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बाल सजग

"गुरु का ज्ञान "अँधेरे में हर व्यक्ति घबराते हैं, गुरु की ज्ञान पाने वाला व्यक्ति | जीवन में अवश्य सफलता पाता है, गुरु की ज्ञान से उजाला हो जाता है | जीवन के हर मुसीबत में, गुरु का ज्ञान ही काम आता है | अँधेरे में छिपी हुई एक मोमबत्ती, जलने के लिए बेताब रहती है |&nb...
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  August 16, 2018, 5:32 am
"मिलकर एक दुनियाँ बनाएँ "आओ मिलकर एक ऐसी दुनियाँ  बनाएँ ,जिसमें कोई भेद - भाव नहीं हो | हर कोई हंसी और ख़ुशी से जीते हो ,कोई हिन्दू - मुश्लिम न कहलाते हो  | आओ मिलकर एक ऐसी दुनियाँ बनाएँ, जिसमें कोई गरीब अमीर नहीं होता | हर कोई एक दूसरे के साथ रहता,  कोई भी जाति  ...
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  August 15, 2018, 5:36 am
"छोटी सी जिंदगी हमारी"छोटी सी जिंदगी हमारी,कुछ कर जाने की चाह हमारी | जमीं आसमां एक कर जाएंगे,दुनिया को हम कर दिखलायेंगें | कोशिश हम हमेशा करते रहेंगे,अपने लक्ष्य को छूते  रहेंगें  | ये तो सपना है हमारा,घूमेंगें हम ये दुनिया सारा | छोटी सी जिंदगी हमारी | | कवि : क...
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  August 14, 2018, 5:53 am
"ख्वाबों में एक चाह है "ख्वाबों में एक चाह है, जिसको पूरा करना है | ख्वाबों की हर  एक बात ,उसे सच कर दिखाना है | मुश्किलों से नहीं डरना है,                                                               आगे ही आगे चलना है |                 &...
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  August 13, 2018, 5:41 am
"बालगोपाला "लल्लन के लाल,  बालगोपाल,यशोदा का नटखट नन्दलाल | पूरे मथुरा में बजाता है मुरली,बन्सी से निकलती आवाज़ सुरीली |मन को मोह लेने वाला,मथुरा का बालगोपाल |सुदामा संग चुराता माखन,अद्भुद प्यारा था वो बचपन |गौ चराता  मुरली बजाता,राधा संग प्रेम के नैन लड़ाता |गोपाल तो...
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  August 13, 2018, 5:28 am
"पूर्व दिशा से मानसून है आई "पूर्व दिशा से मानसून है आई,साथ में अपनी बारिश है लाई |बारिश तब बरस रहा था,इंसान जब तरस रहा था |एक्सिस अमाउंट में बरसा पानी,कानपुर ने की है मनमानी |जगह जगह सब भर डाला,फिर भी मौसम है काला |सुबह से लेकर शाम तक बरसा,बहार जाने के लिए  इंसान तरसा |फिर भी ...
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  August 8, 2018, 5:26 am
"काश बारिश हो "आशा है मुझे , बारिश होगी,आशा है मुझे , कुछ नया होगा |देखने में लगता है कुछ खास,ये बादल रुक जाए काश |जहाँ भी जाऊँ बादल हो साथ,मेरे चारों तरफ हो जाए बरसात |बारिश की बूंदों को मैं देखूँ,बारिश  को मैं महसूस करूँ |उछल कूदकर खूब नहाऊँ,इतना पानी हो की मैं डूब जाऊँ |काश ब...
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  August 5, 2018, 2:29 pm
"सपथ  ली है " भारत को देखो यह देश है कैसा , इसमें नीति है यह देश है ऐसा | जब तक गाँधी जी की साँस थी ,तब तक भारत को आज़ाद कराया | भारत में जब अंग्रेज़ थे ,तो यह भारत बंधी था | जब गाँधी जी भारत में आए ,तो भारत को आज़ाद कराया | लोग आज़ादी का सपना देखते थे ,नए सपने सजाने क...
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  August 4, 2018, 6:11 am
"डरपोक का डर "डरपोक का एक सपना,सपने में हुई एक घटना |घटना थी काफी खास ,बिस्तर में पड़ी थी एक लाश |लाश से वह डर रहा था ,बिस्तर से दूर हट रहा था |जब बिस्तर का आया किनारा,तब उसको न मिला कोई सहारा | जब बिस्तर गिरा धड़ाम,डरपोक के मुँह से निकला है हाय  राम | न उसके बिस्तर में कोई लाश थ...
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  August 3, 2018, 6:52 pm
"ऐसा दिन है हमारा "यह ऐसा दिन है हमारा, हर साल आता है यह दिन दोबारा | कैसे कहें हम उनकी बात, सोच में पड़ जाओगे सारी रात | इस दिन तीन देश भगतों, की चली गई थी जान | ज़रा भी अंग्रेजों ने उन लोगों, पर किया नहीं दयावान | यह ऐसा दिन है हमारा, हर साल आता है यह दिन दोबा...
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  August 3, 2018, 5:43 am
"मदारी "मदारी है, यह मदारी है,बड़ा ही चालक मदारी है | साथ में बंदर भालू लाता,उसको खूब नचाता है | नाच देखकर जनता वश में हो जाता है, फिर मदारी उनसे पैसा और आटा मँगवाता है | देखो इस मदारी को, संग में जानवर लाया है | जानवर को नचाकर पैसा लेता है, और जानवरों को कुछ नहीं द...
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  August 2, 2018, 6:07 am
"छुट्टियों के दिन "छुट्टी का दिन आया है, मस्ती लेकर आया है | दिन में करेंगें खूब मस्ती ,                                                              घूमेंगे अपने गांव की बस्ती | स्कूल की छुट्टियाँ अब हो गया, मुन्ना राजा कब सो गया | गर्मी भी त...
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  August 1, 2018, 5:33 am
"बिल्ली "  बिल्ली हूँ मैं  बिल्ली हूँ,बड़ी सरारती  बिल्ली हूँ | सबके घर में जाती हूँ, दूध मलाई खा जाती हूँ |  घर वाले जब देखते हैं,घर से मुझे भगाते हैं | जब मैं दौड़ नहीं पाती हूँ,म्याऊँ -म्याऊँ चिल्लाती हूँ | जब बिल्ली घर में आती हैं, चूहों को भी खा जाती है...
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  July 31, 2018, 6:42 am
"गर्मी बेहाल "क्या बताएँ हम अपना हाल, यह मौसम है बिल्कुल बेहाल | न चैन है ,न ही है राहत,पूरा दिन गर्मी में गरमाहट | थोड़ी सी बरसात राहत दिलाती ,ज्यादा दिन वह भी नहीं टिक पाती | गर्मी में पसीना बहता रहता, जब कूलर का पंखा है रुकता | कैसे बढ़ जाती है ये गर्मी, न कोई दया , न क...
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  July 29, 2018, 6:43 am
"कोशिश करता हूँ हर रात "मैं बैठे - बैठे सोच रहा था ,ठंडी हवा का मज़ा ले रहा था | सपनों में मैं खेल रहा था, छक्के - चौके जड़ रहा था | कितना अच्छा वो सपना था, जिसको मैंने सोचा था | बारिश की बूँदों ने मेरे, सपने को कर दिया समाप्त |  उसी सपने को सोचने की ,कोशिश करता हूँ ...
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  July 23, 2018, 5:45 pm
"बड़ी सोच होनी चाहिए "छोटे हैं कदम तो क्या, एक बड़ी सोच होनी चाहिए | शरीर मर भी जाए पर, सोच नहीं मरनी चाहिए | तेरे सपनों के अरमान, छूना है तुझे आसमान | कदम रुक भी जाए पर, सोच नहीं रुकनी चाहिए | अपने सपनें को सजाओ, जीत का जशन सदा मनाओ | मंजिल ख़त्म हो जाए पर,  ऐसी स...
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  July 23, 2018, 5:47 am
"वह ऐसा दिन "चला गया वह एक ऐसा दिन,जो रहता था लाईट के बिन | एक दिन कर दिखया वह काम,जग में चमकने लगा उसका नाम | इस काम से वह पीछे नहीं हटा,इस दिन एक समस्या घटा | था वह एक ऐसा दिन,जो रहता था लाईट के बिन | यह एक पते की बात है,यह एक रात की बात है  | कवि : संतोष कुमार , कक्षा : 5th , ...
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  July 22, 2018, 6:02 am
"तूने क्या कर डाला " तू ने ये क्या कर डाला,इस दुनियाँ को बदल डाला |न देखी तूने खाई ,न देखा नाला,जहाँ भरा है गन्दगी का प्याला |पर तूने एक गलती कर दी,इस गर्मी को और बढ़ा दी |बैठा है ऊपर काला - काला,लगा दिया वहाँ जाला - जाला |तू ने ये क्या कर डाला,इस दुनियाँ को बदल डाला | कवि : समीर क...
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  July 16, 2018, 6:09 pm
"हवाओं के झरोके में "चलती हुई हवाओं के झरोके में,कुछ तो करना होगा इस मौके में | देखते देखते गुजर जाएंगे ये दिन,जब तुम भविष्य की राहों में रहोगे | तब याद आयेंगें ये बीते हुए दिन, लेकिन तुम्हें सपना करना है रंगीन | परिश्रम करना होगा तुम्हें दिन -रात, पता नहीं चलेगी बीत...
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  July 13, 2018, 5:40 pm
"फूलों  की तरह "फूलों  की तरह खिला है, नए रस्ते की ओर चला है | बढ़ते जा रहे हैं मेरे कदम,एक नए दिशा की ओर | होंगें सही गलत के रास्ते,चुनना है इन दोनों में से एक | नहीं भरोसा है किसी पर, भरोसा करूंगा खुद पर | चलूँगा मैं सही रास्ते पर, लगाकर अपने सपनों के पर | फूलों  ...
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  July 13, 2018, 5:39 pm
"स्वच्छ शहर बनाओ "सुनो सुनो ये शहर की कहानी,जहाँ रहता है कूड़ा और गन्दा पानी |जगह जगह पड़े रहते कूड़े का ढेर,कूड़ा  उठाने में  कर देते हैं देर |नजर नहीं जाती किसी की उस पर,ख्याल नहीं आता कूड़ा है धरती पर |धीरे - धीरे बढ़ता जा रहा कूड़े का ढेर,सोचा नहीं किसी ने इस बारे में |न ही ढू...
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  July 11, 2018, 6:51 pm
"शीतल वायु "ये शीतल हवा का क्या कहना,हमको इसके बिना नहीं रहना | गर्मी में यह हमको राहत दिलाए, ठंडी में यह खूब हम को सताए | जिसने इस चीज़ को बनाया है, उसने सभी का मन  भाया है | मनुष्य इसे कर देते है  बेकार, काला धुँआ फैलाती है कार | इससे बच्चे हो रहे हैं बीमार, मह...
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  July 10, 2018, 6:07 pm
"पल भर की हँसी "क्यों उदास बैठा है मेरे दोस्त, एक पल के लिए  हँस तो सही | हँस के तो एक बार तू  देख,सच होंगें तेरे सपने सभी | उदास मन तेरे सोच को जमाएगा, तेरी हँसी तेरे दुखों को पिघलाएगा | तेरा मन प्रफुल्लित हो उठेगा, जब तू खुल कर एक बार हँसेगा | एक हँसी में जो बात ...
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  July 9, 2018, 5:48 pm
"गर्मी की बरसात " दोपहर की क्या वो बात थी ,धूप और गर्मी की बरसात थी | टपक रहा था पानी टप टप, राहत की भीख  माँग रहे थे सब | सोच रहे थे कैसे छुटकारा मिल जाए, थोड़ा सा गर्मी का पारा कम हो जाए | काश  एक बार छुटकारा मिल जाए, इस गर्मी में काश मौसम ठंडा हो जाए | दोपहर की ...
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  July 8, 2018, 5:28 pm
 "मेरी चाह "मेरी चाह एक ऐसी  हो ,दुनियाँ में हर एक जैसा हो |हर गरीब की एक छाया हो,बंधू और भाई  माया हो |दुःख का कोई  नाम न हो,खुशियों से भरा हर शाम हो |दुनियाँ में हर किसी का नाम हो,जिंदगी में हर कोई महान हो |मेरी चाह एक ऐसी  हो ,दुनियाँ में हर एक जैसा हो | कवि : व...
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  July 4, 2018, 3:08 pm
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