Hamarivani.com

अनकहे एहसास

✍🏻नया आयाम बनाया 'मोदीजी'नई पहचान बना गया 'मोदी जी'जनता की जो पकडी़ नब्जफिर से छा गये मोदी जीविरोधियों को दे पटकनीफिर से आ गये  मोदी जी नये अनजान चेहरों को भी आज जीत गया 'मोदी जी'नई पहचान बना गया 'मोदी जी'...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  May 25, 2019, 1:44 pm
✍🏻"मैं तुम्हें नहीं भूल सकती/सकता" ------ये अटपटा सच है----मेरे विचार...क्यूं है ना... क्योंकि ना ऐसी कोई बात,समय,दृश्य, कहानी,ना ही कोइ इंसान और ना ऐसी कोइ चीज है जिसे हम नहीं भूल सकते। जब तक इनमें से कोई हमारी नजरों के सामने होता है तब तक उसका प्रभाव हमपर रहता है।नजरों से ओझल ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  April 18, 2019, 11:40 pm
यह विचार पढ़ा तो मन को भा गया ------ करके देखें ----- सच बचपन याद आ गयाहर रात सोने से पहले अपने बिस्तर पर बैठें और मुंह बनाना शुरू करें। ठीक वैसे ही जैसे छोटे बच्चे करते हैं और उसका आनंद लेते हैं। तरह-तरह के चेहरे: अच्छे बुरे, सुंदर,कुरूप, ताकि पूरा चेहरा और मांसपेशियां हिलने लगे...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  April 18, 2019, 12:25 am
✍️आ गया अप्रैल.....धूप छांव का खेल शुरूगर्मी का प्रकोप शुरूठंडी हवा की मांग शुरूरातरानी की महक शुरूगुलाबी फूलों की रंगोली शुरूपर्वों का आयोजन शुरूकटाई और बुआई शुरूरसों की भरमार शुरूमीठे फलों का सेवन शुरू.…...#नववर्ष#नवजीवन#नईशुरूआत.......
अनकहे एहसास ...
Tag :
  April 4, 2019, 9:32 pm
📝जाने का नाम न ले रही ..........हफ्ते भर से आई है पर थमने का नाम नहींलबालब भर रहीं हैं दिल की नदियांउफन रहे है मन के नालेफीका पड़ रहा झूलों का मज़ान सावन का पता न आषाढ़ काहां, तेरे आने की खुशी में हरियाली की दावत बहुत बढ़िया हैखुशी है मज़ा है वैसे ही रहने दे#बेटियां मायके में आत...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  July 22, 2018, 9:19 am
✍️मुझे कई फूलों के नाम नहीं पता ..पर उनकी खूबसूरती और खुशबू के बारे में जानती हूं  .. मोगरा,अमलतास,गुलमोहर ये नाम हैंबाद में पर पहचान बहुत पहले से है।शायद ऐसे ही नामी बेनामी लोग नाम वाले रिश्तों का भी मेरे आस-पास एक दायरा है जिसकी खुशबू व खूबसूरती मुझे महका रही है।..(पर  ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  July 20, 2018, 1:20 pm
काग़ज कलम  साथ तो ले कर चले थे हम। कभी कह न पाए तो कभी  लिख न पाये हमगहरा नाता है काग़ज कलम और हमारा।...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  April 26, 2018, 3:28 pm
अनकहे एहसास : मौसम...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  December 10, 2016, 12:43 am
📝वक्त बदल रहा है हम भी बदल रहे हैबड़े शहरों के कमरों में मौसम भी बदल रहे हैं ...न सेंकती धूप... न मदमस्त बादल.... न भीगी बरसातन मीठी हवा का झोंका...न लू की तपिश.....न सुड़कती चाय न पकौड़ी न चूल्हे की सोंधी रोटियां ....जीना सीख रहे हैं..... पर हम भी शहर वाले हो रहे हैं!#मनकीबात...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  December 10, 2016, 12:41 am
📝हर औरत के पल्लू की  गाँठ---- मां और मायकान तो ये निकलती है और न ही कभी ढीली पड़ती हैकड़ी धूप में ठंडी छाँव है माँ ---...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  August 30, 2016, 11:48 am
📝अपने-अपने चश्मे पहन रखे हैं --- अपने-अपने नजरिये से हम सब देखते हैं -----अपना-अपना सच !साझां करें..... चश्मा......तब शायद साफ दिखाई दे-एक-दूसरे का नजरिया   और दिखे सच!#मनकीबात...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  August 17, 2016, 3:24 pm
📝बदला हुआ समां है बदला हुआ है मनकुछ बदला हुआ दिल भी है बदली हुई धड़कन भीनई सी चाह भी है कुछ नये अरमान भीख्वाबों को जी लेने की चाह भीहै तो इक तड़पन भीउड़ने को मन परिन्दा बेताब है........See MoreSee Translation...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  July 1, 2016, 1:27 am
📝दुनियादारी बदल गयी है सब दिखावा हो चुका है !ज़माने के साथ बदलाव ठीक है, पर ज्यादा दिखावा,इतना भी अच्छा नहीं।आज आप कितने भी स्मार्ट क्यों ना हो पर आपने चलन के हिसाब से कपड़े नहीं पहने तो......ये भी सच है आज का कि पैरो से सर तक ब्रांड है तो लोग आपको देखेंगे वर्ना...............doesn't matterआप क...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  February 12, 2016, 4:15 pm
📝दर्द को समेटे हुये रहती है वोन जाने कहाँ से हिम्मत लाती हैन अपनों में कहनान अपनों से सुननासीने में समा रखना 'उदासी'जाने कहाँ से हिम्मत लाती है वोख़ुशियाँ आतीं भी हैं तो नीरस बन कर ...रस भरना,खोना,बनना 'मधु'जाने कहाँ से हिम्मत लाती है वो....#वो#...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  February 12, 2016, 4:07 pm
📝यादों की कोंपलें फूट आईं हैंख़्वाबों की कलियाँ खिलने लगीं हैं शाख़ों पर तस्वीरें नज़र आने लगी हैं फिर आया मौसम खिलने -खिलाने का‪#‎बगिया‬ के फूल#...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  February 5, 2016, 3:15 pm
 📝अक्सर अकेलेपन का बोझ भी बढ़ता ही चला जा रहा था शाम काट खाने को दौड़ती थी ......जिनका कोई वजूद न था,वो ही हम पर भावी होने लगे !.... अब तो ; अकेलापन दोस्त बनता जा रहा है! हमें हरतरह के तौर-तरीको से लेकर इंसान  की पहचान तक कराना सिखाने  लग गया है ।.. देखाफिर--------Life में कुछ भी हो सकता ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  January 23, 2016, 11:25 pm
दिन पहले सर्दी को निमन्त्रण भेजा था :::::::::::कुछ दिन पहले सर्दी रानी को निमन्त्रण भेजा था:हेसर्दी रानी .......कहाँ गुम हो गई तून कोई ख़ैर-ख़बर न कोई संदेशकहाँ छुप गई तू .....ढूढों रे ढूढों.....न कोहरा न पालान भावे धूप, नसुहाये गर्म कपड़ेरज़ाई की गुदगुदी में भी चैन न आवेदिस्मबर निकला ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  January 21, 2016, 2:07 pm
खुशी क्या है ----दूसरों को खुश करना या अपनी खुशीदूसरों की खुशी में ही अपनी खुशी ढूँढीं जा सकती है -कुछ सीमा तक लेकिन किसी की खुशी में अपनी खुशी ढूँढना थोड़ा मुश्किल है!...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  January 19, 2016, 2:47 pm
सुबह बालकनी में चाय पी रही थी कि एक चिड़िया उड़ती चली आई और चीं-चीं करते हुये फुदकने लगी! मैं उसके करतब का मज़ा लेने लगी तभी उसकी चीं चीं तेज़ हो गई, वो इधर से उधर चक्कर काटने लगी मानो कुछ ढूँढ रही हो परेशां होने लगी मैं समझ नहीं पा रही थी क्योंकि मैं मज़े ले रही थी.....मैंने ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  January 19, 2016, 2:17 pm
आसमान में रंग बिरंगी पतंगें नज़र आ रही थीं---- खुश, मस्त,उन्मुक्त सी उड़ी चली जा रही हवा में पंखफैलाये इधर से उधर पेंच लगाती हुई !पर जैसे ही उसकी डोर खिंचीं :होश आया कि वो एक डोर से बंधी है उसकी डोर किसी के हाथ में है : ढील दी तो पेंच का डर, कसी तो कटने का और यह गई वो गई .....कोई ठिकान...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  January 17, 2016, 10:13 pm
मान मिले सम्मान मिले,             खुशियों का वरदान मिले.क़दम-क़दम पर मिले सफलता,              डगर-डगर उत्थान मिले.सूरज रोज संवारे दिन को,            चाँद मधुर सपने ले आये,हर पल समय दुलारे आपको           सदियों तक पहचान मिलेHappy New Year 2016...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  January 1, 2016, 8:59 am
मन तो है मेरा ही परमेरे पास नहींन  जाने कहां भटकता रहता हैजहां चाहे चल देता हैरहूं ताकती इसे सदाकब यह भटक जाएकब यह बिगड़ जाएकब यह सुख लाएकब यह दुख दे जाएइसी लिए मुझे अवकाश नहीं,,,,,,चैन नहीं...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  September 24, 2015, 11:45 pm
वो मीठी -मीठी सी सुबह,बादलों से घिरे पहाड़ , ठंडी ठंडी फुहार, सफ़ेद धुँध की चादरमनमोहक द्रश्यदार्जिलिंग की पहाड़ियों काअक्सर  कभी कभी वो पल याद आ जाते हैं जो यादों को झँझोड़ जाते हैं एक प्यारा सा एहसास दे जाते हैं।...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  June 13, 2015, 5:30 pm
मैं कुछ इस तरह से रहूं -::स्वाद की तरह लोगों की यादों मेनमक की तरह जरूरत बनकरपानी की तरह घुल -मिल जाऊंसुख-दुख में और दुनिया रहे मेरे आसपास मां की तरह. ---नीलम ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  November 28, 2014, 4:40 pm
हार  न मान हार  न मानजीवन की राह  बड़ी है आसान थोड़ा सब्र  थोड़ा साहस थोड़ी परेशानी  थोड़ी  कठिनाई फिर ढेर सारी  मुस्कराहट! ...
अनकहे एहसास ...
Tag :
  October 30, 2014, 3:38 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3883) कुल पोस्ट (189482)