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Blog: मेघवाणी Meghvani

Blogger: Srikant Saurav
जब से गेनापुर जैसे पिछड़े गांव में मिनी बैंक यानी सीएसपी खुला था। सुभाष के बल्ले-बल्ले हो गए थे। मैट्रिक तक पढ़ा था। कम्प्यूटर चलाने की जानकारी भी थी। उसने सीएसपी की फ्रेंचाइज़ी ले ली। और पैसे की जमा-निकासी के साथ ही किसानों से जुड़े अन्य फ़ॉर्म भी भरने लगा। कम ही समय में भो... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   2:17pm 29 May 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
"ननकी ये ननकी, आंखि काहे नइखी खोलत रे बबुआ!", लालमती देवी ने बच्चे को दो-तीन बार झकझोरा। कोई सुगबुगाहट नहीं देख पति से बोली, "ये जी सुन$ तानी। ननकी के देखीं ना का भइल बा?"उपर वाले बर्थ पर लेटे पति ने भन्नाते हुए कहा, "ओह! बुझाता तु हमरा के सुते ना देबू। जब नींद लाग$ता बोलके जगा दे... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   8:28am 26 May 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
वर्ष 04 में ताड़ी के बखान पर केंद्रित एक भोजपुरी फ़िल्म का यह गाना काफ़ी हिट हुआ था। लिहाज़ा बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में ताड़ी का आज भी उतना ही क्रेज़ है। घूमते हुए कल एक गांव में गया था। उससे सटे ही एक विद्यालय है। जिसे क्वारेंटाइन केंद्र बनाया गया है। 100 से ज्यादा मजदूर उसम... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   4:30am 24 May 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
पानी वाला दूध! पतली दाल! मोटे चावल का भात! आलू की बेस्वाद झोलदार सब्जी! एक कमरे में जरूरत से ज़्यादा लोगों का ठूस-ठूसकर रहना! 100 से 150 लोगों के लिए महज़ दो-तीन शौचालय का होना! आधे से ज़्यादा लोगों का खुले में शौच के लिए जाना! और बेतरतीब ढंग से मास्क लगाए या गमछा से मुंह ढके मजदूरों ... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   12:09am 22 May 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
संस्मरण, भाग- 01) भगवान का शुक्र है कि फुल टाइमर पत्रकार नहीं बनासभी के जीवन में उम्र का एक ऐसा पड़ाव भी आता है। जब वह करियर के उस मुहाने पर खड़ा होता है। जहां तय करना होता है, कौन सा स्टैंड लें? हालांकि 20 प्रतिशत युवक मैट्रिक या इंटर के बाद ही अपना लक्ष्य तय कर लेते हैं। इसमें उ... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   5:08am 13 May 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
मां,गोड़ छूके गोड़ लाग$ तानी!पाता बा आजु 'मदर्स डे'ह! सभे केहु इयाद करता अपना माई के। अइसे हम भुलाइल कब रहनी ह तोहरा के। जे इयाद करती। हमनी के भले बिलाला निहर छोड़िके चली दिहलू। मने का बताई कि कब बिसरेलु। सभे ओरी त लउकबे करेलू। आम के आचार में! मकर सक्रंति के लाई-तिलुआ में! छठी घ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   6:25am 10 May 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
यदि आप एक अरसे के बाद शहर से गांव में आए हैं। लॉक डाउन में फंसे हैं। एंड्राइड पर फेसबुक, व्हाट्सएप्प, टिक टॉक, यूट्यूब के गाने, नेटफ्लिक्स या एमएक्स प्लेयर की वेब सीरीज देखकर उब चुके हैं। घर बैठे-बैठे तनाव की हद तक बोर हो रहे हैं। ऐसे में, हम यहीं सलाह देंगे कि थोड़ा आलस छोड़... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   9:52am 12 Apr 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
"मित्रो, इस कुम्भकर्णी सरकार की ईट से ईट बजा देंगे हम लोग। वेतनमान भीख नहीं, हमारा अधिकार है। और हम इसे लेकर रहेंगे!", यह कहते हुए जैसे ही टीईटी शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नेता रामायण ठाकुर ने शिक्षक एकता के नारे लगाए। वहां पर उपस्थित शिक्षकों की तालियों की गड़गड़ाहट तेज हो... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   8:48am 15 Feb 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
प्यारी सैंकी ,आज नौ फरवरी है। हिंदी के लास्ट परीक्षा के साथ हमारा आईएससी का एक्जाम बीत गया। अंगरेजी आ केमेस्ट्री तनि कमजोर गया है। मने चिंता की बात नहीं है। प्रैक्टिकल का नंबर बढ़ाने के लिए कॉलेज से मैनेज कर लिए हैं। मम्मी भी गांव के तीन पेड़ियां वाले जीन बाबा की भखौती भा... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   2:17am 11 Feb 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
पत्नी - "ए जी, सुनते हैं पमी के पापा! भेलेन्टाइन डे नियरा गया है। उस दिन फिलिम दिखाने ले चलिएगा न 'सिनेपोलिस'में?"ऑफिस के लिए तैयार होते पति - "तुम भी न एकदमे सठिया गई हो। छव बरिस हो गया बियाह हुए। बाल-बच्चेदार हो गई। मने..!"पत्नी - "त का बूढ़ा गए हैं हमलोग?"पति - "अब अपने बारे में कह स... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   5:51am 8 Feb 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
मोबाइल पर चंदू : "हैलो, चिंकी।"चिंकी : "हां, हैपी रोज डे!चंदू : "अरे वाह, सेम टू यू! विश करने के लिए पहिले हम फोन किए। आ उल्टे तुम्ही..! लेकिन तुम कैसे जानती हो?"चिंकी : तो का हम नहीं जानते हैं? आजु कवन फेस्टिबल है!"चंदू : "फेस्टिबल?"चिंकी : "और क्या? भले आप इंटर करे मोतिहारी चले गए। आ हम ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   5:46am 8 Feb 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
सरेह में दूर-दूर तक फैले खेतों में लहलहाते गेहूं के हरे-पौधे! उनके बीच में उगे पीले-पीले सरसों के फूल! आंखों को ग़ज़ब का सुकून दे रहे हैं। यूं कहें कि प्रेम आंनद बरसते महसूस हो रहा है। दिल को जवां करती फ़फ़नाकर बहती पछुआ ब्यार! तन के साथ मन को भी झुमाते हुए सिहरा रही है! माना कि ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   2:06am 6 Feb 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
भाग -1राजाराम पहाड़ की घाटियों के बीच बसा एक छोटा सा गांव, छेनीपुर। 'मधुआ'विधानसभा में आता है। शहर की सभ्यता से कोसों दूर। जिधर भी नज़र दौड़ाओ। उंचे, लंबे पहाड़, जिन पर कंटीली झार-झंखाड़ से लेकर छोटे-बड़े पेड़ ही पेड़ दिखते हैं। यहां के निवासियों का आम पेशा है, जंगल से शहद निकालकर, फ... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   9:47am 15 Jan 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
चुनाव का दिन क़रीब आ रहा था, जंगल, ज़मीन और रोज़गार के मुद्दे भरपूर उछाले जाने लगे। कई तरह के जुमले प्रचारित कर बाहरी-भीतरी की भावनाओं को जगाया गया जा रहा था। नतीजा सत्ता विरोधी वोट एकजुट होते दिखने लगा। विनायक भी टोले-टोले में घूम-घूमकर नुक्कड़ सभाएं करने लगा। 'टीयू'की पढ़ाई ... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   12:35pm 12 Jan 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
राजाराम पहाड़ की घाटियों के बीच बसा एक छोटा सा गांव, छेनीपुर। शहर की सभ्यता से कोसों दूर। जिधर भी नज़र दौड़ाओ। उंचे, लंबे पहाड़, जिन पर कंटीली झार-झंखाड़ से लेकर छोटे-बड़े पेड़ ही पेड़ दिखते हैं। यहां के निवासियों का आम पेशा है, जंगल से शहद निकालकर, फल तोड़कर, मछली पकड़कर नज़दीक के बा... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   5:03pm 9 Jan 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
बसंत आ गया। दिख रहा है, खेतों में फुलाए पीले-पीले सरसों की पंखुड़ियों में। अंगड़ाई लेते मटर, गेंहूं के हरिहराए पौधों में। महसूस हो रहा, फफनाकर बहती, प्री फगुनहट का अहसास कराती पछुआ ब्यार में। महक रहा है, खिले डहलिया, गेंदा, गुलाब, जूही के फूलों में। आम की डालियों के बीच आस्त... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   6:32am 6 Jan 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
मित्रो, अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक साल का पहला दिन था। आज पांच बजे ही नींद टूट गई। आदत के मुताबिक मोबाइल लेकर टीपने लगा। सोचा, दो घण्टे पहले जगा हूं। क्यों नहीं, कोई फिल्म देख ली जाए। नेटफ्लिक्स खोला। बॉलीवुड की पुरानी मूवी खंगलाते हुए 'ताल'पर नजर ठहर गई। सहसा फ्लैश बै... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   6:29am 6 Jan 2020 #
Blogger: Srikant Saurav
मोतिहारी। मजबूरी का नाम भले ही महात्मा गांधी हों या ना हों। लेकिन संघर्ष का दूसरा नाम शर्मा जी जरूर हो सकते हैं। एक रोज रिपोर्टिंग को लेकर घूमते समय इनसे हरसिद्धि के भादा पुल के पास मुलाकात हो गई। औपचारिक बातचीत में इन्होंने जो आपबीती सुनाई, लगा उसकी खबर जरूर बननी चाह... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   2:59am 1 Jan 2019 #
Blogger: Srikant Saurav
डियर पिरिति,हैपी न्यू ईयर। आज 31 दिसम्बर है। नया साल 19 से ठीक एक दिन पहले सन्देश भेज रहा हूं। तोहरा व्हाट्सअप पर। मामा जी का लावा मोबाइल घर पर छूट गया था। उसी में आइडिया का सिम लगाकर 25 का 2G नेट पैक डाला हूं। हमें मैसेज भेजने का मूड नहीं था। बुझते हैं, तुमको आछा नहीं लगेगा। मन... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   10:37am 31 Dec 2018 #
Blogger: Srikant Saurav
************************* (1.)  'हेल्लो, कवन बोल रहे हैं उधर से? मिस कॉल आया है आपका मेरे नम्बर पर।'मोबाइल पर अंजान नंबर से आए मिस काल को देख फोन लगा प्रीतम ने पूछा।'जी, सॉरी। गलती से लग गया था आप पर। ऊ त हम अपना मौसी के यहां परसा फोन लगाए थे।''त एमे सॉरी के कवन बात है। कबो-कबो गलती से आछा काम हो ज... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   4:33am 28 Feb 2016 #
Blogger: Srikant Saurav
येलड़की सुनो, साहब के साथ जाएगी क्या? उस सुनसान अंधेरी रात में सड़क के किनारे अचानक से एक आभासी छाया को देख ड्राइवर ने गाड़ी धीमे कर दी. और यही शब्द उसकी ओर देखते हुए उसने कहा था. हालांकि उस घुप अंधियारे में कुछ सूझ तो नहीं रहा था. कुछ देर के अंतराल पर गाडियां आतीं भी तो तेज रफ्... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   8:46am 17 Jul 2014 #
Blogger: Srikant Saurav
जानेवह कौन सी घड़ी और... क्या खासियत लगी होगी इस जगह में. जब देवों के देव महादेव ने यहां बसने का फैसला किया होगा. आज दुनिया इसे अरेराज के सोमेश्वर धाम के नाम से जानती है. जहां सालों भर बोल बम की जयकारा से आस्था की बूंदें छलकते रहती हैं. पड़ोसी होने के कारण बचपन से ही यहां आना जा... Read more
clicks 286 View   Vote 0 Like   10:14am 13 Jul 2014 #
Blogger: Srikant Saurav
बिहारके पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी से 36 किमी दक्षिण-पश्चिम में बसी है एक छोटी सी पंचायत, पिपरा. गंडक (नारायणी) नदी के बांध से सटे कछार में बसा यह गांव, प्राकृतिक दृश्यों के लिहाज से बिहार के मैदानी इलाके में स्थित किसी भी गांव से ख़ूबसूरत और उसी के अनुरुप पिछ... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   7:13am 24 Mar 2014 #
Blogger: Srikant Saurav
“इतिहासहमें सिखाता है कि किसी देश को बर्बाद करना है तो सबसे पहले वहां की मातृभाषा को नष्ट कर दो. शायद जर्मनी, चीन, फ्रांस व जापान के लोग इस हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ थे. इसलिए उन्होंने अपनी मातृभाषा को मरने नहीं दिया. मातृभाषा का मतलब महज कुछ शब्द भर नहीं, यह हमारी पहचान, हम... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   12:39pm 14 Mar 2014 #
Blogger: Srikant Saurav
“इतिहासहमें सिखाता है कि किसी देश को बर्बाद करना है तो सबसे पहले वहां की मातृभाषा को नष्ट कर दो. शायद जर्मनी, चीन, फ्रांस व जापान के लोग इस हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ थे. इसलिए उन्होंने अपनी मातृभाषा को मरने नहीं दिया. मातृभाषा का मतलब महज कुछ शब्द भर नहीं, यह हमारी पहचान, हम... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   12:39pm 14 Mar 2014 #
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