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स्वप्न मेरे ...

कहाँ से आई कहाँ चूम के गई झट से  शरारती सी थी तितली निकल गई ख़ट से हसीन शोख़ निगाहों में कुछ इशारा था  न जाने कौन से पल आँख दब गई पट सेज़मीं पे आग के झरने दिखाई देते हैं  गिरी है बूँद सुलगती हुयी तेरी लट से डरा हुआ सा शहर है, डरे हुए पंछी  डरा हुआ सा में खुद भी हूँ अपनी आहट से...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चट
  December 10, 2018, 10:13 am
क्यों जुड़े थे तार अपने दरम्याँथा नहीं जब प्यार अपने दरम्याँरात बोझिल, सलवटें, खामोश दिन बोझ सा इतवार अपने दरम्याँप्रेम, नफरत, लम्स, कुछ तो नाम दो क्या है ये हरबार अपने दरम्याँमैं खिलाड़ी, तुम भी शातिर कम नहींजीत किसकी हार अपने दरम्याँछत है साझा फांसला मीलों का क्योंक्य...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  December 3, 2018, 3:52 pm
सजाई महफिलें जो प्रेम की खामोश पायल ने मधुर वंशी बजा दी नेह की फिर श्याम श्यामल ने शिकायत क्या करूँ इस खेल में मैं भी तो शामिल हूँ मेरी नींदों को छीना है किसी मासूम काजल नेवो मिलते ही हकीकत हर किसी की जान लेता है मचा रक्खी है कैसी खलबली उस एक पागल नेमुकम्मल जानने को क्यों...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चावल
  November 27, 2018, 10:52 am
धूप न आए जेब में तब तक बंद करोशाम को रोको दिन का फाटक बंद करो बरसेंगे काले बादल जो ठहर गए हवा से कह दो अपने नाटक बंद करो प्रेम नहीं जो है मुझसे इस जीवन में दिल के दरवाज़े पे दस्तक बंद करो  जाना सच में अच्छी लगती हो सब से दर्पण भी कहता है, अब शक बंद करो गठ-बंधन के अभी इशारे आते ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :धक-धक्
  November 19, 2018, 6:55 am
खेत होंगे कुदाल भी होगी लहलहाती सी डाल भी होगी धूप के इस तरह मुकरने में कुछ तो बादल की चाल भी होगीगौर से इसकी थाप को सुननाबूँद के साथ ताल भी होगी जोर से बोल दें अगर पापा पूछने की मजाल भी होगी सब्जी, रोटी के साथ है मीठा  आज डब्बे में दाल भी होगीउनकी यादों के अध-जले टुकड़े आस...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कुदाल
  November 12, 2018, 6:20 am
वक़्त के इक वार से पर्वत दहल गयावक़्त के आँचल तले सपना कुचल गया फर्श से वो अर्श पे पल भर में आ गए वक़्त के हाथों में जो लम्हा मचल गया गर्त में हम वक़्त के डूबे जरूर थे वक़्त पर अपना भी वक़्त पे संभल गया हम सवालों के जवाबो में उलझ गए वक़्त हमको छोड़ के आगे निकल गया वक़्त ने सब सोच के करन...
स्वप्न मेरे ......
Tag :जेब
  November 5, 2018, 6:47 am
नाप के नक़्शे बनाए ...क्या हुआ क्या खज़ाना ढूंढ पाए ...क्या हुआ नाव कागज़ की उतारी थी अभी रुख हवा का मोड़ आए ...क्या हुआकुछ उजाला बांटते,पर सो गए धूप जेबों में छुपाए ...क्या हुआआसमानी शाल तो ओढ़ी नहीं कुछ सितारे तोड़ लाए ...क्या हुआ क्या हुआ,कुछ तो हुआ अब बोल दो  मन ही मन क्यों मु...
स्वप्न मेरे ......
Tag :क्या हुआ
  October 29, 2018, 7:00 am
अध-लिखे कागज़ किताबों में दबे ही रह गए कुछ अधूरे ख़त कहानी बोलते ही रह गए शाम की आगोश से जागा नहीं दिन रात भर प्लेट में रक्खे परांठे ऊंघते ही रह गएरेलगाड़ी सा ये जीवन दौड़ता पल पल रहा खेत, खम्बे, घर जो छूटे, छूटते ही रह गए सिलवटों ने रात के किस्से कहे तकिये से जब  बल्ब पीली रौशन...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गज़ल
  October 22, 2018, 10:20 am
बेहोशी ने अभी लपेटा नहीं बाहों में रुक जाती है रफ़्तार पत्थर से टकरा कर  जाग उठता है कायनात का कारोबार नींद गिर जाती है उस पल नींद की आगोश से   दो पल अभी गुज़रे नहींख़त्म पहाड़ी का आखरी सिरा  हवा में तैरता शरीर चूक गयी हो जैसे ज़मीन की चुम्बक  नींद का क्या गिर जाती है फि...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चुम्बक
  October 15, 2018, 7:04 am
यूं ही हवा में नहीं बनते प्रेम-किस्से शहर की रंग-बिरंगी इमारतों से ये नहीं निकलते न ही शराबी मद-मस्त आँखों से छलकते हैं ज़ीने पे चड़ते थके क़दमों की आहट से ये नहीं जागते  बनावटी चेहरों की तेज रफ़्तार के पीछे छिपी फाइलों के बीच दम तोड़ देते हैं ये किस्से कि यूं ही हवा में नहीं ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कविता
  October 8, 2018, 7:32 am
सुबह हुई और भूल गए यादें सपना नहीं यादें कपड़ों पे लगी धूल भी नहीं झाड़ो,झड़ गईउम्र से बे-हिसाब जिंदगी के दिन खर्च करना समुंदर की गीली रेत से सिप्पिएं चुनना    सब से नज़रें बचा कर अधूरी इमारतों के साए में मिलना धुंए के छल्लों में उम्मीद भरे लम्हे ढूंढना हाथों में हाथ डाल...
स्वप्न मेरे ......
Tag :बेहिसाब
  October 1, 2018, 6:48 am
कभी तो गूंजो कान मेंगुज़र जाओ छू के कंधागुज़र जाती है क़रीब से जैसे आवारा हवाउतर आओ हथेली की रेखाओं मेंजैसे सर्दी की कुनमुनाती धूपखिल उठो जैसे खिलता है जंगली गुलाबपथरीली जमीन परझांको छुप छुप के झाड़ी के पीछे सेझाँकता है जैसे चाँद बादल की ओटक सेमिल जाओ अचानक नज़रें च...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कभी तो
  September 17, 2018, 9:38 pm
अपने अपने काल खण्ड की पगडंडियों  परसांस लेना जिन्हें मंज़ूर नहींऐसे ही कुछ लैला मजनूँ , हीर रांझा के प्रेम के दस्तावेज़बदल चुके हैं आज अमर प्रेम ग्रंथों मेंकुछ सच जो गुनाह थे कल के काले लम्हों मेंरोशन हैं आज शाश्वत सच की तरहतो क्यों न मिल कर बदल दें “आज”भविष्य में सम...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गीता
  September 11, 2018, 11:59 am
सभीकीश्रीकृष्णजन्माष्टमीकीहार्दिकबधाई ... कान्हाकीकृपासभीपरबनीरहे ...इसमुईमुरलीकोकबविश्रामहैहैजहांराधावहींघनश्यामहै बालयौवनद्वारकाकेधीशहों नन्दलल्लाकोकहाँआरामहै हाथतोपहुँचेनहींछींकेतलकगोपमाखनचोरबसबदनामहै पूछकरदेखोबिहारीलालसेहैजहांपरप्र...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कृष्ण
  September 3, 2018, 9:11 am
बिगाड़देताहूँज़ुल्फ़तेरीनहींचाहताहवाकेसरकोईइलज़ाम रखनाचाहताहूँतुझपे बसअपनाहीइख़्तियार क़बूलहैक़बूलहैआवारा-पनकाजुर्मसोसोबारमुझेनहींचाहतागुज़रेतुझेछूकेबादे-सबामहकउठेकायनातमदहोशखुशबसेसाँसोंकेआगाज़केसाथरहनाचाहताहूँ  तेरीखुशबकेइर्द-गिर...
स्वप्न मेरे ......
Tag :
  August 27, 2018, 9:57 am
तुम नहीं होती तो कितना कुछ सोच जाता हूँ ... विपरीत बातें भी लगता है एक सी हैं ... ये सच्ची हैं या झूठी ... चार पैग व्हिस्की के बाद सोचता हूँ  नशा तो चाय भी दे देती  बस तुम्हारे नाम से जो पी लेता ...हिम्मत कर के कई बार झांकता हूँ तुम्हारी आँखों में,फिर सोचते हूँ ... सोचता क्या कह ही ...
स्वप्न मेरे ......
Tag :nostelgia
  August 20, 2018, 1:21 pm
सभी भारत वासियों को स्वतंत्रता दिवस, १५ अगस्त की हार्दिक बधाई और ढेरों शुभकामनाएँ ... एक छोटा सा आग्रह इस गीत के माध्यम से:  हो गए टुकड़े अनेकों चेतना जागी नहीं है क्या तपोवन में कहीं सिंह गर्जना बाकी नहीं है था अतिथि देव भव का भाव अपना दिव्य चिंतन पर सदा लुटते रहे इस बा...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गीत
  August 13, 2018, 8:40 am
एहसास ... जी हाँ ... क्यों करें किसी दूसरे के एहसास की बातें,जब की खुद का होना भी बे-मानी हो जाता है कभी कभी ... अकसर ज़िन्दगी गुज़र जाती है खुद को चूंटी काटते काटते ... जिन्दा हूँ तो उसका एहसास क्यों नहीं ...  उँगलियों में चुभे कांटे इसलिए भी गढ़े रहने देता हूँ  कि हो सके एहसास खुद क...
स्वप्न मेरे ......
Tag :एहसास
  August 6, 2018, 8:03 am
हम उदासी के परों पे दूर तक उड़ते रहे बादलों पे दर्द की तन्हाइयाँ लिखते रहे गर्द यादों की तेरी सेंडिल से घर आती रही हम तेरा कचरा उठा कर घर सफा करते रहे तुम बुझा कर प्यास चल दीं लौट कर देखा नहीं   हम मुनिस्पेल्टी के नल से बारहा रिसते रहे कागज़ी फोटो दिवारों से चिपक कर रह गई&n...
स्वप्न मेरे ......
Tag :कचरा
  July 30, 2018, 7:12 am
नफरतों की डालियाँ काटा करोघी सभी बातों पे ना डाला करो  गोपियों सा बन सको तो बोलना कृष्ण मेरे प्यार को राधा करो तुम भी इसकी गिर्द में आ जाओगे यूँ अंधेरों को नहीं पाला करो दुःख हमेशा दिल के अंदर सींचना सुख जो हो मिल जुल के सब साझा करोखिड़कियों के पार है ताज़ा हवा धूल यादों क...
स्वप्न मेरे ......
Tag :गोपियाँ
  July 23, 2018, 7:00 am
चूड़ियाँ कुछ तो लाल रक्खी हैं जाने क्यों कर संभाल रक्खी हैंजिन किताबों में फूल थे सूखे शेल्फ से वो निकाल रक्खी हैं  हैं तो ये गल्त-फहमियाँ लेकिन चाहतें दिल में पाल रक्खी हैं बे-झिझक रात में चले आना रास्तों पर मशाल रक्खी हैं वो नहीं पर निशानियाँ उनकी यूँ ही बस साल साल रक...
स्वप्न मेरे ......
Tag :चिट्ठी
  July 17, 2018, 12:51 pm
हम इसलिए फरेब में आते नहीं ... सुनोआँखों से आँख उनकी मिलाते नहीं ... सुनोअच्छा किया जो खुद ही ये झगड़ा मिटा दियाइतने तो नाज़ हम भी उठाते नहीं ... सुनोमंज़ूर है हमें जो ये है आपकी अदारूठे हुओं को हम भी मनाते नहीं ... सुनोदो चूड़ियों की खनक हमको याद आ गईघर बार वरना छोड़ के जाते नही...
स्वप्न मेरे ......
Tag :
  July 9, 2018, 6:28 pm
किसी की याद के मटके भरेंगेपुराने रास्तों पे जब चलेंगे कभी मिल जाएं जो बचपन के साथी गुज़रते वक़्त की बातें करेंगेगए टूटी हवेली पर,यकीननदिवारों से कई किस्से झरेंगे जो रहना भीड़ में तनहा न रहना किसी की याद के बादल घिरेंगेदिये ने कान में चुपके से बोला हवा से हम भला कब तक डरेंग...
स्वप्न मेरे ......
Tag :अमरुद
  July 2, 2018, 7:35 am
ये दाव खुद पे लगा दिया है तुम्हारे ख़त को जला दिया है तुम्हारी यादों की ईंट चुन कर  मकान पक्का करा दिया है जहाँ पे टूटा था एक सपना वहीँ पे पौधा उगा दिया है शहर में लौटे थे जिसकी खातिरउसी ने हमको भुला दिया है समझ रहा था “का” खुद को अब तक  “ख” आईने ने बता दिया है गुज़रते लम्ह...
स्वप्न मेरे ......
Tag :दाव
  June 25, 2018, 8:16 am
सूरज खिला तो धूप के साए मचल गए कुछ बर्फ के पहाड़ भी झट-पट पिघल गए तहजीब मिट गयी है नया दौर आ गया इन आँधियों के रुख तो कभी के बदल गए जोशो जुनून साथ था किस्मत अटक गई हम साहिलों के पास ही आ कर फिसल गए झूठे परों के साथ कहाँ तक उड़ोगे तुम मंज़िल अभी है दूर ये सूरज भी ढल गए निकले तो कितन...
स्वप्न मेरे ......
Tag :जूनून
  June 18, 2018, 8:38 am
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