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मेरी जुबानी

छूटा कुछ भी नहीं है ।जिन्दगी के हर सफ़हे कोबड़ी इत्मीनान से पढ़ा है मैंने।मटमैली जिल्द चढ़ी वह किताबबिलकुल सही पते पर आई थी।अच्छी तरह से उलट - पलट करबड़े गौर से देखा था मैंने उसे।उस पर मेरा ही नाम लिखा था।खिन्न हो गई थी मैंउस किताब को देखकर।रद्दी से पुराने जर्द पन्नेज...
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Tag :जिंदगी
  February 6, 2019, 9:59 pm
आया वसंत (हाइकू)आया वसंत    कूजति कोयलिया         गूंजी धरणीफूली सरसो    पियराई अवनि        छाई मुस्कानअमराई में   मंजरी निहारत      तृप्त नयनचिर यौवन   तन में भर देता       प्यारा वसंत चूनर धानी     इठलाई ओढ़ के         वसुधा रानीप...
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Tag :हाइकू
  February 6, 2019, 11:24 am
सिसकती यादें...उस पुराने संदूक मेंपड़ी थी यादों कीकुछ किरचें.खुलते हीहरे हो गएकुछ मवादी जख्म.जो रिस रहे थेधीरे - धीरे.खुश थेअपनी दुर्गंध फैलाकर.दफ्न कर केमेरे सुनहरे ख्वाबों को,छलनी कर चुके थे मेरी रूह को .अपनी कुटिल मुस्कानसे चिढ़ा रहे थे मुझे.निरीह असहायखड़ी देख रही ...
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Tag :यादें
  February 2, 2019, 11:11 am
वो संदली एहसास..खुलायादों का किवाड़,और बिखर गईहर्ष की अनगिनस्मृतियाँ.झिलमिलातीरोशनी में नहाईवो शुभ्र धवल यादें,मेरे दामन से लिपट करकरती रही किलोल.रोमावलियों से उठतीरुमानी तरंगे औरमखमली एहसासोंके आलिंगन संग,बह चली मैं भीउस स्वप्निल लोक में,जहाँ मैं थी, तुम थेऔर था ...
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Tag :यादें
  February 2, 2019, 12:04 am
पथिक अहो.....मत व्याकुल हो!!!डर से न डरोन आकुल हो।नव पथ का तुम संधान करोऔर ध्येय पर अपने ध्यान धरो ।नहीं सहज है उसपर चल पाना।तुमने है जो यह मार्ग चुना।शूल कंटकों से शोभितयह मार्ग अति ही दुर्गम है ।किंतु यहीं तो पिपासा औरपिपासार्त का संगम है ।न विस्मृत हो कि बारंबाररक्त रं...
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Tag :पथ
  January 28, 2019, 10:48 pm
ठहरो!!!मेरे बारे में कोई धारणा न बनाओ।यह आवश्यक तो नहीं,कि जो तुम्हें पसंद है,मैं भी उसे पसंद करूँ।मेरा और तुम्हारापरिप्रेक्ष्य समान हो,ऐसा कहीं लिखा भी तो नहीं।हर जड़, हर चेतन को लेकरमेरी धारणा, अवधारणायदि तुमसे भिन्न है...तो क्या तुम्हें अधिकार हैकि तुम मुझे अपनी दृष्...
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Tag :अस्तित्व
  January 27, 2019, 7:46 pm
कोल्हू का बैलबैल है वह कोल्हू कानधा रहता है सततविचारशून्‍य हो कोल्हू में .कुदरत की रंगीनियों से अनजानस्याह उमस भरी चारदीवारी के भीतरकोल्हू के इर्दगिर्द की उसकी छोटी सी दुनिया.जहाँ से शुरू, वहीं खत्मउसकी नियति है जुते रहनाअहर्निश अनवरत.ईश्वर प्रदत्त एक जीभ कास्वाम...
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Tag :कोल्हू का बैल
  January 24, 2019, 12:47 am
तहरीरअपने हाथों से अपनी तकदीर लिखनी हैअब मुझे एक नई तहरीर लिखनी है।डूबेगी नहीं मेरी कश्ती साहिल पे आकेसमंदर के आकिबत अब जंजीर लिखनी है ।जिनकी कोशिश थी हरदम झुके हम रहेंउनके हिस्से अब अपनी तासीर लिखनी है ।रहे ताउम्र लड़ते गुरबतों में तूफानों से जोदेके मुस्कान उन्हे...
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Tag :तहरीर
  January 19, 2019, 10:04 pm
आज कल वो रोज मिलने लगा है.बेवक्त ही, आकर खड़ा हो जाता हैमेरी दहलीज पर."कहता है- तुम्हारे पास ही रहूँगा.बड़ा लगाव है, बड़ा स्नेह है तुमसे."पर मुझे उससे प्यार नहीं.भला एक तरफ़ा प्यारकौन स्वीकार करेगा .मुझे भी स्वीकार नहीं.हाँ, थोड़ी बहुत जान - पहचान है उससे.पर यूँ ही... हर किसी स...
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Tag :दर्द
  January 18, 2019, 1:33 pm
एक थी मेघना शिर्के .....गर्मी की छुट्टियाँ ख़त्म हो गई थी।विद्यालय का पहला दिन था। सभी बच्चों में एक नया उत्साह, नया जोश नजर आ रहा था। एक दूसरे से बहुत दिन बाद मिले थे तो बातें करने में मशगूल थे। बच्चों के आने से स्कूल की खामोश दीवारें भी बोलने लगी थी।घंटी बजते ही कक्षा अध्...
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Tag :कहानी
  January 12, 2019, 9:08 pm
मेघना शिर्के .....गर्मी की छुट्टियाँ ख़त्म हो गई थी।विद्यालय का पहला दिन था। सभी बच्चों में एक नया उत्साह, नया जोश नजर आ रहा था। एक दूसरे से बहुत दिन बाद मिले थे तो बातें करने में मशगूल थे। बच्चों के आने से स्कूल की खामोश दीवारें भी बोलने लगी थी।घंटी बजते ही कक्षा अध्यापि...
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Tag :कहानी
  January 12, 2019, 9:08 pm
स्टोरी मिरर ने विद्यालयीन छात्रों और शिक्षकों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की है. जिसके अंतर्गत मैंने भी अपनी कहानी भेजी है. मुझे अधिकाधिक वोटों की अवश्यकता है.आपसे करबद्ध विनती है कि लिंक को खोलकर पढ़े, यदि अच्छी लगे तो अपने वोटों और प्रतिक्रियाओं से मुझे अनुग्रहित ...
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Tag :
  January 10, 2019, 11:19 am
अलविदा 2018तूने अपने हर पहलू से मुझे रूबरू कराया कभी हंसाया, तो कभी जार - जार रुलायाअपने और परायों में भेद भी बतलाया तुझे भूलना मुमकिन तो नहीं पर तुझे जाने से कोई रोक भी नहीं सकता. अलविदा 2018..... ...... . नव वर्ष नव वर्ष तुम्हारे स्वागत में हैं पालक पावड़े बिछे हुएनव आशा, नव अभिल...
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Tag :गत वर्ष
  January 3, 2019, 3:28 pm
ओ धृतराष्ट्र ओ धृतराष्ट्र, क्यों तुझे शर्म नहीं आई? घर की आबरू से जब सारेआम खिलवाड़ हो रहा था.. जब तथाकथित अपने ही अपनों को दांव पर लगा रहे थे.. "तो तू मौन खड़ा उस अत्याचारी दुर्योधन का साथ क्यों देता रहा? क्यों तूने यह नहीं समझा... कि इतिहास में तेरा नाम काले अक्षरों में अंकि...
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Tag :आर्यावर्त
  January 1, 2019, 7:34 pm
रात की थाली(बीस वर्षीया रागिनी को क्या पता था कि सिंक में रखी वह एक थालीउसके ऊपर इतनी भारी पड़ेगी।) भोजन समाप्त होने के पश्चात रागिनी, विकास, और उनका बेटा आरव जाने कब के सो चुके थे। तभी अचानक से कमरे के दरवाजे पर जोर - जोर से ठक - ठक हुई। इस ठक- ठक से सबकी नींद उचट गई।  दो ...
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Tag :रात की थाली
  December 29, 2018, 3:11 pm
जी चाहता है फिर से जी लूँउन लम्हों कोबने थे साखी जो हमारे पवित्र प्रेम के,गुजर गए जो बरसों पहले ,कर लूँ जीवंत उन्हें ,फिर एक बार ....जी चाहता है अलौकिकता से परिपूर्ण वो क्षण जब दो अजनबी बंध गए थेप्रेम पाश में... ऐहिक पीड़ाओं से अनभिज्ञ, हुए थे सराबोर ईश्व...
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Tag :कविता
  November 24, 2018, 12:21 am
कुछ द्वीपदियाँ1 : फितरतछीन लूँ हक किसी का, ऐसी फितरत नहीं.आईना जब भी देखा, खुशी ही हुई.**2: नियतिनियत तो अच्छी थी,पर नियति की नीयत बिगड़ गई *जीवन के थपेड़े खाते- खातेवह महलों से वृद्धाश्रम पहुंच गई *3: इंसानियतबाजार सज गए हैं...चलो इंसानियत खरीद लाएँ ***4: सामंजस्यसामंजस्य नह...
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Tag :जिन्दगी
  November 20, 2018, 11:16 pm
~एक और वनवास~ढूँढ रही थी अपने पिता की छविउस घर के  सबसे बड़े पुरुष मेंएक स्त्री को माँ भी समझ लिया थाप्रेम की गंगा बह रही थी हृदय से मेरेलगा था बाबुल का घर छूटा तो क्या हुआएक स्वर्ग जैसा घर फिर से ईश्वर ने मुझे भेट में दे दियाएक बहन भी मिल गई है सुख दुख बाँटने कोसब कुछ यूट...
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Tag :कैकेयी
  November 17, 2018, 9:01 pm
मेरी प्रेयसी... 💖 हाइकू1:मन मंदिरप्रेयसी का हमारीप्रेम अमर2:उजला रंगसुन्दर चितवनछेड़े तरंग3:अपनापनगोरी तू जतातीन सकुचाती4:मनभावनलबों पर मुस्कानतू मेरी जान5:चाँद सा मुखआवाज़ में मिठासहो सुखाभास6:गीतमाला तूजीवन उजाला तूप्रेमवर्षा तू7: पास हो तुमअहसास हो तुमहोश हैं गुम.8...
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Tag :हाइकू
  November 5, 2018, 2:55 pm
ढल जा ऐ रात...मुझे सूरज को मनाना हैबहुत दिन हुएन जाने क्यूँ...मुझसे रूठा हुआ है......
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Tag :
  October 11, 2018, 11:44 pm
...
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Tag :one - liner
  September 23, 2018, 1:52 pm
तेरे काँधे पर सिर रखके सुकूं पाती हूँ. कान्हा, तुझमें इतनी कशिश क्यों है????...
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Tag :भक्तिभाव
  September 20, 2018, 11:04 pm
न  दौड़ना मना है, न  उड़ना मना हैन गिरना मना है , न चलना मना है! जो बादल घनेरे, करें शक्ति प्रदर्शन तो भयभीत होना, सहमना मना है! पत्थर मिलेंगे, और कंकड़ भी होंगे.राहों में कंटक, सहस्त्रों चुभेंगे! कछुए की भाँति निरन्तर चलो तुम, खरगोश बन कर, ठहरना मना है! भानु, शशि को भी लगते ग...
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Tag :कविता
  September 19, 2018, 10:50 pm
प्यारी मैं,मेरी प्यारी प्यारी... मैं....अरे.!अरे... !मुझे पता है तुम क्या सोच रही हो?यही न.. कि आज इसे क्या हो गया है??कैसी बहकी - बहकी बातें कर रही है??आज तक तो इसने मुझे कभी प्यारी नहीं कहा!!कभी प्यार से पुकारा नहीं!!हमेशा मेरी अनदेखा करती रही!!!फिर अचानक से इसे क्या सूझी???यही न???मैं आ...
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Tag :मैं... प्यारी मैं
  September 1, 2018, 8:56 pm
प्यारी मैं,मेरी प्यारी प्यारी... मैं....अरे.!अरे... !मुझे पता है तुम क्या सोच रही हो?तुम सोच रही हो .. कि आज मुझे क्या हो गया है??कैसी बहकी - बहकी बातें कर रही हूँ ??आज तक तो मैंने तुम्हें कभी प्यारी नहीं कहा!!कभी प्यार से पुकारा नहीं!!हमेशा तुम्हारी अनदेखा करती रही!!!फिर अचानक से मुझे...
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Tag :मैं... प्यारी मैं
  September 1, 2018, 8:56 pm
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