Hamarivani.com

अमिताभ

सुनो,तुम सुखी होइसलिए दुःख कोबहुत अच्छे सेएक्सप्लेन कर सकते हो ...प्रेम की बातें इसीलिए तो खूब करते हो।और गर सचमुच होता तो?(2 oct 18)...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:22 am
बीज में बिना फूल पत्तियों के पेड़ थाउगा और बड़ा हुआडूंड सा , लम्बी लम्बी शाखाओं वाली भुजाओं सादैत्याकार।न छाहँ देता हैन सुकूनबस भयावह दिखता है।पानी तो उसने भी पीया हैबोया तो वह भी गया हैजमीन तो उसकी भी यही हैफिर ?(30 sept 18)...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:21 am
तुममेमुझमेंएक बुनियादी फर्क है।हुनरमंद हाथों केछैनी हथौड़े से उकेरी गईमूरत की तरह हो तुम।मैंठोकरों सेतराशा चला जाता गयाएक पत्थर ।(24 sept 18)...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:19 am
यूं तो हर जगह पराजित हुआप्रेम में, व्यवहार में , कार्यों में, जिंदगी में..और खुश हुए मेरे अकेलेपन ,मेरी असफलताओं ,मेरी पराजयों, मेरी नाकाम कोशिशों को देखकरमेरे दुश्मन, मेरे ईर्ष्यालु ..मेरे अप्रेमी।किन्तु इसके बावजूदनेपथ्य की एक महसूस होती जीत नेहर हमेश खड़ा रखा किमैं कि...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:16 am
फूल ऋतुओं को अपने सौंदर्य में समेट लेते हैं ..जैसे हरसिंगार शरद को अपनी आगोश में भींच लेते हैं। ये मौसम हरसिंगार का है, शरद के श्रृंगार का। कांच सा आकाश और उस पर तैरते बादल के टुकड़े। ऐसा लगता है जैसे मानसून में उधम मचाने वाले काले -मटमैले मेघों को नहला धुला कर प्रकृति ने ट...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:15 am
काशकास भी तुम्हारेकेशो पर सजता..और मैं शरद सामोहित हो जाता ..पिंगल हो उठता सूर्य हमाराक्लेश ,दुःख, दर्दजल भस्म हो जाते सारे।हो जाता जीवन आकाश निर्मलखिल जातेमन सरोवर कमल...किन्तु कास तो काश ही ठहरा मन काकेशों पर थोड़े सजता है।दूर दिखताऔर बस छलता हैप्रेम आस की तरह।(9 sep 18)...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:14 am
मैं विधाता से लड़ न सकाजबकि लड़ना था ।उसने पेश की थी चुनौतीऔर ललकारा था मुझे।मैं अब तक की पूजा पाठों केमायाजाल में ऐसा लिप्त रहा किउसकी शक्ति का प्रतिकार तक नहीं कर पाया।ये उसका ही तो भ्रमफन्दा था जोमेरे गले में पड़ा और मैंउसके विधान को स्वीकार कर उसे ही पुकारता रहा।इस उ...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:10 am
सुनो ,गिरगिट सी व्यवस्था औरविषभरे सम्बन्ध से नहीं बच सकते तुम।यहां प्रेम चिकना, चमकीली त्वचा का है रेंगता है,तुम्हे ही नहींबल्कि अपनी केंचुली तक वो छोड़ देता है।दोस्त,दुनिया एक सांप हैजिसे पूंछ से पकड़ना चाहिए।(टुकड़ा टुकड़ा डायरी / ३१-जुलाई-१८)...
अमिताभ...
Tag :
  November 3, 2018, 11:07 am
वक्त देना जीवन का सबसे बड़ा तोहफा होता है। कौन किसे वक्त देता है अपना ? इस जूझती, दौड़ती, भागती दुनिया में जो ये लोग आपस में मिलते जुलते , गलबहियां डाले दीखते हैं उनकी पीठ पर चिपकी होती हैं लालसाएं, लदे होते हैं स्वार्थ के बोरे, किसी न किसी काम के साए में होती है मीटिंग्स। मिल...
अमिताभ...
Tag :
  July 31, 2018, 10:37 am
हम सब बहने वाली चीजो को रोकने का प्रयत्न करते हैं...बाँध बनाते हैंकिंतु इन बांधो से सैकड़ों जमीनें डूब जाती है।बाँध आवश्यक हैं,आवश्यक वो जमीनें भी हैं। फिर करें क्या ?कविताएं बाँध क्यों हैं,वो सारे के सारे बह रहे विचार नहीं समाते कविता में जिन्हें बाँध के बाद डूब जाना ह...
अमिताभ...
Tag :
  July 31, 2018, 10:36 am
पुरुष की पीड़ाघुप्प अँधेरे में होने वाली घटना है।वह इतनी एकाकी है किउसे स्वयं पीना है।घूँट की कोई प्रतिध्वनि नहीं।प्रचारित नहीं है वोऔर न ही लेखनी सेप्रसारित की जा सकती है।वो हलक में रोक देने वालीनीलकंठी प्रक्रिया है।पुरुष की पीड़ाकोख में दफ़्न हो जाने वालीअबोली स्थ...
अमिताभ...
Tag :
  July 31, 2018, 10:36 am
तराशे जाने वाले पत्थरआकर्षक मूर्ति का रूप जरूर लेते हैंपर जीवन नहीं होता उनमें,वो भ्रम पैदा करते हैंरहते पत्थर ही हैं।पत्थर है जगत।(टुकड़ा टुकड़ा डायरी /30 जुलाई 18)...
अमिताभ...
Tag :
  July 31, 2018, 10:35 am
सुनो ,गिरगिट सी व्यवस्था औरविषभरे सम्बन्ध से नहीं बच सकते तुम।यहां प्रेम चिकना, चमकीली त्वचा का है रेंगता है,तुम्हे ही नहींबल्कि अपनी केंचुली तक वो छोड़ देता है।दोस्त,दुनिया एक सांप हैजिसकी पूंछ पकड़नी चाहिए।(टुकड़ा टुकड़ा डायरी / ३१-जुलाई-१८)...
अमिताभ...
Tag :
  July 31, 2018, 10:34 am
कहा थाहांफ जाओगी।कमर में पल्लू खोंस के झूमने लगीइतना कि गोया कोई रिकार्ड बनाना हो।जियादा नृत्य भी ठीक नहीं होतावहां तो कतई नहीं जहाँ स्टेज न हो ।जहाँ हैं वहां तुम नहीं झूमती।लोग जो तुम्हारे नृत्य पर झूम रहे थेदूसरे तीसरे दिन उठ कर जाने लगे।तेज बाजे का शोरधूम धड़ाका औ...
अमिताभ...
Tag :
  July 22, 2018, 8:12 pm
...
अमिताभ...
Tag :
  July 22, 2018, 8:10 pm
जब कोई भी गुंजाइश शेष न हो ...बावजूद इसकेउम्मीद की बैसाखी पकड़ेपीठ पर प्रतीक्षा लादेविकट काली, भयावह पहाड़ियों केदुर्गम उबड़ खाबड़ रास्तों पर चलनाऔर सूख चुके हलक मेंसूरज की तपती किरणों के घूँट उतारनादुनिया के लिए पागलपन है।किन्तु जो कुछखोने की लालसा मेंअद्भुत से सुख का ...
अमिताभ...
Tag :
  July 22, 2018, 8:08 pm
...
अमिताभ...
Tag :
  July 22, 2018, 8:07 pm
पीड़ा के संग रास रचाया, आँख भरी तो झूम के गायाजैसे मैं जी लिया किसी से, क्या इस तरह जिया जाएगा.....
अमिताभ...
Tag :
  July 22, 2018, 8:06 pm
...
अमिताभ...
Tag :
  July 22, 2018, 8:04 pm
तुम भी न बारिशहो क्या चीज ?बताओ तो !पानी तो नहीं हो तुम ।होती तो कैसे जलाती हॄदय इतनेमन में क्यों आग लगाती?भला पानी भीलौ फूंकता है क्या!(टुकड़ा-टुकड़ा डायरी, ०९-०७-१८ )...
अमिताभ...
Tag :
  July 11, 2018, 10:58 am
कभी कभी इश्क़अचानक होता है ..अचानक ।एकदम से।देखते ही।उतर जाता है अंदर ,समा जाता है ।बहने लगता है रक्त की तरह रगों में ..कोई प्रश्न नहीं - किससे हुआ, क्यों हुआ और ये क्या हुआ ?बस होता है ।सच माननाइश्क़ बुरा नहीं होता ।कभी उसे अपनी हथेली पर रखकरआँखों के करीब लाकरग़ौर से देखना ..उस...
अमिताभ...
Tag :
  July 2, 2018, 1:15 pm
माथे के उपरभिनभिनाते सत्य को तुममच्छर उड़ाने की भांतिहाथों से झटकते, भगाते ,उड़ाते रहते होकि कहीं डँस न ले ..आहा,जीवन कितना भोला हैनासमझ है , नादान हैकि जैसे मिला तो मिल ही गया।तुम मानो या न मानो प्रिये !अमृत कलश में जरूरछोटा सा छिद्र हैरिसती है जहाँ से उम्र बूँद बूँद ।...
अमिताभ...
Tag :
  July 2, 2018, 1:15 pm
हर एक कविता के बादछोड़ देते हो तुमप्रतीक्षा ।हाँ न ...तुम्हे खबर नहीं है मुझे प्रेम हो गया हैतुम्हारी कविताओं से ।मानो या न मानोकिन्तु लिखे शब्द और उनके अर्थजैसे छू कर मुझसेजाते हैंजैसे सिरहन सी दौड़ती है पूरी देह में ।जानते बूझते भी किमेरे लिए नहीं है ये शब्द ,न ये डोली...
अमिताभ...
Tag :
  July 2, 2018, 1:13 pm
और मैं आँख बंद कर ट्रैफिक के बीच दौड़ लगाता हूँगाड़ी घोड़े वाले जब मुझे बचाते हुए चलते हैं तोमज़ा आता है।हवलदार की घुड़की कोअपनी सॉरी सॉरी से डिलीट करने कामज़ा कौन क्या जाने।बोलो कूदोगे मेरे संग गहरेख़ौफ़नाक सागर मेंकि तैरना भी नहीं आता मुझेकिसी को बचा तो सकता ही नहीं।सोचकर ...
अमिताभ...
Tag :
  July 2, 2018, 1:12 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3828) कुल पोस्ट (184361)