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khuch bhikhri yaden --कुछ बिखरी यादें : View Blog Posts
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khuch bhikhri yaden --कुछ बिखरी यादें

प्रिय कुमुदनी,आशा करता हूँ कि ये पत्र तुम तक जरुर पहुँचेगा , तुम इसे मेरी ओर से क्षमा याचना मान लेना | बचपन से लेकर आज तक गलतियों से सीखता आया हूँ , आज भी सीख रहा हूँ , कल भी सीखूंगा | कैसे भूल सकता हूँ , बचपन की अपने गाँव की वो अठखेलियाँ, उन रंग बिरंगी तितलियों के साथ जो मेरे घर ...
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  September 24, 2016, 2:28 pm
 उपसंहारहर एक कहानी उपसंहार पर ही ख़त्म होती है भले ही कहानी का अंत दुखद हो या सुखद | लेकिन जब कहानी तुम से शुरू होकर आप पर ख़त्म हो रही हो तो सिर्फ उस कहानी के लेखक को ही ये अंदाजा हो सकता है कि कहानी का प्रतिफल क्या है ? कहानी की परिणति क्या है ? कहानी के नायक नायिका भी उसका अ...
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  January 12, 2016, 10:44 pm
हाँ संवेदनाहीन हूँ मैंहाँ संवेदनाहीन हूँ मैंकितनाशायद इतना कि याद नही है मुझकोकब सिसकियों नेमांगी थी पनाहआखिरी बार मुझसे |ना याद है शायदवो रुंधा हुआ गलाना आंख से गुजराया ठहरा हुआकोई आखिरी आंशू |शायद संवेदनाहीन हूँ मैंहाँ सच है ये भीना रोया था तबजब खोया थाकिसी अपन...
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  January 12, 2016, 12:47 am
हमारे कालेज के साथ के हमारे एक मित्र है शर्मा जी जाति के ब्राह्मण एक दम टिपिकल ब्राह्मण बस जनेऊ, शिखा और रुद्राक्ष धारण नही करते| प्राइवेट कालेज से पढाई करी इंजीनियरिंग की ,और अभी नौकरी कर रहे है राजस्थान सरकार की| यही राजस्थान के सिरोही जिले में बिजली विभाग में कनिष्ठ ...
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  August 20, 2015, 7:53 pm
अपनापन“छोटू ये चाकलेट आपके लिए और स्वीटी ये आपके लिए , ये टेनिस किट आप के लिए ” अपने बैग से सारा सामान राज ने निकाल कर बच्चों में बाँट दिया था | “अगर आप जैसे कुछ लोग और हो तो समाज में वास्तव में बदलाव आ सकता है” तभी अपनालय की संरक्षिका मालती  ने  राज को बच्चो के बीच  खेल...
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  February 11, 2014, 10:54 pm
मैं तेरा हूँ आज भी.....बहुत से ख्वाब मैंनेटूटते बिखरते देखे हैइन आँखों से तुम भी एक हिस्सा हो उसी में से किसी एक कान चाह कर भी ये कड़ी टूट सी गयी थी घडी की सुइयां और रातें भीहमसे रूठ सी गयी थी न बदनीयत था मैं न मेरी ऑंखें न मेरी बातें हाँ बदहवास था मै, मेरे जज्बात म...
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Tag :LIFE
  January 30, 2014, 11:27 am
तुम्हारा सवाल कौधता है जेहन में मेरे...तब से जब सेपूछा था तुमने 'क्या तुम कविता करते हो..'तब जवाब नही था पास मेरे निशब्द था मै मौन था मैंअपनी भावनाओ की तरह पर आज कहता हूँ शब्द शब्द को चुनता हूँ...मैं नाम से तेरे................हाँ मै कविता करता हूँ..बस इंतजार में तेरे....हाँ मैं ...
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  January 29, 2014, 6:21 pm
  मेरी डायरी के अवशेषमेरे ओंठों को खबर नहीदिल में गम हजार रहते है...तुमने देखा है बस हँसतें हुए चेहरे कोआंख तो नाम बेहिसाब रहते है..!!!!कदम लडखडा ही जाते जब आप याद आते है..,हम चलते है खुद को सम्हाल करवो तो बस जब आप साथ रहते थे...!!!मयखाने में गूंजते है अल्फाज सबके मदहोश रहकर भ...
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Tag :LIFE
  January 16, 2014, 1:06 pm
      लहरवर्ष २०१२ अक्टूबर महीना स्थान जैमपोर बीच दमन | कुछ लोग  आ रहे थे अपना और अपने साथी का नाम लिखते उनका मानना था की पानी की आती  जाती  लहर  के साथ अगर उनका नाम नही मिटता तो उनका रिश्ता स्थायी और LONGLASTING होता है ...मैंने कुछ लिखा था |"मैने रेत पर लिखा था तेरा नामवो ...
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Tag :LOVE
  January 15, 2014, 9:19 pm
            उपसंहार हर एक कहानी उपसंहार पर ही ख़त्म होती है भले ही कहानी का अंत दुखद हो या सुखद | लेकिन जब कहानी तुम से शुरू होकर आप पर ख़त्म हो रही हो तो सिर्फ उस कहानी के लेखक को ही ये अंदाजा हो सकता है कि कहानी का प्रतिफल क्या है ? कहानी कि परिणति क्या है ? कहानी के नायक ...
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Tag :LOVE
  January 14, 2014, 2:51 am
इश्क तुमने हर सलीके भूल रखे हैं.....लग रहा है तूने भी सियासत से नाते जोड़ रखे है....!!!!!!!!!!...
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  January 13, 2014, 2:54 am
ए खुदा इस महफ़िल को कुछ यु ही गुलजार रखना...न अता कर सको रौशन दुपहरी ,तो समां से रौसन ये रात रखना!!!!!!! अभी देखी है दुनिया ने मेरे कदमो की हलचल................ वक्त आने दो मेरा ख्याल -ए-अजमात रखना !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! ...
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  April 6, 2011, 9:52 pm
एक दोस्त ने काफ़िर शब्द पर लिखा है उनका कुछ जवाब हैतखल्लुस में क्या रखा है ??????????????कोई तुम्हे काफ़िर कहे या कहे शैतानजब कोई परिंदा मोह्हबत के पर संग उड़ने लगे जन लेना काफ़िर कहता है उसे सारा जहाँ ........................
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  January 11, 2011, 2:22 pm
जिंदगी उल्फतो से भरी ,पर हर पल निराश नहीं होतीहम वो है.............जिसे, हर खूबसूरती से प्यार की दरकार नही होतीआप की मासूमियत कुछ खास है ,जो हम अपना दिल हार बैठे वर्ना मोहब्बत के अरमानो संग हर पल तेरी याद नही होती ...........................................
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  October 14, 2010, 3:59 pm
पथरीले पथ पर चलते चलते ,पांवो ने सीख लियाजीवन पथ पर गिरते गिरते, राही ने मंजिल जीत लियासंग्राम ज़माने का था, या युद्ध हमारे दिल काहर विपदा से लडते लडते ,बांहों ने लड़ना सीख लिया...
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  October 12, 2010, 5:32 pm
हम तो अपने दर्द के फ़साने पढते थे ; शायद ही कभी इश्क की चर्चा करते थे; किसी की मुस्कराहटो का कुछ हुआ असर ऐसा ; कि अब तो सिर्फ परवाने इश्क ही गाते नजर आने लगे............................
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  September 22, 2010, 5:25 pm
तुम कहते हो की हम हिन्दू मुस्लिम भेद करते है ;जरा नजर उठाओ धर्म के ठेकेदारों ;हम कुरानवो वेद पढ़ते हैये साम्प्रदायिकता तुम नेताओ के चोचले हैहम तो दीवाली में अली ;रमजान में राम देखते है...
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  September 22, 2010, 5:19 pm
इश्क की गलियों की सर फरमाइए ;वक्त की कमी का मत ख्याल कीजिये;जीने के लिए तो वक्त तो बुत है जनाब ;बस जनाजे से पहले सेहरे का इंतजाम कीजिये ....................
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  September 22, 2010, 4:57 pm
लोग कहते है कि माजी* इतिहास बनता है।लेकिन हम कहते है कि मेरा माजी प्रेरणा और एक आश बनता है॥*माजी का तत्पर्य है बीता हुआ कल...
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  November 12, 2009, 3:01 am
"भारत "का शाब्दिक अर्थ होता है भा से रत यानि प्रकाशवान या चमक से परिपूर्ण।किँतु आज चमक विलुप्त हो रही है हम कहाँ जा रहे है ये प्रश्न आज विचारणीय है,आज का युवा ध्रूमपान ,अन्य वस्तुओँ से इस प्रकार लिप्सित है कि वो जब स्वयं के बारे मे नही सोँच पा रहा है तो इस राष्ट्र या समाज क...
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Tag :
  September 17, 2009, 2:06 pm
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