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Blog: आरोही

Blogger: radhika
वो मेरा ही था जिसे मैं मेरा भूतकाल कहती हूँ ख़ुशी के दिन थे, आकाश से मन भर की हुई बातें थी ,चाँदनियां दोस्त हुआ करती थी। दर्द भी थे ,कुछ वहम भी , कुछ रचे-गढ़े बादल के टुकड़े थे जिन्हे  मैं सपने कहा करती थी . कुल मिलाकर वो मेरा बचपन था . फिर सपनो ने मुझसे आगे दौड़ना शुरू किया ,ये कौन... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   7:10pm 12 Sep 2017
Blogger: radhika
https://youtu.be/9dxoGU2XfJM... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   7:45am 17 Jul 2017
Blogger: radhika
देख रही हूँ  पिले फूलो वाले उस पेड़ को ,आजकल हर जगह वही  दिखाई दे रहा हैं , मानो सारी सृष्टि में बस उसीका साम्राज्य हो।  हरी -हरी पत्तियों पर पिले -पिले फूल,पत्तियां कम फूल ज्यादा। सारी सड़को ,रास्तो ,गलियारों में बिखरे ये पिले फूल ,फूलो का वजन पेड़ ले ही नहीं पा रहा हो जै... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   8:29am 27 Apr 2017
Blogger: radhika
आज फिर मन सपनो के रथ पर सवार दूर गगन की सैर करने चला हैं ,इस बार इस सुनहले रथ में कई सारे  घोड़े हैं ,कुछ सफ़ेद ,कुछ आसमानी रंग के,कुछ सूरज की किरणों से प्रकाशित हो ,सुनहले ,केसरी रंग के। सरपट भागे जा रहे हैं ये घोड़े और सरपट भाग रहा हैं मेरा मन।मन का भागना कुछ ऐसा ही होता हैं ,दा... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:50am 13 Mar 2017
Blogger: radhika
           एक छोटी सी कहानी उसने आँखे खोली और वो नदारत।शायद था ही नही कभी वहां।पर वो जानती थी वो वहां हैं। वो जिससे वह अभी-æ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   6:48am 18 Jan 2017
Blogger: radhika
बरसो बाद मैंने उसे देखा आज ,वो जिसके साथ मैं पली बढ़ी ,जिसे देखते ही मेरे पिताजी की भौहें तन जाती और माँ के  ह्रदय की धड़कने बढ़ जाती ।  न जाने कौन गली से छुपते - छुपाते वो रोज हमारे घर आ जाता ,और उसके आते ही शुरू हो जाता उसे किसी तरह भगाने का उपक्रम । मुझे उससे प्रेम न था ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   7:19pm 7 Jun 2016
Blogger: radhika
उतरती साँझ की  बेला थी वह ,कुछ गुनगुनाती सी। पास के बागीचे से उड़कर चिरोंजी के पत्ते और चिरोंजियाँ  हमारे आँगन में बिखरी जा रही थी।  चिरौंजिया ?    वो मावे वाली ?          नहीं ! माँ कहती थी इन्हे मत खाओ ये जहर हैं ! पर हम मानते ही नहीं थे ,चुन -चुन चिरों... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   4:26am 15 Apr 2016
Blogger: radhika
कहते हैं ये संपूर्ण जगत  भाव मात्र हैं ,भाव से बना ,भाव से रचा ,भावों से सजा ,भाव निर्मित भाव -विश्व ।सूर्य की रौशनी हो ,चाँद और चांदनी हो ,अमावस की कालिमा हो या भादो की पूर्णिमा हो सब कुछ मात्र भाव !भाव मन ,भाव तन ,भाव ही धन। नाना रत्नो ,विल्व पत्रो ,पायस से पूर्ण सुवर्ण ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   8:56am 29 Jan 2016
Blogger: radhika
भंवरा बावरा -बावरा  आज भोर मन कुछ गुनगुनाते हुए  जागा। ठंडी पुरवाई ने  रिमझिम के  संग जैसे शब्द भी अनंत पर बिखेर दिए हो।कुछ क्षण यु ही बीते ,फिर बरबस ही वह शब्द सुरों का संग ले मेरी गायत्री वीणा से मुखरित हो घर में मधु वर्षा करने लगे ,दीवारो  प्रतिध्वनित होते हुए ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   2:24pm 12 Nov 2015
Blogger: radhika
ख़ुशी .............एक ऐसा शब्द जिसे हर कोई कहना चाहता हैं ,हर कोई पाना चाहता हैं ,हर कोई जीना चाहता हैं,हर कोई महसूस करना चाहता हैं ,ये आती हैं तो जीवन कुछ महकने सा लगता हैं ,चाँद तारे सब हमारे दोस्त मालूम पड़ते हैं ,घर के आँगन में (अब आँगन नही तो बालकनी में और वह भी नही तो जहाँ से आका... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   3:59am 24 Jul 2015
Blogger: radhika
Veena Venu Art Foundation Invites you to attend Summer workshops and summer camps. Learn Indian Music ,Be in Music ,get healed by Indian Music .No age for learnin Art an music . Music do the best for health ,wealth and peace. Learn with Gurushishya Parampara.Join us today : Call Us on +91-9833703592 or Mail us : veenavenufoundation@gmail.com or drradhika@aarohipromotions.comEnjoy the Video..... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   7:39am 7 May 2015
clicks 177 View   Vote 0 Like   7:23am 27 Aug 2014
Blogger: radhika
 अधूरी इसलिए क्योकि अभी पूरी नहीं हुई  पूरी होने में शायद कई पोस्ट्स लिख जाये।  पर मैं लिखती रहूंगी अधूरी पोस्ट पर पूर्णविराम लगाते हुए। शायद महीनो शायद बरसो शायद कभी लेखन पूरा हो भी जाये पर ये यादे पूरी न होंगी। . सागर से मोती की तरह  पुरानी किन्तु  नयी निकल... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   5:26am 24 Jun 2014
Blogger: radhika
VeenaPani The Institute Of Indian Classical MusicThe biggest asset of Indian culture is its music. The Indian classical music is one of the richest heritage of our country. The scope of Hindustani classical music is so vast that it cannot be scaled in degrees and courses.It is meant to be learned and pursued for a lifetime. Veenapani- The institute of Indian classical music is a place where students who are keen on pursuing the art of Indian classical music ,are tutored in a way to master this art. Our students are learners and worshippers of music and they need not test their knowledge in terms of examinations. Along with vocals we also teach all kinds of instruments like Vichitra... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   9:59am 4 Feb 2013
Blogger: radhika
सफ़र लम्बा था ...बहुत लम्बा ,उतना ही कठिन ...सूर्य देवता मानो सर पर विराजमान थे ..मंजिल का कोई अता -पता  न था..पैरो के निचे जलती रेत  ..मस्तिष्क शून्य , मन... वो तो शायद संग था ही नहीं ....जाना किस ओर हैं किस रस्ते कुछ भी पता  न था , वही उस मरुस्थल में थककर आँखे मुंद ली ..ह्रदय में&... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   7:31am 13 Jul 2012
Blogger: radhika
रंगमंच से परदे का उठाना ..नाटक का प्रारंभ ..दृश्य प्रथम ...राजमहल से बड़े ,जीवन की हर सुख सुविधा से युक्त घर में तीन मनुष्य आकृतियाँ ...शाल्मली .संजीव चिमणी.माँ भूख लगी हैं ..माँ - माँ आज टीचर ने होम वर्क दिया हैं ,माँ देखो मैंने कलर किया डोरेमोन को ,माँ आज भीम ने छुटकी से कहा की ... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   7:10am 28 Mar 2012
Blogger: radhika
एक छोटा सा आँगन  और आँगन में बिखरे कुछ चावल के दाने ...फुर्र र रर .. से उड़ कर आती  फुदकती इठलाती एक छोटे से दाने को मुँह में उठा हवा में पंख फैलाती सामने वाले पेड़ पर बने  छोटे से आशियाने में छुपती छुपाती वह ..उसके आने से हम बच्चो के चेहरों पर बासमती चावल के दानो सी खिली खि... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   6:25am 20 Mar 2012
Blogger: radhika
वैरी गुड morning .....कभी कभी सुबह की पहली किरण हमारे घर के दरवाजे की घंटी बजाकर हमारे हाथ में कुछ तोहफे दे जाती हैं ...सुंदर ..सलोने चमकदार कागज़ के एक लिफाफे में बंद होती हैं हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी चाहत ...हमारी खुशियाँ ..लिफाफा खोलते ही स्वर्णिम किरणों सी हमारी हथेलियों में स... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   4:18am 20 Jan 2012
Blogger: radhika
आरोही को सुलाने की कोशिश में यह समय हो गया,बच्चे शायद भगवान का रूप होते हैं ,उन्हें पता होता हैं कब क्या करना हैं ?बिना वजह अभी तक खेलती रही,मेरे इस जागरण का फायदा यह हुआ की अभी अभी किसीने मुझे फोन करके बताया की राधिका तुम्हारी इच्छा पूरी हुई ,मैंने कहा कौनसी इच्छा ??जवाब आ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   7:18pm 15 Apr 2011
Blogger: radhika
आँखे खुलते ही उसे नज़र आते हैं अपने बच्चे .. उन्हें खिलाना ,पिलाना ,सुपोषित संस्कृत कर मनुष्य बनाना ...माँ ,बेटी ,बहन ,पत्नी ,सखी इन सब रिश्तो से उसका अपना व्यक्तित्व मुखरित होता हैं ,हर रिश्ता उसके लिए उतना ही महत्वपूर्ण ..हर रिश्ता उसके अस्तित्व की पहचान ..बच्चो की किलबिल म... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   6:11pm 8 Mar 2011
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