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बाल सजग

"साल बेहाल " जनवरी में हम सर्दी झेले ,फरवरी में हम शाम को खेले | परीक्षाएं हैं अपनी मार्च में, अप्रैल में परिणाम है | मई है लू का महीना, पूरा जून आया पसीना | जुलाई में थोड़ा बूँदा बांदी,  अगस्त का दिन है आज़ादी | सितम्बर है शिक्षक दिवस का,  अक्टूबर में वध किया र...
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  June 19, 2018, 7:36 am
"तितली "रंग -बिरंगें होती है तितली,सुनहरे-चमकीले होती है तितली | फूलों पर मंडराती है तितली ,छूने पर उड़ जाती है तितली |  पंख फैलाकर मनोरंजन करती, अपने पर घमंड नहीं दिखाती | मन में जिज्ञासा भरती है तितली,सबसे सुन्दर दिखती है तितली | रंग -बिरंगें होती है तितली,सुनहर...
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  June 18, 2018, 7:47 am
"  हिंदुस्तान एक मील का पत्थर "यह हिंदुस्तान एक मील का पत्थर है,इसकी हर एक सड़क  में मंजिल है | यहाँ हर एक चीज कीमती दिखती है, हीरे- जवाहरात महँगे बिकते हैं | वो खुले आसमान में जीने की आज़ादी है, कुछ न कर पाओ तो जीवन में बर्बादी है | ऐसे बुलंद हौशलों की दीवारें भी है...
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  June 17, 2018, 6:28 am
"हवा चली पुरवइया "चली  पुरवइया हवा  कहाँ से ,कैसे गुजरा पता न चला | बरसात में बहती ठण्डी हवा,झकझोर कर देती हवा | यह खिलती है फूलों की तरह,यह हिलती है पेड़ों की तरह | जब चलती है हवा ,चन्द्रमा के पास से, गुजर जाती है बादलों की सांसों से | आँधी तूफान लाती है हवा  ,झकझोर क...
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  June 16, 2018, 7:15 pm
"बच्चे की राह " चलना चाहता हूँ सावधानी से, हूँ मैं एक छोटा सा बच्चा | आप के साथ खड़ा रहना चाहता हूँ,क्योंकि डर है मुझे लगता | चलते - चलते इन समय में, कहीं टहल न जाऊँ |  भटकने का जोखिम है, कहीं रास्ता न भूल जाऊँ | गर्मी की सूरज ,सर्दी की बर्फ,वर्षों के लिए भटक रहा है |&nbs...
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  June 16, 2018, 6:59 am
"वक्त की चुनौतियाँ "वक्त की चुनौतियों को स्वीकर करो,हिम्मत रखो की ,तुम इंकार न करो |आत्मविश्वास से तुम आगे बढ़ो ,वक्त का तुम इंतज़ार न करो |हमें अगर जीवन में कुछ करना है,तो राहों में मुसीबत से खुद लड़ना है | अपने लक्ष्य को तुम जल्द पाओगे, जीवन सुंदर और सरल बनाओगे | कवि :र...
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  June 16, 2018, 6:46 am
"रोशनी "जिंदगी को चमकाने एक रोशनी आई ,उस रोशनी में कुछ बात थी | जब जिंदगी में ये नहीं आयी थी,मेरी जिंदगी में उस वक्त काली रात थी | रात को भगाने  वाली उस रौशनी में, कुछ तो ऐसी बात थी | हमें इसी रोशनी की आस थी,जिंदगी को चमकाने वाली एक रौशनी आई |  जिसमें कुछ ऐसी बात थ...
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  June 15, 2018, 8:17 pm
"दुनियाँ "ये दुनियाँ रहे या न रहे, ये कोई नहीं है जानता | दुनियाँ को बिगाड़ रहे, पर कोई नहीं है मानता | दुनियाँ को बनाने वाले चले गए,दुनियाँ को मिटाने वाले चले आए | ढूढ़ने निकले हैं नई दुनिया,पर अभी नहीं मिली दुनियाँ | कवि : नितीश कुमार , कक्षा :8th , अपना घर कवि परिचय : यह ...
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  June 10, 2018, 6:13 am
"ठण्डी " ठंडी का मौसम आया है,, हाथ - पैर बहुत ठंडाया है | सुबह न उठाने का करता मन, कैसे लगाएंगे पढ़ाई में मन | मोजा टोपी लगाएंगे साथ में, बैठे पड़े है पुस्तकालय में | ठंडी का मौसम आया है | | कवि : कुलदीप कुमार , कक्षा : 7th ,  कवि परिचय : यह हैं कुलदीप कुमार जो की छत्तीसगढ़ ...
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  May 31, 2018, 7:15 am
"विहग तू क्या है " विहग तू क्या है, तू तो अपने को भूल गया | मैं क्या हूँ , कैसा हूँ, मानव ने तेरा घर नष्ट किया | तू तो उड़ना छोड़ रहा है, पिंजड़े में रहना सिख गया | तेरी मीठी - मीठी आवाज़ों ने, आज के मानव का मन मोह लिया | तू तो आज़ादी से जीने वाला, तू तो आकाश से बाते करने ...
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  May 26, 2018, 2:27 pm
"काश बारिश का मौसम आए "काश बारिश का मौसम आए,मन करता है बारिश में नहाए | सारी घमौरियाँ दूर हो जाए, मन करता है बादल बन जाए | धरती पर खूब पानी बरसाए,जब तक चारो ओर पानी भर जाए | रोज़ सुबह उसमें डुबकी लगाए,जंगल को और हरा - भर बनाए | सूखे पौधों को पानी दे,फिर से जीने का सहारा दे...
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  May 22, 2018, 5:44 pm
"धरती की सुनो पुकार "धरती कुछ कहती है यार,सुन लो ज़रा इसकी पुकार | ये कुछ कहती है तुमसे, इतना बस जान लो हमसे | तुमसे न ही ये धन है माँगती, न ही कोई खजाना माँगती | बस ये तुमसे माँगती है,पेट भर पानी और हिफ़ाजत | धरती कुछ कहती है यार,सुन लो ज़रा इसकी पुकार | कवि : समीर कुमार ...
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  May 22, 2018, 5:36 pm
"छोटा बच्चा "जब मैं छोटा सा बच्चा था, कितना खुश मैं रहता था | सारी दुनियाँ को भूलकर मैं, सिर्फ जीवन ही सोचता था | माँ का मुझको प्यार मिला जब, पापा ने भी दुलारा मुझे तब | नाचता था झूम झूमकर तब, घूम - घूमकर दुनियाँ जब | संसार को माना घर तब,माता पिता थे भगवान जब | कवि : ...
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  May 17, 2018, 5:50 pm
"जिंदगी "जिंदगी की राहों में ,हमने चलना सीखा है | पल -पल आती बाधाओं से, हमने लड़ना सीखा है | यह राह जो मेरा है, यह  चाह जो  मेरा है | यह  मुकाम जो मेरा है, हौशलों से इसको भरा है | कवि : कामता कुमार ,कक्षा : 7th , अपना घर ...
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  May 17, 2018, 5:38 pm
"दूषित हवा "जागो दुनियाँ  वालों जागो,हो रही है दूषित दुनियाँ | मत जलाओ पॉलिथीन को, जागो दुनियाँ वालो जागो | साँस लेने में हो रही है दिक्कत, जाने कब रुकेगी ऐसी मुसीबत | जाने किस मुसीबत से जी रहे हम, क्यों हवा को दूषित किय हैं हम | जागो दुनियाँ  वालों जागो |&n...
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  May 17, 2018, 5:30 pm
"समाज "समाज क्या कहेगा हम यही, सोचकर पीछे रह जाते हैं | कुछ किय बिना ही समुद्र ,की लहरों में बह जाते हैं | बस यही सोचकर हम इस, दुनिया में खो जाते हैं | आँसू की हर एक बूँद, गर्म रेत में खो जाती है |  लाख कोशिश के बाद भी, लौट कर नहीं आती है | कुछ नहीं सिर्फ अपनी जिंदग...
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  May 10, 2018, 3:01 pm
"बारिश "टिप - टिप बरसा पानी, झम - झम बरसा पानी | जब धरती पर है आती, टप - टप शोर है मचाती | सभी बच्चे ख़ुशी मनाते,बरसात के पानी में नहाते | जगह - जगह कीचड़ फैलते,पानी का बौछार बहाते | ठंडी ठंडी हवा हैं लाते, रात में मच्छर हमें सताते |  टिप - टिप बरसा पानी, झम - झम बरसा पानी ...
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  May 10, 2018, 2:46 pm
"बारिश " धरती थी बड़ी बेहाल यारा, समझ न आये तो सब बेकार | तब आयी बड़ी सी बछौर, उसका नाम था बारिश यारा | एक करोड़ से ज्यादा दिन तक, वह दूरी तय करी सीमा तक | सुखी हुई थी मिट्टी  जो, वह बारिश से गीली हो गई | हरियाली से ये धरती भरी,  फिर यह मुस्काने लग गई |  हम ने मे...
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  May 7, 2018, 3:19 pm
"आज़ादी "आज़ादी का दिन आया, अपने साथ कुछ रहस्य लाया | फिर से खुशियों को लौटाने,अपने साथ आज़ादी लाया | वतन की रक्षा करो सिखाया, बिना डरे तुम जियो बताया | चलो बिना हिचकिचाए, क्यों बैठे हो मुँह पिचकाए | इस देश के कायरों, चलो वतन की रक्षा करो| जब इन्हें ये बुलाया, है ...
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  May 3, 2018, 3:19 pm
 "वायु में गन्दगी " हो रही है वायु गन्दगी, फैल रही है लाखों बीमारियाँ | कोई नहीं देता वायु पर ध्यान, ले लेता है लाखों लोगों की जान |  हम पेड़ हजारों लगाएंगे, लाखों जिंदगियाँ बचाएंगे | वायु में गन्दगी नहीं फैलाएंगे, वातावरण को स्वच्छ बनाएंगे | फिर से आराम ...
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  April 30, 2018, 6:44 am
"भगत सिंह"  जो था इस देश का शान,जिससे है यह देश महान | आओ हम उसे याद करें, उसे जगाने का कुछ प्रयास करें | जो न घरों में बसता है, जो सिर्फ दिल में बसता है | आओ उसे कुछ याद दिलाए, उसके नाम के कुछ दिए जलाए | जब था यह देश गुलाम, छोड़ दिया इसने खान - पान | देश को आज़ाद करवा...
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  April 29, 2018, 5:29 am
"गर्मी का दिन " गर्मी का दिन है आया,पसीना ने हमको भिगाया | रात को मच्छर करते परेशान, सुबह किरण पर देता हूँ ध्यान | जीवन भर करता  रहूंगा प्रणाम, माँ -बाप का प्यार है सबसे महान | जीवन भर वो काम आए ,गर्मी भी उससे दूर भाग जाए | सपनों में दुनियाँ ऐसे बसाए,जीवन भर हम साथ न...
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  April 29, 2018, 5:15 am
"मेरी पुकार "हे प्रभु तू सुन मेरी पुकार, फिर से बना दे खूबसूरत संसार | इंसानों के अंदर भर दे प्यार, ताकि हर इंसान बन जाए यार | फूलों की खुसबू को बढ़ा, दे  चाहे उसमें चार चाँद लगा दे | तोड़ने पर न पहुंचे दुःख ,काँटों में खिलकर भी रहे खुश | इस संसार को ऐसा बना दे ,सोचू...
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  April 28, 2018, 5:50 am
"भगवान की आशा गरीबों की आँखों में " भरोसा  कर के जी रहा,गम के आँसूं पी रहा | एक मंदिर ,एक सड़क, एक दिल ,एक धड़क | एक पूस की झोपडी की सलांखों में, क्योंकि भगवान की आशा गरीबों की आँखों में | ज़ुल्म सहना, थम कर रहना ,मुँह से कुछ न कहना | हर बार गुजारिश कर, हर मुसीब...
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  April 16, 2018, 5:01 am
"एक छोटी सी कोशिश हमारी " हर छोटी सी  कोशिश हमारी,मंजिल को कामयाब बनाती है | जो की आगे चलकर एक,बड़ी मिशाल बन जाती  है | अपने मंजिल को पाने के लिए,हर एक कोशिश काम आता है | और हर कोशिश का परिणाम,जो बहुत ही खुशहाल होता है | अपने कठिनाइयों को पार करने में, हर एक साहस काम आ...
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  April 15, 2018, 5:38 am
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