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स्वप्न मेरे ...

जितनी बार भी देश आता हूँ, पुराने घर की गलियों से गुज़रता हूँ, अजीब सा एहसास होता है जो व्यक्त नहीं हो पाता, हाँ कई बार कागज़ पे जरूर उतर आता है ... अब ऐसा भी नहीं है की यहाँ होता हूँ तो वहां की याद नहीं आती ... अभी भारत में हूँ तो ... अब झेलिये इसको भी ...   कुल्लेदार पठानी पगड़ी, एक पज...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  May 14, 2019, 10:12 am
जितनी बार भी देश आता हूँ, पुराने घर की गलियों से गुज़रता हूँ, अजीब सा एहसास होता है जो व्यक्त नहीं हो पाता, हाँ कई बार कागज़ पे जरूर उतर आता है ... अब ऐसा भी नहीं है की यहाँ होता हूँ तो वहां की याद नहीं आती ... अभी भारत में हूँ तो ... अब झेलिये इसको भी ...   कुल्लेदार पठानी पगड़ी, एक...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  May 14, 2019, 10:12 am
मील के पत्थर थे ये जलते रहे कुछ मुसफ़िर यूँ खड़े जलते रहे पास आ, खुद को निहारा, हो गया फुरसतों में आईने जलते रहे कश लिया, एड़ी से रगड़ा ...पर नहीं “बट” तुम्हारी याद के जलते रहेमग तेरा,कौफी तेरी,यादें तेरी होठ थे जलते रहे, जलते रहे रोज़ के झगड़े, उधर तुम, मैं इधर  मौन से कुछ रास्ते जल...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कौफी
  April 29, 2019, 7:55 am
कभी वो भूल से आए कभी बहाने से  मुझे तो फर्क पड़ा बस किसी के आने से नहीं ये काम करेगा कभी उठाने से ये सो रहा है अभी तक किसी बहाने से लिखे थे पर न तुझे भेज ही सका अब-तक मेरी दराज़ में कुछ ख़त पड़े पुराने से कभी न प्रेम के बंधन को आज़माना यूँके टूट जाते हैं रिश्ते यूँ आज़माने से तुझे छ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :दराज़
  April 22, 2019, 10:19 am
हुस्नो-इश्क़, जुदाई, दारू पीने पर मन करता है लिक्खूं नज़्म पसीने पर  खिड़की से बाहर देखो ... अब देख भी लो  क्यों पंगा लेती हो मेरे जीने पर  सोहबत में बदनाम हुए तो ... क्या है तो  यादों में रहते हैं यार कमीने पर     लक्कड़ के लट्टू थे, कन्चे कांच के थेदाम नहीं कुछ भी अनमोल ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  April 15, 2019, 7:31 am
हज़ार काम उफ़ ये सोच के थक लेता हूँ में बिन पिए जनाब रोज़ बहक लेता हूँ   ये फूल पत्ते बादलों में तेरी सूरत है वहम न हो मेरा में पलकें झपक लेता हूँकभी न पास टिक सकेगी उदासी मेरे तुझे नज़र से छू के रोज़ महक लेता हूँहरी हरी वसुंधरा पे सृजन हो पाए  में बन के बूँद बादलों से टपक ले...
स्वप्न मेरे ......
Tag :छलक
  April 8, 2019, 1:45 pm
प्रेम के कुछ दाग तन में रह गएइसलिए हम अंजुमन में रह गए सब तो डूबे चुस्कियों में और हमनर्म सी तेरी छुवन में रह गए चल दिए कुछ लोग रिश्ता तोड़ कर कुछ निभाने की जतन में रह गए छा गए किरदार कुछ आकाश पर कुछ सिमट के पैरहन में रह गएटूट कर सपने नहीं आए कभी  कुछ गुबारे भी गगन में रह गए ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :घरोंदे
  April 1, 2019, 11:52 am
सुनों छोड़ो चलो अब उठ भी जाएँ कहीं बारिश से पहले घूम आएँयकीनन आज फिर इतवार होगा उनीन्दा दिन है, बोझिल सी हवाएँहवेली तो नहीं पर पेड़ होंगेचलो जामुन वहाँ से तोड़ लाएँनज़र भर हर नज़र देखेगी तुमकोकहीं काला सा इक टीका लगाएँ पतंगें तो उड़ा आया है बचपनचलो पिंजरे से अब पंछी उड़ाएँकहर...
स्वप्न मेरे ......
Tag :बारिश
  March 25, 2019, 7:55 am
तेरी हर शै मुझे भाए, तो क्या वो इश्क़ होगा  मुझे तू देख शरमाए, तो क्या वो इश्क़ होगा   हवा में गूंजती है जो हमेशा इश्क़ बन कर   वो सरगम सुन नहीं पाए तो क्या वो इश्क़ होगा  पिए ना जो कभी झूठा, मगर मिलने पे अकसर  गटक जाए मेरी चाए, तो क्या वो इश्क़ होगा  सभी से हँस के बोले, पी...
स्वप्न मेरे ......
Tag :प्रेम
  March 18, 2019, 12:56 pm
सहारा बे-सहारा ढूंढ लेंगे मुकद्दर का सितारा ढूंढ लेंगेजो माँ की उँगलियों में था यकीनन वो जादू का पिटारा ढूंढ लेंगे गए जिस जिस जगह जा कर वहीं हमहरा बुन्दा तुम्हारा ढूंढ लेंगे मेरे कश्मीर की वादी है जन्नत वहीं कोई शिकारा ढूंढ लेंगेअभी इस जीन से कर लो गुज़ारा अमीरी में शर...
स्वप्न मेरे ......
Tag :तिबारा
  March 11, 2019, 9:16 am
बसइतनाकहनाहैदेश के बन्दों से सबकोबचकररहनाहै जय चन्दों से राजनीतिजोकरतेहैंबलिदानोंपरढूंढकेउनकोघरकेबाहरकरदेनागद्दारोंकासाथसदाजोदेतेहैं  कानखोलकरमेरीबातेंसुनलेना  औरनहींकुछऔरनहींअबसहनाहैसबको बच कर रहना है ...   सीमाओंपे देश कीसैनिकडटेहुएकफ़नबाँधकर...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गीत
  February 20, 2019, 1:06 pm
इस नज़र से उस नज़र की बात लम्बी हो गईमेज़ पे रक्खी हुई ये चाय ठंडी हो गईआसमानी शाल ने जब उड़ के सूरज को ढकागर्मियों की दो-पहर भी कुछ उनींदी हो गईकुछ अधूरे लफ्ज़ टूटे और भटके राह में     अधलिखे ख़त की कहानी और गहरी हो गईरात के तूफ़ान से हम डर गए थे इस कदरदिन सलीके से उगा दिल को ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कुट्टी
  February 11, 2019, 9:45 am
यही ज़मीन, यही आसमां, यही सच है  यहीं है स्वर्ग, यहीं नर्क, ज़िन्दगी सच है हसीन शाम के बादल का सुरमई मंज़र  हथेलियों पे सजी रात की कली सच है उदास रात की स्याही से मत लिखो नगमें   प्रभात की जो मधुर रागिनी वही सच है   ये तू है, मैं हूँ, नदी, पत्तियों का यूँ हिलना ये कायनात, प...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  February 4, 2019, 9:43 am
मखमली से फूल नाज़ुक पत्तियों को रख दियाशाम होते ही दरीचे पर दियों को रख दियालौट के आया तो टूटी चूड़ियों को रख दियावक़्त ने कुछ अनकही मजबूरियों को रख दियाआंसुओं से तर-बतर तकिये रहे चुप देर तक  सलवटों ने चीखती खामोशियों को रख दियाछोड़ना था गाँव जब रोज़ी कमाने के लिएमाँ ने बच...
स्वप्न मेरे ......
Tag :प्रेम_ग़ज़ल
  January 28, 2019, 7:04 am
कौनहूँमैंआँखोंमेंपट्टीलपेटेदूरतकगहरादेखनेकीक्षमतासेविकसितश्वेतधवलपाषाणकायामें सत्यकीतराजूथामेझूठकेग्रुत्वाकर्षणसेमुक्तस्थित्प्रग्य, संवेदनासेपरे  गरिमामयवैभवशालीव्यक्तित्व लिए यादआयाकौनहूँ ... ?सुनाहैकभीदुधारी तलवार हुवाकरतीथीचलतीथीइतना...
स्वप्न मेरे ......
Tag :न्याय-व्यवस्था
  January 21, 2019, 9:35 am
दुःख नहीं होगा तो क्या जी सकेंगे ...खिलती हुई धूप के दुबारा आने की उमंग स्याह रात को दिन के लील लेने के बाद जागती है सर्दी के इंतज़ार में देवदार के ठूंठ न सूखें तो बर्फ की सफ़ेद चादर तले प्रेम के अंकुर नहीं फूटते काले बादल के ढेर कड़कते हुए न गरजें तो बेमानी सावन बरसते हुए भी भ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :रचना
  January 15, 2019, 9:19 am
एक दो तीन ... कितनी बार  फूंक मार कर मुट्ठी से बाल उड़ाने की नाकाम कोशिशआस पास हँसते मासूम चेहरे सकपका जाता हूँ चोरी पकड़ी गयी हो जैसे  जान गए तुम्हारा नाम सब अनजाने हीकितना मुश्किल हैं न खुद से नज़रें चुराना इश्क से नज़रें चुराना इंसान जब इश्क हो जाता है उतरना चाहता है किस...
स्वप्न मेरे ......
Tag :इश्क
  January 7, 2019, 12:44 pm
ब्लॉग जगत के सभी साथियों को नव वर्ष की मंगल कामनाएं ... सन २०१९ नई उम्मीद, और सार्थक सोच ले के आए, भारत देश में सुख शान्ति का प्रवाह निरंतर बना रहे ... आज के दिन एक प्रश्न स्वयं से ...क्या नया नव वर्ष में हमको मिला हूबहू कल सा ही दिन था जो खिलाभोर बोझिल बदहवास सी मिली धूप जैसी क...
स्वप्न मेरे ......
Tag :नव गीत
  January 1, 2019, 10:35 am
प्रेम के सब गीत अब लगते हैं बासे दूर जब से हो गया हूँ प्रियतमा से मुड़ के देखा तो है मुमकिन रोक ना लें  नम सी आँखें और कुछ चेहरे उदासेनाम क्या दोगे हमारी प्यास का तुम पी लिया सागर रहे प्यासे के प्यासे आ रहे हैं खोल के रखना हथेली टूटते तारे भी दे देते हैं झांसे उम्र भर थामे ...
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Tag :गज़ल
  December 24, 2018, 7:45 am
खेत, पीपल,घर, कुआँ,पोखर मिलेगा क्यों है ये उम्मीद वो मंज़र मिलेगातुम गले लगना तो बख्तर-बंद पहनेदोस्तों के पास भी खंज़र मिलेंगाकूदना तैयार हो जो सौ प्रतीशतभूल जाना की नया अवसर मिलेगा इस शहर में ढूंढना मुमकिन नहीं है चैन से सोने को इक बिस्तर मिलेगा देर तक चाहे शिखर के बीच र...
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Tag :गाँव
  December 17, 2018, 7:45 am
कहाँ से आई कहाँ चूम के गई झट से  शरारती सी थी तितली निकल गई ख़ट से हसीन शोख़ निगाहों में कुछ इशारा था  न जाने कौन से पल आँख दब गई पट सेज़मीं पे आग के झरने दिखाई देते हैं  गिरी है बूँद सुलगती हुयी तेरी लट से डरा हुआ सा शहर है, डरे हुए पंछी  डरा हुआ सा में खुद भी हूँ अपनी आहट से...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चट
  December 10, 2018, 10:13 am
क्यों जुड़े थे तार अपने दरम्याँथा नहीं जब प्यार अपने दरम्याँरात बोझिल, सलवटें, खामोश दिन बोझ सा इतवार अपने दरम्याँप्रेम, नफरत, लम्स, कुछ तो नाम दो क्या है ये हरबार अपने दरम्याँमैं खिलाड़ी, तुम भी शातिर कम नहींजीत किसकी हार अपने दरम्याँछत है साझा फांसला मीलों का क्योंक्य...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 3, 2018, 3:52 pm
सजाई महफिलें जो प्रेम की खामोश पायल ने मधुर वंशी बजा दी नेह की फिर श्याम श्यामल ने शिकायत क्या करूँ इस खेल में मैं भी तो शामिल हूँ मेरी नींदों को छीना है किसी मासूम काजल नेवो मिलते ही हकीकत हर किसी की जान लेता है मचा रक्खी है कैसी खलबली उस एक पागल नेमुकम्मल जानने को क्यों...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चावल
  November 27, 2018, 10:52 am
धूप न आए जेब में तब तक बंद करोशाम को रोको दिन का फाटक बंद करो बरसेंगे काले बादल जो ठहर गए हवा से कह दो अपने नाटक बंद करो प्रेम नहीं जो है मुझसे इस जीवन में दिल के दरवाज़े पे दस्तक बंद करो  जाना सच में अच्छी लगती हो सब से दर्पण भी कहता है, अब शक बंद करो गठ-बंधन के अभी इशारे आते ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :धक-धक्
  November 19, 2018, 6:55 am
खेत होंगे कुदाल भी होगी लहलहाती सी डाल भी होगी धूप के इस तरह मुकरने में कुछ तो बादल की चाल भी होगीगौर से इसकी थाप को सुननाबूँद के साथ ताल भी होगी जोर से बोल दें अगर पापा पूछने की मजाल भी होगी सब्जी, रोटी के साथ है मीठा  आज डब्बे में दाल भी होगीउनकी यादों के अध-जले टुकड़े आस...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कुदाल
  November 12, 2018, 6:20 am
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