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मन के वातायन

तारे न तुम आना ज़मीं पर,यहाँ बहुत दुश्वारियां हैं।कदम कदम पर धोखे हैं,कदम कदम पर मक्कारियां हैं।यह मतलब की दुनियाँ हैं,बिना मतलब कोई नहीं जानता।रोज मिलते हैं मगर,कोई नहीं पहचानता।मतलब के हैं रिश्ते नाते,मतलब की ही यारियां हैं।भाईचारे की यहाँ कमी है,सब आपस में डरे हुए ह...
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  February 2, 2019, 8:19 pm
मेरा भारत देश!सुजल,सुफल,सुखद परिवेश।यहाँ गंगा यमुना बहतीं अविरल,निर्मल,शीतल पवित्र इनका जल।रहते मनुष्य निर्लिप्त,वातावरण में गूंजते-गीता के उपदेश।मनो में धर्म का प्रभाव,उपजाता है बन्धुत्व भाव।रहती है मिल कर रहने की चाह,दिया विभूतियों ने सदा-शान्ति का सन्देश।धर्म ...
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  January 26, 2019, 10:35 am
ज़िन्दगी!तेरी ज़िन्दगीमेरी ज़िन्दगीइसकी ज़िन्दगीउसकी ज़िन्दगीहम सबकी ज़िन्दगी।रोती है ज़िन्दगीरुलाती है ज़िन्दगीहँसती है ज़िन्दगीहँसाती है ज़िन्दगीसबकी मुस्कराती है ज़िन्दगी।सकाम होती है ज़िन्दगीनिष्काम होती है ज़िन्दगीबदनाम होती है ज़िन्दगीगुमनाम होती है ज़िन्दगीअंजा...
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  January 18, 2019, 8:09 pm
कुहासे की चिलमन से झाँकते सूर्य नेभेज दीं कुछ किरणें भूमि परवे लगीं बड़ी भलीसर्द शरीरों में पड़ गई जानखुल गए अंगउठी मन में उमंगगीत लेने लगे अंगड़ाईपत्तों पर पड़ी ओसहो गई विगलितबहने लगी बन कर जलनहा उठे वृक्षखिल गईं कलियाँनिखर गए पुष्पउपवन हो गये मोहकसर्दी से त्रस्त परिं...
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  January 12, 2019, 8:43 pm
बोला गुरू से शिष्य,मेरी उलझन सुलझाइए।अंतरंग परिचय मेरा,मुझसे कराइये।मैं मन हूँ या तन हूँ,नूतन हूँ पुरातन हूँ।मैं अपने को समझ न सका,मैं कौन हूँ बताइये।मैं भोगी हूँ या भोग हूँ,योगी हूँ या योग हूँ।मैं कैसे स्वयं को परिभाषित  करूं,मुझे समझाइये।इस वासना के संसार में मैं ...
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  January 6, 2019, 5:18 pm
अब तुम शीत कहाँ सेआये?ढूँढत रहे ग्रीष्म भर तुमको,हमको तुम नहीं पाये.........अब तुम..।              हम रहे ढूंढते वन उपवन में,              ताल तलैया और पोखरन में।              नदियाँ और तालाब खंगाले,              कीन्हीं खोज सघन कुंजन में।पाने को गर्मी स...
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  December 30, 2018, 3:32 pm
वह समझ न सकी वह समझा न सका,बीत गई उम्र समझते समझाने में।कुछ ऐसे तल्ख हुये रिश्ते,वह अब बैठा करते हैं मयखाने में।           खेल-खेल में ले लिया दर्द,           अब झेले नहीं झिलता है।           वे हो गये हैं बेदर्द और रूखे,           नहीं उनकी फितरत से च...
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  December 15, 2018, 1:24 pm
युवा सन्यासी के गौर वर्ण और आकर्षक देह यष्टि से प्रभावित होकर रूप गर्विता स्त्री ने उनसे प्रवचन के पश्चात एकान्त में मिलने की इच्छा प्रकट की। उसने स्वामीजी से एकान्त में कहा कि वह उन जैसे तेजस्वी पुत्र की माँ बनना चाहती है। स्वामीजी ने एक क्षण सोचा और मुस्कर...
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  December 10, 2018, 7:24 am
शमा रातभर जलती रही,पिघलती रही।खोती रही अपना अस्तित्व,मिटाने को तमस।उसकी सदेच्छा,न भटके कोई अँधेरे में।न होये अधीर,घबड़ा कर निबिड़ अन्धकार से।उसके परोपकारी भाव का,नहीं दिया किसी ने सिला।नहीं गाया किसी ने प्रशस्ति गीत,उसके उत्सर्ग  का।पतंगा, सृष्टि का क्षुद्र जीव,न स...
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  December 2, 2018, 7:27 am
मेरा भारतअनेक भाषाभाषीरहते यहां।पालते धर्मबिना भेदभाव केकरते कर्म।हवा सबकीआसमान सबकाजमीं सबकी।झंडा उठाओ'जय भारत माता'नारे लगाओ।करो न शकहैं सब देशभक्तनहीं संदेह।करो प्रयासदल दल दलों काहो जाये साफ।साफ कर दोकूड़ा राजनीति काअभियान से।साकार करोसपना भारत काहो विश्...
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  November 25, 2018, 10:00 pm
हम नहीं थे इनके नहीं थे उनके,सबके ही हम खास रहे।नहीं किसी से दूर रहे,सबके ही हम पास  रहे।जो मिला उसे अपना समझा,जो नहीं मिला उसे सपना समझा।रूठे अपने टूटे सपने,नहीं रोये नहीं उदास रहे।चूमना चाहते थे हम गगन,छू भी न सके पर रहे मगन।नहीं विफलता से हुए विकल,असफलता से नहीं निरा...
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  November 17, 2018, 10:08 pm
बोलौ गोरी रहिहौं कित में,कै काहू के आईं पाहुने,देखी नहीं कबहू इत में।मैं सब बीथिन में आवत जावत, घूमूँ वनखड़ में गऊ चरावत।सिगरौ वृज मेरौ देखौ भालौ,तुम दिखीं नहीं कबहू उत में।कै तुम आईं नंद बवा के,सर्वाधिक गउएँ खरिक में जाके।कै तुम भूलि गयी हौ पथ,चैन नहीं चित में।बोलौ मै...
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  November 10, 2018, 10:33 am
अपनी नेतागीरी चमकाने को,दबंग को गांधीगीरी दिखाने को।वे पहुँच गये लेकर गुलाब के फूल,पर वह नहीं हुआ अनुकूल।फेंक दिये उसने नोंचकर फूल-और चटा दी उनको धूल।हाथ-पैर तुड़ाकर,सिर फुटौबल करा कर।चारपाई पर पड़े पड़े कराह रहे हैं,गांधीगीरी ईजाद करने वालों को-गालियाँ सुना रहे हैं।&...
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  November 5, 2018, 11:56 pm
जग दुख का आगार है नहीं रोइये रोज।रोना धोना छोड़ कर सुख के कारक खोज।।सुख के कारक खोज लगा लत नेक काम की।कर दुखियों की मदद फिकर नहीं कर इनाम की।।परमारथ की लगन जब तुम्हें जायेगी लग।भूलोगे निज कष्ट लगेगा अति सुंदर जग।।पोथी पढ़कर फैंक दी हुआ न कुछ भी ज्ञान।नहीं किया चिंतन मनन ...
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  October 28, 2018, 7:29 am
सुन चिड़े हो सावधान,बदल गया है अब विधान।हम दोनों हैं अनुगामी।नहीं हो तुम मेरे स्वामी।तुम मुझको नहीं  टोक सकोगे,अब नहीं मुझको रोक सकोगे।चाहे कहीं भी मैं जाऊँ,चाहे किसी के नीड़ रहाऊँ।तेरी ही होकर नहीं रहूँगी,जहाँ  चाहूँगी मैं विचरूँगी।मादाओं को नरों ने बहुत सताया,अब ...
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  October 20, 2018, 4:09 pm
धृतराष्ट्र थे जन्मांध,सुनयना थीं गांधारी।पटका  बाँध  बनीं  निरंध,ओढ़ ली लाचारी।अविवेकी मन कुंठित  बुद्धि ने,करी वंश वृद्धि।सौ पुत्रों को दिया जन्म,कुविचारों की हुई  सृष्टि।पुत्र मोही राजा रानी,पुत्रों को दे न सके संस्कार।उनके धर्म विरोधी कार्यों का,कर न सके ...
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  October 13, 2018, 8:04 pm
जिनके बिगड़े रहते हैं बोल,बातों में विष देते घोल।वे सोच समझ कर नहीं बोलते,नहीं जानते शब्दों का मोल।आपे में वे नहीं रहते हैं,जो मुँह में आता है कहते हैं।वे नहीं जानते छिछली बातों से,खुल जाती है उनकी पोल।कुछ लोग बातों का ही खाते हैं,बातों से वे अपनी साख बनाते हैं।रहता है स...
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  October 6, 2018, 8:46 am
पावस की अमावस की रात किसी पापीके मन सी काली                                घोर डरावनी गंभीर मेघ गर्जन                                                          दामिनी की चमक कर देती है विरहणी को त्रस्त                      ...
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  September 29, 2018, 7:43 pm
मैं गलियों में गलियारों में इंसानियत ढूंढता रहा,मंदिरों में मस्जिदों में उसका पता पूँछता  रहा।वह मिली तो मिली सर्वहारों के बीच,जिनका जीवन अभावों से जूझता रहा।वे अपनी पीड़ा से दुखी रहते हैं,अंग अंग उनके टीसते रहते हैं।पूँछते हैं एक दूसरे की कुशल क्षेम,नहीं चुराते जी ...
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  September 21, 2018, 8:24 pm
जय गणेश गिरिजा नन्दन, करते हैं तेरा वंदन................. जय गणेश.....।शंकर सुवन भवानी नन्दन-हम शरण तुम्हारी आये हैं।पान, फूल, मेवा, मिष्ठान-हम पूजा को लाये हैं।सिंदूर का मस्तक पर तिलक लगा कर-करते हैं तेरा अभिनन्दन.................जय गणेश.....।मूषिकारुढ़ प्रभु कृपा करें,भक्तों का संताप हरें।अशु...
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  September 13, 2018, 10:06 pm
सखी री मैं तो उनकी दिवानी,नहीं आवै उन बिन चैन।मन तड़पत घायल पंछी सौ,विरह करै बेचैन.................सखी री...........।                    बानि पड़ी ऐसी अंखियन को,                    प्रतिक्षण देखन चाहत उनको।                    नहीं दिखाई दें वे पलभर,             ...
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  September 8, 2018, 5:47 pm
मैं अनुरागी श्री राधा कौ!नाम लेत बन जाती बिगड़ी,महा मंत्र भव बाधा कौ•••।राधा प्रसन्न, मैं प्रसन्न,बात नही है यह प्रच्छन्न।कर न सकूँगो मैं अनदेखी,उनके भक्तों की ब्याधा कौ•••।बिन राधा के श्याम अधूरौ,कर न सकूं कोई काम मैं पूरौ।वे हैं मेरी कर्म शक्ति,मैं उन बिन प्रतीक आधा ...
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  September 1, 2018, 10:52 am
मधुकर मत कर अंधेर। अभी कली है नहीं खिली है,नहीं कर उनसे छेड़।वे अबोध हैं तू निर्बोध है,प्रीत की रीत का नहीं प्रबोध है।समझेंगी वे चलन प्रेम का,रे भ्रमर देर सवेर.....................मधुकर मत........।रह भँवरे तू कुछ दिन चुप,खिलने दे कलियाँ बनने दे पुष्प।चढ़ने दे उन पर मौसम के रंग,मादक बनते न...
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  August 26, 2018, 3:05 pm
जय शिव शंकर बम भोले।पी गये गरल,जैसे पेय तरल।न बनाया मुंह,न कुछ बोले ......जय शिव शंकर।थी लोक कल्याण की भावना,सबके प्रति थी सद्द्भावना।हुआ कंठ नीलाभ,भड़कने लगे आँख से शोले ......जय शिव शंकर।चन्द्र कला सिर पर धरी उसकी शीतलता से विष ज्वाल हरी।हुये शान्त उमाकांत,सामान्य हुए हौले ...
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  August 12, 2018, 12:40 pm
उसकी बात बात होती है,मेरी बात गधे की लात।लग जाये तो ठीक है वरना,उसकी नहीं कोई बिसात।                मैं जब तक प्रश्न समझ पाता हूँ,                वह उत्तर दे देती है।                मैं जब तक विषय में उतराता हूँ,                वह समाधान दे देती है।...
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  August 6, 2018, 9:40 pm
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