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शरारती बचपन

अब सदाए मुझे न दो ..................मेहँदी हसन शहंशाह --- ए--- गजलआकाश की तरफअपनी चाबियों का गुच्छा उछालातो देखाआकाश खुल गया है |जरुर आकाश मेंमेरी कोई चाबी लगती है !शायद मेरी संदूक की चाबी !!..........................विनोद शुक्ल की यह पक्तिया ना जाने क्या -- क्या कह दे रही है |कविता .... शब्द -- दर-- शब्द रचती ...
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  June 14, 2019, 11:33 am
देव बुद्ध , देवी बुद्ध बौद्ध धर्म की उत्पत्ति भारत में हुई और सदियों के कालखंड में वह निरंतर यहाँ फलता - फूलता रहा | फिर उसकी शाखाए तिब्बत - चीन और जापान तक विस्तृत हुई | इन्ही के साथ बोधिसत्व के विभिन्न रूप भी विकसे | उन्ही में से एक पर यह रोचक वृत्तांत है | बौद्ध धर्म में ईस...
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  June 12, 2019, 2:48 pm
लहू भी बोलता है -- सैय्यद शाहनवाज अहमद कादरी जंगे -आजादी -ए-हिन्द पर नजरेसानी - भाग - दो 1857 -- 1847 -- की जंगे - आजादी 1857 की जंगे - आजादी को अंग्रेजो ने हालाकि सिपाही विद्रोह या गदर का नाम दिया था , लेकिन असल में यह जंगे - आजादी ही थी | जिसकी अगुवाई मुग़ल हुकूमत के आखरी बादशाह बहादुर शाह ज...
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  June 11, 2019, 2:51 pm
जंगे - आजादी - ए - हिन्द पर नजरेसानी-----------------------------------------लहू बोलता भी है ---सैय्यद शाहनवाज अहमद कादरी हिन्दुस्तान की जंगे - आजादी , जिसे आमतौर पर करींब नब्बे सालों की जेद्दोजेहद का सिलसिला माना जाता है , वह दरअसल और पहले से शुरू हो गया था | पहले तो आम तारीखनवीस , जो जाहिरन अंग्रेजी न...
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  June 5, 2019, 5:21 pm
लहू बोलता भी हैं -- सैय्यद शाहनवाज कादरी जंगे - आजादी - ए - हिन्द के मुस्लिम किरदार इतिहास के अन्याय को दुरुस्त करना समय की मांग इतिहास में जाति - धर्म के आधार पर काफी पक्षपात हुआ है | इसका एक उदाहरण तब भी सामने आया था जब स्व एल .सी , जैन के पिता ने आजादी के आन्दोलन के बारे में जि...
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  June 4, 2019, 4:05 pm
लहू बोलता भी हैं -- सैय्यद शाहनवाज कादरी जंगे - आजादी - ए - हिन्द के मुस्लिम किरदार इतिहास के अन्याय को दुरुस्त करना समय की मांग इतिहास में जाति - धर्म के आधार पर काफी पक्षपात हुआ है | इसका एक उदाहरण तब भी सामने आया था जब स्व एल .सी , जैन के पिता ने आजादी के आन्दोलन के बारे में जि...
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  June 4, 2019, 4:05 pm
'माडर्न रिव्यू 'के सम्पादक के नामभगतसिंह और बटुकेश्वर दत ने 22 दिसम्बर 1929 को जेल से लिखे 'माडर्न रिव्यू 'के सम्पादक को प्रति -उत्तर में इन्कलाब जिंदाबाद नारे को परिभाषित करते हुए क्रांति से जोड़ा -दीर्घकाल से प्रयोग में आने के कारण इस नारे को एक ऐसी विशेष भावना प्राप्त हो च...
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  June 3, 2019, 12:45 pm
'माडर्न रिव्यू 'के सम्पादक के नामभगतसिंह और बटुकेश्वर दत ने 22 दिसम्बर 1929 को जेल से लिखे 'माडर्न रिव्यू 'के सम्पादक को प्रति -उत्तर में इन्कलाब जिंदाबाद नारे को परिभाषित करते हुए क्रांति से जोड़ा -दीर्घकाल से प्रयोग में आने के कारण इस नारे को एक ऐसी विशेष भावना प्राप्त हो च...
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  June 3, 2019, 12:45 pm
महान क्रांतिकारी मौलवी बरकतुल्लाह........................................( 7 जुलाई 1854 - 20 सितम्बर 1927 )ज्यादातर लोग जानते है कि ब्रिटिश शासन के दौर में बनी पहली हिन्दुस्तानी सरकार आज़ाद हिन्द फ़ौज की सरकार थी | लेकिन सच्चाई यह है कि पहली हिन्दुस्तानी सरकार 1915 में अफगानिस्तान में बनी हिन्दुस्तान की अ...
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  June 1, 2019, 6:50 pm
कथा - आशा से भरकर जीवन देखने की कलाकोरिया में एक भिक्षुणी एक रात एक गाँव में भटक कर पहुच गयी | वह रास्ता भटक गयी थी जिस गाँव में उसे जाना था , वहां न पहुच कर दुसरे गाँव पहुच गयी | उसने जाकर एक दरवाजे पर दस्तक दिया | दरवाजा खुला | लेकिन उस गाँव के लोग दुसरे धर्म के मानने वाले थे , व...
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  May 28, 2019, 3:33 pm
हमारी प्यारी धरती ---- खतरे में वर्ष 1945 से 2019 के बीच इस विश्व में कुल 2056 आणविक परिक्षण हुए है , जिसमे से संयुक्त राज्य अमरीका में 1030 , रूस में 715 फ्रांस में 210 , चीन में 45 इंग्लैण्ड में 45 नार्थ कोरिया में 6 और भारत में 3 और पाकिस्तान में 2 परीक्षण हुए | आणविक विखण्डन की घटना पहली बार 17 दि...
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  May 24, 2019, 7:29 pm
ब्रिटिश राज से अब तक के चुनाव भागीदारी से महत्वपूर्ण सबक -ब्रिटिश राज में चुनावी भागीदारी की शुरुआत 1857 के महान आन्दोलन के बाद शुरू किये गये सवैधानिक सुधारों के जरिये हुई थी | यह शुरुआत 1857 के संग्राम और उसके बाद हिन्दुस्तानियों द्वारा अपने अधिकारों की मांगो के साथ चलाए ज...
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  April 12, 2019, 2:39 pm
बहरों को सुनाने के लिए ऊँची आवाज की आवश्यकता होती है"-----------------------------------------------------------------आज ही के दिन 1929 को भगतसिंह व् बटुकेश्वर दत्त ने"बहरों को सुनाने के लिए ऊँची आवाज की आवश्यकता होती है"के मुख्य वक्तव्य के साथ असम्बली में बम फेका था। साथ में फेका था यह पर्चा।जिसको पढ़ा जाना आज भी...
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  April 8, 2019, 2:43 pm
सूक्ष्म अंहकार -बोध कथा एक सम्राट विश्वविजेता हो गया | तब उसे खबर मिलने लगी कि उसके बचपन का एक साथी बड़ा फकीर हो गया है | दिगम्बर फकीर नग्न रहने लगा है | उस फकीर की ख्याति सम्राट तक आने लगी | सम्राट ने निमंत्रण भेजा कि आप कभी आये राजधानी आये ; पुराने मित्र है , बचपन में हम साथ थे ...
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  April 7, 2019, 4:24 pm
अम्बेडकर बौद्ध क्यो बने ?यह आकस्मिक नही है कि अबेडकर बौद्ध हुए | यह पच्चीस सौ साल के बाद शुद्रो का फिर बौद्धत्व की तरफ जाना , या बौद्धत्व के मार्ग की तरफ मुड़ना , बौद्ध होने की आकाक्षा , बड़ी सूचक है | इससे बुद्ध के सम्बन्ध में खबर मिलती है |हिन्दू अब तक भी बुद्ध से नाराजगी भूले ...
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  April 5, 2019, 3:24 pm
साझी विरासत - ऐतिहासिक दृष्टिकोण {अंग्रेजी शासन से पहले इस देश के मुसलमानों में शासक होने और हिन्दुओ में शासित होने के परस्पर विरोधी दृष्टिकोण के साथ अन्य कई ऐतिहासिक मुद्दे पर ऐसे ही भिन्न व् विरोधी दृष्टिकोण मौजूद है | उन पर पुनर्विचार की आवश्यकता है | यह पुनर्विचार ...
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  February 26, 2019, 2:46 pm
''सिर्फ जीना ही नही है जिन्दगी ,लोग मर कर भी जिया करते है |''स्नेही साथियो आज आपसे आजमगढ़ के स्वाधीनता आन्दोलन की बात करना चाहता हूँ , उसी क्रम में आज से आजमगढ़ का स्वाधीनता इतिहास लिखने की कोशिश कर रहा हूँ |कुइट इंडिया ( अंग्रेजो , भारत छोडो ) और डू - आर - डाईकरो या मरो क्रांतियो ...
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  January 25, 2019, 5:52 pm
हसीद दर्शन का प्रकाश स्तम्भ -------------- बालशेम तोवबालशेम की कहानियों से जिस हसीद पंथ का निर्माण हुआ वह एक बहुत सुन्दर खिलावट है जो आज तक हुई है | ह्सीदो की तुलना में यहूदियों ने कुछ भी नही किया है | हसीद पंथ एक छोटा -- सा झरना है -- अभी भी जीवित , अभी भी खिलता हुआ |हसीद की धारा कुछ चंद ...
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  January 24, 2019, 2:50 pm
स्वतंत्र सद्गुरु -- लल्ला इसीलिए कश्मीरी लोग कहते थे , ''हम दो ही नाम जानते है ; एक अल्लाह और दुसरा लल्ला |'---------------------------------------------------------------------------------योग मार्ग स्त्री - पुरुष , दोनों के लिए समान रूप से उपलब्ध है | लेकिन न जाने क्यों स्त्रिया उस मार्ग पर बहुत कम चली | और जो चली भी उनमे पहुचने ...
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  November 30, 2018, 12:53 pm
सवाल वोटो का ?समाज केवल अधिकाधिक सम्पन्न एवं साधनहीन बनते वर्गो में ही नही बटा है , बल्कि वह चुनावी वोट लेकर शासन सत्ता पर चढने वाले राजनेताओं पार्टियों तथा उन्हें वोट देकर शासन सत्ता पर पहुचने वाले बहुसंख्यक जनता में भी बटा हुआ है | वोट लेने वाले राजनेताओं पार्टियों क...
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  November 21, 2018, 2:22 pm
किसानो का राजधानी --, मार्च - प्रदर्शन {क्या यह किसानो को उनकी समस्याओं मांगो के प्रति जागरूक , संगठित व आंदोलित कर सकेगा ? }किसानो की समस्याओं व मांगो को लेकर किये जाते रहे प्रचारों में आते रहे किसान मोर्चो आंदोलनों से सार्थक परिणाम निकलने की कोई आशा नजर नही आ रही है | इसक...
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  November 20, 2018, 1:28 pm
राफेल - बोफोर्स - का माजरा ?फ्रांस के राफेल विमान सौदे की चर्चा पिछले दो - तीन माह से लगातार चल रही है | इस सौदे के जरिये वर्तमान केन्द्रीय सरकार तथा प्रधानमन्त्री पर इस सौदे के भारतीय भागीदार रिलायंस डिफेन्स कम्पनी के मालिक अनिल अम्बानी को अधिकतम एवं अवाछ्नीय लाभ पहुचा...
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  November 15, 2018, 2:45 pm
क्रान्तितीर्थ काकोरी - भाग चारनौजवानों का असहयोग आन्दोलन से मोहभंग और क्रांतिकारी आन्दोलन में प्रवेश..................................................................................1915 में दक्षिण अफ्रिका से लौटने के बाद गांधी जी ने भारतवर्ष की राजनीति में भी हलचल पैदा करना शुरू कर दिया था |उधर 1 अगस्त 1920 को लोकमान्य ति...
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  November 14, 2018, 6:00 pm
क्रान्ति तीर्थ काकोरी -- भाग तीन व्यापक क्रान्ति आन्दोलन का सूत्रपात्र ..........................................................क्रान्ति के रथं विस्फोट के कुछ ही वर्ष बाद ऐसी परिस्थितिया बनी जिनसे क्रान्ति की उस श्रृखला का आरम्भ हुआ जिसकी कडिया देश में और देश से बाहर जुडती चली गयी | 1903 में इंग्लैण्ड की स...
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  November 11, 2018, 2:40 pm
काकोरी - क्रान्तितीर्थ भाग - दो भारत के क्रांतिकारी आन्दोलन की पृष्ठभूमि .................................................................भारत में अंग्रेजी राज का इतिहास उनके छल और बल की कथा है तो वह हमारी यानी भारत के लोगो की कमजोरी , चरित्र की गिरावट के साथ उनके त्याग , तपस्या और बहादुरी की दास्ताँ भी है | 1600 ई. ...
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  November 10, 2018, 1:53 pm
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