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Dr. Hari Mohan Gupt

नभचर,जलचर,जब खेमों में नहीं बंटे हैं,थलचर प्राणी क्यों आपस में लडे कटे हैं,हम में हो सदभाव, सियासी दांव न खेलें,मिल कर रहना सीख सकें हर जगह डटे हैं  ...
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  June 17, 2018, 11:27 am
ईद पर सभी मित्रों को  शुभ कामनाएं,                             आपका                              डा० हरिमोहन गुप्त ...
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  June 16, 2018, 6:09 pm
जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,मेधावी  ही  आगे  बढ़  कर, प्रज्ञावान प्रभावी  होता l अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,गुणी, पारखी और विवेकी, वह  ही प्रतिभा शाली होता l...
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  June 15, 2018, 8:59 am
जो पीड़ित हो बलात्कार से , इस में उसका दोष रहा क्या ?कब तक वह प्रस्तरवत होगी , पूँछ रही है आज अहल्या ?...
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  June 10, 2018, 9:40 am
जग प्रकाशित है सदा आदित्य से, हम प्रगति करते सदा सानिध्य से, कोई माने, या न माने सत्य है,देश जाग्रत  है सदा साहित्य से l ...
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  June 7, 2018, 9:56 am
जग में जो जन्मी प्रतिभायें,उनकी हों जग में चर्चायें,मिल पाए सम्मान यथोचितउनके हित मेरी कवितायें- डॉ. हरिमोहन गुप्त ...
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  June 5, 2018, 11:28 am
  सेवा भाव समर्पण  ही बस, मानव की पहिचान है,              जिसको है सन्तोष हृदय में, सच में वह धनवान है l              यों तो मरते,और जन्मते,जो भी आया यहाँ धरा पर,करता  जो उपकार सदा  ही, पाता  वह सम्मान है l ...
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  June 3, 2018, 8:45 am
गद्द लेखन की तुलना में कहानी का प्रभाव अधिक होता है l कहानी पढने में और सुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है l यदि कहानी पद्द में हो तो और अधिक प्रभावी हो जाती है l“सब सुलझ जाती समस्या , बात नानी की पुरानीबस प्रतीकों में भले हो , एक राजा एक रानीतथ्य के संग हो कथानक , उद्देश्...
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  May 31, 2018, 10:18 am
पहली बार पाँव  कँपते  हैं, जब  हम रंग मन्च  पर जाते,किन्तु सतत अभ्यासी बन जो, कला मन्च का धर्म निभाते l द्दढता,  साहस,  सदाचरण से, तन मन उत्साहित हो जाता,जीवन  में  निर्भीक  रहे  जो, सदा सफलता  वे  नर पाते l ...
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  May 31, 2018, 10:06 am
युग कोई भी रहा हो नारी की स्थिति बराबर की कह कर उसका शोषण ही हुआ है l पुरुषों को अधिकार है कि वह बहु विवाह कर सकता है लेकिन नारी नहीं , यदि उसके साथ बलात्कार हुआ हो तो दोष नारी का ही माना गया और उसे दण्डित भी किया गया l इस ओर समाज का ध्यान आकर्षित करने के लिए पौराणिक पात्र ‘अहल...
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Tag :पुस्तकें
  May 30, 2018, 11:35 am
पाप पुण्य के गणित को, समझ सका है कौन,मन चाही  है  व्यवस्था, शास्त्र हुये  हैं मौन l                                          पंथों  ने बाँटा हमें, द्वैत और अद्वैत,                      ईश्वर ...
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  May 29, 2018, 4:29 pm
   महाभारत के एक पात्र एकलव्य की गुरुभक्ति पर अधिकतर लेखकों ने लिखा है पर अँगूठा कट जाने के बाद उसकी मनः दशा क्या रही होगी इस पर लिखा यह काव्य अपना अलग स्थान रखता है l      आज ‘अर्जुन’ , ‘द्रोणाचार्य’ सम्मान तो मिलते हैं पर एकलव्य जैसे पात्र को भी सम्मानित किया जा...
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Tag :पुस्तकें
  May 28, 2018, 10:33 am
न्याय की आँखें नहीं , अपितु कान होते हैं वह दोनों पक्षों को सुनकर अपने विवेक से निर्णय सुनाता है , पर यदि न्यायाधीश के आँख और कान दोनों हों और घटना भी उसी के साथ की हो फिर भी वह दूसरे पक्ष को बिना सुने राज्य से निष्काषित कर दे तो न्याय को क्या कहेंगे ?  पौराणिक, धार्मिक, आध्...
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Tag :पुस्तकें
  May 27, 2018, 10:55 am
विमाता के प्रणय प्रेम के अस्वीकार करने का दण्ड सम्राट अशोक के पुत्र कुणाल को गरम सलाखों से अपने नेत्रों को खो कर भोगना पड़ा l ऐतहासिक प्रष्ठभूमि पर आधारित सत्य घटना है, खण्ड काव्य “कुणाल,ऐक अप्रतिम त्याग” l                             ...
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Tag :पुस्तकें
  May 27, 2018, 10:51 am
पहले भारतवर्ष में वर्ण भेद की समस्या गुरुतर थी l शूद्र अंतिम स्वांस तक अस्पर्श्य का नारकीय जीवन जीते थे , पर 14 वीं शातब्दी के मध्य में शूद्र रविदास अग्रगण्य संतों में गिने गए l  एक महान संत एवं कवि की गौरव गाथा एवं सन्देश , जिसने चर्मकार के घर जन्म लेकर समता का सन्देश दिय...
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Tag :पुस्तकें
  May 26, 2018, 9:57 am
     महाभारत में कर्ण भी एक पात्र है जिसे राजपुत्र होने पर भी शूद्र का जीवन व्यतीत करना पड़ा था क्योंकि वह कुँवारी माँ कुन्ती का पुत्र था और उसे नदी में प्रवाहित कर दिया गया था l जिसे शूद्र कुल की नारी राधा ने पुत्र मान कर पाला l     शिक्षा गृहण के समय परुशराम से , ...
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Tag :पुस्तकें
  May 25, 2018, 10:20 am
       बोद्ध काल में अंगुलिमाल एक डाकू था, लेकिन महात्मा बुद्ध ने अपने वार्तालाप के प्रभाव से उसका ह्रदय परिवर्तन किया, और दस्यु प्रकृति से छुटकारा दिलाया l उसी भाव को सामने रख कर आजकल दस्यु समस्या से छुटकारा न मिलने के कारण और उसके समाधान प्रस्तुत करने की दिशा ...
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Tag :पुस्तकें
  May 25, 2018, 10:16 am
मैनें तो बस गीत लिखे हैं, इनको तुम अपना स्वर दे दो,मैं तो आकार  दिया है, जीवित  रहने  का  वर  दे  दो l  भाषा पर प्रतिबन्ध नहीं हो,छंदों  से अनुबन्ध नहीं  हो,स्वर,लय,गति सब साध सकूं मैं,यह आशिष झोली भर दे दो l उड़ पाऊं उन्मुक्त गगन में,ऐसे आकांक्षा  है  मन  में,एक...
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  May 25, 2018, 9:44 am
एक सच्ची घटना को आधार बनाकर लिखा गया यह नाटक युवा वर्ग को दिशा देता है l व्यक्ति में इच्छा शक्ति और मन में संकल्प प्रगति में सीढियाँ चढ़ने के लिए पर्याप्त है lअभिलाषा बलवती अगर है , संग में इच्छा शक्ति परिश्रम,लक्ष्य सामने , सतत ध्यान में हट जाते हैं सब बाधा क्रम lजो धुन के प...
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Tag :पुस्तकें
  May 24, 2018, 10:05 am
दुर्वासा ऋषि का क्रोध,और राजाराम का आदेश, इसमें लक्ष्मण ने राजाराम के आदेश का उल्लंघन कर गुप्त वार्ता में वाधा डाली, उसी के परिणाम स्वरूप उनको अपने शरीर का त्याग करना पड़ा l आध्यत्म रामायण के प्रसंग पर आधारित यह लघु खण्ड काव्य आपके समक्ष है lआप नीचे के लिंक पे क्लिक करके आ...
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  May 24, 2018, 10:00 am
कद बड़ा है आपका बस, शाम की परछाई सा,असलियत का तो पता, सूरज सुबह बतलायगा l  सत्य होंगे सब उजागर, दोपहर कल  धूप में,ध्यान से जब देखना,तो खुद समझ आ जायगा l                 ओढ़ करके यह लबादा, ढोंग का कब तक चलेगा,                तथ्य जब होंगे उज...
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  May 24, 2018, 9:08 am
     हेमू अथवा हेमराज मध्य युग के इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं , एन. के. स्मिथ. , एल. पी. शर्मा की शोध के अनुसार हेमू वैश्य वर्ग से थे और आदिलशाह की मृत्यु के पश्चात वे दिल्ली की गद्दी पर बैठे l हेमू को न्याय प्रिय होने के कारण विक्रमादित्य की उपाधि से विभूषित किया गया...
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Tag :पुस्तकें
  May 23, 2018, 11:05 am
चटकीले, भड़कीले  रंग  को  ही तुम भरते,उषा काल में, तुम प्रसन्न होकर क्या करते ?           आज शिशु का जन्म, कृपा की है ईश्वर ने,           सतरंगी  बौछार  यहाँ  भर  दी  निर्झर ने,           रंग बिरंगे, चटकीले रंग  को  ही  भर&nbs...
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  May 23, 2018, 9:07 am
बीते युग को छोड़, नये युग का निर्मार्ण करो,आने वाले कल का तुम बढ़ कर सम्मान करो l “बीती   ताहि विसारो”  का  सिद्धान्त हमारा, किन्तु नहीं हम गत को भूलें,उसका मान करो l...
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  May 21, 2018, 8:51 am
मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,मीलों चले अमीर, सिर्फ बस उसे पचाने l भोजन मिलता उसे, जिसे विश्वास रहा है,चलता रहे फकीर, खुदा को ही वह माने l ...
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  May 20, 2018, 9:31 am
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