Hamarivani.com

Journey

परिच्छेद - ९ (भाग -२)-----------------------------"उसकेकुछदिवसबीतजानेपर, मेघनादपत्रलेखासहितआयाऔरउसकोअंतः-कक्षअंदरलाया; औरजगहदूरसेहीनमस्कारकरचुकी, चंद्रापीड़नेस्मितसेप्रीतिप्रकाशितकी, औरउठकरअतिशयदर्शितआदरसहितपत्रलेखाकोआलिंगन-बद्धकरलिया; क्योंकियद्यपिस्वभावसेप्रिय...
Journey...
Tag :गद्य
  May 11, 2019, 5:08 pm
 बाप ------दिखता रूखा-सूखा, सख़्त-डाँटता, कदाचित सुस्त-अनावश्यक भीकभी भोला, विश्व-व्यवहारिकता से परे, अबल-असहाय सा कभी। कभी अन्य उसपर हँसते भी दिखते, उड़ाते लोग सादगी का व्यंग कभी किसी दबंग की खुशामद करता, कभी शेखी भी कमतर पर। कभी अर्धांगिनी से झगड़ता, कभी सं...
Journey...
Tag :चाहत
  May 4, 2019, 11:22 pm
परिच्छेद - ९ (भाग -१)----------------------------"गंधर्व-पार्थिवोंकोविदाकहकर, पूर्णहर्ष, उत्सुकतावविस्मय-पूरितउसनेअपनीसेना-मध्यअपनेकक्षमेंप्रवेशकिया; औरशेषराजसदोंकोप्रणामकरके, उसनेवैशम्पायनवपत्रलेखाकेसंगअधिकतरदिवसबिताया, कहतेहुए, 'महाश्वेतानेऐसाकहा, ऐसाकादम्बरीने, ऐसाम...
Journey...
Tag :गद्य
  April 20, 2019, 5:30 pm
दौर्बल्य-निवारण -------------------कैसे सिखाऐं-बढ़ाऐं, अधिकार अहसास, सीधा खड़ा होना सीखभाई लोग निपट मूढ़-दमित, कैसे हों दीप्त ओर चरण प्रसारित। प्राणी-स्वरूप किस साँचे में ढ़ला, परिवेश-मिट्टी में पल-बढ़ घड़ा जीने के तरीके, कहना-सुनना, व्यवहार करना वहीं से सीखा। परिष्कृतों क...
Journey...
Tag :आत्म-अभिव्यक्ति
  April 14, 2019, 8:02 pm
दौबल्य-निवारण -------------------कैसे सिखाऐं-बढ़ाऐं, अधिकार अहसास, सीधा खड़ा होना सीखभाई लोग निपट मूढ़-दमित, कैसे हों दीप्त ओर चरण प्रसारित। प्राणी-स्वरूप किस साँचे में ढ़ला, परिवेश-मिट्टी में पल-बढ़ घड़ा जीने के तरीके, कहना-सुनना, व्यवहार करना वहीं से सीखा। परिष्कृतों को न...
Journey...
Tag :आत्म-अभिव्यक्ति
  April 14, 2019, 8:02 pm
चिरंतन विवेचन-------------------एक स्वाभाविक सा प्रश्न आज मेरे मन में आया  शनै-२ आयु बढ़ रही, जीवन यूँ बीता जा रहा।   क्या जीवन मात्र है प्रातः-अपराह्न-निशा ही मध्यहम जीते इन क्षणों में ,जैसे यही है शाश्वत सत्य। कार्यालय में काम, सहकर्मियों से संवाद-विवाद  कुछ कहना, स...
Journey...
Tag :आत्म-चिंतन
  April 7, 2019, 12:05 am
परिच्छेद - ८ (भाग -२)----------------------------"उसकीविदाईपरचन्द्रापीड़किशोरियोंद्वाराअनुसरितहुआचलागया, जोउसकेविनोदहेतुकादम्बरीकेआदेशपरप्रतिहारीद्वाराभेजीगईथी, वीणावबाँसुरी, गायन-निपुण, पाँसेवचित्रकारीकीक्रीड़क, अनुभवीचित्रकारवश्लाघ्यकाव्यकेगवैयी; उसेपूर्व-परिचितकेयूर...
Journey...
Tag :गद्य
  March 30, 2019, 5:09 pm
Journey: लेखन-संस्मरण: लेखन-संस्मरण  -------------------- लेखन भी एक विचित्र विधा, बस बलात सा प्रारम्भ करना पड़ता  कलम-कागद लेकर बैठ जाओ, क्या निकलेगा किसी ......
Journey...
Tag :
  March 22, 2019, 10:39 pm
Journey: लेखन-संस्मरण: लेखन-संस्मरण  -------------------- लेखन भी एक विचित्र विधा, बस बलात सा प्रारम्भ करना पड़ता  कलम-कागद लेकर बैठ जाओ, क्या निकलेगा किसी ......
Journey...
Tag :
  March 22, 2019, 10:39 pm
Journey: लेखन-संस्मरण: लेखन-संस्मरण  -------------------- लेखन भी एक विचित्र विधा, बस बलात सा प्रारम्भ करना पड़ता  कलम-कागद लेकर बैठ जाओ, क्या निकलेगा किसी ......
Journey...
Tag :
  March 22, 2019, 10:39 pm
लेखन-संस्मरण --------------------लेखन भी एक विचित्र विधा, बस बलात सा प्रारम्भ करना पड़ता कलम-कागद लेकर बैठ जाओ, क्या निकलेगा किसी को न पता। यह भी मंदता का शिकार होता, स्वतः तो न सक्रिय, करना पड़ता मस्तिष्क को क्रियाशीलता में जोड़ना, एकांत में ही कुछ बन पड़ता। बस हिम्मत करके ...
Journey...
Tag :काव्य
  March 22, 2019, 10:38 pm
लेखन-संस्मरण --------------------लेखन भी एक विचित्र विधा, बस बलात सा प्रारम्भ करना पड़ता कलम-कागद लेकर बैठ जाओ, क्या निकलेगा किसी को न पता। यह भी मंदता का शिकार होता, स्वतः तो न सक्रिय, करना पड़ता मस्तिष्क को क्रियाशीलता में जोड़ना, एकांत में ही कुछ बन पड़ता। बस हिम्मत करके ...
Journey...
Tag :काव्य
  March 22, 2019, 10:38 pm
लेखन-संस्मरण --------------------लेखन भी एक विचित्र विधा, बस बलात सा प्रारम्भ करना पड़ता कलम-कागद लेकर बैठ जाओ, क्या निकलेगा किसी को न पता। यह भी मंदता का शिकार होता, स्वतः तो न सक्रिय, करना पड़ता मस्तिष्क को क्रियाशीलता में जोड़ना, एकांत में ही कुछ बन पड़ता। बस हिम्मत करके ...
Journey...
Tag :काव्य
  March 22, 2019, 10:38 pm
परिच्छेद - ८ (भाग -१)"सीधेसूर्यअस्तहोनाप्रारम्भहोगयाथा, जैसेवहमहाश्वेताकीकथासुननेपरकष्टसेदिवस-कर्त्तव्यत्यागरहाहो।तबदिवसधूमिलहोगया; ज्योतिर्मयलोहितलम्बितदिनकरजैसेपूर्ण-पुष्पणमेंप्रियंगु-कुञ्जकापराग; नभ-दिशाऐंसूर्यास्त-ज्योतिबिखेररहीथी, मृदुजैसेअन...
Journey...
Tag :पुरा-साहित्य
  March 9, 2019, 10:07 pm
श्रम-विचार--------------- हम किनके लिए काम कर रहें अपने या अन्यों के, या यूँ ही शरीरों को रहें थका  गधा-बैल-ऊँट-घोड़ा सारी वय मालिक हेतु भार ढ़ोते, बदले में पुण्य लब्ध कितना?क्या श्रम का जग में कुछ आदर है, भवन बनते ही मजदूर-मिस्त्री दिए जाते हटा फैक्ट्री में मजदूर दिन-र...
Journey...
Tag :काव्य
  March 3, 2019, 12:21 am
परिच्छेद -७ (भाग -२)-------------------------------"इसप्रकारकेवचनमैंनेकपिंजलद्वाराबोलतेसुने; औरजैसेहीमैंनेउनकोसुनामैंनेएकघोर-क्रंदनउच्चारणकिया, यद्यपिअभीबहुतदूरथा, जैसेकिमेराप्राण-पातहोगयाथा; औरमेराफटाकौशेयअंशुकजैसेकियहसरोवर  तीरद्वारालताओंसेउलझाहो, औरमेरेचरणबिनाकिसी...
Journey...
Tag :पुरा-साहित्य
  February 24, 2019, 4:47 pm
परिच्छेद– ७ (भाग -१)"यहतुम्हारीउपस्थितिमेंथाकिमैंनेपांडुरिककीकठोरभर्त्सनाकी, औरउससंबोधनपश्चातमैंनेउसेक्रोधमेंत्यागदियाऔरअपनेपुष्प-एकत्रणकेकार्यकोछोड़करअन्यस्थलचलागया।तुम्हारीविदाईपश्चात, मैंएकअल्प-कालहेतुविलगरहा, औरतबउत्सुकबनकरकिवहक्याकररहाथ...
Journey...
Tag :पुरा-साहित्य
  February 9, 2019, 8:31 pm
कबाड़ीवाला -----------------आ गया, कबाड़ीवाला आ गया, आपकी गली-द्वार, रूपए -पैसे लो,पुराना सामान लोहा-प्लास्टिक-बोतलें दो, बदले में रुपए पैसे लो। कुछ समय पूर्व गली में यह शोर लग रहा था, मैंने इसका वाहन भी देखा है एक पुराने छोटे चौपहिए पर ड्राइवर के सीट साथ लाऊड स्पीकर लगा है। पी...
Journey...
Tag :लोक-व्यवहार
  February 3, 2019, 12:35 am
परिच्छेद - ६ (भाग -२)"इनविचारोंसेप्रेरितमैंआगेबढ़ी, औरउसकेद्वितीय-तापसीसखाकेसमक्षनमनकरतेहुए, मैंनेपूछा : "उसकावंदनीयकाक्यानामहै ? वहकौनमुनि-पुत्रहै ? किसवृक्षसेयह (यष्टि) मालाबुनीगईहै ? क्योंकिअभीतकअज्ञात, इसकीसुवासवदुर्लभमाधुर्यमुझमेंमहदउत्सुकताउदितकर...
Journey...
Tag :पुरा - साहित्य
  January 26, 2019, 9:53 pm
परिच्छेद - ६ (भाग -१)कैलाश-समीरद्वाराअभिनंदित, वहउसस्थलीकीओरगयाजोचारोंओरद्रुमोंद्वाराआच्छादितथी, औरकैलाश-तीरकेचरणपरचंद्रप्रभानामकसरोवरकेवामतीरपर, जिसनेसमस्तक्षेत्रकोचंद्रिका-दीप्तिसेशुभ्रकररखाथा, उसकोशिवकारिक्तदेवालयदिखाईदिया।"जैसेहीउसनेमंदिरमें...
Journey...
Tag :पुरा - साहित्य
  January 19, 2019, 10:52 pm
परिच्छेद -५ (भाग -२)--------------------------"कुछदिवसपश्चातएकसुमंगलदिवस, एकसहस्र-मुखियोंसेघिरेमहाराजनेशुकनासकीसहायतासेअभिषेक-कलशकोऊपरउठाया, औरस्वयंअपनेपुत्रकोअभिषिक्तकिया, जबकिअन्यसंस्कारकुल-गुरु (पुरोहित) द्वारानियोजितकिएगए।अभिषेक-जलप्रत्येकपावनसर, सरितावसमुद्रसेल...
Journey...
Tag :पुरा - साहित्य
  January 13, 2019, 10:29 pm
परिच्छेद - ५  (भाग-१)  "जैसेअतएवदिवसगमनहुए, चंद्रापीड़कोयुवराजकेरूपमेंअभिषेककोउत्सुकमहाराजनेअंतःपुर-रक्षकोंकोइसकेहेतुसभीवस्तुऐंएकत्रणहेतुनियुक्तकिया; औरजबयहनिकटथा, कुमारकीमहिमा-वर्धनकेअभिलाषी, उतनीमहानजितनीपूर्ववतहीहै, शुकनासनेअपनीयात्राओंमेंसे...
Journey...
Tag :पुरा - साहित्य
  December 30, 2018, 11:29 pm
यक्ष-प्रश्न उत्तर ------------------मानव की क्या बुद्धिमता है, क्या समर्पित हो प्रदत्त कार्यों में रहे व्यस्तबस स्वामी-आदेश, कर्म ही अधिकार, अधिक अग्रिम-चेष्टा मत कर। जो काम दिए जाते निर्वाहार्थ, क्या वे ही हमारी व्यक्तित्व-पराकाष्टा  क्या प्रदत्त भृत्ति से न अग्र चर...
Journey...
Tag :काव्य
  December 23, 2018, 12:04 am
परिच्छेद – ४ (भाग -२)---------------------------औरजैसेकिचंद्रापीड़कालांतरमेंसभीसंस्कार-वृतोंसेगुजरा, उसकीशिखाबाँधनेकेलेकर, उसकाबाल्यकालबीतगया; औरअपकर्षण (अनन्यमनस्क) रोधहेतु, तारापीड़नेनगरकेबाहरएकज्ञान-प्रासादनिर्माणकराया, शिप्रानदीकेसाथअर्ध-क्रोशमेंफैला, एकहिमाद्रशिखर...
Journey...
Tag :पुरा-साहित्य
  December 15, 2018, 11:27 pm
परिच्छेद -  ४त्रिलोक-जन्मक (स्रष्टा, विधाता), पोषकऔरसंहारकमहाकालएवंप्रमथ-स्वामीद्वाराअपनानिवासबनाईजैसेकियहएकद्वितीयवसुंधराहीहो, सुवर्ण-युगकाएकआवास, पृथ्वीकामहानतमगौरवउज्जैयिनीनामकनगरहै।वहाँभास्करप्रतिदिनमहाकालकोश्रद्धा-सुमनचढ़ाताहैक्योंकिइसकेअश...
Journey...
Tag :पुरा-साहित्य
  December 1, 2018, 7:31 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3872) कुल पोस्ट (188640)