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Blog: New Hindi Songs Geet Kavita

Blogger: Anand Kavi Anand
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clicks 117 View   Vote 0 Like   6:48am 20 Apr 2016
Blogger: Anand Kavi Anand
मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँतुम लिखते रहो मैं पढ़ती रहूँ, सपनों की गागर भरती रहूँ । तुम गाओ तराने प्यार के, मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ ॥ हर बार तमन्ना होती है कि, लगा पंख कहीं उड़ जाऊं । तेरी बाहों के सशक्त घेरे में, कभी जलूं कभी बुझ जाऊं ॥ तेरी छाती पे सर रख क... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   3:04pm 19 Oct 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
ना जाने क्यूँइक छवि पलकों की कोर तक आके जा रही है।दूर खड़ी हो अधरों से खुद ही मुस्कराए जा रही है।प्यारी सी मनमोहक अदा लिए मन को रिझा रही है।ना जाने क्यूँ फिर भी पास आने से हिच किचा रही है।तुम बांधो तारीफों के पूल फिर हो के खुश भी क्या करना।जब तुम ही हासिल नहीं जग में तो ऐसे ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   7:23am 27 Sep 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
पेट की भूख मुझे सोने नहीं देतीआँखों की शर्म मुझे रोने नहीं देती।पेट की भूख मुझे सोने नहीं देती।।किस से गम छुपाऊँ और किस को घाव दिखाऊं इस पेट काटती भूख को कैसे मैं बहलाऊँ समझ नही आता मुझे क्यों दो जून की रोटी मयस्सर नहीं होती सुलगती भूख की मुलाक़ात रोटी के टुकड़े से अ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   7:03am 27 Sep 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
हकीम से ही ठन गईये सुनकर तो मेरी भौंहे तन गई।उस नाकारा हकीम से ही ठन गई।जो मेरी बिमारी को लाइलाज बताता है।मोहब्बत नाम का रिवाज़ बताता है।अब क्या करूं सारे ज़माने से दुश्मनी कैसे मौल लूँ।अब हो गई मोहब्बत तो उसे तराजू में कैसे तौल लूँ।ऐ ज़माने तू ही बता कोई कैसे जिए चला जाए?... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   6:34am 27 Sep 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?सारे धरने, सरकारी वादे और कानून के बावजूद हर रोज एक और निर्भया अब बहुत हो गया, इंसानियत से भरोसा खो गया, पानी सर से गुज़र गया अब आप ही बताइये, मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?इंसानी भेष में दरिंदे, विकृत मानसिकता के परिंदे, हैं मौके की तलाश में... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   4:57pm 4 Mar 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
दीवाना सी तेरी सूरत - ब्रेथलेसदीवाना सी, तेरी सूरत, कि लगती हो, प्यार की मूरत,तेरी सूरत, पे अपनी जाँ, छिड़कता हूँ, ओ जान ए जाँ, ओ जान ए जाँ, हो जान ए जाँज़ुल्फ़ों के साए में, हाय ज़िंदगी तमाम होनशीले लबों पे तेरे, बस मेरा ही नाम हो, बस मेरा ही नाम हो,तेरा कज़रा, ये गज़रा, बनाता है,... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   2:42pm 8 Feb 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
मैं शोर मचाउंगी लड़की  : सुन बलिए, ओए छलिये, मैं जान गई तेरा झूठ,              चल छड़ बहका ना, तेरे नाल नहियो आना, मत कर जोरम जोरलड़का  : नहीं तेलड़की  : ते शोर मचाउंगी, मैं शोर मचाउंगीलड़की  : मैं जानूँ तेरे फ़साने, झूठे तेरे तराने, तूं मुझपे ना डोरे डाल      &... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   2:57pm 2 Feb 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
वक़्त वक़्त का गुलाम है ये आदमी वक़्त का नवाब भी है ये आदमीआदमी ही सत्य को पहचानता आदमी ही धर्म को है मानता जानता है राम को ये आदमीवक़्त का गुलाम है ये आदमी आदमी ही झूठ को तराशताआदमी ही सत्य को नकारता स्वीकारता है "काम"को ये आदमी वक़्त का गुलाम है ये आदमी ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   2:09pm 30 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
बेवफाई होठों से लगाके पी लूं, तू वो जाम ही नहीं सीने पे गुदा के जी लूं, तू वो नाम ही नहींबेवफाई का सबब, अब तक जान ना सका चेहरे पे लगे मुखौटे को, पहचान ना सकातूं छू ले हर बुलंदी को, हम बेनाम ही सही होठों से लगाके पी लूं, तू वो जाम ही नहीं सीने पे गुदा के जी लूं, तू ... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   4:07pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
तेरे प्यार मेंलड़का : तेरे प्यार में मैंने जग को भुलाया              जग को भुलाया जानम, जग को भुलाया, तेरे प्यार में लड़की : मैंने भी प्यार में तेरा संग निभाया              तेरा संग निभाया साजन, तेरा संग निभाया, तेरे प्यार में लड़की : साँसों की सरगम पिय... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   4:06pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
मुझे छू ना ना सनममुझे छू ना ना सनम, तुझे तेरी जान की कसम मेरी जान की कसम, मैं मर जाऊँगी, हाय मैं मर जाउंगीमेरे दिल की धड़कन बढ़ती मेरी साँस तेज़ सी चलती ना नज़र तेरे से हटती, मैं मर जाऊँगी, हाय मैं मर जाउंगीना दिल पे काबू रहता मेरा जोबन दरिया बहता मेरा रोम रोम ये कहता, मै... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   4:04pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार डॉक्टर सेसुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैंसुन रहा है ना तू,  क्यों रो रहा हूँ मैंप्रसव पीड़ा से हांफती कान्फ्ती सी, मेरी माँगरीबी और कुपोषण से हारती सी, मेरी माँदेव तुल्य डॉक्टरों को पुकारती, मेरी माँजिंदगी की भीख मांगती, मेरी माँसुन रहा है ना त... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   4:02pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
साजन मैं नहीं नटणी प्रेम नदी विच गोता ला ले, साजन मैं नहीं नटणी। तेरे बिन ये जिन्दड़ी सूनी, नहीं कटणी वे नहीं कटणी।।  मेरे दिल का कोठा सूना, मैं होर किसी को दूँ नाआजा छू ले प्रेम का पाळा, होर कोई ना छू नादो दिन की ज़िन्दगानी यारा, रात दिनां ए घटणी साजन मैं नहीं नटण... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   4:00pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
कन्या भ्रूण हत्याहम हरियाणे के छोरे हैं, दूध के भरे बखोरे हैं शिक्षा दीक्षा माड़ी  है, पर कोठी बँगला गाड़ी है खेती का अम्बार है, पैसे की भरमार है सारे ठाठ बाठ हैं, फिर भी बारह-बाट हैं बाकी सारी मौज़ है, पर कुंवारों की फ़ौज़ है समाज में सन्नाटा है, छोरियों का घाटा है छ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   3:59pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
राशन डिपो धारक की आत्मकथा (तर्ज़ : यो यो हनी सिंह)चार बोरी अनाज की, बात है ये राज़ की धंधा मेरा चोखा है, मुनाफा भी मोटा है थोड़ी सी बेईमानी, थोड़ी सी झूठ है थोड़ी सी बदनीयत और लूट ही लूट है कोई कुछ बोल जाए, किसी की मज़ाल नहीं कभी यहाँ अनाज नहीं, कभी यहाँ दाल नहीं जो भी म... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   3:57pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
आपकी मौजूदगी ज़लवा ए हुस्न आपका, रोशन हो गया यह ज़हाँ नज़र ए इनायत आपकी, महफ़िल हो गई और जवाँ आपके आने से पहले, महफ़िल थी कुछ खोई-खोई चन्द्रमा की चाँदनी भी, मद्धिम सी थी सोई-सोई आपकी मौजूदगी का चर्चा चारों ओर यहाँ नज़र ए इनायत आपकी, महफ़िल हो गई और जवाँखुशबु ए ज़... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:56pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
पाती मेरे पी कीपाती मेरे पी की पिया से भी प्यारी पिया के ही प्यार कारन बनी तूँ  हमारी बार-बार चूमूँ  तोहे गले से लगाऊं प्राणप्यारी पाती कब पिया जी को पाऊं पिया बिन जिया मोरा मारे है उडारी  पिया के ही प्यार कारन बनी तूँ  हमारी तकिये के नीचे तेरी सेज बिच्... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   3:54pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
फिर क्या हो?गाँव में सजना हो, सजना का अंगना हो, अंगना में छैया हो,छैया के नीचे मेरे प्यार की मड्डय्या हो - फिर क्या हो?फिर मैं जानूं या वो जाने - फिर मैं जानूं या वो जाने ....होहो  होहो होहोवो धीरे से मुस्काएगा  मैं घूँघट में शर्माउन्गीवो अपने पास बुलाएगा मैं ना में सर ह... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   3:50pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
पायलिया भाग दो लड़का  : तेरी दो पैसे की पायलिया पिया रून  झुन रून  झुन करती है             कहीं हो न जाए जग में ज़ाहिर, मेरी मोहब्बत डरती है लड़की : छोटा सा दिल तेरा सांवरी, धक् धक् धक् धक् करता है              मै जानूं या तूं जाने, ये बिना बात ही ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   3:49pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
घोटाला पिछले कुच्छ दिनों से मेरा मन, बहुत मचल रहा है लालच का महादानव मुझे उद्वेलित कर, आत्मा को कुचल रहा है बेईमानी से कमाने की इच्छा, बलवती हो रही है शिष्टाचार और सद्भावना, अन्दर ही अन्दर सती हो रही है दिल करता है, भ्रष्ट आचार से, कोई घोटाला कर लूँअनीति और हराम... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   3:47pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
दँगा - भाग 1रातों रात जाने क्या हुआ कि शहर भर में दँगा हो गया जन मानस से ले जनप्रतिनिधि तक हर कोई नंगा हो गया किसी की किस्मत तो किसी की अस्मत, दाँव पर लग गई शहर फूँक कर जालिमों की आँख गाँव पर लग गई शहर दर शहर, गाँव दर गाँव, मौत के कारिन्दे दनदनाने लगे लालच के भूखे भेड़... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   3:44pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
श्रीमान, मुझे गुटखा कहते हैं!हर नुक्कड़ चौराहे पे, पान की दूकान पर,भिन्न भिन्न आकार में, भिन्न भिन्न प्रकार में,आपकी सेवा में उपलब्ध हूँ श्रीमान, मुझे गुटखा कहते हैं!आप भी आएं, दूसरों को भी लाएं,खुद भी खाएं, दूसरों को भी खिलाएं,क्योंकि सहजता व प्रचुरता में उबलब्... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   3:43pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
राष्ट्रभाषा हिंदीहिंदी अपनी राष्ट्रभाषा, हिंद है देश हमारा चंहुमुखी विकास हो हिंदी का, यही देश का नारा आओ मिलकर प्रण करें, हम राजभाषा अपनाएंगे मन-वचन और कर्म से हिंदी का मान बढ़ाएंगे आज़ादी से पहले का गौरव हिंदी को पुन: दिलाएंगे यही महान है ध्येय हमारा, कहती... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   3:42pm 28 Jan 2015
Blogger: Anand Kavi Anand
गठबन्धनबगैर मेरी मर्ज़ी के एक इंच भर भी हिलो नहीं चाहे जग रूठे या यारा, मेरे कहे से टलो नहीं ग़र संभव नहीं ऐसा, तो तुम्हें समर्थन कैसा?मैं समर्थन वापस लेता हूँ, वतन की बेहतरी के लिएमेरे खिलाफ लगे आरोपों पर मिट्टी ढक दीजिये लम्बित  पड़े मुकदमों को ताक़ पर रख दीजिये... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   3:41pm 28 Jan 2015
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