POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: शीराज़ा [Shiraza]

Blogger: Himkar Shyam
लिख रहे कैसी कहानी मुल्क में कर रहे जो हुक्मरानी मुल्क में क़द्र खोती ये सियासत देखिए आम होती बदजुबानी मुल्क में मुफ़लिसी, बेरोजगारी बढ़ रही रक़्स करती ख़ुश-गुमानी मुल्क में अब भरोसा उठ गया है न्याय से हाए इकतर्फ़ा बयानी मुल्क में ख़ौफ़  का माहौल ऐसा बन गया अब न होती हक़ बयानी... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   1:53pm 22 May 2019
Blogger: Himkar Shyam
मूर्ख बने तो क्या हुआ, रखिए खुद को कूल। हँसे-हँसाएँ आप हम, डे हैअप्रैल फूल।। मूर्ख दिवस तो एक दिन, बनते हम सब रोज।  मूर्खों की इस भीड़ में, महामूर्ख की खोज।।  मूर्ख बना कर लोक को, मौज करे ये तंत्र ।।  धोखा, झूठ, फ़रेब, छल, नेताओं के मंत्र।। © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभा... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   4:53pm 1 Apr 2019
Blogger: Himkar Shyam
                   जोगीरा सारा रा रा रा-2       [होली के कुछ  रंग, हास्य-व्यंग के संग] 16. जुड़ता कुनबा देखते, रघुवर हैं बेचैन       अरसे से हेमंत की, सत्ता पर है नैन       जोगीरा सारा रा रा रा 17. काशी क्योटो बन रही, बदला अस्सी घाट       कॉरिडोर के नाम पर, खड़ी हो रही खाट       जोगीरा सारा रा रा रा 18. दि... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   10:50am 21 Mar 2019
Blogger: Himkar Shyam
जोगीरा सारा रा रा रा-1 [होली के कुछ  रंग, हास्य-व्यंग के संग] 1. घर-घर मोदी की जगह, मैं भी चौकीदार     नारा लाया फिर नया, जुमलों का सरदार     जोगीरा सारा रा रा रा 2. राफेल डील केस में, उलझी है सरकार      फाइल चोरी हो गई, सोया चौकीदार     जोगीरा सारा रा रा रा 3. हाथी सहचर साइकिल, लालटेन क... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   7:37pm 20 Mar 2019
Blogger: Himkar Shyam
निराकार-साकार शिव, शिव में नहीं विकार। सृष्टि और संहार शिव, शिव ही पालनहार।। बाघ छाल का वस्त्र है, ग्रीवा में मुंडमाल। बसे हलाहल कंठ में, सोम सुशोभित भाल।। डमरू शिव के हाथ में, बहे शीश से गंग। अंगराग शव भस्म है, लिपटा गले भुजंग।। बाम भाग में पार्वती, बैठे नन्दी द्वार।... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   5:42pm 4 Mar 2019
Blogger: Himkar Shyam
घाटी में षड्यंत्र से, दहला हिंदुस्तान  सहमे पेड़ चिनार के, जन्नत लहूलुहान बिना युध्द मारे गये, अपने सैनिक वीर  आहत पूरा देश है, हृदय-हृदय में पीर पत्नी बेसुध है पड़ी,बच्चा करे विलाप अम्मा छाती पीटती, मौन खड़ा है बाप रक्त वर्ण झेलम हुई, क्षत-विक्षत है लाश कितनी गहरी वेदना, फफ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   9:03am 23 Feb 2019
Blogger: Himkar Shyam
हिज्र  की रात तो ढली ही नहीं वस्ल की  आरज़ू गई ही नहीं मेरे दिल में थी बस तेरी चाहत आरजू  और कोई थी  ही नहीं मैंने तुझको  कहाँ  नहीं  ढूँढा यार तेरी ख़बर मिली ही नहीं इश्क़ से थी हयात में लज़्ज़त ज़िन्दगी बाद तेरे जी ही नहीं मिन्नतें इल्तिज़ा  न कम की थी बात लेकिन कभी सुनी ही... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   1:06pm 14 Feb 2019
Blogger: Himkar Shyam
पद्मासिनि वागीश्वरी, श्वेत चतुर्भुज रूप पुस्तक वीणा हाथ मे, बुद्धि ज्ञान प्रतिरूप प्राणी को वाणी मिली, सुन वीणा की नाद मौन सृष्टि करने लगी, आपस में संवाद © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभार) - ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   6:05pm 11 Feb 2019
Blogger: Himkar Shyam
वो हया,वो हिजाब की बातें उसके हुस्नो शबाब की बातें बाग में जो निखार लाया था याद है उस गुलाब की बातें          © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभार) ... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   6:00pm 7 Feb 2019
Blogger: Himkar Shyam
(एक) रात अँधेरी कान्तिमय दीपक कंपित प्रज्वलित खड़ा अकेला सुख-दुःख संताप लड़ना चुपचाप (दो) सृजन सीख ठूंठ पर कोपल दुःख पे सुख जय आवाजाही है पतझड़ वसंत हंसते रोते जन (तीन) लघु जीवन कंटकित डगर कोशिशें बेअसर व्यथित मन हारे बैठे क्यूँ भला सीखें जीने की कला [सेदोक... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   2:48pm 4 Feb 2019
Blogger: Himkar Shyam
एक के बाद एक फँसते जा रहे हैं हम समस्याओं के, दुर्भेद चक्रव्यूह में चाहते हैं, चक्रव्यूह से बाहर निकल, मुक्त हो जाएँ हम भी रोज प्रत्यंचा चढ़ जाती है, लक्ष्य बेधन के लिए लेकिन असमर्थताएँ परास्त कर जाती हैं हर तरफ से। शायद- हो गये हैं हम भी, अभिमन्यु की तरह। काश, इससे न... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   9:23am 14 Oct 2018
Blogger: Himkar Shyam
हज़ारों रंग ख़ुशबू से  बना गुलदान है भारत कई तहज़ीब,भाषा,धर्म की पहचान है भारत कहीं गिरजा, कहीं मस्जिद, शिवाला और गुरुद्वाराकभी होली कभी क्रिसमस कभी रमज़ान है भारत कोई नफ़रत भी बोता तो पनपती है मोहब्बत हीअज़ब जादू है माटी में, कोई वरदान है भारत चलो मिलकर बचाएँ हम इसे फ़िरक़... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   4:50am 16 Aug 2018
Blogger: Himkar Shyam
वह रहता है हरदम युवाओं के कंधे पर सवार रचता है मन्त्र उन्माद का और फूँक देता है क्षुब्ध नौजवानों के कानों में वह करता है आदमी को उन्मादी भीड़ में तब्दील हाँक कर ले जाता है अपना शिकार बनाता है हथियार वह करता है कातिलों का झुंड तैयार बनाता है भय का माहौल वह करता है ऐसा प्रब... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   6:33pm 23 May 2018
Blogger: Himkar Shyam
मसरूफ़ आप में हैं, कहाँ फुर्सतों में लोगबस कहने को बचे हैं शनासाइयों में लोग उकता गये हैं रोज के इन हादसों से अब डूबे हुए हैं ख़ौफ़ की गहराइयों में लोग आँखों में ख़्वाब और थे, ताबीर और है सपने बिखरते देख के मायूसियों में लोग तदबीर से नसीब बदल कर नहीं देखे तक़दीर कोसते रहे ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   3:28pm 24 Apr 2018
Blogger: Himkar Shyam
नाकामी  पर  परदा  कर जनता को भरमाया कर जब  मुद्दों  की  बात  उठे मज़हब में उलझाया कर भूखों  की  तादाद  बढ़ी खुशहाली का दावा कर सीधे  साधे  लोग   यहाँ ख़्वाब सुनहरे बेचा कर लफ़्फ़ाज़ी  का  राजा  तू जुमले  यूँ  ही  फेंका कर जो भी  तुझसे  प्रश्न  करे उसके मुँह पर ताला कर बेबस  चीखें ... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   12:35pm 17 Dec 2017
Blogger: Himkar Shyam
[आज इस 'ब्लॉग' के चार वर्ष पूरे हो गए। इन चार वर्षों में आप लोगों का जो स्नेह और सहयोग मिला, उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया और आभार। यूँही आप सभी का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहे यही चाह है। इस मौक़े पर एक ग़ज़ल आप सब के लिए। सादर,]   ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   11:15am 3 Nov 2017
Blogger: Himkar Shyam
सामने   आप   मेरे   रहा   कीजिएमुझको मुझसे न ऐसे जुदा कीजिएहै मुहब्बत अगर तो कहा कीजिएबात दिल की हमेशा सुना कीजिए क्या ख़ता है मेरी आप क्यूँ हैं ख़फ़ागर गिला हो कोई तो कहा कीजिएकब बदल जाए नीयत किसी की यहाँहर किसी से न  हँस के मिला कीजिएमैंने अहसास दिल का बयाँ कर दियायूँ  न  ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   9:38am 10 Oct 2017
Blogger: Himkar Shyam
चंचल मोहक तितलियाँ, रंग-बिरंगे पंखकरती थी अठखेलियाँ, जो फूलों के संगबगिया में रौनक नहीं, उपवन है बेरंगकहाँ तितलियाँ गुम हुईं, लेकर सारा रंग   ... Read more
clicks 189 View   Vote 0 Like   5:31pm 14 Mar 2017
Blogger: Himkar Shyam
यकीनन नज़र में चमक आरज़ी है  महज़ चार दिन की यहाँ चाँदनी है जिधर  देखिए  हाय तौबा मची है हथेली पे सरसों भला कब उगी है चराग ए मुहब्बत बचायें  तो  कैसे यहाँ नफ़रतों की हवा चल पड़ी है फ़क़त आंकड़ों में नुमायाँ तरक्की यहाँ मुफलिसी दर-बदर फिर रही है कहाँ तितलियाँ हैं, हुए गुम परिंदे फ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   6:30pm 1 Jan 2017
Blogger: Himkar Shyam
[आज इस 'ब्लॉग' के तीन वर्ष पूरे हो गए। इन तीन वर्षों में आप लोगों का जो स्नेह और सहयोग मिला, उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया और आभार। यूँही आप सभी का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहे यही चाह है। इस मौक़े पर एक ग़ज़ल आप सब के लिए। सादर,]  ज़िंदगी तुझसे निभाना आ गया हौसलों को आज़मा... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   4:08pm 3 Nov 2016
Blogger: Himkar Shyam
शरद पूनो कौमुदी अमी धारा झड़ते परिजात अमानी कृष्ण महारास की बेला   मनमोहक निशा  © हिमकर श्याम (चित्र गूगल से साभार) ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   5:52pm 15 Oct 2016
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3911) कुल पोस्ट (191548)