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मेरी दुनिया.. मेरे जज़्बात..

ये क्या मिला शीशे के घर से मुझे,लगता है डर हर एक पत्थर से मुझे..किस की ताक़त थी मारे ज़हर से मुझे,मगर मार डाला उसने अपनी नज़र से मुझे..में आसमां की छत भी चूम सकता हूँ,नवाज़ दे परिन्दा कोई अपने पर से मुझे..वो मेरे दर पर आया है लेने उजाला,जो डराता था कभी अँधेरे सफर से मुझे..गलत...
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Tag :ईश्वर
  April 28, 2016, 12:45 pm
If you are really interested in knowing life in its depth, you must see how to enhance your perception!Man has spent too much time trying to think about things to which he has no access. When you try to think about that which you have no access to, towards which you have no perception, all you can do is speculate. When you do excessive speculation without any fundamentals, it amounts to hallucination. Because of this, a large part of religion and spirituality in the world has become purely hallucinatory.This moment, if you fall asleep, suddenly people around you will disappear, the world will disappear and you also disappear. You are still alive, everyone around is alive, the existence is on...
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Tag :
  April 12, 2016, 4:42 pm
यहां सफर कैसा भी हो,सभी को रास्ता एक, आसान चाहिए।यहां मंज़िल कैसी भी हो,लोगो को तो बस एक, पहचान चाहिए।सोने वाले सपनों से थक कर सो गए,अब हर किसी को महल एक, आलिशान चाहिए।कोशिश तो करते हैं सब अपने लिए जीने की,पर यहां जीने के लिए भी, एक मुट्ठी आसमान चाहिए।...
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Tag :एहसास
  February 13, 2015, 1:59 pm
टूट कर बिखरते जज़्बात देखे, तो अपने अरमां को भी संवरते देखा..रंग बदलती दुनियाँ देखी, मैंने खुद को भी रंग बदलते देखा..खानाबदोशों को ग़र रुकते देख़ा, तो गरीबोँ को दर-दर भी भटकते देखा..रंग बदलती दुनियाँ देखी, मैंने खुद को भी रंग बदलते देखा..देखा अपनों को भी ...
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Tag :Poem
  February 9, 2015, 5:27 pm
न जाने क्यूँ ये जिंदगी आज, उन चंद ख्वाहिशों की मोहताज है.और, न जाने क्यूँ आज इन खामोशीयों मे भी आवाज़ है।इस अंतरात्मा से बार-बार आती एक आवाज़ है,जो हर पल दे रही एक अज़ाब है। ये अज़ाब ही है, जो बुन रहा एक ख्वाब आज फिर,उस ख्वाब का ही पंछी हूँ मैं, जो हो रहा है मेरे साथ,&n...
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Tag :आत्मविश्वास
  January 17, 2015, 6:17 pm
जूनून इतना है इन पैरो में भरा,फिर क्यों रहूं में दर-दर खड़ा..आज जब मेरे सामने है, इतना रास्ता पड़ा.. जब तक मंजिल ना पा सकूँ, तब तक मुझे ना आराम है,क्यूंकि ज़िन्दगी में बढ़ते रहना हमारा काम है।कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया.. कुछ बोझ अपना बँट गया..अच्छा हुआ तुम मिल ...
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Tag :कविता
  December 27, 2014, 2:54 pm
आप ज़िन्दगी में सफलता और आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको एक ख़ास पीएचडी (PhD) करनी होगी।। इसमें पी यानी पैशन (P), एच यानी हंगर (h) और डी यानी डिसिप्लिन (D) है.. लीडरशिप के लिए आपको करनी होगी ख़ास पीएचडी। इस पीएचडी में शामिल हैं आपके भीतरी गुण।।जब आप किसी काम को पसंद करते हैं तो वह पै...
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Tag :उम्मीद
  September 27, 2014, 5:08 pm
इन अन्जानी राहों में, कुछ अनजाने गम हैं,सब कुछ है पास अब, फ़िर भी तनहा हम हैं,हर ख़ुशी अधूरी है, जो तुम सब नहीं ज़िन्दगी में,क्यूंकि, आज इस ज़िन्दगी में कुछ शख्स कम है।।आज फिर से वही एहसास, ज़हन मैं लौट कर आया है,भूल चुके थे जिन्हे हम, आज लगा उन्ही का साया है,आज भी य...
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Tag :अपनी बात
  April 28, 2014, 1:31 pm
वो पुरानी यादें, यूँही सिमटती जा रही है आजकल,बस चंद लम्हों में, बिखरती जा रही है आजकल... एक चिंगारी उठा लाये थे कभी अपनी ही बेसुधी में,वही आग बन कर हमें जला रही है आजकल... ये कदम तो पहले भी बहके हैं होश खो कर,मगर, ये राहें खुद बहकती जा रही है आजकल... अच...
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Tag :अपनी बात
  April 14, 2014, 1:30 pm
खुशियां औरों को दे कर, हमने ये इनाम कमाया है.. मिली जिनके दिल में जगह, उन्हें पलकों पर बिठाया है...ये जानते हैं हम, कि वो सिर्फ एक साया है.. पर हमेशा उस सायें का ही पीछा करते खुद को पाया है... जिस ख्वाब को देख कर, कोई और ख्वाहिश ही ना रही.. पूरी ज़िन्दगी उसी एक ख्वाब ...
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Tag :अपनी बात
  January 31, 2014, 1:24 pm
में नहीं जानता कि, में क्यों लिखता हूँ,बस, ये खाली पन्ने यूँ देखे नहीं जाते,इनसे ही अपना अकेलापन बाट लेता हूँ.. मेरे ख़यालो का आइना हैं ये,मेरी अनकही बातें, मेरे अनसुने जज़्बात हैं ये.. इन पर जो स्याही है,मेरे सपनो, मेरे छुपे आंसू, मेरे दर्द, मेरे प्यार कि हैं.. इन प...
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Tag :अधूरापन
  December 25, 2013, 3:27 pm
यादों कि महफ़िल, दिन-रात सजाना,दर्द के मारो का तो ये है, काम पुराना ।। क्यों पूछते हो हमसे, दिल का पता,भटकते हुए बेघरो का है, क्या ठिकाना ।।डूबने वालो कि तरफ, देखता भी नहीं,उगते हुए सूरज का पुजारी है, ये ज़माना ।।थी बस एक आदमी कि, गलती वहाँ,पर देखो सर झुकाए बैठा है, सा...
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Tag :क़लम
  November 28, 2013, 5:05 pm
हर चीज की सीमानिर्धारित होनी चाहिए। जैसे रोजाना के जीवन में खाने-पीने काम करने, दौड़ भाग करने, खेलने-कूदने, मनोरंजन आदि सबकी सीमा निर्धारित हो, तो समय का सही नियोजन और उपयोगहोगा। समयही जीवन है। एक-एक क्षण मिलकर जीवन बनता है। जीवन थोक नहीं है, चिल्हरों से बनता है जैसे एक-ए...
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Tag :चिन्ता
  November 22, 2013, 1:09 pm
आसमान के हर पंछी में, भाई-चारा है,ज़मीन पर, हर बात का बटवारा है..उसका घर, मेरे घर से है ऊँचा क्यों,इस बात पर, भाई ने भाई को मारा है..कोई चढ़ता है, तो उठा लेते हैं सीढ़ी,किसी का चढ़ना, हमें कब ग़वारा है..ना  पाने कि ख़ुशी है, और ना खोने का ग़म,कितना खुशनसीब, दुनिया में बंजा...
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Tag :ग़ज़ल
  November 19, 2013, 6:08 pm
शेक्सपियर ने लिखा था, "हमारे संदेह गद्दार हैं। हम जो सफलता प्राप्त कर सकते हैं, वह नहीं कर पाते, क्यूंकि संदेह में पड़कर प्रयत्न ही नहीं करते।"इंसान का स्वाभाव ही ऐसा होता है कि कोई काम शुरू करता है और थोडा सा भी संदेह होने पर काम को रोक देता है और उत्साह पर पानी फिर जाता ह...
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Tag :अपनी बात
  November 15, 2013, 6:47 pm
 कुछ यादें ऐसी होती है, जो ज़रा भी सुहानी नहीं होती।और उसपे सितम ये है की, वो चाहकर भी भुलानी नहीं होती।।लगता है की ये कलियाँ, बाघबान में खुद ही हैं उजड़ी।सुना है की अब भवरों को भी, फूलों की चाहत नहीं होती।।मौसम के बदलने से, अक्सर बदल जाता है मंज़र।दुनिया ...
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Tag :ग़ज़ल
  October 26, 2013, 3:58 pm
मौत का दुख सबको होता है.. अपनों की मौत पर हर कोई रोता है.. लेकिन आंसुओ का मौल सियासत तो नहीं होता है.. इंदिरा जी ने जान गवाई, लेकिन उनकी मौत की सज़ा पूरी एक कौम ने पायी.. पता नहीं कितने घरो में मातम पसरा.. पता नहीं कितनी बेदर्दी से लोगो का दम निकला.. किसी को जिंदा आग में फूंक ...
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Tag :सियासत
  October 25, 2013, 11:01 am
ज़िन्दगी की दुकान पर हम सबकी उधारी है,चलती हुई सांसो का उधार, बहुत भारी है॥ज़िन्दगी है कभी बहार, तो कभी पतझङ भी है,कभी फूल की पत्ती है, तो कभी चिँगारी है॥हमेशा खुद की ही राहों में, ज़िन्दगी गुजारी है,अब तो धुप भी हमारी है, छाव भी हमारी है॥इन मासूम और सीधे चहरो पर, ऐतबार मत ...
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Tag :समय
  October 23, 2013, 12:30 pm
में हमेशा बचता हु अपने ब्लॉग पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने से जो मुझे या मेरे पाठको को demotivate करे, पर अपनी एक मित्रके ब्लॉग से याद आये गीत को जब कल रात काफी समय बाद वापस सुना, तो उसके शब्दों का शायद जादू ही था जो आप सब के बीच वो गीत शेयर करने का मन हुआ.. गीत है गुलज़ार ...
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Tag :अधूरापन
  October 22, 2013, 9:50 pm
कुछ लोगो को प्यार के पीछे भागते देखा है हमने कई बार, पर मेरा मानना है की उन लोगो को तो प्यार का एहसास तक नहीं है, तब ही तो वो उसके पीछे भाग रहा है! दुनिया की इस दौड़ धुप में हर आदमी कुछ न कुछ चाहता है, हर दम किसी को ढूँढना और पाना चाहता है। हर दिल में यही ख्वाहिश होती है की कोई ह...
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Tag :प्रेम
  October 19, 2013, 3:15 pm
कुछ उग चुके कांटे, जब मुझे बहुत तड़पाते हैं,पलकों के ठिकाने पे, अपने दर्द को पहुंचाते हैं।मैं तब यह राज़ जान कर, ठगा सा रह जाता हूँ,ज़ख्म यादों के परों से दिल में उतर जाते हैं ।कभी यादें मंझधार, कभी खुद किनारा होती हैं,राह में गिराती हैं, कभी सबका सहारा होती हैं ।मैं आई...
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Tag :एहसास
  October 14, 2013, 10:20 am
शीशे का जो मेरा घर नहीं होता,किसी के हाथ में पत्थर नहीं होता।।कौन बताये हुस्न बड़ा है या इश्क,सामना कभी खुल कर नहीं होता।।पाया है भला किस ने दिल का पता,खाना-बदोशो का कोई घर नहीं होता।।कभी एक नज़र में हो जाता है प्यार,कभी हमसफर के साथ सफ़र नहीं होता।।मोहब्बत से बनता है को...
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Tag :कविता
  October 13, 2013, 1:53 pm
आज जब कुछ लोगो के बीच बैठ कर उनकी बातें सुन रहा था, वहाँ वो सब किसी शख्स की बुराई कर रहे थे.. सभी के अपने-अपने मत थे वहाँ.. आखिर सब एक से बढ़ कर एक ज्ञानी जो थे.… कोई कह रहा था की वो शख्स ऐसा है, कोई कह रहा था की वो शख्स वैसा है.. सभी के अपने अपने विचार थे जो उन्होंने अलग अलग पहलु...
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Tag :समझ
  October 12, 2013, 2:03 pm
खुशियों के मौसम उस जगह ठहरे ही रहते हैं,उम्मीदों के पेढ़ जहाँ हमेशा हरे ही रहते हैं... यादों के मोती समंदर में गहरे ही रहते हैं,कुछ जख्म ऐसे होते हैं की हरे ही रहते हैं...कौन कह सकता है, कैसी है सूरत किसी की,चेहरे पे लोगों के हरदम चेहरे ही रहते हैं...अब न जाने ये दूरियाँ किस त...
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Tag :ग़ज़ल
  October 3, 2013, 9:47 pm
हर रिश्ते में हम यही चाहते हैं कि दूसरा हमें समझे, और वैसा ही बरताव करे जैसा हम चाहते हैं। जब ऐसा नहीं हो पाता तो रिश्ते में कड़वाहट और फिर दरार आनी शुरु हो जाती है। अगर हम उस दरार को बढ़ने से रोक नही पाए तो रिश्ते टूट भी जाते हैं।आप इस दुनिया में ज़िंदगी जी रहे हैं तो जाहि...
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Tag :प्रेम
  September 25, 2013, 2:52 pm
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