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.मेरी अभिव्यक्ति

ग़ुम हो गए हैं कहां  मेघा , कहां रूठ चली गयी है वर्षा ।इंतज़ार मैं आँखे सूखी ,  कैसे मिटे तन मन की तृष्णा ।है नीर बिना ताल सूखा , ना कल कल करे  सरिता ।ताप्ती हुई है ये धरती,  बिन पानी है सब तरसना ।है खेतों ने  खोई रौनक , बिलकुल भी चले बस ना ।उदासी में गुम है प्रकृति , कैसे दु...
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  July 9, 2017, 2:35 pm
डिअर व्हाटसअप/ फेसबुक ,तुम हर दिन हर पल 24 घंटे मैसेज को बिना रुके एवं बिना थके भेजने और लेने का काम करते हो  । टेक्स्ट , चित्र और ऑडियो वीडियो ,यंहा तक की आजकल  तुम्हे  पीडीएफ और डॉक्यूमेंट फ़ाइल से भी परहेज नही है । सोते जागते आजकल तुम हमेशा हमारे साथ रहने लगे हो , यंहा त...
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  July 8, 2017, 9:22 am
#happyfathersdayवो बात बात पर उनकी डांट,  और बार बार रूठना मेरा ।ऐसे ही कई बार शुरू होता , उनका और मेरा  सबेरा ।कभी मैं गिरता और , उठता उनकी उंगली  पकड़ दुबारा ।हो कोई बात मनवाना , लेता माँ का इमोशनल सहारा ।ऐसे होती मेरी कई ख्वाइश पूरी , लगता मैं जीता वो हारा ।कभी भी मेरा हार जाना , ना...
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  June 18, 2017, 12:23 pm
💦न कार धोये पानी के नल से , न पानी नहाये शावर के जल से ।💥पर रंगो की होली खेलें जम से ।💦न कुएं खत्म हो घर आँगन से , न तालाब घटे खेत खलिहान  से ।💥पर रंगो की होली खेलें जम से ।💦न बहे बारिश का पानी शहरों से , न शहर गांव पटे सीमेंट से ।💥पर रंगो की होली खेलें जम से ।💦न पानी बर्बाद ...
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  March 12, 2017, 11:01 pm
💥बड़ी सी आजादी थोडा सा बंधन ,अधिकारों और कर्तव्यों का हो गठबंधन । 💥थोड़ी सी मस्ती थोड़ी मनमानी ,अपनों की खुशियों का न हो अतिक्रमण । 💥हँसता खिलता रहे जन गण मन ,अमर रहे मेरे देश का गणतंत्र । 💥देश के सच्चे सपूतों को शत शत नमन ,शुभ और मंगलमय हो दिवस ये गणतंत्र ।🙏🌷जय हिन्द ...
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  January 26, 2017, 5:53 pm
हमारे देश में धार्मिक स्थलों पर त्योहारों एवं उत्सवों के अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है । और हमेशा की तरह शासन और जनसमुदाय द्वारा बरती गई असावधानी और सजगता का आभाव  किसी बड़े हादसों का कारण बनती है । इन हादसों पर फोरी तौर पर कई सुरक्षात्...
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  January 15, 2017, 10:41 pm
कचरोंके ढेरों मैं से प्लास्टिक व धातु के टुकड़े बीनते बच्चेबेपरवाह गंदगी और सडन के दुष्प्रभाव से , सिर्फ कुछ रुपयों की आस मैंइस बात से बेखबर से की उम्र का अगला पड़ाव हमें कंहा ले जायेगा ||चाय की दुकानों व होटलों मैं ग्राहक की हर एक आवाज पर दौड़ते बच्चेबेपरवाह लोगों की डांट ...
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  February 7, 2012, 5:48 pm
हाल ही मैं देश के कई हिस्सों से बच्चों द्वारा आत्महत्या जैसे अप्रिय और दुखद कदम उठाने की खबर आती रही है । इस तरह की घटनाओं मैं समय दर समय इजाफा होते जा रहा है । पढ़ाई मैं स्वयं की अथवा माता पिताओं की आशा अनुरूप परिणाम न आने अथवा थोपी गई शिक्षा या अधिक नंबर की होड़ वाली शिक्...
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  January 22, 2010, 11:12 pm
बढती मंहगाई पर मीडिया और समाचार पत्र लगातार ख़बरें पर ख़बरें दिखा रहें हैं और छाप रहें हैं । महंगाई है सुरसा की मुख की तरह दिन दूनी और रात चोगुनी कहावत को चरितार्थ करते हुए गुणात्मक वृद्धि करती जा रही है , आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहें है चाहे अनाज की बात करें या फिर ...
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  January 13, 2010, 11:01 pm
असंतोष और उपेक्षा से उपजी हताशा का परिणाम है - प्रथक राज्य की मांग !तेलंगाना राज्य को प्रथक राज्य बनाने की घोषणा के बाद , अब देश के हर कोने से प्रथक राज्य गठन की मांग उठने लगी है । कुछ लोग प्रभावशाली और कारगर प्रशासनिक व्यवस्था क्रियान्वयन और नियंत्रण के मद्देनजर प्रथक ...
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  December 20, 2009, 4:16 pm
कोपेनहेगन मैं ग्लोबल वार्मिंग्स पर चल रहे सम्मलेन मैं सभी विकसित , विकासशील और अविकसित देश ओधोगिक विकास की गति धीमी होने , सुख सुविधाओं के संसाधनों मैं कमी और देश का विकास अवरुद्ध होने अथवा धीमी होने की कीमत पर कार्बन उत्सर्जन की मात्रा मैं कमी ग्लोबल वार्मिंग को कम क...
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  December 13, 2009, 4:29 pm
हाल ही मैं मधु कोड़ा द्वारा काली कमाई से अरबों रुपयों एकत्रित करने का समाचार अख़बारों और इलेक्ट्रोनिक मीडिया मैं छाया रहा । किंतु ऐसा लगता है की अब देश के लोग अब ऐसी ख़बरें सुनकर और पढ़कर हैरान नही होते होंगे , क्योंकि नेताओं और मंत्रियों के भ्रष्टाचार और काली कमाई से अकू...
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  November 23, 2009, 10:34 pm
कितना जिम्मेदार विपक्ष है हमारे पास !हमेशा से सत्ता आरूढ़ पार्टी अथवा जन प्रतिनिधि को ही देश मैं चल रही विभिन्न गतिविधियों हेतु जिम्मेदार माना जाता है एवं उसे ही जनता के आक्रोश और आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता है । क्या सत्ता से बाहर बैठे विपक्षी जन प्रतिनिधि और पार्टि...
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  November 14, 2009, 9:17 pm
हाल ही मैं तीन राज्यों के चुनाव परिणाम आने पर राजनीतिक पार्टियों द्वारा विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न खड़ा किया गया । जन्हा कोई इ वी एम् मशीन की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर रहा है तो कोई जनता की विश्वसनीयता पर तो , वन्ही जनता राजनेताओं की विश्वसनीयता पर पहले से ...
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  October 28, 2009, 10:38 pm
दिवाली पर मिलावट खोरी , कालाबाजारी और मंहगाई की धूम !जी हाँ इस दिवाली पर आप कुछ खरीदने जा रहें है । आकर्षक पैकिंग मैं मिलावटी मिठाई और खाद्य सामग्रियां , विशेष छूट के साथ महेंगे कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक समान और कालाबाजारी के कारण महेंगे होते अनाज और डाले सभी की धूम मची हुई ...
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  October 16, 2009, 10:44 pm
देश मैं ईद और नवरात्र के पर्व के अवसरों पर भक्तिमय उल्लाश और खुशियों का सुखद वातावरण बना हुआ है । जगह जगह गाँव और शहर मैं पंडाल , स्वागत द्वार अवं तोरण द्वार सजे हुए हैं । कंही ईद के दावतों का आयोजन हो रहा है तो कंही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है । इन उल्लासपूर्ण ...
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Tag :विनम्र अपील .
  September 25, 2009, 9:44 pm
देश मैं स्वास्थय सुबिधायें दिन प्रतिदिन महँगी और आम लोगों की पहुच से दूर होते जा रही है । न तो योग्य और प्रक्षिशित चिकित्षों की पर्याप्त उपलब्धता है , और न ही पर्याप्त मात्रा मैं दवाएं की उपलब्धता है । चिकित्षकों की कमी और उनका ग्रामीण क्षेत्रों मैं सेवाओ देने मैं आना ...
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  September 23, 2009, 3:14 pm
जनता - जानवर या जनार्दन ?जनता जानवर है या जनार्दन या भगवान । यह तो हमारे देश के नेता तय करते हैं । वक़्त वक़्त के हिसाब से नजरिया बदलता है । चुनाव के समय जब वोट की आवश्यकता होती है तब तो जनता जनार्दन अथवा भगवान् होती है बाकी समय तो जानवर होती है और यही सोच को हमारे विदेश राज्य...
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  September 17, 2009, 5:28 pm
क्या भ्रष्टाचार देश के लोगों की कार्यसंस्कृति बन गया है और कंही न कंही भ्रष्टाचार को शिष्टाचार के रूप मैं स्वीकार करने की मौन स्वीकृति दी जा चुकी है । क्योंकि अवसरवादिता के इस युग मैं जरूरत पड़ने पर अधिकाँश लोग अपना काम निकलवाने हेतु किसी न किसी रूप मैं चाहे उपहार के र...
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  September 15, 2009, 10:11 pm
लोकतंत्र जनता का , जनता के लिए और जनता द्वारा शाशित शाशन कहलाता है । क्या आज के बदलते दौर के साथ इसके मायने नही बदल गया हैं , और इसे नए सिरे से परिभाषित किए जाने की जरूरत नही है । तो क्या आज की जननायक के चाल चलन और चरित्र को देखकर नही लगता है । वो पाँच सितारा होटलों का रहन सहन ...
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  September 9, 2009, 11:18 pm
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