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Blog: मेरी कविताएँ

Blogger: Shiv Parashar
www.shivparashar.com... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   10:05am 20 Jun 2015
Blogger: Shiv Parashar
Like my pagehttps://www.facebook.com/kumarshivparashar?ref=hl... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   12:25pm 10 Apr 2015
clicks 205 View   Vote 0 Like   12:17pm 28 Mar 2015
Blogger: Shiv Parashar
सुंदर विहार नई दिल्ली में कवि सम्मेलन के दौरान काव्यपाठ करते हुएद्रोपदियों की रक्षा हेतु चीर लाया हूँव्याकुल पांडव की खातिर शमशीर लाया हूँ,कलमवीरों के आज यहां रंगभूमि का आयोजन हैतो मैं भी अपने तरकस में कुछ तीर लाया हूँ                                    ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   11:13am 4 Mar 2015
Blogger: Shiv Parashar
Just Print Press calendar for 2015 with few lines on my poem.... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   9:48am 8 Jan 2015
Blogger: Shiv Parashar
ये साल भी यादों का समंदर थमा चलाआने वाले सालों का मुक्कदर थमा चलाखुद तो हर मुकाम हासिल कर लिया इसनेऔर हम को सदियों का सफर थमा चला                                              --- शिव कुमार पाराशर... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   7:43am 1 Jan 2015
Blogger: Shiv Parashar
सैंकड़ों सूरज अस्त हो गये पेशावर में अाजखो गई किलकारियाँ और फीके पङ गये साजदीयों में था तेल घना पर जाने ज्योति कहाँ खो गईआज अंधेरा हट नहीं रहा कब की देखो भौर हो गईलुप्त हो गई कल तक गूंजी आंगन में आवाजकितनी आँख के आंसू छूटे कितनी आँख के तारे टूटेकितनी आँखें रो नहीं पायी ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   8:04am 17 Dec 2014
Blogger: Shiv Parashar
बेटी समाज का हिस्सा है हर आहट से डर जाती हैंलिंग भेद के कारण कुछ तो पहले ही मर जाती हैंकितना शोषण हो सकता है हत्यारे जब अपने होंभ्रूणों की निर्मम हत्याएें आंखों को भर जाती हैं                                                           --- शिव कुमार पा... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   12:13pm 16 Dec 2014
Blogger: Shiv Parashar
केसर से महकती क्यारी हो गई खून से लालदहशत में हैं शोपियां, सौरा, मोहरा, त्रालइस धरती की पीड़ा का अब तो कोई हल निकलेसोने की चिड़िया निरंतर हो रही कंगाल                                                       --- शिव कुमार पाराशर... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   12:59pm 6 Dec 2014
Blogger: Shiv Parashar
आज शहादत शर्मिंदा है झेल रही अपमानऊंचे आसन वाले शासक फरमाते आरामकफन में लिपटा हुआ तिरंगा करता जिन्हें नमनखून में लथपथ खाकी हमसे मांग रही सम्मान.--- शिव कुमार पाराशर ‪#‎shaheedapmaan‬ ... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   10:56am 5 Dec 2014
Blogger: Shiv Parashar
कैसे कहूँ कि रास्ते ये क्या हो गयेये मौसम भी धुआं धुआं हो गयेयूं हुआ तेरे लौट आने से मुझकोजख्म हरे और दर्द जवां हो गये...                                                ---शिव कुमार... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   6:48am 4 Dec 2014
Blogger: Shiv Parashar
Just Print Press is going to publish my Poem with it's Yearly Calendar for 2015....Starting lines are here:-मानव ने मानवता का पावन चोला छोड़ दिया हैपथ भ्रष्ट हुआ निकृष्ट हुआ उस राह पे खुद को मोड़ दिया हैAnd you will have to wait for more line as calendar release... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   7:23am 26 Nov 2014
Blogger: Shiv Parashar
मानव ने मानवता का पावन चोला छोड़ दिया हैपथ भ्रष्ट हुआ निकृष्ट हुआ उस राह पे खुद को मोड़ दिया हैदलित समाज की बेटी तो हर आहट से डर जाती हैंलिंग भेद के कारण कुछ तो पहले ही मर जाती हैंहत्यारों ने तो सूची में भ्रूणों को भी जोड़ दिया हैमानव ने मानवता का पावन चोला छोड़ दिया है... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   9:19am 6 Nov 2014
Blogger: Shiv Parashar
तुम्हारी आँख से टपके गवारा अब नहीं होता,जो पहले रोज होता था हमारा अब नहीं होता,तेरा यूं नाम ले ले कर गुजारे दिन बहुत मैंने,तुम्हारे नाम से लेकिन गुजरा अब नहीं होता...... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   8:17am 27 Oct 2014
Blogger: Shiv Parashar
जब इंसान कन्धों पर उट्ठे दिखते हैं तभी कुछ लोग इकट्ठे दिखते हैं                               ---शिव कुमार... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   12:13pm 4 Oct 2014
Blogger: Shiv Parashar
कल हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में बहादुरगढ में आयोजित की गई कवि गोष्ठी प्रत्येक समाचार पत्र में सुर्खियों में रही तथा कवियों के इस आयोजन को सराहा भी गया इसी संदर्भ में कुछ समाचार पत्रों के लिंक प्रस्तुत हैंhttp://epaper.bhaskar.com/detail/?id=472198&boxid=9151545250&ch=cph&map=map&currentTab=tabs-1&pagedate=09/15/2014&editioncode=398&pageno=3&... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   9:23am 15 Sep 2014
Blogger: Shiv Parashar
तेरे दर से चल कर वोमेरे दर तक आ गएे     मेरी नेकी सुन फरिश्ते      मेरे घर तक आ गऐ...               ---शिव कुमार... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   8:02am 2 Sep 2014
Blogger: Shiv Parashar
जो हुआ है यहाँ, अकसर नहीँ होता,प्‍यार करने वालोँ का घर नहीँ होता...बंजारोँ की तरह ठिकाना है इनका,नीचे जमीँ, आसमाँ सर पर नहीँ होता...कहने को तो हसीँ मंजिल है इनकी,पर नजरोँ मेँ हसीँ मंजर नहीँ होता...काफी फासला है दर्द और सुकून मेँ,सुकूँ का पल होता है पहर नहीँ होता...पत्‍थर फेँकते... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   10:42am 28 Aug 2014
Blogger: Shiv Parashar
आँधी है, तुफाँ है, जलजला है इश्‍क,यकीनन एक बुरी बला है इश्‍क...परिन्‍दोँ के लिये आसमान सा है तो,गिरने वालोँ के लिये खला है इश्‍क...जीत मेँ भी हार का अहसास सा है,जैसे कि जंग ए करबला है इश्‍क...खार की राहेँ ना मंजिल का ठिकाना,एसे राहगीरोँ का काफिला है इश्‍क...नाकामयाबियोँ का सबब ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   10:41am 28 Aug 2014
Blogger: Shiv Parashar
जब बेवफाई का ख्‍याल उसको आया करता है,मेरी वफा याद करके वो शर्मा जाया करता है...कभी-कभी रूठता है मुझसे बेवजह तो कभी,मेरे पास आके हाल ए दिल सुनाया करता है...एक तरफ वो है और दूसरी तरफ मैँ कह के,एक रिश्‍ता है दरमियाँ वो ये बताया करता है...कोई नाम नहीँ इस रिश्‍ते का मगर हम दम,इस रिश्... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   10:40am 28 Aug 2014
Blogger: Shiv Parashar
वफा की राहोँ पर चलिये देख-भाल के,फूलोँ की हिफाजत मेँ हैँ काँटे कमाल के...जिसके आने से दिल को सुकून आता है,हम तो कायल हैँ ऎसे हर ख्‍याल के...तेरे कदमोँ की आहट पर जाँ निकले,सर झुके मेरा सजदे मेँ तेरी चाल के...ये जो दौर चला है ये फिर ना आयेगा,इन यादोँ के मोती को रखना संभाल के...मेरी ह... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   10:40am 28 Aug 2014
Blogger: Shiv Parashar
वफा का राहोँ मेँ निशान छोङ आये,आरजू मेँ तेरी मकान छोङ आये,मुझे शिकवा खुदा से है कह के,बेगुनाह तुझे ए जान छोङ आये,तू मासूम है, तू बेकसूर है,तेरे हक मेँ अपना बयान छोङ आये,गैरोँ की बस्‍ती मेँ कैसे जीना है,तेरे लिये ये इम्‍तिहान छोङ आये,ऎसे निकले तेरी गली से हम,लगा के सारा जहान ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   10:39am 28 Aug 2014
Blogger: Shiv Parashar
कई लहरेँ कई तूफान बाकी हैँ,दिल के कई अरमान बाकी हैँ...अभी तो लौ से सिर्फ ये हाथ जले हैँ,आगे और भी इम्‍तिहान बाकी हैँ...सिर पे कफन इसलिये बाँधा है,कि सीने मेँ दिल ओ जान बाकी हैँ...गैरोँ ने गवाही मेरे हक मेँ दी है,मगर दोस्‍तोँ के बयान बाकी हैँ...वक्‍त ने हर एक जख्‍म भर दिया,मगर जख्... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   10:37am 28 Aug 2014
Blogger: Shiv Parashar
ये कैसा चमत्‍कार हो गया,हर शख्‍स अदाकार हो गया...कूँचा ए यार मैं जो भी गया,वो ही यहाँ कर्जदार हो गया...इश्‍क दरिया का ये उसूल है,जो डूब गया वो पार हो गया...जितनी वफा की उतना हीजुदाई का हकदार हो गया...जो हुश्‍न ए दीदार कर गया,बेबस और लाचार हो गया...अपने बस का नहीँ ये काम,इतना तो एतब... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   8:07am 2 Aug 2014
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