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बाल सजग

"देश होता जा रहा है खोखला "फैशन का चल रहा है जलवा,देश होता जा रहा है खोखला | तरह -तरह की नई चीजें आती,ये सब बड़े बड़े को नाच नचाती | फैशन का चल रहा है जलवा,गन्दी चीजें कर रही है हमला | इमारतों से भरती जा रही है दुनिया,कब समझेंगे देश के बनिया | पेड़ सब कटते गए,ऑक्सीजन की मात्रा घटती ...
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  June 9, 2019, 6:21 am
"बचपन "जब मैं छोटा बच्चा था,बचपन में मैं गोरा था | बचपन में मैं शैतान था,मम्मी गलती पर डाटती थी | फिर भी वही काम करता था,पापा मेरे लिए रसगुल्ला लाता था | मिठाई मैं पेट भर के कहते था,जब मैं छोटा बच्चा था | बचपन में मैं मोटा था | जो काम नहीं करना होता,वह काम मैं करता था |  नाम :मंगल क...
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  June 6, 2019, 5:14 am
 "छोटी सी चिड़िया"छोटी सी चिड़िया है, वह कुछ कहना चाहती है | उसकी भाषा समझ में न आती है,इसीलिए उदास होकर वह उड़ जाती है | वह अपने दुःख को ले जाती है,छोटी सी चिड़िया कुछ कह जाती है | चिड़िया अपनी आवाज़ों से पुकारती है,वह लोंगो को खुश कर जाती है |छोटी चिड़िया कुछ कहना चाहती है,ऐसा लगता ...
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  June 2, 2019, 6:17 am
"छुट्टी "जब छुट्टी हुई स्कूल से,खूब खेल रहे थे धूल से | हो गई बड़ी भूल हम से,मम्मी ने मना किया था खेलना धूल से | जब छुट्टी हुई स्कूल से | | पढ़ाई का कोई नाम नहीं,करने को कोई काम नहीं | बस खेलते रहते दोपहर से शाम,यही था छुट्टी का इनाम |नाम : सनी कुमार , कक्षा : 5th , अपना घरकवि परिचय :यह कव...
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  May 31, 2019, 6:48 am
"चन्दा मामा की बात "सो रहे थे जब छत पे हम,गिन रहे थे तारे को | तभी कुछ देर बाद आ गए,चन्दा मां सुलाने को | तारे बोले अभी तुम न सोना,अभी करना है कुछ काम | फैलो जग में इतना,ताकि हो तुम्हारा नाम | ये सब सुनकर गुस्से से बोला चन्दा मामा,सो जा बालक | नहीं तो भइया कराएंगे तुम से ड्रामा, यह स...
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  May 29, 2019, 5:02 am
"जाति -धर्म "जाति - धर्म मैं क्या जानूँ,सभी को मैं भाई - बहन मानूँ | अल्लाह - ईश्वर है एक, फिर भी बैर रखते हैं लोग अनेक | रगों में रंग है ताली का, फिर भी बैर है गोरी और काली का | अल्लाह ईश्वर एक सामान,वही खून वही भगवान | नाम : नवलेश कुमार , कक्षा : 5th , अपना घर ...
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  May 26, 2019, 6:56 am
"एक बात "बैठा था जब मैं खिड़की के पास,सोच रहा था बैठ एक बात | जब आया वह खेल याद,खेल रहा था मैं दिन - रात | हार गया तो क्या हुआ,लेकिन जीतूँगा मैं भी एक बार | चोट लगी तो क्या हुआ,मेहनत करना है एक साथ | चला गया मैं पृथ्वी से पार, बैठा था जब मैं खिड़की के पास | नाम : सुल्तान कुमार , कक्षा...
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  May 23, 2019, 5:58 am
"हँसी तो सभी को आती है "हँसी तो सभी को आती है,लेकिन वह हँस नहीं पाता है | दर्द तो सभी को होता है,लेकिन वह सह नहीं पाता है | जिंदगी जीना है सभी को,लेकिन जी नहीं  पाता | पढ़ना उसे पड़ता है जो रह नहीं पाता,दर्द उसे होता है जो सह नहीं पाता | हँसी तो सभी को आती है लेकिन वह हंस नहीं पाता | ...
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  May 18, 2019, 6:57 am
"आज मैंने ये जाना है "आज मैंने ये जाना है,ये तो सिर्फ एक बहाना है | सबको पैसा ही बस खाना है,मुझे बताओ कहाँ अब जाना है | ये पैसा ही सिर्फ बहाना है,बस सबको बड़ा ही बनना है | मुझे तुमसे बस इतना ही कहना है,ये जवाना ही बस बहाना है |बस पैसा ही इनको खाना है | |              ...
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  May 17, 2019, 2:29 pm
"मैं चाहकर भी न रोक सका "मैं चाहकर भी न रोक सका,उस मधुर से गीत को | वह क्या सुर और ताल था,जिसमें सुरीली आवाज़ थी | मन मस्त मगन हो जाता है,जो उस गाना को सुनता है | उस संगीतकार का क्या तारीफ करूँ,जिसने उसे रचाया है | नींद मुझे आ जाती है, उस संगीत की झंकार से | मैं चाह भी न रोक सका,| उस मधु...
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  May 15, 2019, 5:25 pm
"जनता की बारी "आई अब जनता की बारी,सही नेता चुनने की तयारी | वोट जनता का हथियार है, संभलना नेता बहुत होशियार है |  करेंगे चिकनी चुपड़ी बातें,इनके चक्कर जनता है आतें | पाँच सालों में कुछ किया नहीं,जनता सही से जिया ही नहीं |किसी का हल्का किसी का पलड़ा भारी,आई अब जनता की बारी | सह...
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  May 12, 2019, 5:55 am
"आम का महीना आया "आम का महीना आया, बच्चों के मुँह में पानी आया |मुँह से लार टपकता टप टप कर,आमों में रस भरा रहता है ठस ठस कर |धूप से गिरता टप टप,बच्चे खाए खूब चूसकर | रंग रसीला आम लाया,बच्चों के मन में खुशियाँ लाया | आम का महीना आया, बच्चों के मुँह में पानी आया |नाम : सार्थक कुमा...
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  May 11, 2019, 5:56 am
"पीड़ा "जब मैं बैठा था एक खाली रोड पर,पीड़ा होने लगी कसके मेरे दिमाग पर | मैं सोच रहा था अपने इतिहास पर,जो नहीं दिखा कुछ खास | मैंने सोचा अपने आने वाले कल पर,मैं बदल सकता था अगले साल पर |अब मैं जीना चाहता हूँ एक नई जिंदगी,जिसमें मिले मुझे ढेर ख़ुशी | मैं बदल दूँगा उस दुःख समय को ,...
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  May 9, 2019, 2:47 pm
"मजदूरों का अवकाश था "वह दिन कुछ खाश था,मजदूरों का अवकाश था | 1 मई का दिन था,मजदूर दिवस का वह दिन था | यह पल था प्रेम और खुशियों का,यहाँ जन्मदिन था हम सबका | कुछ लोगों ने सजाया था, रात में जन्मदिन मनाया था | कुछ मेहमान आए थे,खाना बड़े मजे से खाए थे | रात में नाच गाना था,वह दिन सबसे मस्...
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  May 7, 2019, 6:17 pm
"सागर बन जाऊँ "मन करता है सागर बन जाऊँ,नदियों के संग मैं मिल जाऊँ | कभी बिहार तो कभी कश्मीर,पूरी दुनियाँ की सैर कर आऊँ | चले मेरे ऊपर से ठंडी समीर,गाए बस मेरे बारे में कबीर | चाहे हो वो अमीर या हो गरीब,अच्छा हो जाए सभी का नसीब | कवि : समीर कुमार  कक्षा : 9th , अपना घरकवि परिचाय : यह ...
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  May 6, 2019, 5:59 am
"तपती हुई धूप "इस तपती  हुई धुप ने,पसीना से लथपथ किया | गर्म हवा में शरीर है जलता,यही लू से बीमार है करता | बाहर निकलने का हिम्मत न करता,पेड़ों को ये दर्द पहुँचाता | धूपों से लोग तड़प रहे हैं ,पेड़ की छाँव के लिए झूझ रहे हैं |ये तपती हुई धूप ने, पसीना से लतपत किया | पानी के ल...
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  May 5, 2019, 7:15 am
"जाऊँ मैं कहाँ और क्या चुनूँ "जाऊँ मैं कहाँ और क्या चुनूँ,क्या मैं करूँ और क्या सुनूँ | मुझे नहीं समझ में आता,पता नहीं मेरा दिल क्या कह जाता | ये मेरे दिल का सुरूर, मैं कहाँ से करूँ शुरू | पर मुझे नहीं पता, क्या और कब है होता | पर मुझे अपने लक्ष्य लिए, चुनना पड़ेगा एक अच्छा गुरु...
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  May 3, 2019, 6:54 pm
"एक जहाज है कुछ ऐसा "एक जहाज है कुछ ऐसा,जिसपे सब कोई है बसा | पेड़ - पौधे , झील - नदियाँ,सब थे इसके सवारी | जब इस पर मनुष्य सवार हुए,बदल गया चल - चलन | संभाला फिर भी न संभला,अब कौन बचाएगा हमें बला | न जाने अब कहाँ रुकेगी,अब न बचा कोई चालक इसका | नाम : नितीश कुमार , कक्षा : 9th , अपना घरकवि परिच...
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  May 1, 2019, 5:29 am
"नोट "बहुत कीमत होती है, छोटे से कागज की | बस गाँधी की फोटो हो,गवर्नर का साइन हो | उसी को नोट कहते हैं,लोग उसी नोट में  रहते हैं |दुनियां ऐसी हो गई है, कहते हैं पैसा फेको तमाशा देखो | इसका कागज है लाइट, इसके चलते हो जाती है फाइट |   नाम : सूरज , कक्षा : 5th , अपना घरकवि परिचय : यह कवि...
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  April 30, 2019, 5:38 am
"एक पल ऐसा था "एक पल ऐसा था,जब मुझको पता न था | अचानक से तापमान, बढ़ता जा रहा था | मन भी इधर उधर ,मचलता जा रहा था | चक्कर जैसा हो रहा था, मुझको सोने का मन | जिससे मुझको हो गया फीवर,तापमान न मेरा घटता था | होकर इससे मैं परेशान, सोने लगा रातों -रात | ठीक हुआ चार दिन बाद, जो था मेरा पल का बेका...
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  April 29, 2019, 6:52 am
"वोट का खुमार "वोट का ये खुमार है,भाजपा को दे या कांग्रेस को | न मिले तो सपा को दो,चरों ओर से बेमिशाल से प्रचार है | अबकी बार किसकी सरकार है,सभी को वोट डालने का अधिकार है | १८ से ऊपर खुला बहार है,सभी को सही नेता चुनने का अधिकार है | क्योंकि उनके हाथ में वोट का हथियार है | | कवि : वि...
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  April 29, 2019, 6:38 am
 "बाल मजदूर "नाजुक हाथों ने क्या कर दिया पाप, जन्म से ही दे दिया कामों का वनवास |कलियों जैसी खिलने वाले उस मासूम, जिंदगी को कर दिया तबाह |हर बचपन के लम्हों को, हर सजाये हुए सपनों को |दो मिनुट में कर दिया राख,दर्दनाक जिंदगी उसे तडपा दिया |बचपन के खिलौनों की जगह, जिंदगी ...
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Tag :अशोक
  April 28, 2019, 6:26 am
"जब लोगों ने किया तंग "जब लोगों ने किया तंग,तब सिर्फ तूने दिया संग,जातिप्रथा का था वो समय,बस लोगों में थी प्रलय | सभी थे जातिप्रथा के बस में, जातिवाद दौड़ रही थी सभी के नश में | नहीं था कोई अपने बस में, क्योंकि थे वो सिर्फ अंग्रेजों के बस में |   कवि : समीर कुमार , कक्षा : 9th , अपना ...
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  April 28, 2019, 6:15 am
"चीजें समझ में आई "अब मुझे चीजें समझ में आई, जब दो कदम आगे चलकर देखा | मैंने पीछे देखा , मैंने देखा की पापा मुझे मर रहे थे,हर गलतियों का कसार निकल रहे थे | तब मुझे गुस्सा आता था, कभी घर से भाग जाने का मन करता था | दूसरे बच्चों की किस्मत देखी, खुद को दोषता था | तो कभी सब को बुरा भला कह...
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  April 28, 2019, 5:42 am
"दुनिया कितनी सुन्दर है "ये दुनिया कितनी सुन्दर है,जहाँ देखो हर जगह समुन्दर है | पर ये है इतना खारा,इसका इस्तेमाल न होता सारा | जिव जंतु हैं बहुत सारा,जो घूमते फिरते हैं आवारा | ये दुनिया कितना सुन्दर है, पेड़ों का भरमार है | इससे जिव को जीवन मिलती,छोटे बड़े सभी के चेहरे खिलती | ...
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  April 21, 2019, 6:34 am
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