...
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  March 10, 2019, 9:32 pm
प्रेम पर रची गयी हर कविता में मैं तुम्हे पढ़ता हूँविरह के हृदय भेदी शब्दों को महसूस करता हूँपरिस्थितियों को परिभाषित कर...
Amit Mishra...
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  March 8, 2019, 11:59 am
टूटे  इस  रिश्ते  में, आ  कर के  गिरह  दे दोशिकवों को संग लाओ, लंबी सी जिरह दे दोअश्कों  से  भरी आँखें, ग़मगीन  सी  हैं  रातेæ...
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  February 27, 2019, 9:32 am
रब से कोई दुआ थी माँगीफल में जिसके  पाया ग़मसबके हिस्से आई खुशियाँमेरे   हिस्से   आया   ग़मभोर दोपहर या हो संध्याबदली बन ...
Amit Mishra...
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  February 24, 2019, 3:27 pm
यादें....याद है तुम्हें जब थोड़ी सी बारिश में भी मैं बहुत ज्यादा भीग जाया करता था..क्योंकि मैं जानता था घर पहुँचने पर तुम डाँट...
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  February 23, 2019, 9:52 am
अथाह प्रेम की गहराइयों में उतरसहनशीलता के चरम को पा लेती हूँमैं  प्रेम  में  डूबी  स्त्री  हूँमैं सब कुछ छुपा लेती हूँë...
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  February 20, 2019, 3:10 pm
हो बात अगर बस ख्याति कीमैं  ख़ुद  ही  पीछे  हो  जाऊंविख्यात बनो तुम अमर रहोमैं इतिहास बनूँ और खो जाऊंतुम बनो देवता मंथन म...
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  February 19, 2019, 11:25 am
गिरा है जो उठा ना हो, जो उठ गया गिरा नहीजो पास है तेरा ही है, जो ना  मिला  तेरा नहीआदि है अनंत है, प्रयत्न का ना  अंत हैमार्ग जो...
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  January 15, 2019, 1:21 pm
विश्वास हमारी गाड़ी में लगे पहिये के मानिंद है.. पहिया जो कि निरंतर चलता रहता है बिना रुके और हम मानते हैं कि वो पहिया पहुंच&...
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  January 15, 2019, 1:19 pm
आकर्षण एक नवजात शिशु की मानिंद होता है जो शुरू में तो बहुत निर्मल, निश्छल, प्यारा और मोहक लगता है क्योंकि वो अभी अभी हमारे &...
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  January 15, 2019, 1:17 pm
रात अमावस गहरी कालीजाने क्यों ना  आया  चाँदओढ़ी बदरी सोया फिर सेथोड़ा सा  अलसाया  चाँदसहमी चिड़िया डरी गिलहरीथोड़ा  और  इ&...
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  January 6, 2019, 7:13 pm
क्यों माई मुझे  अब बुलाती नही हैक्या तुझको मेरी याद आती नही हैबड़ी बेरहम है  शहर की ये दुनियाजो भटके तो रस्ता दिखाती नही ह...
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  January 6, 2019, 7:09 pm
चाँद रात्रि का बड़ा बेटा है और ये सितारे उसके छोटे भाई बहन...दिन का समय इनका खेलने और सीखने का समय होता है तो ये घर से बाहर निक...
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  December 28, 2018, 10:11 am
बरसात में नदी का भर जाना प्रेम होना है...फिर समंदर की तरफ तेजी से बढ़ना और उस तक पहुंचने का प्रयत्न करना प्रेम में पागल होना ह...
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  December 28, 2018, 10:09 am
रात  ठहरी  है  उस  पहर सेवो जब से गया इस शहर सेना हुआ दीदार आख़िरी उसकागिर गया हूँ अपनी ही  नज़र से ना रही  मंज़िल की ख़्वाहिश...
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  December 10, 2018, 8:52 am
देख  अमावस  डर  के  मारेसोया चाँद और छुप गए तारेछोड़ छाड़ के दाना तिनकापंछी आ  गए  घर को  सारेसूनी सड़कें चुप चौराहेतन्हाई...
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  December 10, 2018, 8:51 am
गाँव वाले घर के सामने जो जगह खाली पड़ी थी वहाँ धूप बहुत आती थी। दिन में उसका कोई उपयोग होता नही था पर शाम को अक्सर छोटे बच्चे...
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  December 7, 2018, 11:25 am
सपनों की चादर और पलकों का पहराजो  नैनों  ने  देखा  वो  तेरा  था  चेहराथा  जाड़ों का मौसम  और रात सुहानीएक भीनी सी ख़ुशबू ज्...
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  December 1, 2018, 9:09 am
खुल के जियो तो मजा है ज़िंदगीगिनो ग़म को तो  सजा है ज़िंदगीवादों कसमों को भुला सको तोसंग हालातों के रजा है ज़िंदगीदिन रात बदë...
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  December 1, 2018, 9:08 am
चला था  जहाँ से  वहीं हूँ  खड़ा हैं कदम मेरे छोटे या रस्ता बड़ा उठाया  जिसे  और  सहारा  दिया उसी का था धक्का जो मैं गिर पड़ा&...
Amit Mishra...
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  November 22, 2018, 9:33 am
मैं ख़ुश हूँ जो मैं आहिस्ता  चल रहा हूँवो हैरां हैं फ़िर भी आगे निकल रहा हूँवक़्त लेता है करवट कई थमने से पहलेये  गुमां है  मì...
Amit Mishra...
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  November 19, 2018, 9:52 am
दायरों से निकलकर तुझे ख़ुद ही को आना होगा बदन पे  जमी धूल तुझे  ख़ुद ही को हटाना होगा परिंदों को सिखाता नहीं कला कोई उड़ान क&...
Amit Mishra...
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  November 2, 2018, 11:16 am
गहरा  ज़ख़्म है  दिखाऊं मैं कैसेये लंबा है क़िस्सा बताऊं मैं कैसेसड़कें शहर की जकड़े हैं बैठीवापस  मेरे गाँव  जाऊं  मैं कैसí...
Amit Mishra...
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  October 24, 2018, 10:09 am
घर  से  निकले  हैं  पढ़ने  कोजीवन  के पथ  पर  बढ़ने कोकदम  है अगला आज बढ़ायाएक रोज शिखर पर चढ़ने कोना  पहले  सी शामें  होंगीन...
Amit Mishra...
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  October 12, 2018, 4:33 pm
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