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अंतर्मंथन

जलते हए रावण नेजलाते हुए बन्दों से कहा ,अरे अंध भक्तोहर साल मुझे जिलाते हो ,फिर जिन्दा ही जलाते हो !ऐसी क्या थी मेरी खताजो इतने मुझसे हो खफा !अधूरा सा ही तो था गुनाहफिर क्यों करते हो मेरा दाह !देखो अपने आस पासकितने क़ुरावण रहते हैं !हरण होती हैं रोज सीतायेंजिनके निशाँ तक मि...
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  October 20, 2018, 4:45 pm
जिस तरह ''मी टू''अभियान के अंतर्गत एक के बाद एक आरोप लगाए जा रहे हैं, यह कोई हैरानी की बात नहीं बल्कि एक ऐसी हकीकत है जो ''टिप ऑफ़ द आइसबर्ग''की तरह है। समाज में यौन शोषण केवल बच्चियों और महिलाओं का ही नहीं होता बल्कि लड़कों का भी होता आया है। ऐसा पाया गया है कि १८ साल की उम्र तक १...
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  October 17, 2018, 9:30 am
कुछ ढूंढते ढूंढते हमने देखा कि गूगल सर्च में कुछ भी सर्च करो तो फ़ौरन सारी जानकारी आसानी से मिल जाती है।  बस हमने यूँ ही उत्सुकतावश पूछ लिया कि -- Who is Dr T S Daral ? क्लिक करते ही गूगल ने बताया कि इसकी जानकारी ११,९०,००० pages में समायी है।  हमने कुछ को खोलकर देखा तो ऐसी ऐसी जानकारि...
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  October 11, 2018, 2:59 pm
दिल धड़कता है तो समझो,जीवन का संचार है।दिल जोर से धड़कता है तो समझो,किसी से हुआ प्यार है।दिल फड़फड़ाता है तो समझो, बंदा दिल का बीमार है।दिल धड़कना बंद कर दे तो बाय बाय नश्वर संसार है।दिल बड़ा नाज़ुक होता है ,ये सदा टूटने को तैयार है।दिल का रखो पूरा ध्यान, यही तो&nbs...
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Tag :दिल
  October 4, 2018, 3:03 pm
सरकारी अस्पतालों में क्षमता से ज्यादा रोगियों के आने से सारी व्यवस्था चरमरा जाती है। ओ पी डी में एक डॉक्टर को एक रोगी को देखने के लिए औसतन मुश्किल से डेढ़ मिनट का ही समय मिलता है। वार्डस में एक बेड पर दो या तीन मरीज़ों को भर्ती किया जाना आम बात है।  हमने डेंगू के समय एक बे...
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  September 22, 2018, 7:07 pm
ओ स्त्री कल आना :मध्यप्रदश के एक ऐतिहासिक कस्बे चंदेरी की पृष्ठभूमि में फिल्माई गई हिंदी फिल्म "स्त्री"एक हॉर्रर कॉमेडी फिल्म है जिसे देखते हुए लोगों की चीख और हंसी एक साथ फूट पड़ती है। एक महिला पर हुए अत्याचार के कारण महिला की मृत्यु और उसका भूत बनकर गांव / कस्बे के मर्द...
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  September 12, 2018, 1:05 pm
हमें शिकायत है ,"उन दोस्तों से जो वाट्सएप्प पर हमें हर सन्डे को 'हैप्पी सन्डे'का मेसेज भेजते हैं लेकिन मंडे से सैटरडे तक हमें हमारे हाल पर छोड़ देते हैं !ये भी नहीं सोचते कि शुभकामनाओं के बगैर हमारे बाकि दिन कैसे गुजरेंगे !!!!"हमें शिकायत है,"उन मित्रों से जो मंगलवार के दिन ना...
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  September 5, 2018, 2:59 pm
बारौठी :शहर और हरियाणवी गांवों की शादियों में बहुत अंतर होता है। हालाँकि अब शहरों में रहने वाले हरियाणवी लोग भी गांव की रीति रिवाज़ों को छोड़ कर शहरी ढंग से शादियां करने लगे हैं। लेकिन यू एस से आये लड़के के परिवार को सांकेतिक रूप में सब रीति रिवाजों को निभाने की इच्छा थी।&nb...
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  August 23, 2018, 6:57 pm
जिंदगी भर जीते रहे ,जिन्हे जिंदगी देने,सजाने और संवारने में।अब जब ,वे नभ में उड़ चले,और व्यस्त हैं ,स्वच्छंद जिंदगी बनाने में।तब एक बार फिरबस हम और तुम हैं ,तीसरा नहीं कोई हमारे बीच।बस 'तू'रहे और तेरा साथ ,डाले हाथों में हाथ,यूँ ही साथ साथ।चलो एक बार फिर से खोज लें ,हम और तु...
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  August 16, 2018, 2:00 pm
सावन के उमस भरे महीने में कंधे पर गंगा जल से भरे लोटे का भार उठाये हुए, पैरों में पड़े छालों की परवाह किये बिना, नंगे पांव २५० किलोमीटर पैदल चलते हुए, अपनी मंज़िल तक पहुंचना, सचमुच दिल की गहराइयों में बसी शिव भक्ति और श्रद्धा भावना का प्रतीक है। यह देखकर कांवड़ियों के प्रति ...
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Tag :धर्म
  August 9, 2018, 1:00 pm
श्री गोपाल दास नीरज से हमारी पहली और अंतिम मुलाकात ८ साल पहले दिल्ली के हिंदी भवन में हुई थी जब हमें उनका एकल कविता पाठ सुनने का सुअवसर मिला था। लगभग दो घंटे तक अकेले ही श्रोताओं से खचाखच भरे हॉल को नई और पुरानी कवितायेँ और गीत सुनाकर उन्होंने ऐसा समां बांधा कि सब मंत्र...
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  July 20, 2018, 9:00 am
पहले हमने सोचा कि ये फिल्म पहले ही बहुत कमा चुकी है, इसलिए क्या फर्क पड़ता है !  फिर ना ना करते देख ही ली।  हालाँकि देखकर अच्छा भी लगा और कुछ बुरा भी। फिल्म के पहले भाग में संजय दत्त की जिंदगी की डार्क साइड दिखाई गई है जिसे देखकर बहुत दुःख होता है कि किस तरह अच्छे घरों और ब...
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Tag :संजू
  July 19, 2018, 9:00 am
देश में बुजुर्गों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। विशेषकर शिक्षित परिवारों में बुजुर्गों के एकाकीपन की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है क्योंकि अक्सर बच्चे पढ़ लिख कर घर, शहर या देश ही छोड़ देते हैं और मात पिता अकेले रह जाते हैं। अक्सर ऐसे में बुजुर्गों को सँभालने वाला ...
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Tag :बुजुर्ग
  July 11, 2018, 12:41 pm
न जाने क्यों ,बारिश का मौसम है ,पर बरखा नहीं होती !सावन का महीना है ,वो काली घटा नहीं होती। न जाने क्यों ,आंधियां चलती हैं पर ,अब पुरवाई नहीं चलती,मौसम बदलता है पर ,अब तबियत नहीं मचलती।   न जाने क्यों ,आसमान दिखता है पर ,अब नीला नज़र नहीं आता।कंक्रीट का जंगल है पर ,यहाँ कोई ...
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Tag :बरसात
  July 5, 2018, 12:04 pm
देश के इतिहास में १९७५ -७७ का समय एक काला धब्बा माना जाता है जब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने देश में एमरजेंसी लागु कर दी थी। इसी दौरान इंदिरा गाँधी के उत्तराधिकारी माने जाने वाले उनके छोटे सुपुत्र श्री संजय गाँधी भी फैमिली प्लानिंग योजना को लागु करन...
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Tag :फैमिली प्लानिंग योजना
  June 23, 2018, 9:00 am
हमारे देश की सबसे बड़ी और जन्मदाता समस्या है जनसँख्या। १३० + करोड़ की जनसँख्या में जिस तरह निरंतर वृद्धि हो रही है, उससे यह निश्चित लगता है कि अगले ५ वर्षों में हम चीन को पछाड़ कर विश्व के नंबर एक देश हो जायेंगे। लेकिन जिस तरह के हालात हमारे देश में हैं, उससे बढ़ती जनसँख्या अन...
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Tag :देश
  June 18, 2018, 10:25 am
हम भारतीय अपने देश में जितना चाहे अराजकता फैला लें , लेकिन विदेश जाकर सभ्य इंसानों की तरह व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।  इसका कारण है वहां नियमों और कानून का सख्ताई से पालन किया जाना। यानि कोई नियम या कानून तोड़ने पर आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। उस दशा में ना को...
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Tag :डर
  June 7, 2018, 2:30 pm
पिछले १७ -१८ दिन से हम आपको यूरोप की मुफ्त सैर करा रहे हैं।  अच्छी अच्छी फोटोज दिखा रहे हैं , लुभा रहे हैं , चिड़ा रहे हैं और शायद जला भी रहे हैं। लेकिन अब समय है सभी मानवीय भावनाओं को अलग रखकर कुछ आत्मनिरीक्षण करने का। आईये देखते हैं क्या अंतर है यूरोपियन देशों और हमारे दे...
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Tag :सैर
  May 27, 2018, 10:37 am
सभा समाप्त होते ही :नव निर्वाचित अध्यक्ष पर फूल मालाओं की जो लगी झड़ी।सारे श्रोताओं में फोटो खिंचवाने की जैसे होड़ सी लग पड़ी।देखते देखते श्रोताओं से सारा मंच खचाखच भर गया ,मैं तो ये प्रेमासक्त अद्भुत नज़ारा देखकर ही डर गया।एक श्रोता दूसरे श्रोताको धकाकर आगे बढ़ रहा था...
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Tag :हास्य व्यंग
  April 16, 2018, 2:44 pm
आंधी वर्षा से नर्माई रात्रि उपरांत ,शीतल सुहानी भोर में अपार्टमेंट की,बालकॉनी में बैठ कर चाय की चुस्कियां लेते,दूर क्षितिज में छितरे बादलों की खिड़की सेशरमाये सकुचाये से सूरज कोताक झांक करते देखकर हमें सोचना पड़ा।कि कंक्रीट के इस जंगल में ,ऊंचे अपार्टमेंट्स की ऊँचाईय...
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Tag :वाट्स अप
  April 7, 2018, 9:58 am
एक हास्य कवि ने चुनाव में नामांकरण पत्र भर दिया,तो एक पत्रकार ने मंच पर ही कवि जी को धर लिया।  बोला, ज़नाब क्या एक सवाल का जवाब दे पाएंगे !आप तो कवि हैं, फिर आप जनता को क्या दे पाएंगे !कवि बोला, हम लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाएंगे।हंसा हंसा कर देश को एक स्वस्थ भारत बनाएंग...
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Tag :हास्य कविता
  April 3, 2018, 12:45 pm
मैसाज कराकर बॉडी का मन में हरियाली हो गई ,मैसाज के चक्कर में पर म्हारी घरवाली खो गई।इत् उत् जाने कित कित ना ढूंढा पर हम हार गए,इंतज़ार में उनके हम तीन कप कॉफी डकार गए।तन का तनाव किया था जो कम फिर बढ़ने लगा,अब तन के साथ मन पर भी संताप चढ़ने लगा।हमने मुनादी करा दी कि एक अनहोनी हो ...
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Tag :हास्य
  March 26, 2018, 10:47 am
तन को तो रंग डाला,मन पर भी रंग लगाओ, तो होली है।जो दिलों से न उतर पाये ,रंग ऐसे प्यार के चढ़ाओ, तो होली है।रोज नाचते हो जिसके इशारों पर ,होली में संग उसे नचाओ , तो होली है।वर्षों से विराजे हैं जो विदेश में ,वो धन धनी वापस लाओ , तो होली है।'कुमारों'को तो रोज सुनते हो ,कभी 'दरालों'को ...
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  March 4, 2018, 11:43 am
कल सुबह पत्नी बोली पढ़कर अख़बार ,अज़ी बोलो कितना करते हो हमसे प्यार !आज वेलेंटाइन डे के रोज ,बताइये कितने देंगे हमको रोज !एक का मतलब समझेंगे पहली नज़र में हुआ था प्यार ,तीन यानि करते थे , करते हो , करते रहोगे बेशुमार। एक सौ आठ दिए बिना ही किया था शादी का इकरार ,अब बारह देकर ही कर द...
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Tag :वेलेंटाइन डे
  February 15, 2018, 11:51 am
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