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Thakur Manjeet Singh

जन्म के समय सबके माथे पर उसका भाग्य लिखने वाले विधाता ने एक गरीब ब्राह्मण को दंडित करने के लिये एक अनोखी बात लिखी कि वह कभी भरपेट खाना नहीं खा सकेगा । आधा पेट भरते ही उसे खाना छोड़कर उठना पड़ेगा ।   एक दिन उस ब्राहमण को राजा के यहाँ खाने का निमंत्रण मिला । उसके दिल की कली-...
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  December 24, 2014, 2:03 am
एक भाई था जिसकी बहन का ससुराल बहुत दूर यह था । एक बार भाई ने माँ से कहा, “माँ, भाई दूज पर मैं दीदी से मिलाने जाऊंगा और उसे नए कपड़ो में देखूगा । बहुत-से लोग अपनी बहनो से मिलने जा रहे है मैं भी जाऊगा।“    माँ ने कहा, “मेरे बच्चे अभी तू बहुत छोटा है और तेरी दीदी का ससुराल बहुत ...
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  December 24, 2014, 1:59 am
एक असभ्य देहाती था । कला और संस्कृति से एकदम कोरा । पर उसकी पत्नी संस्कारवान थी । पति को संस्कारवान बनाने और जीवन की गहनता के बारे में उसकी कुछ रूचि जगाने की पत्नी ने बहुत कोशिश की, पर व्यर्थ । यह सब पति को बिलकुल नीरस लगता था ।   एक बार गांव में एक रामायणी आया । ...
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  December 24, 2014, 1:53 am
गंगा के किनारे जामुन के पेड़ पर एक बन्दर रहता था । उस पेड़ के जामुन बहुत मीठे थे । एक दिन बन्दर बड़े मजे से स्वादिष्ट जामुन खा रहा था कि एक मगरमच्छ गंगा से निकलकर तट पर आया । बन्दर ने उसकी तरफ कुछ जामुन उछलते हुए कहा, "ये दुनिया के सबसे मीठे जामुन है । वाह, क्या स्वाद है ...
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  December 24, 2014, 1:50 am
किसी आदमी की दो पत्नियां थीं । दोनों के एक-एक बेटी थी । बड़ी पत्नी की बेटी का नाम था दुखू और छोटी पत्नी का नाम था सुखू । पति छोटी पत्नी और उसकी बेटी को अधिक चाहता था ।   दोनों बेटीयां अपनी-अपनी माँ पर गई थी । दुखू जितनी कामगर और स्नेही थी सुखू उतनी ही आलसी और झगड़ाल...
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  December 24, 2014, 1:46 am
एक राजकुमार शाम को शिकार से लौट रहा था। लौटते समय अपनी काली घोडी को पानी पिलाने के वह झरने पर रुका। पानी पर अपने और घोडी के प्रतिबिंब के अतिरिक्त उसने सोने­चादीं के कुछ बाल तैरते देखे। निश्चित ही सोने-चांदी के बालो बाली सुंदरिया ऊपर झरने में नहाई हैं । वह झुका और बाल उदा...
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  December 24, 2014, 1:43 am
एक था राजा । जब वह हंसता था तो उसके सरीर से चमेली की खुशबू फूटती थी । यह खुशबू कोसो दूर तक फैल जाती थी । इसलिए लोग उसे चमेली राजकुमार कहते थे । लेकिन यह खुशबू तभी फैलती थी जब यह मन से हंसता था । अगर कोई उसके गुदगुदी करता या उसे हंसाने के लिये विवश करता तो यह खुशबू नहीं फूटती ...
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  December 24, 2014, 1:35 am
किसी गंवई कुएं पर कुछ लड़कियां पानी भर रही थी । बातो-बातो में हरेक अपनी होने वाली शादी के बारे में बढ़-चढ़ कर कहने लगी ।    एक ने कहा, “मेरे चाचा ढेर सारा दहेज़ और जरी का जोड़ा लाएंगे और महेल में मेरी शादी करेंगे ।“    दूसरी बोली, “मेरे चाचा शहर गए हैं । वे जल्द ही ऊटगाड़ी ...
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  December 24, 2014, 1:15 am
एक बार एक मेमना पहाडी झरने से पानी पी रहा था । उसी समय उससे कुछ कदम ऊपर एक चीता पानी पीने आया । मेमने को देखकर उसने कहा, "तू मेरा पानी गंदा क्योँ कर रहा है?         "मेमना बोला, "मैँ आप का पानी गंदा कैसे कर सकता हूं? मैँ तो आपसे नीचे पानी पी रहा हूं।"         ...
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  December 24, 2014, 1:06 am
एक बार महाराज क्रष्णचंद्र को नवाब का फरमान मिला कि वह इस छोर से उस छोर तक और उपर से नीचे तक धरती का सही-सही नाप मालूम करे । साथ ही अगर वह आकाश के तारो की संख्या भी पता कर सके तो जनाब को बहुत ख़ुशी होगी । फरमान सुनकर महाराजा भौचक्का रह गया । उसने जबाब भिजवाया कि वह वेअदबी नही क...
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  December 24, 2014, 1:03 am
एक गोड़ किसान ने खेत-खलिहान में हाथ बटाने के लिये नौकर रखा । एक दिन नौकर को साथ लेकर वह बेटे और बहू से मिलने गया । वे काफी दूर दूसरे गाँव में रहते थे । रास्ते में एक झोपड़ी में उन्होंने रातवासा लिया । भोजन आदि से निवृत्त हो कर नौकर ने उससे कोई कहानी सुनाने का आग्रह किया । प...
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  December 24, 2014, 12:44 am
एक विधवा अपने दो बेटोँ और बहुओं के साथ रहती थी | बेटे और बहुए उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार करते थे | उस पर फब्तियां कसते थे गालिया देते थे | कोई भी ऐसा नहीं था जिससे बुढिया सुख-दुख की बात कर सके&nb...
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  December 24, 2014, 12:41 am
दुर्योधन के अंत के साथ ही महाभारत के महायुद्ध का भी अंत हो गया । माता गाँधारी दुर्योधन के शव के पास खडी फफक-फफक कर रो रही हैं । पुत्र वियोग में "गाँधारी का भगवान कृष्ण को श्राप देना, भगवान कृष्ण का श्राप को स्वीकार करना और गाँधारी का पश्चताप करना" । इसका बडा ही मार्म...
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  December 18, 2014, 8:18 pm
शनि के नाम से ही हर व्यक्ति डरने लगता है। शनि की दशा एक बार शुरू हो जाए तो साढ़ेसात साल बाद ही पीछा छोड़ती है। लेकिन हनुमान भक्तों को शनि से डरने की तनिक भी जरूरत नहीं। शनि ने हनुमान को भी डराना चाहा लेकिन मुंह की खानी पड़ी आइए जानें कैसे...महान पराक्रमी हनुमान अमर हैं। पव...
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  December 18, 2014, 8:08 pm
यह अफ्रीकी लोककथा है । एक व्यक्ति उस इलाके का सबसे ज्ञानी मनुष्य था । सारा ज्ञान सिर्फ उसके पास था । सभी लोग उससे सलाह लेने आते थे । उसका मानना था कि उसके ज्ञान देने से ही वहां के लोग समझदार हो पा रहे है । इसी अंहकार में उसने सोचा कि मैं लोगो को बेवजह ज्ञान क्यों दूं । फिर ल...
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  December 18, 2014, 8:06 pm
जागरूक होकर हम कोई भी उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं। फिर हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं रह जाता..अध्यात्म विमुख होने का नहीं, बल्कि संपृक्त होने का संदेश देता है। वह चेतना को जगाने की बात करता है। अपनी चेतना को जाग्रत रख पाने के लिए ही यह मानव जीवन मिला है। हम उपलब्धियां भी ...
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  December 18, 2014, 8:03 pm
सत्संग का अर्थ लोग प्रवचन सुनना समझते हैं, लेकिन इसका अर्थ है अच्छे लोगों से मिलना, अच्छी पुस्तकेें पढ़ना, अच्छी बातें सोचना आदि। किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने का यह प्रवेश द्वार है।सत्संगत्वे निस्संगत्वं निस्संगत्वे निर्मोहत्वम।निर्मोहत्वे निश्चलतत्वं न...
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  December 18, 2014, 7:59 pm
एक व्यक्ति सड़क पर अपने घोड़े और कुत्ते के साथ घूम रहा था।  ये दोनों उसके पालतू पशु ही नही, बल्कि मित्र थे। अचानक बिजली गिरी और वे दुनिया को अलविदा कह गए। वे तीनों खुद को हल्का महसूस कर रहे थे, लेकिन गर्मी के कारण उन्हें जोरों की प्यास लग रही थी। तभी उन्हें एक संगमर...
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  December 18, 2014, 7:50 pm
बिहार के एक छोटे से नगर में लोहारो का परिवार रहता था । दिन के समय तो वह लोहे के औजार बनाने का काम करते थे परन्तु रात के समय वह सेंध लगाकर चोरी, डाके का धन्धा करते थे । वे परिवार में कुल आठ सदस्य थे और हर दूसरी रात दो या तीन व्यक्ति मिल कर बारी-बारी से चोरी करते थे ।   परिव...
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  December 18, 2014, 7:47 pm
संसार में प्रत्येक जीव अपनी-अपनी बुद्धि के अनुसार जीवन गुजारता है । यही जीवन ऊँ मनुष्यों के लिये बंधनकारक बन जाता है, जो यह नहीं समझते की यथार्थ रूप में जीवन जीने की क्या कला है या जीते जी मुक्ति कैसे प्राप्त हो ? ऐसे लोगो के लिये मृत्यु एक आतंक और भयत्रस्त बन जाती है । पर...
Thakur Manjeet Singh...
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  December 18, 2014, 7:40 pm
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