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अनकही

सवाल? क्यों लोग लगे रहते है दिन भरने में, रोज़-रोज़ वही करने में जिसमें जी नहीं?ये कहते हुए कि ये ज़िंदगी का सच है, गुजारे की demand - too much है?क्या उऩ्हें मजबूर करता है?अपने अंतर से दूर करता है?क्यों ये सवाल?क्यों वक्त के मारों के जख्म पर नमक छिड़क रहे हो मेरे भाई? चल रहे हैं व...
अनकही...
Tag :अलग
  November 8, 2013, 1:07 pm
इस दीवाली के पटाखों को,कोई नयी गाली हो जाये, माँ-बहन की जगहराम-लखन की विवेचना की जाये!दीवाली आने वाली है, ये आज की गाली है,मजहबी गुंगे क्या समझें, क्यों कोई सवाली है?सीता को पूछे कोई किकैसे राम निकले,सब के सब कानों के अपने हराम निकले !अक्ल गलियों मे जल रही है, बेशर्मी...
अनकही...
Tag :दीवाली
  November 2, 2013, 8:50 am
एक महीन से कपड़े के अंदर छूपी हैं,मिठाईयाँ और तमाम बेशरम सच्चाईयां!अगर दम है तो नये सिरे से भी सीखो,पत्थर की लकीरें, दरारें भी होती हैं!परंपरा है बस इसलिये करते हैं,दिमाग की प्रोग्रामिंग(Programming) कहां करते हैं?रॉकेट हो गये सारे सपने, उम्मीदों को सुतली बम,धूल बनी सारी रंगोली, ...
अनकही...
Tag :दीवाली
  November 2, 2013, 7:28 am
पानी पहाड़ों का,रिसता हुआ,बूंद-बूंदमिट्टियों से सट के,तिनकों से लिपट के, हर कण को तर के,गोद भर के, बिन ड़र खोते हुए,किसी और का होते हुएपहचान?खोने का ड़र है . . . . .?आप जरूर इंसान होंगे!आपके ड़र आपके भगवान होंगेऔर उधर वो एक बुंद धारा बनी है, गुजरने वालों का सहारा बनी है,हर मोड़ बद...
अनकही...
Tag :सागर
  October 27, 2013, 1:57 pm
बादल,पागल,चले ज़मीन आसमान एक करनेखाई का फ़रक लगे भरने,बेअक्ल या बेलगाम, सुरज की रोशनी को मुँह चिढाते,इतराते,इठलाते,भरमाते,नरमाते,पल-पल उम्मीदों को अजमाते, खड़े रहो कंचनजंघा अहम के साथइस भरम में कि उंचाई विजय है,और बस एक छोटा सा टुकड़ा, जिसे न अहम है न वहमखोते-खोते होता हु...
अनकही...
Tag :विश्वास
  October 17, 2013, 9:07 am
आज हमने एक शहर देखा, उगला हुआ जहर देखा,मुसाफिर बन गुजर गए, हमने कहाँ वो असर देखाकितने रास्ते आज कुछ वीरान हैं, मुसाफ़िर तुम आज मेहमान हो,कितने सफ़र उसने कर दिये काबिल,आज समंदर हो गये तुम ओ'साहिलरस्ते भी हैं और निशान भी, यकीं भी है या गुमान ही,नज़र आयेगें खुद को किसी मोड...
अनकही...
Tag :मुसाफ़िर
  October 6, 2013, 11:23 am
ज़िंदगी सबसे बड़ा ज़हर है, जो भी जिया उसके मरने की खबर है,रेबीज़ है, कुत्ते कि काट से भी ज्यादा घातक, सुना है, जिंदगी एक बार ड़स ले, तो उसका असर, सौ-सौ साल बाद भी नज़र आता है,बचता कोई नहीं, जिंदगी से सबका पत्ता कट जाता है,यानी इंसान दुनिया का सबसे मूरख जीव है, बेइंतहा कोशिश जिं...
अनकही...
Tag :irony
  October 1, 2013, 9:24 am
ताज़ीराते हिंद कहती है सज़ा-ए-मौत है, एक मरता है या इंसानियत की मौत है?शराफ़त का नया धंधा वसूली है, गुनाह मोटा है कहते हैं सूली है,हाथ अपने खड़े हैं,पर किसी और को फ़ाँसी है, एक ताकत को सज़ा है और,एक को माफ़ी है?कहते हैं सबक सिखाना जरूरी है,कौन सी शिक्षा रह गयी अधुरी है'?लगता है...
अनकही...
Tag :Society
  September 29, 2013, 3:42 pm
ये शबाना है, हिम्मत,लगन कोदुनिया में रहने का बहाना है, मुश्किल है फ़िर भी मुस्कराना है,कल की बात बेमानी है, आज़ को आज़ ही सुलझाना है, और तरीके अपने, (मक्का मस्ज़िद, हैदराबाद में शबाना अन्य महिलाओं को ऐरोबिक्स करा रही हैं)‌(दुसरी क्लास में शबाना स्कूल छोड़ दी क्योंकि उऩ्हे...
अनकही...
Tag :Play for Peace
  September 28, 2013, 3:54 pm
देख तेरे व्यापार की हालात क्या हो गयी भगवान, कितना बदल गया इंसान, कैसे युस करे तेरा नाम, हवा बदल गयी, बरफ़ पिघल गयी, जंगल हुए शमशानकितना बदल गया इंसान, थुके कंहा कंहा ये पान, रिश्तों की ये उल्टी गंगा, फ़ेसबूक पर पप्पा मम्मादोस्त बनाने का ये धंधा, आई मुसीबत दिखता है ठें...
अनकही...
Tag :donation
  September 7, 2013, 3:30 pm
लगता है आप किसी संघ फ़ेमिली से आते हैं?या उनके बेचे हुए सच आप को फ़ुसलाते हैं?क्या घड़ियाली आँसू आप को खूब भाते हैं? चलो अंग्रेज़ों को आका बनाते हैंवीर सावरकर कहलाते हैं, वैसे आजकल मोदी कहे जाते हैं,हिंदू होना सबको सिखाते हैं,अपने हर शहर में पाकिस्तान बनाते हैं,हम हिंद...
अनकही...
Tag :Modi
  September 2, 2013, 8:00 am
...
अनकही...
Tag :आसाराम बापू
  August 27, 2013, 11:13 am
खुद से छुपने को आईने पे टिकते हैं, अपने ही हाथों बड़े सस्ते बिकते हैं!सफ़ाई देने को तमाम बातें कहते हैं,अपनी ही गंदगियों से मूँ फ़ेर रहते हैं!बढा-चढा के बातों से शान करते हैं,वतन परस्त सच्चाई बदनाम करते हैं,मुख़्तलिफ़ राय है नाइतिफ़ाक करते हैं,क्यों शिकन है जो यूँ आज़ाद ...
अनकही...
Tag :illusion
  August 14, 2013, 1:12 pm
होगा इशक आपको दिल फ़ेंक कर मत दीजे,जो भी इज़हार है आँखे सेंक कर मत दीजे घूर के आँखों से उपर नीचे तक नापते हैं, क्या घर जाकर अपने बिस्तर जाँचते हैं?सीटी मार के क्या संदेश भेजते हैइज़्ज़त है नहीं तो क्या बेचते हैं?मर्द होने की ये कौन सी निशानी है,तंग पतलून और हाथों की परेश...
अनकही...
Tag :eve teasing
  August 7, 2013, 5:38 pm
कहते हैं , चलता है, सबकचरे का ढेर ४ दिन का, अब तक नहीं हिला, सड़्कों पर हजारों रहते हैं,उनका सिक्का अभी तकनहीं चला, पानी,नाली का जो रोज़ अटका है, और चलता हैप्लास्टिक जिसकी जनसंख्या सेहमारी कॉम्पटीशन चलती है, भगवान,हो गयी है हर जगह मिलती है?मुर्ती उसकी, और चढ़ावा बाहर म...
अनकही...
Tag :Plastic
  August 7, 2013, 12:22 pm
टूटे दिल और फ़रेबी मुश्किल कहाँ ले जायेंगे कुछ सच अब आपके थोड़े करीब आयेंगे!बहुत गुमाँ था आपको उनकी मोहब्बत काअब आपके यकीन आपको आज़मायेंगे!प्यार,कौन कहता है कि आप छोड़ दें,दूर से देखिये वो अब भी मुस्करायेंगेखुल गयी पोल मोहब्बत की राज़ रखिये,अंदर की बात क्यों चेहरा देव...
अनकही...
Tag :illusion
  August 3, 2013, 1:21 pm
साथ आते हैं,हम,हमारे रास्ते भी मिलते हैं,साथ चलना है,उम्मीदों को भी,आकांक्षाएं भी हैं,औरसंगी-साथी होने की आशायें भी,नयी पहचान होगी इस साथ से,रास्ते तय होंगे आपस की बात से,फ़िर भी मैं,मैं और तुम तुम होगे,कहीं कहीं दीवारें होंगीरस्ते बनायेंगे,साथ चलेंगे,एक-दूसरे के रस्ते ...
अनकही...
Tag :सुषमा
  July 28, 2013, 5:30 pm
आईने झूठे हैं या हम मुस्कराते हैं,दिल को कैसे कैसे फ़रेब आते हैं,युँ ही याद कर लेते हैं आपको,यूँ ही आपके करीब आते हैं,मुश्किल नहीं होती आपके जाने की,हम नहीं रोज़ नसीब आज़माते हैं,खामोश आहटें साथ चलती हैं,नहीं दुरियों का शोक मनाते हैंआपकी मोहब्बत के गरीब नहीं, फ़कीरी के...
अनकही...
Tag :अकेले
  July 28, 2013, 1:33 pm
हमको भी मुहब्बत के गुनाह आते है,आप कत्ल करिये हम गिनाते हैकरते है दो कपड़ों को घड़ी,दो लम्हों को भूल जाते हैं तमाम इरादे और चंद वादे,कमबख्त हालात बदल जाते हैं,उम्र हो गयी साथ चलते चलतेहम आज भी आगे छूट जाते हैं !हम को सफ़ाई देने से फ़ुर्सत नहींआप सफ़ाई की याद दिलाते हैबड़ा...
अनकही...
Tag :moment
  July 27, 2013, 5:22 pm
ढाई आखर रट-रट के सबको दिये बताये,लिये एसिड़ घुमत है चेहरा कोई मिल जाये!लगे लूटने इज्जत इतनी कम पड़ती है,मर्दों की दुनिया की ये कैसी गिनती है?कम कपड़े थे,इज्जत कम थी फ़िर भी लुटेबड़े भिखारी मर्द,प्राण कब इनसे छूटे?हाय सबल पुरुष तेरा इतना ही किस्सा,आँखों में है हवस और हाथों...
अनकही...
Tag :man
  July 27, 2013, 4:59 pm
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