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बाल सजग

"एक ऐसे मोड़ पर "जब मैं खड़ा था एक ऐसे मोड़ पर,मेरी जिंदगी ले गई उस छोर पर | दिखाए मुझे कई किनारे उस छोर पर,पर मुझे ही नहीं था भरोसा अपनी सोच पर | मेरी जिंदगी ने मुझे वहाँ पर टोका,पर मुझे डर था कहीं मैं खा न जाऊ धोखा | मैंने वहाँ पर भी कुछ ठहर कर सोचा,मुझे लगा इसमें है कुछ न कुछ लोचा | म...
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  April 8, 2019, 6:06 am
"सुबह का मौसम "ये सुबह का मौसम कुछ ऐसा होता है | जो सुबह फिर सोने पर,मजबूर कर देता है | धीरे धीरे हौले हौले ठंडी ठंडी बहती ये हवाएँ | मेरे शरीर को छूकर है जाती,पता नहीं वह क्या कह जाती | शोर होता है यहाँ,चिड़ियाँ चहकती है जहाँ | बड़ा खूबसूरत होता है,ये सुबह का नजारा |      &...
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  April 3, 2019, 5:41 pm
"सुहानी सी सुबह "सुहानी सी सुबह खिली है,लगता है धरती सूरज से मिली है | उसके एक एक कण ऊर्जा से भरे है,ऐसा लगता है जैसे सागर में मोती बिखरे हैं | सुनहरी सुबह प्रकति से बात करती है,पता नहीं प्रकति क्यों इतना मचलती है | चहचहाती चिड़ियाँ, खुली हुई खिड़कियाँ,बंधन से टूटी साडी वो बेड़ि...
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  April 3, 2019, 5:59 am
"लम्हा जो मैंने खो दिया "वह लम्हा जो मैंने खो दिया,हर कदम वह लगन जो मैंने कम कर दिया | वह याद आती है और दुबारा बुलाती है,जोश और होश में आने की आशा दिलाती है | दिमाग और दिल तड़पकर कुछ कर जाने को आहट निकलती है | खोकर वह एक नया पहचान बनाना चाहती है | वह लम्हा जो खो गया उसे पाना चाहती ह...
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  April 2, 2019, 5:55 am
"वीरों को याद करो "गर्मी के मौसम में,धरती के आँचल में | गर्म हवाएँ चल रही हैं,गर्मी से भू दहक रही है | लू लपाटा चले फर्राटा,कर न पाए कहीं सैर सपाटा | पेड़ पत्ते जल रहे हैं,बिन हवा के मचल रहे हैं | दिन लम्बा तो हो ही गया है,ठण्ड मानों सो ही गया है | आलस कर देता है मन में,सोना बस रहता...
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  March 31, 2019, 7:14 am
"आसमां के परिंदे "आसमां के परिंदे, हमेशा उड़ना चाहते हैं | कुछ कर पाने के लिए,इंतज़ार करते रहते हैं | आसमां के छाए बादल,मौसम बदलना चाहते हैं | बारिश की बूंदें गिरते है, पर हमसे कुछ कह जाते हैं | ये टपकते बारिश की बूंदें,हर लम्हें को दर्शाते हैं | नए जीवन जीने के लिए,मौसम बदलना चाह...
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  March 30, 2019, 6:52 am
"काश मेरा सपना ऐसा होता "काश मेरा सपना ऐसा होता,पक्षी की तरह मैं होता | आसमां में उड़ पाते,संसार को अलग से देख पाते | काश वह ऐसा होता,मेरे भी कुछ सपने होते | मैं कुछ कर पाता,काश मेरा सपने ऐसा होता | संसार की बड़ी इमारतों को देख पाता,काश पक्षी के तरह मैं होता | आसमां में उड़ पाता | |  &nb...
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  March 30, 2019, 6:39 am
"भगत सिंह बनना हम है चाहते "वीरों के वीर थे,तीनों बड़े शेर थे | क्रान्तिकारी ये कहलाते थे,अंग्रेजों से ये न घबराते थे | बेम फेंक सबको चौकाया,बिना डरे इन्होने कर दिखाया | नाम इनके थे बड़े प्यारे,राजगुरु,सुखदेव और भगत सिंहबस गए देश के न्यारे | २३ मार्च को संकट सा आया,चुपके से इन्...
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  March 30, 2019, 6:25 am
"दोस्ती तेरी याद में "दोस्ती तेरी याद में,दिल धड़क रहा है | तुमसे मिलने के लिए,आंखें तरस रही है | याद आते हैं वो गाने,तेरे मेरे गुनगुनाने के,चाहत है तेरे संग रह जाने की| दूर है तो क्या,जैसे आसमां और जमीं | कोई बात इस दोस्ती में,क्या रह गई कमीं | कवि परिचय : यह कविता संतोष के द्वारा ...
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  March 30, 2019, 6:05 am
"भगत सिंह "वह लहू जो देश के काम आया,बढ़ते हुए जुल्म से मुल्क के लोग राहत पाया | सोते हुए भी नींद की अपेक्षा न रख पाया,असेम्ब्ली में बम फेकते हुए सबको सूचना दे आया | हर कदम वह रहता तत्पर तैयार,वह था भगत सिंह मशाल | जज्बाज जो उन्हें रोक सका,उसके खिलाफ कोई कह न सका | देश के लिए मरकर भ...
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  March 26, 2019, 7:19 am
"मेरा गाँधी ऐसा था "मेरा गाँधी ऐसा था,भारत देश का बापू था |कहीं मिट जाए इनका सम्मान कहीं न हो जाए इनका अपमान | इसने हमको अंग्रेजों से बचाया,हम इनको दुनियाँ से बचाएँगे | इनका अपमान अब नहीं सह पाएँगे,गाँधी गाँधी इनका नैरा लगाएँगे | नए नए नोटों में हम इसको लगाएँगे,एक बार फिर से ...
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  March 26, 2019, 6:22 am
"फाल्गुन का महीना आया "फाल्गुन का महीना आया,रंग बिरंगी पिचकारी लाया | गालों पर गुलाल लगाएंगे,गुझिया और मिठाइयाँ खाएँगे |धूम - धाम से होली मनाएँगे,सबके चेहरे पर रंग लगाएँगे | खुशियों का यह त्योहार है,बस रंगों का बहार है | सारी मर्यादाओं को भूलकर, ख़ुशी में एक साथ झूमकर | दोस्...
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  March 24, 2019, 6:45 am
"फाल्गुन का महीना "फाल्गुन का महीना आया,बच्चों ने रंग खेलने की तैयारी की | भरे पिचकारी फेके पडे हैं, लाल , हरे ,पिले रंग झेले पड़े हैं | खूब मौज -मस्ती से खेले पड़े है,फाल्गुन के महीने में झूम उठे है | होली में सब जाग चुके हैं,फाल्गुन में उमंग से फूल चुके हैं | कवि : विक्रम कुमार , कक...
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  March 19, 2019, 7:16 am
"होली आई "होली आई होली आई,पीला , लाल और हरा रंग लाई | मन को मोह लेता है भाई,होली आई होली आई | होली का त्यौहार आया,दोस्तों को लाल रंग लगाया | रंग भरे पिचकारी से उसे मारा,इस खेल में कोई नहीं हारा | मन को मोह लेता है भाई, इसीलिए होली है आई | सब लोगों की टोली आई,एक दूसरे के लिए प्यार जगाई ...
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  March 19, 2019, 6:58 am
"कुछ ऐसा करूँ "मन करता है कुछ ऐसा करूँ, हर  मुसीबतों को पार कर सकूँ |  देश की गन्दगी को साफ कर सकूँ,जो भी भूल हो उसे माँफ कर सकूँ | बस इतनी ही चाहत है रब से,यह दरख्वास्त है मेरा सबसे | हर राह से गुजर कर कुछ बन सकूँ,बनने के बाद देश के लिए कुछ कर सकूँ | मन करता है कुछ ऐसा करूँ, हर  म...
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  March 19, 2019, 6:27 am
"मच्छर"छोटा सा एक मच्छर, बड़ा धमाल करता है | गन्दगी में रहना इसकी आदत,जमे हुए पानी में ही यह इबादद | ये होता है छोटा सा, दिखता है बिल्कुल अजीब सा | बिना पूछे काट लेता है, पूरी रात परेशान कर देता है | इसकी आदत ख़राब सी है, बिना कुछ कहे ही काट लेता है | जितना भी भगाओ नहीं भागता,भगाने प...
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  March 17, 2019, 7:05 am
"मुझे भी संग ले चलो "ऐ जाने वालों मुझे भी संग ले चलो,गले मिलते चलो ,सबको रिझाते चलो | ऐ मेरे दोस्तों मुझे भी लेकर चलो,मैं भी देखना चाहता हूँ सारा जहाँ,मेरे भी कुछ सपने हैं यहाँ | मेरे भी यार मेरे यार मेरे यार,जैसे अपनी ही माँ से मिली है माँ मेरी,हर कदम पर तेरी रतना करूँ मैं त...
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  March 15, 2019, 6:48 am
"हम चलेंगे "हम चलेंगें , हम चलेंगे,छाया घोर अँधेरा था | तूफानों का डेरा था ,मंजिल की ओर जाना था | फिर भी आगे जाना था,घर घर में दीप जलाना था | पथ में जो भी आएगा,ठोकर से वह उड़ जाएगा | हम चलेंगें , हम चलेंगे,छाया घोर अँधेरा था | कवि : सार्थक कुमार , कक्षा : 9th , अपना घरकवि परिचय : यह हैं सार्थ...
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  March 15, 2019, 6:43 am
"पत्ता जब गिरता है "पेड़ से एक पत्ता जब वो गिरता है, न जाने कितना दर्द उसको होता है | कौन जाने उसकी कस्ट और दर्द ,वो किसे अपनी दर्द बताए | इतनी कड़े धुप में रहते हैं, चाहे तूफान हो या फिर आँधी | पेड़ जो सबको समान समझे पर मुसीबत में वो मुड़कर न देखे | हमें आज सुधरना होगा, एक नहीं सौ पे...
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  March 15, 2019, 6:23 am
Exam stress Exam increase children's stress, and not have time to little rest . we always thing to score good marks, and not give our best .it always deprive us, and burdun of syllabus over right us . there is no any ways,to reduce our stress . we can now give our best, sometime we always use to play . which is only thing, which keeps our mind on right way .                                                     &n...
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  March 14, 2019, 6:26 am
"जब गई ये ठंडी "धीरे से जब गई ये ठंडी,तेज़ी से तब आई ये गर्मी | जमीन हुए बर्फ़ में भी पहुँचा गई नमीं | मच्छरों ने किया हमला,परेशां हुए हम सभी | इनसे बचना मुश्किल है,रजाई में भी घुस जाए ये | तब धड़कते ये दिल है | |  कानों में भी भन -भन करते,सभी के दिल थम थम जाते |  जानें ली इन्होने कई, ध...
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  March 14, 2019, 5:49 am
"हवाएँ कुछ कह रहीं हैं "ठंडी हवाएँ कुछ कह रहीं हैं,मानों प्रकृति में मंद से बह रही हैं | प्रकृति का सौंदर्य देता है साहस, गर्मी मौसम में भी पहुंचता है राहत | वक्त भी साथ रहता है, पर यह कुछ नहीं कहता है | हवाएँ कुछ हमें कह जाती है,एक बार आती फिर चली जाती हैं | हवा एक समंदर की तरह ...
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  March 14, 2019, 5:37 am
"काले - काले बादल छा रहे हैं "काले - काले बादल छा रहे हैं,खिली कलियाँ भी मुरझा रहे हैं | पत्तों से पानी यूँ टपक रहा है,बादलों से पानी लगातार बरस रहा है | पत्तों - घासों में हरियाली आ गईमानों जीवन की खुशियाँ बहार बनकर छ गई | भरी महफ़िल की गर्मी इन बूंदों में समां गई | हरों पत्तों ...
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  March 12, 2019, 6:17 am
"भुला न पाउँगा "आँखों में तेरे आँसू न देख पाउँगा,चाहत मैं तेरी भुला न पाउँगा | दिल में मेरे दर्द है ऐसा,तुमसे न छिपा पाउँगा | तेरी इस तनहाई में रातों की परछाई में | तुम्हें याद करता हूँ,कुछ गलत न हो यह फ़रियाद करता हूँ | हवाएँ भी कुछ कहने लगी हैं,तुम बिन सुना रहने लगी हैं | आँखों ...
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  March 12, 2019, 5:45 am
"एक तारा था "जीवन में एक तारा था,वर्षों से वो बहुत पुराना था | मानों वह बेहद प्यारा था,दुनियाँ में हंसी - ख़ुशी का तारा था | वो छूट गया तो टूट गया गया,कितने प्यारे उसके छूट गए | टूटे तारे पर क्या शोक मनाता है,जीवन की हंसी - ख़ुशी तारा समझाता है | जीवन में एक तारा था,वर्षों से वो बह...
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  March 11, 2019, 2:02 pm
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