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Dr. Hari Mohan Gupt

मुर्गा जो बांग दे कर, सुबह  सबको जगाता है,शाम को प्लेट में सजकर, सदा को सो जाता है,उसके उत्सर्ग का यह हश्र होगा, वह क्यों सोचे ?जगाने  का फर्ज  है उसका, वह  तो निभाता है l ...
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  August 11, 2018, 9:09 am
माँ वाणी मुझ पर रखो, सदा दाहिना हाथ,कृपा अनवरत ही रहे, सदा रहो तुम साथ l              लेखन में गति हो सदा, ऐसा हो अभियान,             गागर में सागर भरूँ, जग का हो कल्याण l ऐसा कुछ मैं लिख सकूँ, जिसमें हो कुछ सार,जन  कल्याणी  योजना,  ऐसे  रहें&nbs...
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  August 8, 2018, 9:15 am
राष्ट्र कवि श्री मैथिली शरण गुप्त=सुप्त राष्ट्र जाग्रत करने में, कौन  था उनके सद्दश,उद्घोषक, युग द्दष्टा का  ही, फैलता  जाता सुयश.यह रहा इतिहास कवि  ही, राष्ट्र का  प्रेरक रहा है,राष्ट्र कवि सम्मान में हम सब मनाएं “कवि दिवस”...
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  August 4, 2018, 8:41 am
कद बड़ा है आपका बस, शाम की परछाई सा,असलियत का तो पता, सूरज सुबह बतलायगा l  सत्य होंगे सब उजागर, दोपहर कल  धूप में,ध्यान से जब देखना,तो खुद समझ आ जायगा l                 ओढ़ करके यह लबादा, ढोंग का कब तक चलेगा,                तथ्य जब होंगे उज...
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  July 31, 2018, 10:39 am
श्रद्धेय श्री नीरज को श्रद्धांजलिजिन्दगी  का मौत  से  ऐसा  लगाव  है,बदले हुये  लिवास  में  आना स्वभाव है.थककर सफर में कोई सुस्ताने लगे पथिक,मैं  सोचता  हूँ  मौत  ही  ऐसा  पडाव  है.                            डा० हरिमोहन  गुप्त,...
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  July 23, 2018, 10:11 am
                      मिथ्या आग्रह, कटुवचन, करे तीर का काम,                      स्वाभाविक यह प्रतिक्रया, उल्टा हो परिणाम                              धन संग्रह नहिं धर्म से, उसका करिये त्याग,                      &nb...
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  July 21, 2018, 10:02 am
 अब पुराना हो रहा है यह मकान,                    देखो खिसकने लगीं ईटें पुरानी,                    झर रहा प्लास्टर कहे अपनी कहानी।           ज रही अब मिटाने पुरानी शान,          अब पुराना हो रहा है...
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  July 17, 2018, 10:02 am
राम चरण रज पा सके, कविश्री “तुलसीदास”,चरण वन्दना हम  करें, राम  आयंगे  पास l                                            रामचरित मानस लिखा, तुलसी के हैं राम,                      गुण गायें ह...
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  July 13, 2018, 9:54 am
 धर्म आचरण का पालन कर, धर्म जिये जा,अहंकार को  छोड़, छिपा यह  मर्म जिए जा.काम, क्रोध, मद, लोभ, सदा से शत्रु रहे हैं, फल की इच्छा क्यों करता, तू कर्म किये जा. ...
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  July 11, 2018, 9:24 am
                        पारस मणि श्री राम हैं, सत्संगति संयोग,                        कंचन मन हो आपका,करलो तुम उपयोग l                 राम नाम की ओढनी, मन में स्वच्छ विचार,                फिर देखो  परिणाम  तुम, बहे प्रेम ...
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  July 9, 2018, 10:10 am
जितनी कम जिसकी इच्छायें, उसकी सुखी  रही है काया,विषय भोग में लिप्त रहा जो, उसने दुख को ही उपजाया.सब ग्रन्थों का सार यही है, सुख दुख की यह ही परिभाषा,तृष्णा, लोभ, मोह को छोड़ो, संतों ने  यह  ही दुहराया....
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  July 5, 2018, 9:26 am
फौलाद की   चट्टान को भी फोड़ सकते हो,कोई कठिन अवरोध हो तुम तोड़ सकते हो l तुम युवा हो, बस इरादा नेक सच्चा चाहिये,सामर्थ  है तुम में, हवा रुख मोड़ सकते हो l ...
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  July 2, 2018, 8:22 am
कवि ही ऐसा प्राणी है जो, गागर में सागर को भरता केवल वाणी के ही बल पर, सम्मोहित सारा जग करता,सीधी, सच्ची, बातें कह कर, मर्म स्थल को वह छू लेता आकर्षित हो जाते जन जन, भावों में भरती है दृढ़ता l ...
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  June 29, 2018, 8:57 am
नभचर,जलचर,जब खेमों में नहीं बंटे हैं,थलचर प्राणी क्यों आपस में लडे कटे हैं,हम में हो सदभाव, सियासी दांव न खेलें,मिल कर रहना सीख सकें हर जगह डटे हैं  ...
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  June 17, 2018, 11:27 am
ईद पर सभी मित्रों को  शुभ कामनाएं,                             आपका                              डा० हरिमोहन गुप्त ...
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  June 16, 2018, 6:09 pm
जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,मेधावी  ही  आगे  बढ़  कर, प्रज्ञावान प्रभावी  होता l अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,गुणी, पारखी और विवेकी, वह  ही प्रतिभा शाली होता l...
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  June 15, 2018, 8:59 am
जो पीड़ित हो बलात्कार से , इस में उसका दोष रहा क्या ?कब तक वह प्रस्तरवत होगी , पूँछ रही है आज अहल्या ?...
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  June 10, 2018, 9:40 am
जग प्रकाशित है सदा आदित्य से, हम प्रगति करते सदा सानिध्य से, कोई माने, या न माने सत्य है,देश जाग्रत  है सदा साहित्य से l ...
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  June 7, 2018, 9:56 am
जग में जो जन्मी प्रतिभायें,उनकी हों जग में चर्चायें,मिल पाए सम्मान यथोचितउनके हित मेरी कवितायें- डॉ. हरिमोहन गुप्त ...
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  June 5, 2018, 11:28 am
  सेवा भाव समर्पण  ही बस, मानव की पहिचान है,              जिसको है सन्तोष हृदय में, सच में वह धनवान है l              यों तो मरते,और जन्मते,जो भी आया यहाँ धरा पर,करता  जो उपकार सदा  ही, पाता  वह सम्मान है l ...
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  June 3, 2018, 8:45 am
गद्द लेखन की तुलना में कहानी का प्रभाव अधिक होता है l कहानी पढने में और सुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है l यदि कहानी पद्द में हो तो और अधिक प्रभावी हो जाती है l“सब सुलझ जाती समस्या , बात नानी की पुरानीबस प्रतीकों में भले हो , एक राजा एक रानीतथ्य के संग हो कथानक , उद्देश्...
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Tag :पुस्तकें
  May 31, 2018, 10:18 am
पहली बार पाँव  कँपते  हैं, जब  हम रंग मन्च  पर जाते,किन्तु सतत अभ्यासी बन जो, कला मन्च का धर्म निभाते l द्दढता,  साहस,  सदाचरण से, तन मन उत्साहित हो जाता,जीवन  में  निर्भीक  रहे  जो, सदा सफलता  वे  नर पाते l ...
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  May 31, 2018, 10:06 am
युग कोई भी रहा हो नारी की स्थिति बराबर की कह कर उसका शोषण ही हुआ है l पुरुषों को अधिकार है कि वह बहु विवाह कर सकता है लेकिन नारी नहीं , यदि उसके साथ बलात्कार हुआ हो तो दोष नारी का ही माना गया और उसे दण्डित भी किया गया l इस ओर समाज का ध्यान आकर्षित करने के लिए पौराणिक पात्र ‘अहल...
Dr. Hari Mohan Gupt...
Tag :पुस्तकें
  May 30, 2018, 11:35 am
पाप पुण्य के गणित को, समझ सका है कौन,मन चाही  है  व्यवस्था, शास्त्र हुये  हैं मौन l                                          पंथों  ने बाँटा हमें, द्वैत और अद्वैत,                      ईश्वर ...
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  May 29, 2018, 4:29 pm
   महाभारत के एक पात्र एकलव्य की गुरुभक्ति पर अधिकतर लेखकों ने लिखा है पर अँगूठा कट जाने के बाद उसकी मनः दशा क्या रही होगी इस पर लिखा यह काव्य अपना अलग स्थान रखता है l      आज ‘अर्जुन’ , ‘द्रोणाचार्य’ सम्मान तो मिलते हैं पर एकलव्य जैसे पात्र को भी सम्मानित किया जा...
Dr. Hari Mohan Gupt...
Tag :पुस्तकें
  May 28, 2018, 10:33 am
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