Hamarivani.com

यु(-_-)राज

हो गये समंदर भी पराये,नदियों पे उनका डेरा है, मेरा तो रब भी न रहा,बस परछाई का सहारा हैं। फाड़ कर धरती,उगा लाया था सोना, छीन लिया हमसे,उस पर कहाँ हक हमारा हैं। बहती हैं नदियाँ वैसे तो मेरी भी वस्ती से, मगर कहाँ हक मेरा,हमें तो गंदे नालों का सहारा है। दाऊ जी...
यु(-_-)राज...
Tag :
  August 10, 2015, 9:54 am
मद भरी तेरी अखियों से, हो गई मुहोब्बत है। तंग तंग तेरे शहर की गलियों से, हो गई हैं चाहत है। तेरे गोरे-गोरे गालों से,हटती नही मेरी नजरें हैं, देखकर तुझको,मुझको मिल जाती राहत है। तेरी रेशमी जुल्फों में झाँका करता सावन हैं, वारिशें हो जाती हैं स्वप्नों की,भींगा करता तनमन हैं...
यु(-_-)राज...
Tag :
  May 26, 2015, 6:50 pm
जा रहे हो दूर,बस याद आ जाना, आखिरी मुलाकात है जरा सा मुस्कुरा देना। समझूँगा कि जिंदा था,तेरे दिल में प्यार अब भी, अपने लवों पे बस मेरा नाम ला देना। भरे नफरत से ही सही,गालियों में याद कर लेना, जी लूँगा इसी सहारे ,बस कोई ख्याब दे देना। दिन गुजर जायेगें ,रात नही कटेगी कभी स्वप्...
यु(-_-)राज...
Tag :
  May 25, 2015, 9:57 am
जिन्दगी को जिन्दगी जीने का सहारा मिल गया, मुझको फिर से मुस्कुराने का बहाना मिल गया। खो गया था जो चैनो-सुकूं राहों में ही कहीं, आ के दिलों में बसके अपनी मंजिल पा गया। तुम मिली तो दिल खिला,जहाँ मिल गया, मेरा तुझको पाने का ख्याब मुकम्मल हो गया। सोचता हूँ तेरी मुस्कुराहट पे ...
यु(-_-)राज...
Tag :
  May 20, 2015, 10:26 pm
लिख दिया तुझको चाँद तो चाँद शर्मा गया, छुप गया बादलों की ओट में,अंधेरा छा गया, चाँदनी थी कुछ इतराई बुरा मानकर, एक चातक रात भर राह तकता रह गया, कोई कवि लिए कागज और कलम साथ था, कोई भाव न बना ,खाली कागज रह गया, रात भर ताकता रहा राह मैं नींद आने की, वो न आई,वक्त मालूम नही कहाँ निकल ग...
यु(-_-)राज...
Tag :
  May 19, 2015, 5:06 am
हुई चाहत कुछ इस तरह तुमको ख्याबों में खोजते हैं, रोज देखते हैं तुम्हारी यादों के सपने, दिन रात बस तुम्हें ही सोचते हैं, हाल मेरा दीवानगी में कुछ यूँ हो गया है, हुई मजनुओं सी शक्ल,देख कुत्ते भी भौंकते हैं देखिए लोग कैसे कैसे सितम ढाने चले आते हैं, मिलते हैं आकर मुझसे,हाल त...
यु(-_-)राज...
Tag :
  May 8, 2015, 7:41 am
आँखो से बहते पानी का हमको भी मोल बता देना सरिता के शीतल धारा का स्पर्श करो तो बता देना सूरज की किरणों को देखो गर नजरें टिके तो बता देना जीवन की राहों पर चलकर कांटे ना चुभे तो बता देना गायत्री शर्मा...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 19, 2015, 1:04 pm
लिख रहा हूँ गज़ल,जिन्दा अहसास सेउठा के कलम चल दिया प्यार से इश्क में दिल से अच्छा कागज मिलता नही भर रहा हूँ उसे मैं जिन्दा अहसास से कुछ ख्वाहिशें हैं जगीं,कुछ ख्याब बुन लिए कुछ अनकहे प्यारे से अल्फाज से वहुत याद आती हैं,यादें सताती हैं दिल तड़प उठता है ,सिर्फ तुम्हारी याद स...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 19, 2015, 8:46 am
दिया जलाके दरवाजे पर मैं रोज मानता दीवाली कभी तो आएगी वो आस न जाएगी खाली रोज शाम को बैठ मुंडेरे पे आती जाती सुर्ख हवाओं से पूंछा करता हूँ उनसे कहीं मिली थी क्या वो दिल बाली ??कितने सावन गुजर गए कितना पानी बरस गया न जाने कितनी बार लवों से नाम तेरा था फिसल गया खालिपन रहा हर त...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 17, 2015, 6:13 pm
मेरा भी नेताओं सा कुछ हाल हो गया कुर्सी पाने सी ललक और नोटों जैसा प्यार हो गया अब तो बस हर वक़्तउसी के बारे में बात करता हूँ दिन रात आने बाला सत्ता सा स्वप्न हो गया है मेरा भी नेताओं सा कुछ हाल हो गया है उसी का बखान सबसे रटा-रटाया भाषणों सा स्टार्ट करता हूँ सर्व विदित एक ही ड...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 17, 2015, 5:20 pm
हमने इश्क किया रंगत बदल गयी काले करूटे इस चेहरे पे लालिमा आ गयी शक्लो- शूरत में बदलाव भले ही कुछ अजीब हो मगर सच में बदली जब से तुमसे चाहत हो गयी यकीन नही है मेरे यारों को क्या सच हमें चाहत हो गयी ?अब मान भी जाओ हकीकत थोड़ी सी ही सही पर ज्यादा हो गयी खैर मेरा छोडिये आप अब अपनी ह...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 17, 2015, 5:12 pm
जल रही आग है ,जल रहा है बदन ,उठ रहा है धुयाँ ,लग रही है तपन ,जाने कैसा ये रोग है ,जालिम इश्क का ,खामोशियों में खोता जा रहा है मन ,कहाँ खो गए होश, न रहा जोश दुबला गया ,जो कसरती था बदन ,आज भी गलों पे रहता है हाँथ बर्षों पहले कोई इसका ले गया था चुम्बन तुमसे गले मिलके महीनो नहाये भी नही ...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 17, 2015, 4:40 pm
इश्क की तंग गलियों से रोज हजारों चाँद निकलते हैं बिखेरते हैं चांदनी वो दिलों में अहसास भरते हैं उन्हें देखे तो लगता है जैसे कारवां-ओ –चाँद निकलता है कुछ ख्याब सजते हैं दिलों में आशिक आंह भरते है इश्क की तंग गलियों से रोज हजारों चाँद निकलते हैं जो जितना हसीं होता है वो उ...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 17, 2015, 3:27 pm
मेरी आँखों में उतर आई है तुम्हारे इश्क की रौनक खुद ही चमक उठी हैं ये अब याद आ गयी है चाहत ,बस गया है तुम्हारा अक्श इनमें कुछ इस तरह से खुद ही टपक आता है अश्क मिल जाती है राहत ,मैं रोज आइनों में ताककर ,नयनो से तुमको निहारता  हूँ लगता है जैसे तुम आ गयी हो ,होती है जब भी कोई आहाट,...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 14, 2015, 9:33 pm
मैं समन्दर हूँ मगर प्यासा तेरी मुहोब्बत का,लबालब हूँ मगर,बाँकि तुम्हारी चाहतों का,लाख बरसते रहें ये मेघ काले से घनघोर निरंतर मगर नही हैं सकत उनमें मेरा अधूरापन भरने का ,मैं तेरे पास आ जाऊं ,मगर फिर सोचता हूँ मजा ही कुछ और होता है मुहोब्बत में तरसने का ,मेरे खारे पण पे है ए...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 14, 2015, 8:58 pm
वो चाँद की मध्यम रोशनी में भी मेरे चेहरे पर आने बाले हर भावों को पहचान गयी थी ... वो मेरे साथ बैठ गयी और बोली – मैं पिताजी को मना नही कर सकती .... तुम खुद को मैनेज कर सकते हो ..हा सही है शायद .....(मेरे ये शव्द बड़े ही दावे हुए स्वर में थे )उसने मुझे गले लगा लिया ... हमारी भावनाएं बह सकती थ...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 14, 2015, 8:44 am
वो हताश हो चुकी थी और मुझे देखे जा रही थी वो बार बार मुझसे सोरी बोलती रही मगर मैं तो नौटंकी करने में व्यस्त बना रहा |वो फस्ट-एड बोक्स उठा लायी थी मगर में उसे क्या दिखता ...|उसने मुझे सौरी सौरी बोलते हुए गले लगा लिया ..शायद यहाँ से मेरा काम आसान था |मैं उससे लिपट गया और लिप्त रहक...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 12, 2015, 8:51 pm
शायद यही कोई नियम थे जो हमारे बीच बिना बोले ही बन गए थे और हम उन्हें पूरी सिद्दत के साथ समझ भी रहे थे |और हम उन नियमो का पालन भी कर रहे थे |हमारी आपसी समझ की बदौलत ही हमारी मुहोब्बत आज तक जिन्दा रहने में सफलता प्राप्त कर चुकी थी|शायद मुहोब्बत जिन्दा रहने की दो वजहें और भी थी ...
यु(-_-)राज...
Tag :
  April 3, 2015, 7:37 am
मैं दौड़ कर उसके पास गया उसे उठाया और उसको सही करके वापस उसमें उसके कवर को साजोंने लगा| मगर तभी मेरी नजर उसके पिछले हिस्से में लिखी हुयी पंक्तियों पर गयी जिनको पढ़कर अचानक ही मेरी वो डायरी मेरे लिए कितनी खास बन गयी वो पंक्तियाँ भले ही कोई श्लोक या गीता के किसी संबाद का अर्थ...
यु(-_-)राज...
Tag :
  March 31, 2015, 9:22 am
है हवाओं में आज खास क्या ,जो इतना इतरा रही है ,चल रही है वो मंद मंद ,मुझे यादों में उलझा रही है ||वर्षों बीत चुके हैं कॉलेज लाईफ की सिर्फ यादें ही बची हैं न जाने कभी कभी हवा के कुछ झोंके आकर एक सुखद एहसास दर्ज करा जाते हैं और जेहन में एक सुनहरी सिरहन दौड़ जाती है |आज भी मेरे साथ क...
यु(-_-)राज...
Tag :
  March 30, 2015, 1:11 pm
जो ये आंखे न होती,तो जहाँ का मजा न होता, मुझको मेरा ही,कभी दीदार न होता।सोचता रहता और सिर्फ सोचता ही रहता, मुझको मेरा अपना अहसास न होता। दुनियाँ जहाँन के बीच रहने को कोई किरदार न मिलता,हर रात गुजरती वीरान सी,हर रोज मेरा किरदार मरता। किसी वीरान से खण्डहर में पडा होत...
यु(-_-)राज...
Tag :
  March 7, 2015, 10:30 pm
ये फूल ये पंखुडिण्यां ये कोमल प्यारी तितलियाँ ये बसंत प्यारा सावन कौन मुझसे रहता जुदा है, ये राखी होली दीवाली ये ईद रमजान कौन सा त्योहार मेरे बिना है, मैं वेटी हूँ चमकती हूँ शक्तिपुंज सी, तुम्हारे घरो में तभी तो उजाली है, हैं अंधेरा वहाँ जहाँ मैं नही, भले सूर्य की कित...
यु(-_-)राज...
Tag :
  March 7, 2015, 7:04 pm
मनवा तेरी शरण में// दिलवा तेरी शरण में,// सिर्फ जान है बाकीं हममें// साँस तलक बसी है तुझमें// डॉट सोनल...
यु(-_-)राज...
Tag :
  March 1, 2015, 11:55 am
कुछ ख्यालात मुहोब्बत के पनपने से लगे थे।वो शायद दिल ही दिल में उसको प्रेम करने लगा था।ईधर ममता को भी बाहरी हवाओं के असर ने बाँध लिया और उसने अपनी आजादी का लाभ लेते हुए स्वच्छ सुन्दर भावनाओं के आकाश में उढान भरने के लिए अपने पंख फैलाने शुरु कर दिए थे। इसी दौरान ममता के बड...
यु(-_-)राज...
Tag :
  February 27, 2015, 4:41 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163572)