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Dr. Hari Mohan Gupt

तुम करो मेहनत अभी से, लक्ष्य हो परहित तुम्हारा,देश की  हो  सहज सेवा,  धर्म  होता  है  हमारा |एक जुट हो कर  करेंगे, फल तभी  हमको मिलेगा,है यही उद्देश्य सबका, हो,  प्रगति  ढूढें  किनारा |...
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  October 16, 2018, 9:27 am
 यात्रा पर जब जा रहे , कुछ बन जाते ढाल,            नाम, पता,कुछ फोन के, नम्बर रखें सँभाल              हस्ताक्षर ही  तब  करें, पढ़े  उसे  इक बार,              नहिं विचार इस पर किया, पछताओ हर बार | निर्णय लेना बाद में, हट  ज...
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  October 15, 2018, 10:04 am
आप प्रशंसा तो करें, जिससे हो तकरार,बस प्रभाव तब देखिये, माने वह उपकार |           क्षमा करें इक बार ही, किन्तु नहीं दो बार,           दया व्यर्थ हो जायगी, क्षमा किया हर बार |...
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  October 14, 2018, 10:04 am
           घर में  यदि व्यंजन बने, रखो  पड़ोसी ध्यान,           सुख मिलता है सौ गुना, बनती निज पहिचान |मन में आये माँग कर, वाहन सुख का ख्याल,ईधन  पूरा  भरा  कर,   लौटाओ   तत्काल |...
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  October 13, 2018, 10:39 am
सब बुराई ही खोजते,अच्छा देखें आप,              उसका प्रतिफल देखिये, पड़े अनूठी छाप |जब बुराई हम देखते, मन में हो संताप,               अच्छाई  तो  देखिये,  बड़े  बनेगें  आप | ...
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  October 11, 2018, 10:41 am
कुछ बातें हैं काम की, इनको करिये रोज,उनका फल फिर देखिये, आप मनाएं मौज.          कुछ मित्रों के जनम दिन, अगर आपको याद,          उसे  याद उस दिन करें,  वह भी देगा दाद.         ...
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  October 7, 2018, 10:12 am
 लघु कथा  आनन्दप्रकाश को महानगर में आये अभी दस ही वर्ष हुये थे, इन्हीं वर्षों में उन्होंने अपना कारोबार बढ़ा लिया और नगर में ऐक अच्छी कोठी जिसमें कई फलदार वृक्ष थे बनवा ली थी, बेटा अच्छे स्कूल में पढ़ रहा था, पत्नी कुशल गृहणी थी और स्वयं भी “सादा जीवन उच्च विचार” में विश...
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  September 25, 2018, 11:23 am
जब कभी भी यदि बिगड़ते आचरण,स्वार्थ लिप्सा का तने यदि आवरण l                                                  तो  आज मानव धर्म समझाएं उसे,दायित्व है अपना, करें हम जागरण l ...
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  September 18, 2018, 9:54 am
पापों का  परिणाम जानता, व्यक्ति मृत्यु से  है  घवड़ाता , व्याकुल हो  डरता रहता है, इसीलिये  हर  क्षण पछताता. धर्म, कर्म, सत्संग करोगे, तो भविष्य  भी  होगा उज्ज्वल, यदि यह हो विश्वास हृदय में, स्वर्ग,मोक्ष ही वह नर पाता....
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  September 13, 2018, 10:54 am
इस सदी में, आपके चेहरे  पे  भी मुस्कान है,पूंछता हूँ,दिल तुम्हारा क्या बना पत्थर का है ?...
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Tag :प्रश्न
  September 7, 2018, 7:30 am
फल देतें  हैं  सदा सभी को, वृक्ष नहीं कुछ खाते,धरती   को सिंचित करते ही,बादल फिर उड़ जाते l प्यास बुझाती प्यासे की ही, सरिता लब जल पीती,पर  उपकारी  जो  होते  हैं, धन्य  वही  हो पाते l...
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  September 7, 2018, 7:13 am
इर्ष्या मन में जगे, समझ लो यही डाह है,पाने  की  इच्छा हो मन में, यही चाह है l प्रगति पन्थ पर बढने की जिज्ञासा मन में,सत्य  यही  है, “जहाँ चाह है  वही राह है”l ...
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  September 2, 2018, 10:38 am
श्री पूरन  जी जिला जालौन के प्रसिद्ध कवि एवं रंगकर्मी थे,पूरन जी  अब  नहीं रहे  हैं, कौन किसे  बतलाये,पंचतत्व  में  लीन  हो  गये,  इसे  कौन  झुठलाये.अब तो पूर्ण विराम लग गया, मौन हुये हैं हम सब,साहित्य जगत में  सूनापन है, कौन राह दिखलाए.              &nb...
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  August 29, 2018, 9:31 am
भारत रत्न स्मृति शेष श्री अटल बिहारी बाजपेई श्रृद्धांजलिओ महान कवि,युग द्रष्टा,ओजस्वी वक्ता,जो जीवन में, सदा नये रंगों  को भरता.नई दिशा  दी भारत को, आगे बढ़ने की,ओ दधीच! तुम जैसा कोन य्हन्हो सकता?           मौत खड़ी हो जहाँ सामने उसको भी ललकारा,      ...
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  August 24, 2018, 3:48 pm
मुर्गा जो बांग दे कर, सुबह  सबको जगाता है,शाम को प्लेट में सजकर, सदा को सो जाता है,उसके उत्सर्ग का यह हश्र होगा, वह क्यों सोचे ?जगाने  का फर्ज  है उसका, वह  तो निभाता है l ...
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  August 11, 2018, 9:09 am
माँ वाणी मुझ पर रखो, सदा दाहिना हाथ,कृपा अनवरत ही रहे, सदा रहो तुम साथ l              लेखन में गति हो सदा, ऐसा हो अभियान,             गागर में सागर भरूँ, जग का हो कल्याण l ऐसा कुछ मैं लिख सकूँ, जिसमें हो कुछ सार,जन  कल्याणी  योजना,  ऐसे  रहें&nbs...
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  August 8, 2018, 9:15 am
राष्ट्र कवि श्री मैथिली शरण गुप्त=सुप्त राष्ट्र जाग्रत करने में, कौन  था उनके सद्दश,उद्घोषक, युग द्दष्टा का  ही, फैलता  जाता सुयश.यह रहा इतिहास कवि  ही, राष्ट्र का  प्रेरक रहा है,राष्ट्र कवि सम्मान में हम सब मनाएं “कवि दिवस”...
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  August 4, 2018, 8:41 am
कद बड़ा है आपका बस, शाम की परछाई सा,असलियत का तो पता, सूरज सुबह बतलायगा l  सत्य होंगे सब उजागर, दोपहर कल  धूप में,ध्यान से जब देखना,तो खुद समझ आ जायगा l                 ओढ़ करके यह लबादा, ढोंग का कब तक चलेगा,                तथ्य जब होंगे उज...
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  July 31, 2018, 10:39 am
श्रद्धेय श्री नीरज को श्रद्धांजलिजिन्दगी  का मौत  से  ऐसा  लगाव  है,बदले हुये  लिवास  में  आना स्वभाव है.थककर सफर में कोई सुस्ताने लगे पथिक,मैं  सोचता  हूँ  मौत  ही  ऐसा  पडाव  है.                            डा० हरिमोहन  गुप्त,...
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  July 23, 2018, 10:11 am
                      मिथ्या आग्रह, कटुवचन, करे तीर का काम,                      स्वाभाविक यह प्रतिक्रया, उल्टा हो परिणाम                              धन संग्रह नहिं धर्म से, उसका करिये त्याग,                      &nb...
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  July 21, 2018, 10:02 am
 अब पुराना हो रहा है यह मकान,                    देखो खिसकने लगीं ईटें पुरानी,                    झर रहा प्लास्टर कहे अपनी कहानी।           ज रही अब मिटाने पुरानी शान,          अब पुराना हो रहा है...
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  July 17, 2018, 10:02 am
राम चरण रज पा सके, कविश्री “तुलसीदास”,चरण वन्दना हम  करें, राम  आयंगे  पास l                                            रामचरित मानस लिखा, तुलसी के हैं राम,                      गुण गायें ह...
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  July 13, 2018, 9:54 am
 धर्म आचरण का पालन कर, धर्म जिये जा,अहंकार को  छोड़, छिपा यह  मर्म जिए जा.काम, क्रोध, मद, लोभ, सदा से शत्रु रहे हैं, फल की इच्छा क्यों करता, तू कर्म किये जा. ...
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  July 11, 2018, 9:24 am
                        पारस मणि श्री राम हैं, सत्संगति संयोग,                        कंचन मन हो आपका,करलो तुम उपयोग l                 राम नाम की ओढनी, मन में स्वच्छ विचार,                फिर देखो  परिणाम  तुम, बहे प्रेम ...
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  July 9, 2018, 10:10 am
जितनी कम जिसकी इच्छायें, उसकी सुखी  रही है काया,विषय भोग में लिप्त रहा जो, उसने दुख को ही उपजाया.सब ग्रन्थों का सार यही है, सुख दुख की यह ही परिभाषा,तृष्णा, लोभ, मोह को छोड़ो, संतों ने  यह  ही दुहराया....
Dr. Hari Mohan Gupt...
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  July 5, 2018, 9:26 am
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