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खिड़की: ज़ो तेरी यादों की तरफ़ खुलती है

दुनियाँ की आँधियो सेमैं मलिन हो गईअपनों की चाहत सेमैं दूर हो गईतो फिरये अहिल्याबैठेगी तपस्या परपथ्तर की बूत बनकरनितांत एकांत मेंतुझको याद करकोई न मिले मुझसेन कोई मुझे चाहेमैं और बस मेरी परछाईइस दुनियाँ से बस यही दुहाईमेरी किसी से भीन कोई शिकायत होमेरे ख़ुदाबस तेरी ...
खिड़की: ज़ो तेरी यादों की तरफ़ खु...
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  May 5, 2014, 3:52 pm
क्या तुमने अशोक को फुलते देखा?अलसाई-सी रात मेमहुआ की महक अनुभव की?बगिया मे बौराई कोयल की ज़ुदाई गीत सुनीअचानक आए बादलो की फ़ौज़सनकी-उमंगी हवाओ की नाचती मौज़महसूस की क्या तुमने?कैसी ये नशा मन पे छायि हैकैसी ज़ुदाई,कैसा दुरावमुकम्मल-सी ज़िंदगी ही अपनीक्या फ़िज़ा बनके ...
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  May 5, 2014, 2:12 pm
साड़ी के सिलवटो में सूरज यु खो जायेगाये किसने जाना था ?ये वक़्त का कोई चाल है या ज़मीन का कोई असरसदियो की रीत है या कोई नई पहलअखीर किसके चक्कर में सूरज इतना डूब गयाकि दुनिया से भी बड़ा सूरज इति-सी साड़ी में घुस गया...!                                    -- गोविन्द कुमा...
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  January 22, 2014, 2:18 pm
ये दर्द का सिलसिला कुछ यूँ चलता जाता है ....वो हमसे छुपाते रहते  है , हम उनसे छुपाते रहते है....गम का खज़ाना बढ़ता जाये ये दिल कि खवाहिश क्या कहनाबस बक्त गुज़रता जाता है और बेइमानिओ का ये दौर यूँ ही चलता जाता है...                                                 ...
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  January 21, 2014, 12:01 pm
मैं जोडता रहा वो मेरा भ्रम तोडता रहा इस हाल बदनसीबी के,कि  मै फिर भी जोडता रहा ,वो फिर भी तोडता रहा दिले आश थी कि एक दिन श्रांत हो वो मान जायेगा मेरे जोडने कि हकीकत को जान जायेगा पर तज़ुब्बे गौर कीजिये कि  ना वो हरा न हम हारे। …। ----गोविन्द गुप्ता       कानप...
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  January 12, 2014, 7:26 pm
वक़्त कम है ,जितना है दम लगा दो ,कुछ घरो को मैं जगाता हूँ ,कुछ घरो को तुम जगा दो ,66 साल बाद ,भ्रष्टाचार के अँधेरे को मिटाने की उम्मीद जागी है ,इस उम्मीद को क्रांति बना दो ,कुछ दिलो को मैं जगाता हूँ ,कुछ दिलो को तुम जगा दो ,एक अकेला सख्श क्या कर सकता है ,हो जाएँ साथ सब, वो किसी से भी ल...
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  December 3, 2013, 4:14 pm
आज़ ज़बकी दिल्ली चुनाव के चन्द दिन रह गये है,दिल्ली मे राजनैतिक पार्टियो का तमाशा बढ़ गया है. आप कोई भी न्यूज़ चॅनेल देखिए बस वही सब चल रहा है...अब चुनाव भी नज़दीक है।  दोस्तों अपने मताधिकार का प्रयोग ज़रूर करे।मुद्दा क्या है आप भलीभांति परिचित है।  बस भ्रामक प्रचार और ...
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  December 2, 2013, 12:19 pm
दोस्तों आपसे एक सवाल है। ……क्या संसदीय चुनाव और विधानसवा चुनाव एक होते है ? क्या उनके मुद्दे एक हो सकते है। .अगर हां तो कैसे ?और ना तो फिर किसी बहकावे में क्यों आये ?क्या हमें इनसे बचना चाहिए ?अपने वोट का उपयोग सोच - समझ केर करिये। ....धन्यवाद ...
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  November 30, 2013, 4:51 pm
सदियो की लिखने की परंपरा को तोड़ता ये ब्लॉग सिस्टम निहायत ही एक नया अनुभव है. खास करके लोगो तक अधिकाधिक पहुँच वाला ये  ब्लॉग सिस्टम लोगो को अपनी बात समाज के सामने रखने का अवसर प्रदान करता है। तो ये तकनीक बधाई का पत्र है।"खिड़की "यही नाम क्यों इस ब्लॉग का ? तो मै आपको बतान...
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  November 24, 2013, 12:01 pm
एक नयी जगह मुझे मिली है,  और मै  आगे बहुत ही आशान्वित हूँ। ...
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  November 23, 2013, 3:43 pm
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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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