Hamarivani.com

आपका ब्लॉग

एक ग़ज़ल : वो रोशनी के नाम से --वो रोशनी के नाम से डरता है आजतकजुल्मत की हर गली से जो गुज़रा है आजतकबढ़ने को बढ़ गया है किसी ताड़ की तरहबौना हर एक शख़्स को समझा है आजतकसब लोग हैं कि भीड़ का हिस्सा बने हुए"इन्सानियत’ ही भीड़ में तनहा है आजतकहर पाँच साल पे वो नया ख़्वाब बेचताजनता को बेवक़...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  May 13, 2019, 11:14 am
लक्ष्मीरंगम - Laxmirangam: अंतस के मोती: पुस्तक ऑर्डर करने के लिए निचली लाइन पर क्लिक करें. पूरा लिंक खुलेगा. उस पर क्लिक कीजिए तो खरीदने का पोर्टल खुल जाएगा फिर View cart, Go to c......
आपका ब्लॉग...
Tag :
  May 7, 2019, 9:32 pm
एक ग़ज़ल : झूठ का है जो फैला धुआँ---झूठ का है जो  फैला  धुआँसाँस लेना भी मुश्किल यहाँसच की उड़ती रहीं धज्जियाँझूठ का दबदबा  था जहाँचढ़ के औरों के कंधों पे वोआज छूने चला  आसमाँतू इधर की उधर की न सुनतू अकेला ही  है  कारवाँजिन्दगी आजतक ले रहीहर क़दम पर कड़ा इम्तिहाँबेज़ुबाँ...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  May 7, 2019, 10:02 am
एक व्यंग्य : बड़ा शोर सुनते थे-----’बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का ’ ।ख़बर गर्म थी ।उनकी नाक उनकी दादी जैसी है। वह आँधी हैं ’आँधी"। अगर बनारस से उठ गई तो ’कमल’ की तमाम पँखुड़ियां उड़ जाएँगी ।हाथी साथी सब हवा हो जायेगे। उनके कार्यकर्ताओं मे गजब का उत्साह था जब वो बार बार पूछती थ...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  May 1, 2019, 11:38 am
एक ग़ज़ल : कहाँ आवाज़ होती है--कहाँ आवाज़ होती है कभी जब टूटता है दिलअरे ! रोता है क्य़ूँ प्यारे ! मुहब्बत का यही हासिलमुहब्बत के समन्दर का सफ़र काग़ज़ की कश्ती मेंफ़ना ही इसकी क़िस्मत है, नहीं इसका कोई साहिलमुहब्बत का सफ़र आसान है तुम ही तो कहते थेअभी तो इब्तिदा है ये ,सफ़र आगे का है मु...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  April 19, 2019, 11:07 am
एक ग़ज़ल : जब भी शीशे का इक मकां देखा---जब भी शीशे का इक मकां देखापास पत्थर की थी दुकां,  देखादूर कुर्सी पे  है नज़र जिसकी उसको बिकते जहाँ तहाँ  देखावादा करता वो कस्में खाता हैपर निभाते हुए कहाँ   देखाजब कभी ’रथ’ उधर से गुज़रा हैबाद  बस देर तक धुआँ  देखाकल तलक जो भी त...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  April 13, 2019, 11:13 am
चिड़िया: मानव, तुम्हारा धर्म क्या है ?: धर्म चिड़िया का, खुशी के गीत गाना  ! धर्म नदिया का, तृषा सबकी बुझाना । धर्म दीपक का, हवाओं से ना डरना ! धर्म चंदा का, सभी का ताप हरना......
आपका ब्लॉग...
Tag :
  April 13, 2019, 8:50 am
एक व्यंग्य :आम चुनाव और नाक2019। चुनाव का मौसम और मौसम का अपना मिजाज।आजकल चर्चा मुद्दों पर नहीं, नाक पर चल रही है । मुद्दे तो अनन्त है --हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता -जैसा ।कुछ मुद्दे तो शाश्वत हैं,-जैसे ग़रीबी,बेरोज़गारी,महंगाई,भ्रष्टाचार,महिला सुरक्षा,कानून-व्यवस्था। ये तो हर च...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  April 12, 2019, 11:34 am
एक व्यंग्य : हिन्दी सेवा उर्फ़ फ़ेसबुक सेवा- भाई साहब ! सोचता हूँ कि अब मैं भी कुछ हिन्दी की सेवा कर लूँ।" -मिश्रा जी ने चाय की चुस्की लेते हुए कहा-"क्यों ? अब कितनी सेवा करोगे हिन्दी की ? सरकारी नौकरी में 30-साल तक ’हिन्दी-पखवारा"में हिन्दी की सेवा ही तो की है ।हर साल बड़े साहब की ’...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  March 27, 2019, 5:29 pm
चिड़िया: होली: होली के अवसर पर सारे, रंगों को मैं ले आऊँ, और तुम्हारे जीवन में मैं, उन रंगों को बिखराऊँ... लाल रंग है गुलमोहर का, केशरिया पलाश का ह......
आपका ब्लॉग...
Tag :
  March 19, 2019, 6:30 am
भीषण ग्रीष्मधरती छूकर जलते पैरबड़ी कठीनाई से पहुचता थाबिना चप्पलों केतालाब के किनारेउस पेड़ के नीचे ।एक गौरैया गर्मी से बेहालकिनारे पानी मेंहो रही थी लोटपोट।फिर पानी से बाहर रही थी फूदक ।फरफरा रही थी पंखझाड़ रही थी पांखों की बूंदेंअल्हड़ता के साथआसपास से अनभिगव स...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  March 8, 2019, 1:16 am
कुछ और नहीं हमी की तरह हैये जिंदगी जिंदगी की तरह हैयो न झुका सर हर चैखटों परये आदत बंदगी की तरह हैक्यूं जां लेके घूमता है हथेली पेये जूर्रत आशिकी की तरह हैरात ख्वाबों में उससे मुलाकात हुईउसकी हर बात मौसिकी की तरह हैळो अब ख्याल गजल बनने ळगेहर खुशी गम, गम खुशी की तरह हैयूॅ ...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  March 8, 2019, 1:12 am
गुरुवासरीय गोष्ठी संपन्न =================प्रत्येक माह के प्रथम गुरूवार को होने वाली गुरुवासरीय काव्यगोष्ठी दिनांक ७ मार्च २०१९ गुरूवार को डा श्यामगुप्त के आवास सुश्यानिदी, के-३४८, आशियाना , लखनऊ पर संपन्न हुई |\डा श्यामगुप्त ने माँ सरस्वती वन्दना प्रस्तुत करते हुए पढ़ा---हे म...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  March 7, 2019, 11:06 pm
Laxmirangam: ब्लॉग पर पोस्ट की सूचना.: कृपया टिप्पणियाँ ब्लॉग पर ही करें. गूगल + की टिप्पणियाँ अस्वीकार्य कर दी गई हैं. प्रिय पाठकगण, हाल ही में गूगल प्लस से एक संदेश आया कि...कृपया टिप्पणियाँ ब्लॉग पर करें....
आपका ब्लॉग...
Tag :
  February 15, 2019, 2:12 pm
इन्द्रवज्रा/उपेंद्र वज्रा/उपजाति छंद"शिवेंद्रवज्रा स्तुति"परहित कर विषपान, महादेव जग के बने।सुर नर मुनि गा गान, चरण वंदना नित करें।।माथ नवा जयकार, मधुर स्तोत्र गा जो करें।भरें सदा भंडार, औघड़ दानी कर कृपा।।कैलाश वासी त्रिपुरादि नाशी।संसार शासी तव धाम काशी।नन्दी सवा...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  February 4, 2019, 5:07 pm
एक गीत : तुम जितने चाहे पहरेदार बिठा दो---      तुम चाहे जितने पहरेदार बिठा दोदो नयन मिले तो भाव एक रहते हैं    दो दिल ने कब माना है जग का बन्धन  नव सपनों का करता  रहता आलिंगन  जब युगल कल्पना मूर्त रूप  लेती हैं  मन ऐसे महका करते  ,जैसे चन्दनजब उच्छवासों में य...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  February 3, 2019, 5:00 pm
         हेमन्त ऋतु अपने यौवन पर  है , रात्रि- समारोहों आदि में ठिठुरन सेबचने के लिए  अलाव जलाए जाने  का क्रम प्रारम्भ हो चला है | प्रस्तुत है एकठिठुरती हुई रचना .....                          १.(श्याम घनाक्षरी --३० वर्ण , १६-१४,&nbs...
आपका ब्लॉग...
Tag :बिजली का तार
  January 21, 2019, 11:26 pm
एक व्यंग्य : धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे---धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे   समवेता युयुत्सव:मामका: पाण्डवाश्चैव  किमकुर्वत संजयधृतराष्ट्र उवाच -- हे संजय ! सुना है मेरे ’ भारत’ भूमि पर  2019 में ’महाभारत’ होने वाला है?संजय उवाच --- किमाश्चार्यम आचार्य ! किमाश्चार्यम !तो इस...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  January 21, 2019, 8:38 pm
एक व्यंग्य : आँख दिखाना--आज उन्होने फिर आँख दिखाईऔर आँख के डा0 ने अपनी व्यथा सुनाई--"पाठक जी !यहाँ जो मरीज़ आता है ’आँख दिखाता है " - फीस माँगने पर ’आँख दिखाता है ’। क्या मुसीबत है ---।--"यह समस्या मात्र आप की नहीं ,राजनीति में भी है डा0 साहब "मैने ढाँढस बँधाते हुए कहा-"जब कोई अपना ग...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  January 16, 2019, 6:30 pm
डा श्याम गुप्त की  सद्य प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह------पीर ज़माने की -----अनुशंसा         महाकवि डा श्यामगुप्त का नया ग़ज़ल-संग्रह ‘पीर ज़माने की’प्रकाशित होरहा है जिसमें उन्होंने उनके मन-लुभावनी, उत्साहवर्धक एवं तनाव को खुशी में, दुःख को शांति में बदलने की क्षमता रखने व...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  January 13, 2019, 10:55 pm
एक ग़ज़ल : लोग क्या क्या नहीं --लोग क्या क्या नहीं कहा करतेजब कभी तुमसे हम मिला करतेइश्क़ क्या है ? फ़रेब खा कर भीबारहा इश्क़ की दुआ करतेज़िन्दगी क्या तुम्हे शिकायत हैकब नहीं तुम से हम वफ़ा करतेदर्द अपना हो या जमाने कादर्द सब एक सा लगा करतेहाथ औरों का थाम ले बढ़ करलोग ऐसे कहाँ मिला...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  January 5, 2019, 6:41 pm
एक ग़ज़ल : इधर आना नहीं ज़ाहिदइधर आना नहीं ज़ाहिद , इधर रिन्दों की बस्ती हैतुम्हारी कौन सुनता है ,यहाँ अपनी ही मस्ती  हैभले हैं या बुरे हैं हम ,कि जो भी हैं ,या जैसे भीहमारी अपनी दुनिया है हमारी अपनी हस्ती हैतुम्हारी हूर तुम को हो मुबारक और जन्नत भीहमारे वास्ते काफी  हमारी&nb...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  December 27, 2018, 6:27 pm
एक ग़ज़ल : आज इतनी मिली है--आज इतनी मिली है  ख़ुशी आप सेदिल मिला तो मिली ज़िन्दगी आप सेतीरगी राह-ए-उल्फ़त पे तारी न होछन के आती रहे रोशनी  आप सेबात मेरी भी शामिल कहीं न कहींजो कहानी सुनी आप की आप सेराज़-ए-दिल ये कहूँ भी तो कैसे कहूँरफ़्ता रफ़्ता मुहब्बत  हुई  आप सेगर मैं पर्दा ...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  December 14, 2018, 4:06 pm
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कवि व पत्रकार स्वर्गीय श्यामलाल चतुर्वेदी का 7 दिसंबर 2018 की सुबह बिलासपुर स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। उनका जीवन महात्मा गांधी के आदर्शों से पूरी तरह से प्रभावित रहा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रभावित...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  December 8, 2018, 3:14 pm
आजकल पटाखे फोड़ना ‘दबंग’ संस्कृति वाले लोगों के बीच खुशी का इजहार करने का फैशन बन गया है। शायद उन्हें नहीं पता कि इन पटाखों के फोड़ने से किस कदर प्रदूषण फैल रहा है और हमारी जलवायु जहरीली होती जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली में फैले वायु प्रदूषण से शायद हर कोई अवगत हो चु...
आपका ब्लॉग...
Tag :
  December 3, 2018, 3:47 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3872) कुल पोस्ट (188606)