Hamarivani.com

जरा इधर भी

केवलकृष्णढोलकाल के शिखर पर गणपति मुस्कुरा रहे हैं। बादलों से लिपटी बैलाडीला की पहाड़ियां उचक-उचक कर देख रही हैं। शंखनी-डंकनी मचल रही हैं। एक बार फिर इतिहास करवट ले रहा है। साल-सागौन के जंगलों में पहाड़ी मैंना नया ककहरा सीख रही है।बीत गए वे दिन जब मुट्ठीभर अनाज के लि...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  May 11, 2013, 11:17 am
केवलकृष्णअभी दिन ही कितने हुए हैं। सवा साल ही तो। किसी इलाके में इतनी थोड़ी अवधि में किसी बड़े परिवर्तन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। लेकिन उम्मीदों से परे भी घटित हुआ है कोंडागांव में। यदि इसे चमत्कार कह दें तो यह शब्द भी छोटा पड़ जाएगा। चमत्कार कहना उस वैज्ञानिक सों...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  May 7, 2013, 7:00 am
 केवल कृष्णगेंद उछली और धारणाओं के कोहरे को चीरती हुई निकल गई। बल्ले ने घूमकर ऐसा शाट लगाया कि अफवाहें, गलतफहमियां शीशे की तरह चूर-चूर होकर बिखर गईं। यह छत्तीसगढ़ का क्रिकेट है। दुनिया दंग है-ऐसा तो सोचा नहीं था, ऐसा तो देखा नहीं था और ऐसा महसूसा भी नहीं था पहले कभी।  जो ...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  May 4, 2013, 1:11 am
संजीव बख्शी के बहुचर्चित उपन्यास भूलन कांदा पर आधारित फीचर फिल्म की तैयारी शुरू हो चुकी है। लोकेशन की तलाश है। छत्तीसगढ़ में यह विश्वास प्रचलित है कि जंगलों में बसे हुए गांवों के लोग अक्सर भूलनकांदा की चपेट में आ ही जाते हैं। एक बार जो इसकी चपेट में आ गया उसे तब तक अप...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  April 12, 2013, 9:38 pm
मेरे लिए मेरी दुनिया वही हैजो है ठीक सामने मेरेयानी वो दुनियाजो ठीक पीछे है तुम्हारी पीठ के...और तुम्हारे लिएमेरी पीठ कि दुनिया तुम्हारी दुनिया हैतुम ठीक सामने हो मेरेअपनी दुनिया के भीतरऔर मै हूँअपनी दुनिया के भीतरइस तरह अपनी-अपनी दुनियाओं में या यूँ कहेंकि इक-दूजे क...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  May 23, 2012, 9:42 pm
...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  January 25, 2012, 2:07 pm
...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 20, 2011, 11:04 am
 डीआरडीओ को मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उत्तराधिकारी मिल गई हैं। 3000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-4 मिसाइल के सफल परीक्षण पर हर भारतीय की छाती गर्व से चौड़ी हो गई होगी, लेकिन कम लोगों को पता होगा कि इस प्रॉजेक्ट की डायरेक्टर हैं टेसी ...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 19, 2011, 8:33 am
इलाहाबाद से रामेश्वरम के प्राचीन मार्ग पर सरगुजा  के उदयपुर  में स्थित एक ऊंची पहाड़ी रामपुर टप्पा के समतल मैदानों में अचानक ही उठ खड़ी हुई है। समतल भू-सतह से 308 मीटर की ऊंचाई तक उत्तर से दक्षिण में फैली एक पहाड़ी और इस पहाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी भाग में लगभग 310 मीटर ऊंची ए...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 17, 2011, 3:34 pm
बड़े दिनों बाद चिट्ठी जैसी चिट्ठी  आई। नागपुर वाले आरीफ जमाली साहब की चिट्ठी। जमाली साहब जब रायपुर आए थे, तब उनकी कुछ गजलें मैंने जरा इधर भी में पोस्ट की थी। उन्होंने चिट्ठी में कुछ बेहतरीन गजलें और भेजी हैं। पेश हैगजल-1सुकूं अपने दिल का गंवाया न करनजूमी की बातों में आय...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 16, 2011, 1:02 pm
मंजू साईंनाथManju SainathThis is a parody devoted to the notorious man from Karnataka who was minister and is now in a Hyderabad Jail.जय जनार्दना, प्रभु बेल्लारी पते,जनविमर्दना, स्वामी लोक भक्षणा.गगनगामी त्वं, विमान वाहना.लौह पुरुष त्वं, सदा स्वर्ण धारणा.दुर्जन बान्धवा, सदा दुष्ट सहायकासुजन नाशना प्रभु त्वं भयंकरा,वैभवं यथा, इन्द्रयो समःव...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 13, 2011, 3:05 pm
13 नवंबर जन्मदिन पर विशेषप्रस्तुति-अतुल श्रीवास्तव (मूल स्रोत-विकीपीडियागजानन माधव 'मुक्तिबोध' (१३ नवंबर १९१७ - ११ सितंबर १९६४) हिन्दी साहित्य की स्वातंत्र्योत्तर प्रगतिशील काव्यधारा के शीर्ष व्यक्तित्व थे। हिन्दी साहित्य में सर्वाधिक चर्चा के केन्द्र में रहने वा...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 13, 2011, 12:33 pm
अनिल पुसदकरछत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक और पुरात्तात्विक वैभव अब भी पूरी तरह दुनिया के सामने नहीं आ पाया है। लोग इससे ठीक उसी तरह अंजान हैं, जैसे इस राज्य के निर्माण से पहले यहां की संभावनाओं से अंजान थे। वे इस साजिशाना अफवाहों को ही सच मानते रहे कि यह राज्य बेहद पिछड़ा हु...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 13, 2011, 10:23 am
कुछ लघुकथाएंसारी-1‘आपने मेरी गाड़ी को पीछे से क्यों ठोंका?’‘‘सारी!’’‘क्या सारी? मेरी गाड़ी की बैकलाइट फूट गयी।’‘‘मैंने कहा ना सारी।’’‘अरे आप तो सारी ऐसे कह रहे हैं, जैसे अहसान कर रहे हों।’‘‘अबे साले जब से सारी बोल रहा हूँ। तेरे को समझ में नहीं आता है क्या? बताऊँ क्या तेरे...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :आलोककुमार सातपुते
  November 11, 2011, 11:52 am
नीली धूल के पहाड़ परसबकुछ नीलाइतना नीला किकाला-काला सा।एक सफेद-तुम्हारा पसीनाएक सफेद-मुस्कुराहट तुम्हारीनीली धूल के पहाड़ परबेरंग आसमानचमचम चमचम एक सूरजपीली-पीली चट्ट-चट्ट धूपठंडा है तो बसतुंबी का पानी।नीली धूल मेंकित्ता लोहाइत्ता लोहा किपट जाए सारी धरतीबच जाए ...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :बस्तर
  November 10, 2011, 2:38 am
सुनील शर्मा जशपुर से लौटकरसादरी और कुड़ुख के लोकगीतों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि महाभारत के युद्ध के लिये हथियारों का निर्माण असुरों ने किया था. रामायण में तो असुरों को बजाप्ता युद्ध करने वाला बताया जाता है लेकिन किस्से कहानियों और धर्मग्रंथों से अलग आज की तार...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 6, 2011, 12:43 pm
परिचयगोकुल सोनीगोकुल सोनी नवभारत रायपुर में वरिष्ट फोटोग्राफर हैं। वे पिछले करीब 28-30 वर्षों से यहां अपनी सेवाये दे रहे हैं। श्वेत-श्याम, रंगीन और अब डिजिटल फोटोग्राफी सभी तरह की तकनीक पर ये काम कर चुके हैं। इनके द्वारा खीची गई फोटो देश के विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में ज...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 5, 2011, 2:50 am
जगदलपुर के रविराज ने फेसबुक पर कुछ पुरातात्विक तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक ये तस्वीरें बस्तर के बीजापुर जिले के गांव मिरतुर की हैं। गांव भैरमगढ़ तहसील में है। उन्होंने दावा किया है कि भारत का दूसरा ब्रह्मामंदिर बस्तर में है। यानी प...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :इतिहास
  November 3, 2011, 1:21 pm
सृजन-गाथा डॉट कॉम व वैभव प्रकाशन छत्तीसगढ़, रायपुर की पहल (अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन, बैंकाक, थाईलैंड)अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए संस्था द्वारा, किये जा रहे प्रयासों और पहलों के अनुक्रम में आगामी 15 से 21 दिसंबर तक थाईलैंड ...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  November 2, 2011, 3:53 pm
मेरे घर की देहरी लांघ रहे थे तो मैंने अभिवादन किया। वे मुझसे ही मिलने आ रहे थे, लेकिन ताज्जुब उनका ध्यान मेरी ओर बिलकुल नहीं था। मेरे अभिवादन की ओर भी नहीं। मेरे नमस्कार को दरकिनार करते वे सीधे जमीन पर झुके और कुछ बिन लिया। जब सीधे हुए तो उनके हाथ में फुलझड़ियां थीं-उन्ह...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :गजल
  October 27, 2011, 9:45 am
पुस्तक समीक्षाः- ललित शर्मासुस्थापित रचनाकार मीनाक्षी स्वामी का उपन्यास ‘भूभल’ हाल ही में मुझे पढ़ने को मिला। यह बलात्कार के कानूनी पहलू पर केन्द्रित है। यही इसकी सार्थकता और अनूठापन है क्योंकि इस पहलू को केंद्र में रखकर लिखा गया यह संभवतः पहला उपन्यास है। कानून ज...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  October 6, 2011, 12:48 am
साहित्य, संस्कृति और भाषा की त्रैमासिक पत्रिका पांडुलिपि के एक वर्ष पूर्ण होने के बाद आगामी कई अंक विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है । रचनाकार बंधुओं से संबंधित विशेषांकों के लिए विभिन्न विधाओं की विशिष्ट सामग्री आमंत्रित की जा रही हैं । रचनाकार निम्नानु...
जरा इधर भी...
kewal krishna
Tag :
  October 1, 2011, 3:12 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3666) कुल पोस्ट (165890)