Hamarivani.com

ख़ुदा के वास्‍ते

आइनाखुद को इतना ऊंचा भी न उठान पाल खुदाई का फ़ितूरये इम्‍तिहान तेरा है, कि दे अपने  होने का भी सबूतकैसा खुदा है तू कि ना तोबचा पाता है लाज किसीकीन रख पाता है नाजो-ताज़हरसूं बस नज़र आते रहना ही तो,काम खुदा का नहीं होतासंभल जा अब भी वक्‍त हैज़मीं की पेशानी पर पड़ रहे हैं ब...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :खुदा
  September 2, 2013, 11:36 am
मां, बाबा, भाई, सब कहते थे..चुपकर रहो अभी तुम, क्‍योंकि -शरीर उसका सुख उसकाकैद उसकी उसी की रिहाई...तो फिर तेरा क्‍यामैं भी गढ़ती रही- इस सच को, किजो भी हैं वो चंद बातेंचंद रातें- चंद अहसास- चंद सांसें-जब सब ही उसके हैं .....तो फिर मेरा क्‍यापायलों की रुनझुनचूड़ियों की खनखनकलम की ...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :अंधेरा
  August 29, 2013, 11:32 am
सोचों की कब्र से यूंधूल झाड़कर उठते नया जन्‍म लेते रिश्‍तेकभी देखे हैं तुमनेनहीं ना, तो...फिर अब देखोमांस के लोथड़ों पर टपकतीपल पल ये लारें, ये निगाहेंकिस तरह पूरे वज़ूद कोबदल देती हैं एक ज़िंदा कब्र मेंफिर कोई रिश्‍ता नहीं जन्‍मता ,बंजर सोच की ज़मीन में।- अलकनंदा सिंह...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :graveyard
  August 26, 2013, 6:39 pm
''सखी, मैं तुम्‍हारे शहर से होकर गुजरूंगा...''  जब भी ये शब्‍द उसके कानों में पड़ते तभी उसे अहसास हो जाता कि कितनी छोटी है ये दुनिया। गोल गोल घूम कर उसके ही गिर्द अपना घेरा कस लेती है हर बार।  अरे, ये भी कोई बात हुई...भला कोई कहीं से भी गुजरे...शहर की सड़क तो साझा होती है सबकी...ज...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :मन
  August 20, 2013, 12:39 pm
कि...कोई नहीं समझ पाया हैबाईं ओर उसी छाती में दर्द का इक सैलाब आया हैरिश्‍तों की जकड़न कैसी थी कि...कोई नहीं समझ पाया हैतितली के पंखों से झड़करटपक रही थी जो तेरी आहेंउनका सदका यूं मैंने पाया कि...कोई नहीं समझ पाया हैआइने से मुझ तक पहुंचीउसकी आवाज़ सुनी जैसे हीखुश्‍बू तैर ग...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :तितली
  August 16, 2013, 7:30 pm
नहीं जानते क्‍या सखा तुम.. जिस धड़कन में तुम बसते होनित नये बहानों से डसते होदिल के टुकड़े टुकड़े करते हो..छाती की वो उड़ती किरचेंनभ को छूने जाती हैंसखाभाव से जिनको तुमने थाम लिया था सांसों में,पायल और तुम्‍हारी साजिशखूब समझ आती है सखावो चुप हैं.. तुम हंसते होक्‍या घोला ...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :
  July 31, 2013, 4:39 pm
हे जनता के ईश्‍वर !  क्‍या तुम अब भी यहीं हो ...इसी धरती परक्‍या तुम भी लेते हो श्‍वास...इसी धरती परतो, क्‍या तुम देख नहीं पा रहेये चीत्‍कार ये कोलाहल..इच्‍छाओं काये घंटे-- ये घड़ियाल--ये व्रत--ये उपवास,छापा टीका वालों का नाद निनादकाश ! तुम पढ़ पाते वे कालेकाले अक्षरजो पुराणो...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :
  July 16, 2013, 5:30 pm
निश्‍छल है वो छलिया,क्‍या बोलूं मैं अब.. शब्‍द कहां बचते हैं ....इस तरह रोम रोम जब बतियाता है कान्‍हां से...मेरे हैं वो मेरे हैं ....ये कहकर भ्रम हम पाले रहते हैं ....उसकी एक झलक को हम सबकुछ बिसराये रहते हैं ....यही तो हैं कृष्‍ण प्‍यारे फिर राधा का क्‍या दोषउसको तो हम यूं ही ठगनीमान...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :
  June 7, 2013, 8:31 pm
वसुधैव कुटुम्‍बकमकी मूल अवधारणा के साथ चलने वाले इस देश में जीवन को मात्र 'ये दिन' 'वो दिन' में बांटकर उसकी समग्रता का अहसास कैसे किया जा सकता है । ये हमारा जीवन है कोई गुड़ की डली नहीं जिसे तोड़कर बांटा जा सके मगर ऐसा हो नहीं पा रहा संभवत: इसीलिए कुछ आयातित शब्‍दों के सहा...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :Mothers'Day
  May 12, 2013, 3:40 pm
बीन रही हूं चिंदी चिंदी उसी शाख के नीचेजिस पर सोये थे सपने अपनी आंखें मींचेवही शाख जो मन पर मां के आंचल सी बिछ जातीआज उसी ने झाड़ दिये हैंयादों के सब पत्‍ते नीचेमिट्टी मिट्टी में घुल जायेवही मुहब्‍बत बसती है मुझमेंजो सर से पांव तक दौड़ रही हैकोई शिकवों के फिर द्वार ना ख...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :dreams of tree
  May 2, 2013, 11:36 am
courtesy-googleक़तरा क़तरा सांसों में बहती घुली महक वो भीनी सी हैफूटे जिस ज़र्रे से आलम क्‍यों वही इबारत झीनी सी हैउसकी आंखें बता रही हैंरात की बाकी नरमी सी हैजुगनुओं की रोशनी से भी अब यूं चुंधिया रहे हैं रिश्‍तेमत बांधो चमकीले पर उनके  उनसे ही तो रफ्ता रफ्ताचटक रही रोशनी सी ह...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :
  May 1, 2013, 7:05 pm
courtsey : Googleकोई काल कोठरी तो नहींवो दीवारें थीं मेरे घर की, जिस पर छपे हुये थे पंजे प्रेम और वियोग...केस्‍वागत और विदाई... केजन्‍म और बधाई... केये तो उन्‍हीं ईटों की दराजें हैं जिनमें रहता था अम्‍मा के घर का राशन तीन पुश्‍तों के मुकद्दमे की रद्दीसमाये हुये घर का इतिहासपर आज सभी अ...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :farewell
  April 17, 2013, 12:10 pm
चित्र : साभार-गूगलरूठने की तरकीबें तुम्‍हेंखूब आती हैं सखा...नहीं रखो तुम मान मेराये कैसे मैं होने दूंगीमत भूलो तुम, मेरे होतेरूठकर बैठ नहीं सकतेयूं ही तुम्‍हारी कोशिशें परवान नहीं चढ़ने दूंगीअम्‍बर की हर शै से जाकरचुन कर लाऊंगी वो पलमेरे और तुम्‍हारे धागे कीगिरह कभ...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :abstract.
  April 16, 2013, 8:13 pm
तंद्रारहित  रात्रि   के   अंधकार मेंमुझे  बुला  रहा  है  कोई एक-तेजपूर्ण  शून्‍य सारश्‍मियों को बिखेरताधमनियों  में रेंगता साबढ़ रहा है  मेरी  ओर,मानो मन: अभिसार के लिए,पलक मूंद  मैं उसे-देख रही थी उसकी ऊंची तान मुरली की -  त्रियक हुआ जाता था शरीर ...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :alaknanda.
  April 10, 2013, 7:14 pm
कोई आवाज सुनाई देती है मेरे आइने कोदिख रहा जो अक्‍स मुझसे वो बेगाना क्‍यों है,रूह से निकल बर्फ होते जा रहे वज़ूद काउसकी आवाज़ से रिश्‍ता पुराना क्‍यों है,थामी है उसकी याद किसी हिज़्र की तरहहथेलियों में वक्‍त इतना सहमा सा क्‍यों है,थरथराते कदम और उखड़ते हुये लम्‍हों ने...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :
  April 9, 2013, 4:09 pm
प्रश्‍नों में घिरी है आस्‍था  आजक्‍योंकि-इस सूचनाई जमात में,सभ्‍यता के सूरज को -हथेली में छुपाकर,ज्ञान को बाजार मेंबदलने चली हैहमारी आपकी नई पीढ़ी ।इसीलिए अपनों कीसंवेदना को 'बार' मेंऔर 'बार' को,संस्‍कार में घोलने चली हैहमारी आपकी नई पीढ़ी। -अलकनंदा सिंह...
ख़ुदा के वास्‍ते...
Tag :
  April 7, 2013, 6:32 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3693) कुल पोस्ट (169633)