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हृदय क्रंदन

सुन्दर सुन्दर नार करके साज श्रृंगार फेसबुक पे छा जाते नित चित्रों के हार नित चित्रों के हार देखदमकते सबके मुहार इसकी भूल भुलैया में छूटा घर संसार छुटा घर संसार लुट गया कारोबार फेसबुक के क़दमों में डाल दिए हथियार लत, कुलत, महालतसबको दे लतियाएइसकी लत ऐसे लगे पानी ना मांग...
हृदय क्रंदन...
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  December 27, 2014, 7:20 pm
गणेश जी ने व्यथा सुनाई माँ पार्वती के आगे इतनी सर्दी पड़ रही माँ कैसे कोई  नींद से जागे भक्तजन जगा देते है घंटी बजा बजा कर लड्डुओं का लोभ दिखलाते थाल सजा सजा कर ठन्डे ठन्डे पानी से रोज पुजारी नहलाता कितनी भी सर्दी लग जाए छींक कभी ना मैं पाताकपडे तुमने कम पहनाये कुछ तो ब्...
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  December 27, 2014, 6:36 pm
तोड़ के बंधन बह गया ये मनज्यों बह जाता बाढ़ का पानीहाथ पसारे रह गयी अंखियाँदिल ने हठ करने की ठानी तुम आये तो हो गये जिन्दा दिल के सब अहसास कुंवारे दिल ने किया है धोखा ऐसा जा बैठा वो पास तुम्हारे मीठा मीठा स्पंदन देतातेरी नज़र का हर एक झोंकाबहुत लगाई बाड़े हमने हर रस्ता आने ...
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  December 2, 2014, 9:25 pm
स्त्री को चाह होने लगी स्त्री की पुरुष कर रहा पुरुष से प्यार कैसे तो ये संभव है और कैसे हो जाता इकरार||स्वभाविक सी अभिव्यक्ति है या सामाजिक वर्जनाओं को तिरस्कृति हैईश्वर का तो नही रहा होगा ऐसा कोई अभिप्राय प्यार के नये नये रूप देते दिल हिलाए||स्त्री और पुरुष का अनमोल अन...
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  November 26, 2014, 6:05 pm
पानी हमको पीना है मिनरल या फिर फ़िल्टर साफ़ पानी सुरक्षित पानीखुद का बर्तन खुद का पानी||पानी बड़ा या प्यास ?विषय है ये बेहद ही ख़ास प्यास है एक स्वाभाविक सी क्रियाप्यास सभी को जगती है||कभी मिल जाता पानी तो कभी सूखे से तपती है प्यास है तन के प्यास है मन की प्यास आँखों की प्यास क...
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  November 26, 2014, 6:02 pm
पैर रहें धरती पर अड़ेहाथों में सूरज चाँद पड़ेखुशियाँ बरसाए हर इक पलदामन जितना भी छोटा पड़ेतन कंचन मन साफ रहेआत्मा तुम्हार...
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  October 29, 2014, 8:32 pm
खुद ही रूठे और खुद ही मना लेते है दिल जब रोता है तो खुद ही हंसा लेते है सुनी हो जाती है जब कभी आँखेंआंसुओं से सजा लेते है भर जाता है जब दिल दर्द से मुस्कराहट होठों पे सजा लेते है अपने गम का हम खुद ही जी भरके मज़ा लेते है ...
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  October 10, 2014, 7:32 am
आओ पूजा करें देवी की रोज नये रूप में सराबोर कर दें देवी को चन्दन और धुप में||  खुश होकर दिया वरदान तो होगा हर एक सपना पूरासच जीवन हो जाएगा कुछ ना रहेगा फिर अधुरा ||बेटी मरने के लिए और बहु है जलने के लिएफिर भी चाहिए कन्या नवरात्र पूजन के लिए|| जग को तो बहुत लिया ठग आओ थोडा भगवन...
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  October 10, 2014, 7:29 am
आज फिर एक नये सफ़र की रवानी है जिन्दगी बहते दरिया का पानी है ||ठहरती हुई जिन्दगी नेएक बार फिर से गति पकड़ी है||हर नया मोड़ एक नई मंजिल दिखा रहा है यादों में दफ़न सपने सामने बैठकर मुस्करा रहे है|| डरती हूँ नए सफ़र में जाने कोबांकी है जिन्दगी में अभी बहुत कुछ पाने को ||एक सफ़र ही तो है ...
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  October 10, 2014, 7:26 am
घर का दर्द दुखड़े अपने सुना रहा है मुझसे मेरा घरक्यों मुझमें यूँ जान बसायीजाना था जो अगर||हमसे आकर टकराती थीखुशियों की अठखेलीतन्हा तन्हा हुआ हर कोनारोती दीवार अकेली ||हर कमरा मुरझाया है हर कोना कोना उदास है साल ख़तम होने को आया अब तो उनकी आस है ||तुम जैसे को झेल रहे थे हँसते,...
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  October 10, 2014, 7:24 am
शाख से टूटे पत्ते सा हो गया हूँ मैंउड़ा ले जाती है तेरी हवा जिधर चाहे मुझेखाली बर्तन सा हो गया है ये दिल भी मेराभाप बनकर उड़ जाते है अहसास सारेखुद ही दिल के छाले फोड़ते है और खुद ही सी लेते हैजिन्दा जो रहना है गर तो कुछ तो करना होगावाह वाह तो सब करते है गहराई को कौन समझ पाया है...
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  October 10, 2014, 6:55 am
मेरा भारत महानदे रहे है मंत्री देश को अपना अपना उत्तराधिकारी||राजनीति है ये याविरासत की खेती बाड़ी?देशभक्त मंत्री रहतेहमेशा मस्ती और मौज में किस नेता का बेटा कहो ?गया आजतक फौज में एक विरासत को बामुश्किलफेंका है हमने उखाड  के बांकी आ गये है देखोकैसे झंडा गाड के||जान ...
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  September 18, 2014, 5:56 pm
ये मन भागता सा ये मन भागता सा हाथो से फिसलता दूर जा खड़ा होता है|| कुछ कहता है कुछ सुनता है अपने ही सपने बुनता है ||रोक ना सकती सीमा कोई हवाओं के संग बहता है ||भटका देता है राह मेरीभ्रमित दिशाएँ कर देता है ||सूनी सूनी दिल की राहों मेंआशाओं के दीप सजाता है ||देख उजाला दबे पाँव ना ...
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  September 18, 2014, 5:32 pm
रसोईघर का झगडासोते सोते रात में आवाजे दी कुछ सुनाई|| कान लगाकर सुना तो अजब ही दिया दिखाई||रसोई घर में चल था था बड़ा ही भारी मसअला||कौन सही कौन गलत नही हो रहा था फैसला|| बर्तनों में छिड़ी हुई थी आपस में इक जंग|| नये नवेले बर्तन आगे पुराने पीछे तंग||मिक्सी ने शान से था अपना आसन जमाय...
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  September 18, 2014, 5:27 pm
हाँ में किन्नर हूँ ||हँसते हो तुम सब मुझको देखनाम रखते हो मेरे अनेक||सुन्दर सुन्दर उसकी रचना मेरी ना किसी ने की कल्पना|| ईश्वर ने किया एक नया प्रयोग स्त्री पुरुष का किया दुरूपयोग|| जाने क्या उसके जी में आया मुझ जैसा एक पात्र बनाया|| तुम क्या जानो मेरी व्यथा कैसे में ये जीवन ज...
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  September 18, 2014, 7:41 am
फिर से आई है बारी धरती पर वापस जाने की|| पुत्र कर रहे है तैयारी पितरों संग त्यौहार मनाने की||अफरा तफरी मची हुई है जाना भी तो जरुरी है||पितृ पक्ष में मिलन है होता फिर तो लम्बी दुरी है ||कुछ आ जाते ख़ुशी ख़ुशी कुछ अनमने से आये है|| सुख ही सुख तो ना था जीवनदुखों के घाव भी खाए है ||जीते ...
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  September 11, 2014, 4:08 pm
आजकल के बच्चे थोड़े नादान थोड़े अनजान, थोड़े सँभलते थोड़े फिसलते समय की भट्टी में जलते, संस्कारों से कुंदन से दमकते|| अच्छी पढाई का बोझ लिए घर से निकलते दुनियादारी की आंधी में खुद से संभलते||घर का सुख नही माँ का लाड नहीबचपन की मस्ती नही, जीवन का आनंद नही||यूँ ही तो नही तकदीर अपन...
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  August 28, 2014, 5:41 pm
जब भी हमने काला चश्मा लगायासीने को ४ इंच चौड़ा ही पाया ||ना जाने क्या कनेक्शन था दोनों मेंचश्मा लगाते ही सीना फूल जाता था||सीना फूलते ही शरीर हरकत में आ जाता५ फिट के हम खुद को ६ फिट के समझने लगते ||क्रांति ही आ जाती शरीर मेंएक तो वैसे ही हमारी मोटी नाक ||फूलकर और मोटी हो जातीतो ...
हृदय क्रंदन...
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  August 22, 2014, 5:01 pm
कलम थोडा सा जो हम चलाने लगे दोस्त सभी हमारे हमें भुलाने लगे||वो जो सिखाते थे हमें मायने गज़ल केउन्ही को मनाने में हमें ज़माने लगे ||पदचिन्हों का पीछा करते रहे हम पाने में सदियों और जमाने लगे ||कलम थोडा सा जो हम चलाने लगे दोस्त सभी हमारे हमें भुलाने लगे||कलम जो लगी झूम कर चलने प...
हृदय क्रंदन...
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  August 22, 2014, 3:37 pm
चिरैया एक सोयी थी,मीठी मीठी नींद में, देख रही थी सपने, देश एक अनजाने के ||मुड़ी तुड़ी सी थी चिरैया, घेरा था घना सुरक्षा का,आँखें अभी खुली भी ना थी, बस महसूस होता था उसे, माँ की ममता की गर्माहट ||जिस से जीवन बना था उसका,भूल में थी भोली चिरैया, जीवन ना था सुरक्षित उसका, जा पंहुचा दान...
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  August 20, 2014, 7:39 pm
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