Hamarivani.com

भारतीय वास्तु शास्त्र

...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  September 15, 2016, 7:16 pm
जीवन के है बस तीन निशान रोटी, कपड़ा और मकान यानि की जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में मकान 33 प्रतिशत पर काबिज है। आदि मानव के सतत् सक्रिय मस्तिष्क की शाश्वत चिंतन प्रक्रियाओं के परिणाम स्वरूप ही विभिन्न प्रकार के विषयों में उसका दैनिक अनुभव जन्य ज्ञान दिनोंदिन परिष्कृत...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  March 20, 2013, 11:38 pm
चार दिशा में रोड़ चारदिशामेंरोड़हो, चारोंभुजासमान।कोणसभीसमकोणहो, सरलकोणसम्मान।।सरलकोणसम्मान, करजीवनभरआराम।घट-घटरहताराम, श्रीरामकरेसबकाम।।कह‘वाणी’ कविराज, सबकाजीवनदेमोड़।प्लाटऐसालेना, जिसकेहरदिशामेंरोड़।।शब्दार्थ :-समकोण = 900 डिग्रीकाकोण, सरलकोण = 1800 डिग्रीकाक...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  January 7, 2011, 8:17 pm
चार दिशा में रोड़ चारदिशामेंरोड़हो, चारोंभुजासमान।कोणसभीसमकोणहो, सरलकोणसम्मान।।सरलकोणसम्मान, करजीवनभरआराम।घट-घटरहताराम, श्रीरामकरेसबकाम।।कह‘वाणी’ कविराज, सबकाजीवनदेमोड़।प्लाटऐसालेना, जिसकेहरदिशामेंरोड़।।शब्दार्थ :-समकोण = 900 डिग्रीकाकोण, सरलकोण = 1800 डिग्रीकाक...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  December 31, 2010, 2:47 pm
दक्षिण रोड़ दक्षिण पथ की ओर तो, खडे़ भई यमराज ।आते-जाते जो रहो , लगे कभी आवाज ।।लगे कभी आवाज , आप पसन्द आजावे ।कर पल में बीमार, बिफोर टाइम बुलावे ।।कह ’वाणी’ कविराज, दुःख जावे पीछा छोड़ ।श्रेष्ठ कुल जन्म होय , रखले दक्षिण का रोड़ ।।शब्दार्थ :-यमराज = मृत्यु के देवता,बिफोर टाइम = ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  December 12, 2010, 12:29 pm
मेन रोड़ उत्तर रहे, उतरे कर्जा भार ।दिन त्यौहार से, भोगे साहूकार ।।भोगे साहूकार , बढ़ता धन-पारावार ।पुत्र होनहार, होवे विदेश व्यापार ।।कह ’वाणी’ कविराज, पूरा स्वर्ग आय उतर ।सौ-सौ साल , रखो भई रोड़ उत्तर ।।शब्दार्थ :-पारावार = समुद्र, होनहार = प्रतिभाशाली, = जीवित रहोभावार्थ :- ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  November 4, 2010, 11:38 am
पूरब-पश्चिम रोड़ हो , हो मर्दों की बात ।प्राणेश्वरियाँ प्राण दे, रखे आपकी बात ।।आपकी बात, बढ़े बुजुर्गों का मान ।मालपुआ खीर , वे दिन-भर चबाय पान ।।'वाणी' कविराज, जरा करले जोड़-तोड़ ।नाज करता समाज , रख पूरब-पश्चिम रोड़ ।।शब्दार्थ -:बुजुर्ग = वृद्धव्यक्ति, चबाय = चबाना,नाज = गर्व,भावा...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  November 4, 2010, 11:22 am
ईशान कहे रोड़ हो, सब सुख राम कहाय ।शांतिआययँूदौड़ती, पीटीऊषाआय।।पी.टी. ऊषाआय, मनप्रसन्नहोजावे।पत्नीबाटीलाय, मनलड्डूसमझखावे।।कह’वाणी’ कविराज, बातमानयामतमान।साँची-साँचीबात, यहबातकहेईशान।।शब्दार्थ :- अपीती ऊषा = भारतीय धाविका, ईशान = उत्तर-पूर्व भागभावार्थ :-भवन के ईश...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  October 29, 2010, 1:08 pm
सब सुख राम कहायईशान कहे रोड़ हो, सब सुख राम कहाय ।शांति आय यँू दौड़ती, पीटी ऊषा आय ।।पी.टी. ऊषा आय, मन प्रसन्न होजावे ।पत्नी बाटी लाय, मन लड्डू समझ खावे ।।कह ’वाणी’ कविराज, बात मान या मत मान ।साँची-साँची बात, यह बात कहे ईशान ।।शब्दार्थ ःपीटी ऊषा = भारतीय धाविका, ईशान = उत्तर-पूर...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  October 29, 2010, 12:46 pm
त्रिभुज जहाँ कहीं बने , समझ उसे त्रिशूल ।दिन-दिन भारी कष्ट दे , कभी न कर तू भूल ।।कभी न कर तू भूल, हो मुकदमा बिना बात।धन का होवे धूल, धूल उड़ेगी दिन-रात।।कह ‘वाणी’ कविराज, जेल जाय अग्रज-अनुज।बिताय चैदह साल, त्याग दे ऐसा त्रिभुज।।शब्दार्थ:त्रिशूल = तीनप्रकारकेकष्टएकसाथहोन...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  June 14, 2010, 9:26 am
भर्जा जेब जनाब की, जब प्लाट का विचार |सर्वश्रेष्ठ वह प्लाट है , जो हो वर्गाकार ।।जो हो वर्गाकार, नब्बे-नब्बे के कोण |विकर्ण रहे समान, ढ़ाल हो ईशान कोण ||कह `वाणी´ कविराज , चार पथ उतारे कर्जा ||नो पीढ़ी आराम ,स्वत: सब खुशियाँ भार्जाशब्दार्थ :विकर्ण = चतुभुज में समकोण के सामने की भु...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  June 6, 2010, 4:35 pm
तबलाजैसीभूजहाँ, हैपूरीबेकार।तुमसौदाकैंसलकरो, करकेतुरंततार।।करकेतुरंततार, जीभरबजाओताली।नहींतोवहीप्लाट, करदेयधनसेखाली।।कह 'वाणी' कविराज , सुनलेबाततूअबला।धंधापानीछूट, पतिबजाएगातबला।।शब्दार्थ:बेकार = व्यर्थ, कैंसल = निरस्त , अबला = औरत, तबला = एक प्रकार का वाद्य य...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 31, 2010, 3:34 pm
धनुषसरीखेप्लाटमें, चलेहृदयपरतीर।सबबांधवबैरीबने, आँसूबहायवीर।।आँसूबहायवीर, कोईनापूछेहाल।होयजिगरकाखून, रहेरोजआँखेंलाल।।कह‘वाणी’ कविराज, बनोतुमउसीसरीखे।याझटबेचोआप , प्लाटजोधनुषसरीखे।।शब्दार्थ:हृदय पर तीर = हार्दिक पीड़ा, बांधव = मित्र, बैरीशत्रु, उस सरीखे = उ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU PLOT
  May 27, 2010, 4:10 pm
धनुषसरीखेप्लाटमें, चलेहृदयपरतीर।सबबांधवबैरीबने, आँसूबहायवीर।।आँसूबहायवीर, कोईनापूछेहाल।होयजिगरकाखून, रहेरोजआँखेंलाल।।कह‘वाणी’ कविराज, बनोतुमउसीसरीखे।याझटबेचोआप , प्लाटजोधनुषसरीखे।।शब्दार्थ:हृदय पर तीर = हार्दिक पीड़ा, बांधव = मित्र, बैरीशत्रु, उस सरीखे = उ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 27, 2010, 4:10 pm
मीठी-मीठीभूजहाँ , गंधसुहानीदेय।सबसुखसुलभहोयवहाँ, कृपा-सिंधुसबदेय।।कृपा-सिंधुसबदेय, तोबढ़ेवंशधन-धान।सभीदेयसम्मान, कोर्ट-कचहरीमेंमान।।कह `वाणी´ कविराज, दु:ख-दर्दसबकेभागे।जायखरीदोप्लाट, भूजहाँमीठीलागे।।शब्दार्थ: मीठी लागे = मिट्टीका स्वाद मीठा लगना, भू = भूमि भा...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 18, 2010, 8:50 am
शूद्राभूमिउसेकहें , कालाहोवेरंग |कड़वा-कड़वास्वाददे , देवेमदिरा-गंध।।देवेमदिरा-गंध, ठीक-ठाकरहतेयोग |लोनलेलोभैया, लगालोएकउद्योग ||कह `वाणी´ कविराज , फिरभीबातनहींजमी।बनायवहाँश्मशान, त्यागोतुमशूद्राभूमि ||शब्दार्थ :मदिरा गंध = मदिरा जैसी बदबू आना, त्यागो = छोड़ दो, लोन = उ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 14, 2010, 6:47 pm
बने हाथ ऐसा कभी, ऊपर स्वास्तिक होय।पंच अंगुल तले रहे, कुछ ढोलक सा होय।।कुछ ढोलक सा होय, दे हाथ कर्म-सन्देश।पंच तत्व प्रतीक, यह रिद्धि-सिद्धि का देश।।कह `वाणी´ कविराज, अपने मेहमान आय।गौरीपीठीलेय, पीठ-पीठहाथबनाय।।शब्दार्थ : गौरी = समधी की पत्नी, पीठी = चावल हल्दी का घोल जो ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 10, 2010, 10:12 am
शूद्रा भूमि उसे कहें , काला होवे रंग |कड़वा-कड़वा स्वाद दे , देवे मदिरा-गंध ।।देवे मदिरा-गंध, ठीक-ठाक रहते योग |लोन लेलो भैया, लगालो एक उद्योग || कह `वाणी´ कविराज , फिर भी बात नहीं जमी ।बनायवहाँश्मशान, त्यागोतुमशूद्राभूमि ||शब्दार्थ :मदिरा गंध = मदिरा जैसी बदबू आना, त्यागो = छोड़ द...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 8, 2010, 3:49 pm
शूद्रा भूमि उसे कहें , काला होवे रंग |कड़वा-कड़वा स्वाद दे , देवे मदिरा-गंध ।।देवे मदिरा-गंध, ठीक-ठाक रहते योग |लोन लेलो भैया, लगालो एक उद्योग || कह `वाणी´ कविराज , फिर भी बात नहीं जमी ।बनायवहाँश्मशान, त्यागोतुमशूद्राभूमि ||शब्दार्थ :मदिरा गंध = मदिरा जैसी बदबू आना, त्यागो = छोड़ द...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  May 8, 2010, 3:49 pm
अग्नि कोण के रोड़अग्नि कोण के रोड़ में, घटे बैंक बेलेन्स ।घट-घट प्राणेश्वर घटे, वाईफ नाॅनसेन्स ।।वाईफ नाॅनसेन्स, फाइनल डिसिजन देवे ।पति की हो प्रजेन्स, कन्सल्ट कभी न लेवे ।।कह ’वाणी’ कविराज, रहे श्रीमानजी मौन ।लेय पत्नी क्रेडिट, रोड़ हो अग्नि कोण ।।शब्दार्थ: नाॅनसेन्स = ब...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :VASTU ROAD
  April 25, 2010, 8:15 pm
उत्तर-दक्षिण रोड़उत्तर-दक्षिण रोड़ का, फिफ्टी-फिफ्टी जान ।वहाँ सभी है मतलबी, बचाय अपनी जान ।।बचाय अपनी जान, पड़ते जान के लाले ।वर किचन देखे ना, वधू दुकान के ताले ।।कह ’वाणी’ कविराज, यूँ करो दुर्गा-शंकर ।अपने-अपने हाल, वे दक्षिण आप उत्तर ।।शब्दार्थ: फिफ्टी-फिफ्टी = आधा-आधा शु...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  April 15, 2010, 8:10 pm
रखलो रोड़ पूरबपूरब राखे रोड़ जो, रोड़ा मेटे रोड़।निरोग राखे आपको, धन देवेगा जोड़।।धन देवेगा जोड़, रख बिजली का सामान ।सोना-पीतल बेच, लाल कलर के सामान ।।कह ’वाणी’ कविराज, खुश राखे हमेशा रब ।निकले पूत सपूत, तुम रखलो रोड़ पूरब ।।शब्दार्थ:राखे = रखना, रोड़ा = बाधाएँ, मेटे = मिटाते हैं, र...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  April 11, 2010, 8:09 am
बना न बेचारा बीन्दडम-डम-डमडमरूबजे , भूडमरूआकार।जिसकाप्यारानामहै,करेनकोईप्यार।।करेनकोईप्यार, आँखमेंमोतियाबिन्द।नेत्रविकारऐसा , बनानबेचाराबीन्द।।कह’वाणी’ कविराज , कहआजमरूँकलमरूँ।नवजीवनतूपाय, बेचवहडम-डमडमरू।।शब्दार्थ: बीन्द = दूल्हाभावार्थ: डमरूजैसेभवनकेन...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  April 1, 2010, 2:13 pm
धन-धन थानेदारचन्द्र सरीखा सदन हो, धन मुश्किल से आय ।रहे न चार दिन वह तो, चोर-चोर ले जाय ।।चोर-चोर ले जाय , ना आवे थानेदार ।बहुत देर से आय , धन मांगे थानेदार ।।कह ’वाणी’ कविराज, ना देखा उस सरीखा ।धन-धन थानेदार ,जो सिंह चन्द्र सरीखा ।।शब्दार्थ: सदन = भवन, चन्द्र सरीखा = चन्द्रमा ...
भारतीय वास्तु शास्त्र...
amritwani.com
Tag :
  March 29, 2010, 10:23 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3693) कुल पोस्ट (169556)