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ललितपुरः चारदीवारी में कैद की गईं प्राचीन मूर्तियांललितपुर के देवगढ़ में दशावतार मं‌दिर में प्रतिमा।उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसा ललितपुर जनपद यूं तो छोटा है। लेकिन अपने नाम की तरह ही यह अपने अंदर अथाह खूबसूरती समेटे है। यहां प्राकृतिक सुंदरता सितंबर में खिलकर पहा...
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  September 2, 2016, 7:58 pm
500 अंग्रेज सैनिकों को एक साथ मारने वाले वीर बुद्धा की कहानी...वो विकलांग थाग़ज़्ज़ब वफादार थाराजा की गद्दी का चौकीदार थाचिरगांव की सेना का सिपहसालार थाउसे अंग्रेजों से खुन्नस थीपर जंग में भिड़ने की मन्नत थीझांसी से बड़ी मुहब्बत थीपर किस्मत अभी न सवरनी थीहोते करते दिन गुजर...
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  August 15, 2016, 12:39 pm
अंग्रेजों के खिलाफ दिया 'न देंगे पाई न देंगे भाई'का नारा Make Money Online : http://ow.ly/KNICZअंग्रेजों  ने युद्ध्‍ा के बाद चिरगांव नरेश्‍ा राजा बख्‍ात सिंह के राजमहल काो ध्‍वस्‍त कर ‌दिया। ख्‍ांडहर पड़ा महल। अंग्रेजों से आजादी पाने के लिए और उनकी नीतियों के विरोध का बिगुल 1840 में ही बुं...
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  August 15, 2016, 1:53 am
आजादी की अलख जगाने झांसी के टोड़ी गांव आए थे सुभाष देश के अमर सपूतों में झांसी जनपद के वीरों का नाम हमेशा के लिए दर्ज है। यहां के गरौठा तहसील का सिमरधा गांव अंग्रेजों का विरोध करने के लिए इतिहास में दर्ज है। द्वितीय विश्व युद्घ के दौरान जब अंग्रेजों ने युद्ध लड़ने के लि...
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  August 15, 2016, 1:37 am
 झांसी आए थे सुभाष्‍ा चंद्र बोसदेश की आजादी में झांसी जनपद का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यहां के लोगों ने 1857 के संग्राम में बढ़चढ़ कर भाग लिया। स्वंतंत्रता आंदोलन की अगुवा रही झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को यहां के लोग देवी के समान पूजते हैं। रानी के आह्वान पर य...
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  August 13, 2016, 8:41 pm
मेरे अब तक के जीवन के आधार मेरे पिता रहे हैं वरना मैं कब की टूट कर बिखर चुकी होती। मेरा बचपन एरच में बीता, मेरे तीन भाई हैं। मेरे पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन्होंने मुझे पढ़ाया। मेरे सपने पूरे करने की आजादी दी।इंटर तक की शिक्षा गांव में पूरी की, आगे क...
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  June 18, 2015, 1:47 am
क्या आपका अभी तक कुछ गुम हुआ है? फॉर एग्जांपल, दिल, पैसे, मोबाइल, मार्कशीट या रूम, अलमारी, ऑफिस, ड्रॉर की चाबी। और इनमें से किसके गुम होने का सबसे ज्यादा अफसोस हुआ या होता है?यही सवाल मैनें अपने एक मित्र महोदय से किया। आंसर के तौर पर वे तपाक से बोले दिल गुम हुआ है, जो आज तक नह...
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  May 24, 2015, 6:32 pm
डिब्बे का दर्दतुम्हारे जाने के बाद से हीखुद को डिब्बा बना लियाउस डिब्बे में रखकर यादें सारीमैंने खुद को डुबो लियाअधूरा खत लगता है सबइसकी स्याही खुद को बना दियाबारिश में चलता हूं जब-जबतुझमें तब-तब खुद को घुला दियाबूंदे तो पसंद थी बेपनाह तुझेमैने बारिश में घर बना लिया...
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  April 12, 2014, 3:25 pm
 तुमसे मिलने की आस मेंबात ज्यादा पुरानी नहीं है। कानपुर में बाकी सब की तरह मैं भी पड़ाई और सलीके से जिंदगी जीना सीख रहा हूं। जब भी फु र्सत मिलती है तो यहां की रंगीनियों को करीब से देखने का मौका नहीं छोड़ता। दोस्तों के साथ कम अकसर अकेला ही बड़ा चौराहा पर स्थित जेड स्क्वायर ...
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  April 6, 2014, 5:55 pm
चुनावी महासमर में नई पारीइस बार के लोकसभा चुनावों में नए उम्मीदवारों का बोलबाला भी कम नहीं होगा। कई नए उम्मीदवार तो जनता के लिए भी नए ही हैं और उनका करिअर ग्राफ भी राजनीति के सबक को ज्यादा गहरा नहीं दिखाता। फिर भी वे अपनी लोकप्रियता के बल पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों...
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  March 25, 2014, 4:24 pm
उसे बंदूक से प्यार थाउसमें भरे तांबे के छर्रों से प्यार थाकट्टे के ठट्ठे से प्यार थाउसकी वफा पे एतबार था अहले वतन से प्यार था हरियाले खेतों-सूखे खलिहानों से प्यार थासोंधी मिट्टी से दुलार थास्कूल की छुट्टी से प्यार थाउसे इज्जत से प्यार थासितारे हिंद से करार थाउसे गैर...
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  March 23, 2014, 3:54 pm
प्रतिष्ठित अखबार मे प्रकाशितबदलती आकृतियांकोहरे में आकृतियां बन रही हैंछिप रही हैं बदमाशियांकब तक छिपेंगी कहना मुश्किलशायद तब तक जब तक लहू गर्म न होसर्द सम्मोहन शुरु हो चुका हैकिसी जादूगर के बोले गए मंत्र के समानजिसके बाद सब बदल जाता हैकुछ वैसा नहीं रहता जैसा कुछ ...
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  March 14, 2014, 2:27 pm
नानी और उनका घरवो अकेला ऐसा घर होता था, जहां कुछ भी उल्टा करो सब सीधा हो जाता था। उस घर को ही तो नानी का घर कहा जाता है। कई साल गुजर गए वहां गए हुए। बचपन में बिताए गए उन लम्हों की बारिश आज भी मन के आंगन को बिना इजाजत लिए भिगोकर चली जाती है।  कानपुर शहर से तकरीबन चालीस किलोमी...
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  March 12, 2014, 6:41 pm
'महा-मास्टरनी'उसे दुनियादारी नहीं पता थी मौत का मर्सिया पढ़ना उसे नहीं आता थालेकिन वक्त ने उसको सिखा दिया सबकुछवह भी जो उसे आता था और वह भी जिससे उसका साबका न था उन दिनों उस पर वो सब गुजरा जो उसे कभी कुबूल न थाये जालिम वक्तशिला के भी टुकड़े कर देता हैऔर पानी के वजूद को भी मटम...
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  March 8, 2014, 3:51 pm
शब्द सागरशब्दों के सागर में नाव डाल रखी हैदुम दबाए बैठना सिखाया गया नहीं कभीअब हाथ पैर तो मारने ही हैंक्योंकि रुकना इस समंदर मेंमौत को आमंत्रण होगाअब चीर कर नीर को आगे बढ़ना हैहों झंझावात चाहे जितने इसीलिए शब्दों के शिखर की तलाश जारी हैइस जहां में सिरमौर बनने की खातिर....
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  March 5, 2014, 5:26 pm
'बरेली’ यात्रा और 'मैं’यात्रा की शुरूआत हमेशा कौतूहल, उत्सुकता और रोमांच के साथ होती है। लेकिन इसका अंत थकान, नीरसता और उदासी के साथ होता है। इस मसले पर मेरे साथ कुछ उलटा था। कल ही यूपी के खूबसूरत और दिलफेंक शहर 'बरेली'की यात्रा पर जाना हुआ। कभी-कभी आपको पता नहीं होता कि...
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  March 2, 2014, 6:13 pm
वक्त का पहियारुक जाओ कहां जा रहे हो तुमतुम्हें फिक्र नहीं पीछे चल रहे इस विषैले वातावरण कीजिसमें तुम घुलने वाले होबात को समझोसमझ गए तो वा..वानहीं तो जा..जायही होगा बाद मेंजहां तुम जा रहे हो शायद वहांतुम्हें वो न मिल पाए जिसे तुमने छोड़ दिया था गवां दिया थाबर्बाद कर दिया ...
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  February 25, 2014, 3:57 pm
इंतजार कॉफी का पार्ट टू.................................उस दिन फिर किसी काम में तबियत न लगी विजेंद्र की। कब दिन के सारे काम खत्म किए, कब खाना खाया, कब रात के कपड़े बदले और कब बिस्तर में समा गया। वक्त का हिसाग-किताब बाकी दिनों की तरह अब उसके पास न था।अब उसे कमरे की से झूलता सालों पुराना पंखा नया-...
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  February 12, 2014, 6:09 pm
 अमर रहे गणतंत्र हमारा....देश के जुझारू क्रांतिकारियों, देशभक्ति से ओतप्रोत लोगों की अथाह मेहनत व बलिदान के बाद भारत 15 अगस्त सन् 1947 को आजाद हो सका। आजादी के बाद देश को सुचारू ढंग से चलाने के लिए संविधान निर्माण की जरूरत महसूस की गई। संविधान निर्माण के लिए 211 विशेषज्ञों क...
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  January 26, 2014, 1:18 pm
एक था जुझारू 'नेता’यूं तो देश ने कई महान रणबांकुरों को जन्म दिया। लेकिन इन रणबांकुरों में से एक था जुझारू , लगनशील, कभी न हार मानने वाला दयावाल सुभाष चंद्र बोस। नेता जी सुभाष चंद्र का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा में कटक के एक खुशहाल बंगाली परिवार में हुआ था। बोस के पिता का नाम ...
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  January 23, 2014, 7:27 pm
उड़िया साहित्य का सेनापतिओड़िसा आधुनिक साहित्य में फकीर मोहन सेनापति 'कथा-सम्राट्’ के रूप में आज भी प्रसिद्ध हैं। भारतीय साहित्य खासकर कहानी एवं उपन्यास रचना में उनकी विशिष्ट पहचान रही है। फकीर मोहन सेनापति का जन्म ओडिèशा के बालेश्वर जिले के मल्लिकाशपुर गांव में, 13 ...
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  January 14, 2014, 6:02 pm
कॉलेज के धरातल पर उछलती नए जमाने की प्रेमकहानी                                                     साधना अग्रवाल/रिजवान खानमूवी : यारियांप्रोड्यूसर : भूषण कुमार, कृष्ण कुमार डाइरेक्टर : दिव्या खोसला क...
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  January 11, 2014, 3:39 pm
                    अम्मी की खातिर आकाश समेटने चला हू तब भी तो तू नहीं मानतीमै नहीं चाहता ऐसी छत जिसमें ढका हो तेरा आंगन या सपनेकैसे भूल सकता हूं सजदे में झुका तेरा सिरआंगन में सुलगती हुई अगरबत्तीऔर नैनों से पिघलता हिमखंडआँखें सूजती हैं म...
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  January 7, 2014, 7:47 pm
धर्म केे मानसपटल पर चलती कहानीफिल्म : महाभारतनिर्माता : जयंतीलाल गदा, कुाल गदा, धवल गदा निर्देशक : अमान खानअभिनय : अमिताभ बच्चन, सन्नी देओल, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, मनोज वाजपेयी, अजय देवगन, अनुपम खेर, विद्या वालनसंगीत : राजेन्द्रअवधि : 125 मिनटरेटिंग : 3. 1/2 स्टार वेद व्यास द्बा...
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  January 2, 2014, 7:24 pm
                            देश के प्रतिष्ठित अख़बार मेंप्रकाशित हो चुका लेखविलुप्त हो रहे प्रकृति के प्रहरीप्रकृति के प्रहरी माने जाने वाले जीव आज मनुष्य की गलतियों का खामियाजा अपने अस्तित्व को गंवाकर भुगत रहे हैं। दुनियाभर में फैली खूबसूरत और खतरनाक जीव...
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  December 31, 2013, 3:50 pm
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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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